00:00बारनाली
00:30टरकन और काडर की लाशे मिली है उनके घर में
00:43ये क्या कह रहे हो कैसे हुआ
00:45पता नहीं पुलीस आई ये तैकिकात करने
00:48चलो चल कर देखते हैं मैं डॉक्टर साहिबा को लिकर आता हूँ
00:52नहीं उनको रहने दो सिर्फ तुम चलो
00:56काडर और उसके अंटी तुरकान मार गहीं है
01:08मैं वहीं पर जा रहा हूँ
01:11मार कहीं मतलब कैसे मैं कुछ समझी नहीं
01:13मैं भी नहीं समझा पुलिस आई हूँ है तो मैं वहाँ जाकर देखता हूँ
01:16हम भी साथ में चलते हैं
01:16नहीं सिर्फ मैं जाओंगा आप दोनों यहीं रुको
01:21झालते हैं
01:51इंस्पेक्टर साब एक मर सुनिए
02:09आपको इसकी खबर किस ने की
02:15छोटी वाली के पती सौथ ने लगभग एक घंटा पहले फोन किया था
02:19यह उसने किया है
02:22उसका कहना है कि वो सुबह नशे में धूतो कर घर आया था
02:25फिर जब खोश आया तो देखा कि दोनों मर चुकी है
02:28अभी तक तो उसने यही ब्यान दिया है
02:30मौत की वज़े क्या है? कुछ कह सकते हैं इस बारे में?
02:33ने उनके चेहरे नहीं देखे
02:49कर दो देखे देखे बहां देखे लिए ने पताने वह चाहा हो रहा होगा
03:08किसी तरह की कोई खबर नहीं है
03:12क्या हम चल कर देखें वहां?
03:16नहीं, हालल ने कहा ना, हमें यही रहना चाहिए, उसके पीछे जरूर कोई वजह होगी
03:23इसका तुम से कोई वास्ता नहीं है उलिया, वो नहीं चाहते कि मैं वहाँ पर जाओ
03:30तुमने देखा वो आतमी हालल से बात करते वक्त मुझे कैसे देख रहा था
03:35तुम इतनी देर कहा थे हालल, हम दोनों को कितनी फिक्र हो रही थी
03:42हालल बहुत खराब है, पुलिस सुआत को अपने साथ ले गई है
03:48सुपह के वक्त नशे में धोदो कर घर रहा था
03:50पुलिस को किसने बताया
03:53सुआत ने जो पुलिस से कहा है उसके मुताबिक
03:57सुबह होश में आने के बाद उसने जो देखा तब उसने पुलिस को कॉल किया
04:01पर ये सब कैसी हुआ कुछ पता चल पाया
04:03किसी को कुछ भी नहीं पता है
04:05पर लाशों की हालत बहुत ही जादा खराब थी
04:09दोनों बिल्कुल नेली पड़ चुकी थी
04:12पर सुराद को क्यों ले गए पुलिस को उस पर क्यों शक है
04:18उससे पूशताज होगी क्योंकि घर पे सिर्फ वही था
04:22मुझे नहीं लगता हो ऐसा कर सकता है
04:26मतलब वो शराबी जरूर है पर दिल का बुरा इंसा नहीं है
04:30डॉक्टर साहिबा अकेले बाहर मत जाना
04:34गाउं में एक अजीब सी बकवा सफा फैली हुई है
04:38जानती हूँ
04:40सेलिम ने बताया था मुझे
05:00तुम्हारा एक रास है
05:17जो बुश्रा के घर के साथ के कमरे में छुपा है
05:21वहाँ जाओ और उस कमरे की जमीन को खोदो
05:26कुछ चीजों पर तब तक यकिन नहीं होता है
05:29जब तक उने अपनी आखों से देख न लिया जाए
05:33बच्चों जब पूरा हो जाए तो अपने पेपर से यहां रख देना
05:47आज कोई ख्लास नहीं होगी
