00:00पूछ बनीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:06अब दो साल बाद ही मुलाकात हो एक कराची में बड़े कार खाने में मेरी नोकरी हुए है
00:11जहां रहे हैं खुछ रहे हैं
00:14पगली ना मेरी बेटी है बबली
00:17बेटी नहीं बेटा और बबली नहीं
00:21बबली बदमाश नाम है मेरा उने जाना है उस दर्टे के बास
00:26उसको कहना है के बबली तुझे बसंना है तो रिष्टा वेजर है कुछ करो
00:31इंस्पेक्टर साफ ग्रिफार कर ले इसे और इसका सारा समान जब्द करो ना और दुकान सील करो इसकी
00:37अब हो मच्छर जासूस किदर बागा जा रहा है हाँ अब बबाजी इस तान जी ने कहा है के बेकरी से गर्म गर्म समूसे लियाओ
00:48मौची होगी तेरी बेहन समझ आईए इस पक्रदार जो बेकरी वाले से समूसे पेस्टी लेने कहे तो
00:54क्यों डांट्रियो बेचारे को इसका क्या खुसूर है वसे से मुझे घुसा आ रहे है
01:04समझदार लोग कहते हैं कि घुसे में नुकसान अपना ही होता है इसलिए जरा ठंडे दमाग से गोर करो
01:11मैं कहता हूँ आने दो इन लोगों को क्या बिगड़ जाएगा तुमारा कौंता वो बारात लेकर आ रहे हैं तुम आना तो बाद में भी कर सकती हो
01:21वो आएंगे मुझे मौका मिलेगा मैं जाके लड़के से कह दूँगा
01:25अबे यार तू नहीं जानता है इन रिष्टे वालियों को बड़ी लिचड़ कौम होती है कसम से एक बार जान को अटब जाएना मौत तक पीछा नी छोड़ती है
01:34समोसे गए तेल लेने और तुझे किस बात की जल्दी है वेकरी भागी चली जा रही है क्या मेरी जान पर बनी है तुझे समोसे और पकोडों की बड़ी भी है
01:45अच्छा एक और जरूरी भाग अभी मैं नासास के कमरे में था उस्तानी जी आई थी उसे बताने के वो आज घर पे रहे तुमारे अबबा की तब्या ठीक नहीं है इसलिए बेहतर है कि आज कोई हंगामन ना ही हो
01:58अब यार यह क्या लोचा हो गया तू सच कह रहा है ना इसलिए कह रहा हो ना ताक्के उने परिशानी ना हो वैसे भी सब कुछ कौन सा एक दिन में तया हो जाना है
02:12अब जाना मुब भी बादेटी जापन खायेगा क्या
02:14एक काम कर गरम-गरम समोसे लेकर आप अगर ठंडे हुआ ना तेरी खेर नहीं है बहुत दिन हो गया है समोसे ही नहीं काये है
02:26ले तो को का जा रहा है तेरी बात माने है तुझे भी मेरी एक बात माने होगा
02:43क्या बात
02:44देख तेरे कहने पर ना मैं इन रिष्टेवालियों को आज बरताश करूँगी
02:48अब जब वो आएंगी ना तो तुझे यहाँ पर मौजूद होना होगा
02:52मेरा दिल बहुत घबरा रहा है उपर से अम्मा के चोचले सुर्खी बार्डर लगाओ
02:56मुझे काटून बना देगी तुझे होगा ना यहाँ पर तेरी वज़ा से मेरा थोड़ा नहास कर लेगी
03:02अच्छे ठीक वगर तुमने भी वादा करना है उनके सामने यह तूट राक करके बात नहीं करना है
03:08बलके कुछ कहने की जुरूत नहीं चुप करके बैटे जाना है
03:11तुम मैं और कैसे बात करूँगे यह उम्मराओ जान वाली अदाय नहीं आती मुझे भाई
03:15अच्छा मुझे यह बता हो यह तुमारी कोई दोस्त सहली वगर नहीं है कि ऐसे मामले में तुमारा साथ दे सके
03:24यह यार थी मेरी है मेरे साथ पढ़ती मेरे जैसी थी डॉली कराची चली गए
03:29रिजिस्टर में कहीं पता लिखा था उसका किताबों में देखूंगी कहा है रिजिस्टर ठीक
03:37भावी भावी अच्पर भाई और रसकर भाई कहा है मुझे उन से जरूरी काम है
03:52क्या हो गया ना सलाम ना दूआ यह तनी घबराई भी क्यों हो कि भावी वो ना सलीम को पुलीस पकड़ के ले गई है
03:58बड़े भाई को लेने आई हूं बेड़ा अगर यह पुलीस क्यों पकड़ के ले गी है मेरी तो ना पहले दिन से बाई आंग फड़क ली थी
04:05ऐसी बात नहीं है भाभी, Salim बेकसूर हैं, पुलिस उने शक में पकड़ के ले गई गई अरे, कुछ तो किया ही होगा, क्या बेकसूर है वो?
