00:00कर दो
00:30नाजरीन इस एपिसोड में सलाओदीन और उसके साथ ही दुश्मनों के खिलाफ एक नई मोहिम की तैयारी करते हैं
00:48वह अपने कमांडरों को समझाते हैं कि असली ताकत इमान और एकता में है ना कि सिर्फ हत्यारों में
00:55इस कस्त में जंगी रणनीती, सियासी साजिशें और व्यक्तिगत जजबात सब एक साथ नजर आते हैं
01:02सलीबियों और मुसल्मानों के बीच एक और बड़ा मुकाबला करीब है
01:06सलाओदीन अपने साथियों को एमान, एकता और सबर का सबक देते हैं
01:12अंदरूनी गद्दारों की हरकतें भी खुल कर सामने आती है
01:15एक खुफिया पैगाम मिलता है कि सलीबियों फोजें फिर से बड़ी तादाद में यरुशलम के करीब जमा हो रही है
01:21सलाओदीन एक चाला की योजना बनाता है कि दुश्मन को जंग के मैदान में ठका कर अचानक हमला किया जाए
01:27सलीबी सरदार आपस में मश्विरा करते हैं कि किस तरह सलाओदीन को कमजोर किया जाए
01:33एक सरदार तजवीज देता है कि सलाओदीन के करीब मौजूद गदार उम्रा को पैसा और ताखत दे कर खरीद लिया जाए
01:41वो सलाओदीन की फौज के अंदर फसाड डालने की कोशिश करते हैं
01:45सलीबी फौज का एक खुफिया जासूस मुसल्मान का रूप धर कर सलाओदीन की फौज में घुसने की कोशिश करता है
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