05:59प्लास नहीं होज्ण
06:27एक बात बोलू
06:49मुझे तरकन के मरने का कोई अफसोस नहीं है
06:52पर कादर के बारे में जरूर बुरा लग रहा है
06:55उसके साथ अच्छा नहीं हुआ
06:58दादी उनकी फिक्र छोड़ो
07:01और इस बंदे की मुसीबत
07:02उस वरत को बोलो
07:04कि हम जल्दी आना चाहते हैं
07:08और अगर ये उसके बस की बात नहीं है
07:11तो साफ साफ बता दे हमें
07:13बहुत वक्त बर बात कर रही है
07:17मैं उसको बोल दूँगी कि
07:22अब ये काम जल्दी करना है
07:24इस बार अच्छे से समझा दूँगी
07:26तू अपनी तावीज का ध्यान रखना
07:28इसको गुम्मत करना
07:29ये सबसे जरूरी चीज है
07:31हलो
07:51दस मिनट में उसी जगह पर आ जाओ
07:53दस मिनट में
07:55हाँ ठीक है
08:01कहां जा रहे हूं रिहान
08:15वो
08:17मैं डॉक्टर से मिलने जा रहे हूँ
08:20उनको शुक्रिया बोलने
08:22उनको मेरा सलाम कहना
08:24और कहना कभी कभी यहां आती रहे
08:27ठीक है
08:27कह दूँगी
08:29आपने मेरी बात नहीं मानिया
08:36मैंने जो कहा था
08:38उसकी एकदम उलट किया
08:40क्यों आग में घी डाल रहे हो
08:42मैंने उनसे वो कहा
08:44जो मुझे सही लगा
08:46जब से वो आई है
08:49बस्ती का सुकून छिन गया है
08:51यह सही नहीं है गलत बात है
08:53वो बहुत अच्छी लड़की है
08:55सब की मदद करती है वो
08:57एक और अपने अफ़वा पहलाई
09:00सब उसके खिलाफ हो गए
09:01यह अफ़वार तरकन ने पहलाई थी
09:05उसका क्या हुआ
09:06आप नहीं जानते हैं उन दोनों का क्या हुआ
09:09मेरी बात सुनो याया
09:15वो सब जाहिल है
09:17कोई नहीं बता सकता
09:19वो हने वाले वक्त में क्या करेंगे
09:21अगर उस लड़की को कुछ हुआ
09:24तो उसके जिम्मेदार आप होंगे
09:27आई बात समच
09:28और जो मरे हैं उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है
09:32चार लोग बेवजा मारे गए हैं
09:35हाँ वारे बीमार थी
09:37पर अली तो ठीक था
09:40वो अल्ला की मरसी थी
09:42आप अल्ला के काम में दखल देना चाहते हैं
09:46मुझसे बहतर जानते हैं आप इमाम है
09:48तो फिर मुझे मस समझाओ
09:52इस सबसे दूर रहो
09:54जिसका काम है उसे करने दो
09:56मुझे नहीं पता था कि आपका काम लोगों को बढ़काना है
10:01शर्मानी चाहिए आपको
10:03सच में शर्मानी चाहिए
10:05क्या यार और कोई जगह नहीं ही लोडने के लिए
10:35आज जिस तरफ से क्यों आई हो
10:51मैंने घर पर कहा कि मैं हॉस्पिटल जा रही हूँ
10:56चलो तुमसे कुछ बात करनी हो जए
11:00मैंने उन दोनों के चेरे देखे थे
11:20मैं उनके सामने ये कहना नहीं चाहता था
11:25पर जो हुआ है वो बिल्कुल मामल नहीं है
11:28वाले तुम भी
11:29कबसे कुम तुम तुम ऐसा मत कहो
11:33पता नहीं कुछ समझने आ रहा है
11:38मैं सुआत कुछ जानता नहीं हो पर मुझे नहीं लगता कि वह ऐसा खाम कर सकता है