04:11क्या हो गया साइदापी, खेक्टो है?
04:13सलीम को पुलिस पकड़ के लेगे हैं, मैं बड़े भाई का पूछने आई हूँ हैं कहा वो?
04:17आप चलो मैं, जमा चार दिन नहीं हुए भेन, तुम्हें यहां से गेवे, तुम्हें नहीं पता, तुम्हारे दोनों बाई इस वकाम पर होते हैं, और वो आप रात को ही आएंगे वापिस, आप चलो, आप चलो, मैं सिधा ठाने जाता हूँ, ओ, मिया, तुम क्या ठाने ज
04:47हो क्यों अपना मुड़ खराब करें? अब सब्दर भाई, बबली हमारी अखलोती बेटी है, नाजो नाम से पली बढ़ी है, अब तो जो कुछ है, उस ही कह है, और नईम भी हमारा अखलोता बेटा है, और ये उसके चचा है, अच्छा है, नईम इनी के हातों में पल कर जव
05:17की और आपकी बेटी के सुघड़ पन की, कि हमें आपके घर रिष्टा लेकर आना पड़ा, पता नहीं लड़कियों को बरफ वाला गोला घंडा बिनने का इतना शौक की होता है, पुछे बला इनसे किसी मेले में सरकस देखने आई है, क्या? मा को भी बस ये जोकरो वाले र
05:47और बजर्गों आपकी उमर का लिहास कर रहा हूं, और वरना मेरे पास इन फजूल बातों का अरगीज वक्त नहीं है, आज तक जितने भी मैंने मुझरिम पक्ड़े हैं न, सब की जुबान पर बस एक ही फर्याद होती है, और मैंने कुछ नहीं किया जनाब, और बाबा जी
06:17तावार दो दिन छुटी गजार कर खुलेंगी, सब वो जो आपने माल सलीम भाई की दुकान से पक्रा है वो उनने दो दिन पहले ही होल सेल में लिया था एजन्सी से, आप देख लिए दर्खास के साथ रिशीट भी लगी गए, और ये तीस मार खान कोन है, और जो मेरे ही �
06:47और बलके बाबाई जी बस बहुत हो गया, और निकलो अब यहां से तुम दो लो, मेरे भी बड़े काम है, मैंने भी जाने आगे किसी नाके पे, और करीम बाक्षे, वो इनको बाहर लेकर जा यार, और मेरी इजादत के बगए दुबारा अंदर ना आने देना इने, अज़
07:17जी सर, सर ऐसे चो असत बोल रहूं, जी सर मेरे सामनी खड़ें दोनो, नहीं सर अभी पकी F.I.R. नहीं काटी सर, जी सर, ठीक हो गया सर, हुकम की तामील होगी सर, और तुम इसे परी जात कोन है, यह है जी,
07:47अच्छा शायस्तो बेन, तुमने तो बहुत कुछ जोड़ के रखा होगा अपनी कलोती बेटी के लिए, जाहिरे, जितना गुड़ डालोगे, रिष्टा उतरा ही मीठा होगा, और आगे चलके, तुमारी बेटी के तो काम आना है अशा पुछ, क्यों रशीदा? हाँ हाँ,
08:17मेरा मतलब बबली के जिवरात और घ्रेलू समान मिला के हम कोई पांट-छे लाग का जहेज बरदाश कर सकते हैं, इससे ज्यादा के हमारी अवकात नहीं है, आप तो बेतर जानते हैं के हम सफैद कोश्च लोग हैं, और सफैद कोशी में अपना भरम कायम किया हुआ हुआ ह
