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  • 1 year ago
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर दुर्ग स्थित रणतभंवर में बुधवार दोपहर को गजानन का जन्म हुआ। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बारिश की फुहारों व उमस भरी गर्मी के बीच श्रद्धालु कई किलोमीटर की दूरी तय कर त्रिनेत्र गणपति के दर्शन करने पहुंचे। दोपहर होते-होते गणेश दरबार में भक्तों सैलाब उमड़ता गया। हर कोई त्रिनेत्र गजानन की जन्म झांकी के दर्शन करने के लिए उत्सुक नजर आया। इस दौरान रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। बता दें कि त्रिनेत्र गणेश मेला 26 अगस्त से शुरू हुआ, जो 28 अगस्त तक चलेगा। अभी तक की बात की जाए तो बुधवार शाम तक करीब दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और गुरुवार को मेले का अंतिम दिन है। ऐसे में देर रात तक श्रद्धालुओं के इस आंकड़े में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। ------- गजानन की शृंगारिक जन्म झांकी देख प्रफुल्लित हुए भक्त रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश के दरबार में दोपहर बारह बजे भगवान का जन्म करवाया गया। इस दौरान विशेष झांकी के दर्शन कराए गए। साथ ही जयपुर से मंगवाई विशेष मालाओं से गणपति को सजाया गया। भगवान गजानन की श्रृंगारिक झांकी देख भक्त प्रफुल्लित नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर ''गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया, गणेश जी महाराज की जय आदि जयकारों से गूंजता रहा। जन्म झांकी के दौरान मंदिर के महंत बृजकिशोर दाधीच ने महाआरती कराई। रणतभंवर के लाडले की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों तक कतार में इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने अपनी मनौती पूर्ण होने पर कनक दण्डवत की।

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