11:42यहाँ पर कोई कुणदा या कातिल भी नहीं है
11:46हाले लुद तो मुझे डरा रहे हो
11:49कर रात मेरी अम्मी बहुत गुस्से में थी, किया रही थी ध्यान से रहना, दो घंटे लगे उनको समझाने में
11:57मैं ये नहीं कह रहा कि इसका डॉक्टर साहिबा से कोई तालुक है, पर
12:03रिहान
12:07रिहान, क्या हुआ तुमें
12:11रिहान
12:12याजीज ने किया है न
12:15अरे, अंदर चणाओ
12:17क्या हुआ
12:27ये उस हरामी अजीज का काम है, छोड़ूंगा नहीं मैं उसे अब
12:35अले, अभी कहीं मत जाओ, हो सकता है गारी की ज़रुवद पड़े
12:38रिहान, बता हम तो हुआ क्या
12:42हासस में, मेरे पेट पर लाद मारी
12:47और जब ने चुलाई, मेरे मूँ पर मुपका वार दिया
12:53बस बस, रो हो मत
12:54बादी गढ़िया हाँ में निकलाई
12:57प्रुणिया है पर जुए खर उड़िया है पर दिया है जो हुआ थाओ
13:12तरी प्रफ़प्र रुटेर आड़ा नार कि और अग को ते साड़ा है
13:42सेलम, अगले हफ़ते हमारी शादी है, उसके बाद हम हमेश्य साथ रहेंगे, क्या तुम दोर देख घर चलना चाहोगी?
13:59नहीं, अभी मेरा वहाँ जाना ठीक नहीं रहेगा, तुम चली जाओ, मैं कल सुभा जल्दी आ जाओंगा वहाँ पर, ठीक है, कल मिलते हैं
14:29रहे जाओंगाँ
14:59कर दो कर दो
15:29कर दो
15:54याइ हम पार्ण दोगा जड़ तो कर दो दो खो को लाइ हम याइ हम आए हम पारी साह नाए हुआ है
16:24पतानी है तुम उसका मीने के चक्कर में कैसे आ गई
16:29उसने मुझे दोखा दिया
16:32उसने कहा मैं तुमसे प्यार करता हूँ
16:36तुम्हें दर्द हो रहा है रिहान
16:42आप बच्चे की फिकर करने की जरुवत नहीं है
16:49तुम जो चाहती थी वो हो चुका है
16:54तुम जो जो चाहती है
17:24गालता है
17:54ही नहीं आते हैं!
18:02खुटाएँ!
18:08खुटाएँ!
18:16खुटाएँ!
18:19खुटाएँ!
18:20खुटाएँ!
18:2359 – 50 – 64 – 65 – 90
18:2560 – 60 – 66
18:2760 – 70
18:2960
18:3460
18:3560
18:3760
18:4360
18:4470
18:4664
18:52करूवार का घ्रीट ओ baru अ
19:17झाल झाल झाल
19:47यह क्या हुआ आप लोग बाहर मत आना क्या हुआ क्या हुआ क्या हुआ क्या हुआ
20:17यहां क्यों आयो कोई परिशानी है क्या
20:25डॉक्टर से परिशानी है में हमारे गाउं के लिए मन हुआ से वो यहां नहीं दिखने चाहिए
20:39ऐसा मत करो अजीज तुम खुद यहां काम करते हो उनको कुछ अलत करते देखा है
20:45हम में से कोई भी यहां से नहीं हिलेगा जब तक कि वो डॉक्टर यहां पे है
20:51मैं तुमारे असले रातों से वाकिफ हूँ पर कोई बात नहीं
20:57डॉक्टर साहिबा नहीं है यहां फुलिस के साथ गई हुई है
21:01तो हम उसके वापस आने तक यहीं दिजार करेंगे
21:27करेंगेст
21:29तो हम Megi
21:35करेंगे
21:41करेंगे
21:47मापस हम प्रेंगे
21:51करेंगे
21:53प्हुग भी है अगर हमालї रुप रहा हो थैसी भी आयराका
22:11अजीज गाउवालों को लेकर बाहर घड़ा है