08:47अरे या, शबीर भाई, आपने मुझे या, ये मुझे कुछ बना से भी लगाई है, सफैद पोशी अलिवाद, माशा आला, आपका अपना जाती माकान है, और बेटियों के लिए तो आदमी कुछ भी कर सकता है, उनके उशी के लिए, अब वो नगोडा क्या निकला आया है,
09:17ये जन्नेटर, वो तो हर घर की जरुरत है, वैसे भी वो चीजें तुमारी बेटी के काम आएंगी, इसका क्या जिकर करना, अलबता नईम के लिए छोटी सी गाड़ी के इंतजाम हो जाता ना, तो नए जोड़ी के लिए बड़ी सहुलत हो जाती, हमने तो मुए सारी जिं�
09:47अगात नहीं है, अरे तो आशकल मुश्किल क्या है इस बात में, किस तो पर मिल जाती है, अपने मिया से बात करो, किस तो पर गाड़ी मिल जाएगी, और वो अपना नईम का दोस्त है ना, शोरूम वाला, वो तो नईम की बड़ी इज़त करता है भई, वो आसानी से दिला �
10:17यह तुम लोगों का नईम, कुछ खिलाते पिलाते नहीं हो खाला इसे, बिचली की तार जैसा पतला सा लग रहा है, सुखा चुहारा, रंग भी काफी पक्का लग रहा है, मुझे तो इसका भाई, तुम हो कौन लड़की, और इतनी बत्तमीजी क्यों कर रही हो, अब तर ज
10:47इसत का चनाजा निका लोगी बबली, बबली, यह है बबली, मैं तो समझीती महले से को गुंड़ा चल कर आगिया, तुम गुंड़ा ही समझो खाला, अब तुम लोग अपने अचीब औ गरीब नमूने की ज़्यादा कीमत नहीं लगा रहे, इस शकल पे मैं छोटी गाड़
11:17क्या रह गया, दुपट्टा तक तो औरना आता नहीं इस लड़की को, और जो यह बोली बोल रही है न, यह हमारी चुटिया पकड़ के पूरे सहन में इस तरह घुमाएगी, तुम लोगों के सर पे बाल छोड़ेगी बबली तो चुटिया पकड़ने की नौबत आएगी न
11:47और तुमने पहले क्यों नहीं बताया है कि तुमारे स्पी साप को भी जानते हो, वो मैं जाती तोर पर नहीं जानता हूं, कुछ महीने पहले उनके बेटे को मेट्रिक की टुशन दी थी, आने से पहले मैंने उसे कहा था कि अपने अबबा से हमारी सिफारिश करवा देना, �
12:17अबी आप लोगों की शक्सी जानत पर मैं सलीम को छोड़ रहूं, मगर दो दिन बाद इसको अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने हाजर लाजमी करना होगा, और क्योंके मामला इलाके के कौंसलर का है, और आपको पता है हमें भी जरा अपनी खाल बचा कर चलना होते है, वो
12:47और माल सारा आपका सरकारी माल खाने में जमा होगे, अब तो लिबाटरी की जो रिपोर्ट आएगी उसे देख कर या दालत अपना फैसला सुनाएगी, बाकी शुकर करो अगर लड़का तुम्हारा बच जाए तो, वरना इसकी सजा पांच साल कैद बनती है, और बाकी पैस
13:17हम तुम्हें लेने आये हैं, परीजात ने तेरी जुमानत करा दे है, असलाम अलेकूँ
13:39अल्ला, या अल्ला तेरा शुकर है, शुकर है मेरा बेटा ग़र वापस आगया, शुकर है अल्ला तेरा, फीको माँ, इतनी देर कहा लगा ती सलीम की अबा, अरे थाने कचेरियों से तो अल्ला माफ फर्माए, ये तो इसने इसकी जमानत करा दी, वरना थाने दा के तेवर �
14:09जीते रो बिटा, इस मुश्किल घड़ी में तुमने हमारा साथ दी है, पैसी शर्मिनना कर रही है मुझे, वो तो खुश किसमती से मेरे पुराने स्टूडेंट के वालिद साब इलाके कैस भी निकले, तो असल एसान तो उनका है, अल्लेकिन वसीला तो तो तुम ही बनेग
14:39सारा दीन यो ही गुजर गया, अरे बेठा, बैठाओ ना, नहीं मुझे घर जाना चाहिए, सब परिशान हो रहे होंगी, नहीं, मैं तुम्हे चाय पिए बगर कैसे जाने दूंगी, बैठाओ ना, अरे साइदा जाओ ना, चाय बनाओ, हम सब भी पिएंगे, भाई के लिए
15:09अरे तुम तो हमारे लिए फृरिष्टा बन कर आयो, यह तो मेरा फार्ज देदी मेरे भाई की तरह है, हाँ, तुम भी हमारे बच्छों की तरह हो विटा, जीते रो, खोश रो, सच माने तो बबली का भी इतना खुसूर नहीं था, वो लोग बहुत लालची निकले, अजी
15:39आपकी बेटी को घुसा आ गया, बस बहुत हो गई उसकी यह हरकते, तुम बच्पन में उसकी तरविया ठीक की होती ना, तो आज हमें यह दिन ना देखने पड़ते, मानते हैं, लेकिन यह भी तो देखे ना, कि हम अपनी बच्ची को इतने लालची लोगों में तो नहीं �
16:09परिष्टे वाली मॉम्ताज पूरे शहर में धंडोरा पीटेंगी, कहीं मुझ दिखाने के काबिल नहीं चोड़ा उसने हमें, बबली, इधर आओ, क्या किया है तुम नहीं है, कोई शर्म हो है, अदब लियास बढ़ों का तुमें आता है, या वो मी मैं से का हूँ, मैंने क
16:39काश ये तपड मैंने तुम्हें तुम्हारी पहली गल्ती पे मार दिया होता, चली जाओ यहां से, और तुबारा मजे अपनी शेकल मत दिखाना, जब तक तुम अपना ये खुलिया न बदल लो, और शाहिस्ता, तुम भी सुन लो, ये तुबारा मुझे नजर नाए, दे�
17:09देखा, कोई और लड़के होती तो पूट-पूट के रोने लगती, लेकन ये तो धीटों की मारानी है,
17:39साथ होगी बाई, कबाल करते हो तुम दोनों, इतनी बड़ी बात होगी, और आप दोनों ने जहमत गवारा ने की हैं हमें खबर देने की,
17:54कैसे खबर देती, ये जो सड़ावा मुझे महाना पांसो और पे किस्त का मुबाईल लेकी दियावा है ना, वो हर वक कराब रहता है,
18:00तो भावी परिजाद तो घर पर था ना, बेजवा देना था दुकान पर, अरे पहले कभी उसने हमारी सुनी है जो अब सुनता,
18:06लाग दफ़ा हम लोग ने उसे काया कि जाओ बड़े भाईयों को जाके खबर दे दो, लेकिन नहीं, बेहन के साथ ये जाबो जा, जैसे बड़ा इलाखी का मजिस्ट्रेट लगावा है,
18:15आने दो, अब ही खबर देता हूं, मैं उसकी हूँ,
18:19बरिजाद, किदर आओ,
18:22जी भाई,
18:24असलाम अलेकूं,
18:26बालेकूम असलाम,
18:29इतने देर लगा दी तुमने,
18:31नहां रहे गए था तुम,
18:33जी वो सलीम भाई की जमाने तरवाने गए थे हम,
18:36होगी जमाने की?