22:36मैं मुख्तार के साथ साथ पुलीस को खबर कर चुका हूँ
22:41वो चाहते क्या है मुझसे
22:43वे ये चाहते हैं कि आप गाउव से चली जाएं
22:46बाहर मत आना
22:51ये किस तरह की जहालत है
23:00मैंने कभी नहीं सोचा था कि गाउवाले इस हद तक चले जाएंगे
23:04आप अभी इन गाउवालों को अच्छे से नहीं जानती
23:07अगर दो लोग किसी पर इल्जाम लगा दे
23:10तो ये उसे फासी लगाने में एक मिंच भी नहीं लगा दे
23:13ये सब मेरी मज़ा से हो रहा है
23:18बिल्कुल नहीं तुम्हारे ये सबसे कोई लेना देना नहीं ठीक है
23:22तुम्हारर जचा है
23:24कि भी और देयाता कि ये जानती
23:29लोग कि अज़ा है
23:31भी ये रहा है
23:32अज़ा है
23:38अज़ाओार
23:40दोल्ग
23:42इंड07
23:49क्या हुआ क्यों आयो यहां यह जाते हैं कि डॉक्टर यहांस चली जाए
24:12तुईन का नुमाइंदा है मैंने तुझ से पूछा
24:18जबसे वो औरत आये गाउं का सुकून चिन गया है कोई ना कोई हाथसा हो यह रहा है
24:26अरे जाओ यहांसे कैसी बेवकूफी है यह तुम गुंडे हो क्या
24:30यह सरकारी दवाखान है सब को अंदर कर देंगे जेल की हवा खाओगे तुम
24:38इमाम साब यही बात कह रहे हैं वो हम सब से जूट बोलेंगे क्या हाँ
24:48हम उनकी बात को नजर अंदास कर दें
24:51दाओत अंकल अजीज सही कह रहा है
25:00अजीज
25:05शायद तुम सही कह रहा हो एक मिड़े दर आओगे कुछ जरूरी बात करनी है तुमसे अभी
25:14इस बच्चों की गारी का क्या मतलब है तुमारे लिए
25:37कान खोल का सुले जाए कुछ भी हो जाए मुझे अपनी शक्र तुबारा मत दिखाना वरना मुझसे बुरा कोई भी नहीं होगा समझे तुम
25:59झांचे झांचे झांचे झांचे तुम
26:29क्या बात है मुक्तार ये सब लोग यहां क्यों कठे हुए है पता नहीं मुझे तो कुछ नहीं पता
26:45हाँ भई क्यों आयो यहां क्या मसला है क्या बात है मुक्तार मालूम नहीं जब मैं यहां पहुंचा तो ये लोग पहले से ही यहां पर मौचूद थे
27:03मैंने सूचा कि इन से पूछ कर ही कुछ करूँगा और क्योंकि यहां दवा खाना है तो मुझे लगा कि कोई सरकारी मामला होगा और जब बात समझ में नहीं आई तो आपको फोन किया कि आप खुद ही आके देख लें कि बात क्या है
27:14कोई बात नहीं सुरूरत पड़े तो पता देना
27:44क्या है
28:14कर दो किता है
28:44झाल झाल झाल झाल
29:14झाल झाल झाल झाल झाल
29:44तक विख दे मुख आए रियान को छोड़ें और फिर आप हमारे साथ चलिएगा तुम्हारी फैमिली का वर्क तक अपता चल गया हो का और मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए आपको आज रात अकेला नहीं रहना चाहिए विए अपके साथ आपनी इसेलीम को बताया
29:54चलिएगा तुम्हारी फैमिली कब तक ये सब पता चल गया होगा और मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए
30:00आपको आज रात अकेला नहीं रहना चाहिए मैं चलती हूं फिर आपके साथ