18:38जी होगी,
18:42गर छोड़ कर आ रहे हूं,
18:52जादा धर्द हो रहा है,
19:13पहले दो अपने छोट ले तुम ये,
19:15पहले मेरे बाप को मेरे खिलाब भड़काया,
19:18जब सोब से जड़ दी आ उन्होंने,
19:20तो अगर निशान गिनने के लिए आ गई हो,
19:23और ऐसे पोछ रहे हो,
19:24जैसे पता ही नहीं है कि बाप का हाथ कितना बारी है,
19:29मुझे क्या पता,
19:31मैंने कभी जहापड़ी नहीं खाया उनसे,
19:37जैसे लिए पोछ रहे हूं,
19:38तरसे जब बड़ा हिल रहा है, अब तक मेरा,
19:46तो ऐसी हरकते करती है क्यों हूं जिन पर उन्होंने घुस्सा आ जाया,
19:49छोड क्यों नहीं देती है बच्पना,
19:52ठंके लड़कियों वाले कपड़े पहनो,
19:56लड़कियों वाला परताओ करो सब के साथ,
19:58तुम समझती क्यों नहीं हो बच्पनी, अब तुम जवान हो गई हो,
20:02पिटा ये सब कुछ तुमें जेब नहीं देता,
20:05अबे आप क्या कर दिया है मैंने,
20:07पहले तुम्हारा शोखर मेरे दोस्तों को घर आने से मना करता है,
20:10तुम बाहर नहीं जाने देती, अब सकून से बैटी हूँ तो जिन्दगी अजीरन कर रही हो मेरी,
20:14चाती क्या हो तुम्हारा और ये, ये सब कुछ जो है ना फकीरों वाले चोले रंग बरंगे से,
20:21इसको मेरे नजरों के सामने से इठाओ, चक्कर आते है मुझे देखके।
20:35अई सलेम बेटा, जब से थाने से आयो, गुम सुम बैठे हो।
20:43बस अब बाह यही सोजना हूँ, बहुत बड़ा नुकसान हो गया है, किस तरह पुरा होगा।
20:47तोड़ा ही लाग का समान अभी खरीदा था, ठेर्टों का पहले मौजूद था शौक में, सब का सब पुलीस ने जब्द कर ले आज एक दिन में अंदाजा हो गया है, कोट का चेरियों के।
21:00कोई एक दो पेशियों का काम नहीं लगता है, जूते किसमें पढ़ेंगे, और मरे से मरा वकील भी करूंगा तो बिच-तीज़ार तो उसके भी और अभी मैने का खर्ट चबबा, यह तो है बेटा,
21:17सलीम ये मेरे जहेज का थोड़ा सा जेवर है, आप इसे सुबह जाके बेच दीचेगा, आपका हाथ थोड़ा हलका हो जाएगा, अरे नहीं सेदा बेटी, ये तुमारे है, तुमारा हाग है इन पर, अम्मा, जेवरात बुरे वक्त में काम आने के लिए होते हैं, और फिर य
21:47नहीं साइदा, अम्मी बिलकुल ठीप क्या रही है, वैसे भी इसे बेचने से कर्स तो नहीं उचरेगा, स्यादा से जादा वकील की फीस ही होगा
22:17परिजाद भाई, असलाम लेकुम, कवल, वालेकुम, सलाम, तुम यहाँ, मुझे आप से एक जरूरी बात करनी है, मेरे पास आपकी एक कमानत है, तुम यहाँ क्या नहीं आना चाहिए था, तुम अच्छी तना जानती हो मेरे घर वाले, जी मैं जानती हूँ, मैं ने गु�
22:47रह गया था, मैं बही नोट आने आई हूँ, शुक्रिया, मुझे लगा मैं यह कहीं खो बैठा हूँ, बहुत एहम है मेरे लिए यह, मैंने आपकी कुछ शायरी और नजमे पढ़ी हैं, जो आपने इस रिजिस्टर में लेखी हैं, बहुत हुपसूरत इलफाज हैं आपके �
23:17जिसके लिए आपने यह सारी नजमे लिख रखी थी, पर कभी उसे सुना नहीं पाए, तुम्हें कैसे पता, ज़रूरी तो नहीं कि शायर जो नजमे लिखे और कहे उसका महबर कोई जात हो, जी, अगर आपके अल्जास तो चीक चीक कर इसका पता देते हैं, अगर अफसू
23:47सके तो इसे माफ कर दीजेगा परीजात है, जी, इंसान को जर्फ भी इसके वसन के बराबर इता किया जाता, जी, सुनते हैं, हम, बोलो, जाकिन अपने उस बत्तमीज बेटी की माइद मत करना, वन्ना मैं तुमसे भी बात नहीं करूँगा,
24:17तुमायत नहीं गरती, औलाद है मेरी, परिशान हो जाती हूं, तो फिर तुम ही कोई हल बता दे अपनी इस परिशानी का, बताया तो था आपको कर, क्या, कौन साल, यही के बबली को किसी नफसियात के माहिर को दिखाए, एक, एक अच्छा डाक्टर ही ना, उसकी जहनी उल
24:47तुम यह चाहती हो, कि मैं उसे माहिरे नफसियात के पास ले जाओ, ताके जो लोग अभी तक तुमारी बेटी को नीम दीवानी समझते हैं, उन्हें यकीन हो जाए कि बबली पूरी तर अपागल हो गई है, नहीं, हम यह राजदारी में करेंगेंगेंगेंगेंगेंगें�
25:17कि मुझाया पुछते हैं अब ही घर पर क्रणने की कोशिश करो और छे खाने में काम पर लगाू, डंक कर लिबास मेंगँढ़ा फिर भी ठीक ना हुई यह कड़वा नूट भी पी लिगेंगेंगेंगेंगेंगेंगें
25:32यह कड़वा नूट भी पीलिग है और हाँ, जब तक मैं न कहूं, किसी नए रिष्टे वाले को हर गिजाने की दावत मत देना
25:47दाफिस
25:51दाफिस
25:52हाँ भी, बड़े मन्सूबी बनाये जारे हैं मेरे खिलाप
25:58पागल खाने बागल जगना चाहरी हो न होगे
26:03किस इसम की माँ हो तुम, अपनी सगी मासूम और जाट को पागल खाने बेजना चाहती हो
26:08ख़दाना करें, मैं क्यों तो मैं किसी पागल खाने बीजवा कौँ
26:22बच्चे की जाहल लेंगे दोनों मिलके, खुदा का वास्ता, कुछ ना करो तुम, लेकिन भर में डंके जनाना कपडे तो पहन सकती हो, इतनी मुश्कुलों से तुमारी पैंट शुर्ट से मैंने जान छुडवाई थी, और तो, जाके सिल्वा लिये न, तर्दी से ये, गुं
26:52सुनने को मैं रह गई हूँ उसका, तुमारी नाहीट से कुई बात हुए? नहीं, नाहीट बाजी ने इस मामरे में मुझसे कभी कुई बात नहीं की, मगर मैं जानती हूँ कि उस राद हमारी जहत पर आप नहीं, बलकि कोई और हुदा था, और उसक्त माजिद भाय भी नाह
27:22चलो अच्छा है, उस खर में किसी को तो मेरी बे गुनाई का यकिन है, हाँ मकर ये सब कुछ पुछे बात में पचा चला, जब माजिद भाई ने जहट पच से अपने घरवालों को हमारे आरिश्टे के लिए बेज दिया था, नेती बातों को दुराने का क्या फाइदा, मै
27:52जो उसके काबिल था, उसमांगर जीत लिया है, मााजिद ही उसके काबिल था, एक मेरा काम कर दोगी? है, ये मेरे कमरे में रख दोगी, मुझे कहीं जाना है, मुझे लगता है मैं पहली बहुत लेट हो गया हुँआ है, जी �rä बात है, जी ठीक है, मैं रख दोगी, हब फिक
28:22ना पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है
28:31ये तन बदन तो छलमी है और दूह पर भी चाले है
28:38कैसे जान पाऊंके इश्क मैं क्या गुजरी है
28:44इनने सखम खाए है कितने दर्द पाले है
28:51किदर जारहें मूचपा के हाँ
29:05किदर जारहे तो में बता जाने उज अढ़े दोंके
29:08उता है रहा है और निकल भणने तेरे ख़यर रही है आज
29:13तो देखो तुमिया को सबसे बड़ा बद्माश भी अपमे पञैर को एक नायग मौका दोज़बेता
29:18देता है कि नहीं?