30:05आपके सैलम को बतायां अपके साथ को फोन करने का मौका तो मिला ही नहीं पर मैं कर लोगी हां उने बता दीचे वह भी जल्द से जल्द
30:19कर दो
30:20कर दो
30:35कर दो अब दो बगला है
31:05प्रेशान कि अइन कि जो अर। अर।
31:35झाल
32:02झाल
32:02कर दो
32:32कर दो
33:02कर दो
33:04कर कर दो
33:08कर दो
33:10कर दो
33:10कर दो
33:12अरुदי फुरनी उठाया तो बार कोशिशकी थे पर उठाया नहीं आई हो सकता है सुना नहीं होगा
33:16मुझे लगता है मेरा जाना ठीक रहेगा ठीके पहले रहान को छोड़ देते हैं फिर उनके घड़ चलेंगे
33:46क्या हुआ बेटा क्या हुआ बेटा
34:16कुछ नहीं दादी जाओ सोजाओ दिखा तो आ ये चोट कैसे लगी तुझे दादी मैं ठीक हूँ जाओ सोजाओ
34:26मैं इस पर महलम लगा देती हूँ उसे जल्दी ठीक हो जाएगा मैंने कहा न जाकर सोजाओ समझ नहीं आता
34:33बिल्कुल अपनी मा पर गया है किसी की भलाई करने का समाना ही नहीं है अब अधमीज कहीं का
34:41ओओ वुँ शैतां की आँखे खा रहा है सारी खाले शाबाश सारी खाले मैं बहुत खुश हूँ वो सारी खा रहा है
35:00खाले खाले अबसे वो हमारे पास कभी नहीं आएंगे
35:05शैतान की आंखे खाले, शाबाश
35:17बहुत बहुत बहुत शुक्रिया
35:19मैं तुम्हें दो तीन घंटे बात फोन करूंगी
35:21फिक्र मत करना ठीक है?
35:35बहुत ही मासून लड़की है
35:46समझ ही नहीं पा रही है
35:49इसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है?
35:52कमीने अजीज ने इसे अपने चंगल में कैसे भसा लिया?
35:56भसा लिया
35:58बेल के आगे गदे के पीछे और कमीने इनसान के आस्वास बहुत ध्यान से रहना चाहिए
36:03पता नहीं क्या-क्या छुट बोले होंगे मैचारी से
36:06जब भी ख्याल आता है तो मन करते हैं उसके मुँ में जोर से घुंसा मारू
36:10फिक्र मत करो ये काम में पहले भी कर चुका हूं कई बार
36:16क्या मैं भी चलू आपके साथ
36:31क्या मैं भी चलू आपके साथ अहां क्यों नहीं क्योंकि अगर वो घर पर नहीं मिले तो थोड़ा अचीव लगेगा
36:50मेरे खयाल से वो घर पर नहीं है गाड़ी नहीं देख रहे है उसकी
37:14मैं हुलाया को घर छोड़ देता हूं मेरा फोन अन ही है कुछ भी वो तो कॉल करना
37:28पता है मुझे कितनी फिक्र हो रही थी तुम्हारी तो बार फोन किया तुमने उठाया क्यों नहीं
37:44बुसरा मैं अभी बात करने के हालत में नहीं हूँ
37:51क्या हुआ तुम्हें
37:54ठीक है कम से कम घर तो छोड़ दो
38:16क्याओं थे क्या है
38:26क्या है तुम्हें
38:31तुम्हारी वजह से
38:58तुम्हारी वजह से
39:00तुम्हारी वजह से
39:07तुम्हारी वजह से
39:10तुम्हारी वजह से
39:11थोड़े देर के लिए मेरे खर चलो
39:26सेलिम, अगले हफते हमारी शादी है, उसके बाद हम हमेशा साथ रहेंगे, क्या तो दोर दे घर चलना चाहोगे?
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