29:21यही बात ना, यहल पेख लाज़ती है, यहीं कल तुने जो हरकत की, यह बात ना कॉच्छी बनती भी थे
29:32पर शाग्यन तुना तुमारा तुमारा जो दिल चाय वो सगा दे जना मुझा, बस एक दफा राम से मेरी बात सुझो ना, तुमारी बनमाची भी कसा
29:51मुझे पता है आजकल आपका ध्यान कहा रहता है, हाँ बस, कारवाल की परशानी है तुड़ी, अला का शुकर ने हो तो, अदालत मेरी सम्माना मन्जूर कर ली लेकिन, सम्मान वापस मिलने के आसार नाजर नहीं आ रहे है, आपने बजार से कर्जा लेने की बात की थी,
30:20कोई पेशर रफ्त हुए, कैसा कर जाया, सब को पता चल गए बाजार में के मेरी दुकान का दिवालिया हो गया, सब कत्राने लग गए हैं मुझसे, वो लोग जो मेरे साथ दिन रात होते थे,
30:35अगर आप कहें तो मैं अकपर और रसकर भाई से बात करूँ,
30:41अरे नहीं, नहीं, बिल्कुल भी नहीं, क्या सोचेंगे वो लोग कि मैं अपनी परिशानी उनके गले में डालूँ,
30:47नहीं, एक अगर नहीं, मैंने आज तक कभी किसी से कुछ नहीं मंगा,
30:54मैंने कभी जिन्दीगी में अपने आपको इतना मजबूर और लाचार महसूस नहीं किया,
31:04जबी भी नहीं,
31:05आफे कर मत करें, अल्ला बहुत बड़ा है, वो ज़रूर कुई सबब पैदा करेगा,
31:13इंशारा, जाए,
31:17तुम्हारे होने से बहुत होसला होता है मझे,
31:35ये तो बड़ा नौसर बाजी वाला सीन हो गया तेरे बेहनों ही किसा बस क्या करें इसलिए तो आने में देर होगी,
31:44खेर तुम बताओ, कोई रिजल्ट बना, क्या हुआ और ये किस किसम का हुलिया बना कर बैठी हो, खेर तो है?
31:52जिस चीज का डर था मुझे, वो ही हुआ, जरूर तुमने कोई हरकत की होगी,
32:22तो और में क्या करती? वो लालची वरते मेरी माँ से पता नहीं क्या क्या मांग रहे थे, जहेज, गाड़ी, जाइदाद, उससे आया मुझे, देदाना दन सुना दी मैंने, मैं तो कहेंची साथ लेके गई थी, कि चुटिया काटूंगी, लेकिन कमपहत मारे भाग गए, अ
32:52जी उलजन हो रही है ना, साइमा, साइमा, अरे कहां गाइब हो गई ओगी ओगी हो फिर से, साइमा कौन है, तुमारी धर में कुई और भी बेहन है, मेरा नाम ही है, पूल के कार्ट पे लिखवाया था, अब जब लड़की बुलाने का दिल चाहता है ना, साइमा साइमा ही �
33:22साइमा थीट बिलकुल, अब आ भी जो साइमा, हाथ बताऊ
33:43अर्सले जितना हस्ता, मेरा वक्स भी आएगा।
33:55अस्तानी जी जब सोबा मुझे नाश्ता देने आई थी ना, तो साली राम कहानी सुना गई है।
34:01विष्टे वाले भाग गे, लालची लोग थे।
34:05अलगे शबीर चाचा ने जहेज में अपने पैंशन की रखम और जेवर भी देने का वादा किया था जो तक्रीबर पांच लाग का तो बनता ही है।
34:16और वो लोग शाहिद कुछ और ही खाब लेके आए।
34:18सबीर चाचा लिष्टे वालों के सारे मतालबात मांग भी जाते तो बगली कहें जैसे लोगों में गुजारा कैसे होना है।
34:27यह बात तो है।
34:29ऐसे भी पबली को किसी ऐसे मर्ट की जरूरत नहीं जो उसके साथ शुरू में और अरत की तरह बरताओ करे।
34:34बलकि वो तो खुछ चाती है कि किसी मर्द दूले की तरह उसके नाजनकरे उठाए जाएं।
34:40उसके साथ लाड़ किया जाए।
34:43हमारे माशरे में ऐसा मर्का मिलेगा।
34:46जिसको शुरूर से जन मुरीद होने के माशरे किये जाए।
34:50तुम यू नहीं बन जाते है।
34:54चल।
34:56मैं
34:58क्या बाते कर रहें गोश में तो।
35:02देखो यार
35:04बबली को सिर्थ तुम जैसा मर्दी संबाल सकता।
35:08वैसे भी यह जो शादी का रोमेंटिसिजम है ना
35:11यह कुछ मा में खत्म हो जाता है।
35:14उसके बात तो वही जोड़े खुछ रहते हैं
35:16जो एक दूसरे को पहचान कर
35:18एक दूसरे के साथ जिंदगी गुजारना चाहे।
35:22तुम भी तो बबली के नफसियात को बुरी तरह जानते हो।
35:28यह ख्याल तुम्हें अपने ले की नहीं आया है।
35:32मैं तो शादी वाला मिटीरेल ही नहीं प्यारे है।
35:35यह जंगेड अपने बस का रोग में।
35:38तुम्हारी बात और है।
35:42अब देखो ना।
35:44तुम्हारी बबली से चन्द दिनों में इतनी अच्छी दोस्ती हो गई है जितनी मेरी दोस्त हाल में नहीं हो सकी।
35:48इसकी भी शायद वही बजा हो।
35:54वह मुझे भी बाकी लड़कियों की तरह एक गरर इंसान समझती हो।
36:01तो और भी अच्छी बात है। इसना तो वह तुम्हारे सामने बहुत जल खुल जाएगी।
36:06इसे भी मैं ये शादी का मश्वरा तुम्हें किसी और वज़े से दे रहा हूँ।
36:11तो शबीर चाचा ने जो कुछ पबली के लिए जोड रखा है तुम्हे भी तो देंगे।
36:16इससे तुम्हारा वो बहनोई बाला मसला भी जल हो जाएगे।
36:19जिसके वज़े से तुम्हारी बहन अपता जेवर बेच रही है।
36:33तो ऐसा हो सकता है।
36:36मैं भी बेरोजगार ही हूँ।
36:40चंद ट्यूशने पढ़ाके दो मुश्किल घर में कुछ पैसे जमार कराता हूँ।
36:45खीक है।
36:47मैं तो बस यह कहता हूँ कि ना करने में जल्दी नड़ा।
36:51सोच लो।
36:53समझ के फैसला कर ले ना।
36:56अगर दिल माने तो मुझे बता दे ना।
37:00मैं शबीर चाचात से और
37:02उसानी जीसे तुम्हारे रिष्टे की बात कर लूँ।
37:06पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है।
37:17झाले है।
37:18झाले है।
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