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00:00ना पूछ बनीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:06हचन बुआ ने सलीम से मकान में मेरे हिस्से के बारे में बात की थी
00:09क्या ये सच्छे हैं?
00:12श्छ्छ्छ खबरदार ये राज है इसको राज ही रखना
00:15मैं चाहता हूँ कि तुम मेरे लिए शाहरी करो
00:18तो हमाने कुछ गलत तो नहीं कहाना है
00:20तुम्हारे भाई और भाबियों तुम्हारे इसे पर कबज़ा करके बैठे हुए है
00:23कितने पैसे चाहिए सलीम भाई को अपना कारबार दुबारा जबाने के लिए?
00:38तीन से चार लाग तो चाहिए
00:40और यहां तो तीन-चार हाजार के लाले पड़े है
00:44तुम क्यों पूछ रहे हुए
00:47राइसे
00:48आपको पता है कि एक मकान के ऐसे काख़़ और अबबार की वस्तियत का स्टांट पेपर काम पढ़ाएगा है
00:58नहीं
01:00मगर तुम क्यों पूछ रहे हुए
01:03देखो परी
01:05भाबियों ने न वैसी बड़ी मुश्कुल से तुम्हारा वजूद उस घर में बरदाश्ट किया हुगा
01:09और मेरे जाने के बात न
01:11उन्हें सिर्फ एक मामूली सा बहाना चाहिए तुम्हें हमेशा के लिए उस घर से बाहर निकालेगा
01:16मैं तो ऐसे ही पूछ रहा था पा के नहीं
01:20यह ने कहा ना तुम कुछ नहीं खरोगे
01:23भूल जाओ उस मकान को और अपा की वसीयत को
01:28मेरे नसीब में चोहोगा मैं देख लूगी
01:30कर दा के लिए मेरे भाई तुम खुद को किसी मुसीबत में मठ डालना
01:37सुन रहे हो ना
01:41लुबना
02:06लुबना
02:09लुबना किदरोब्या गेटिंग लेट
02:13लुबना
02:16नसीम
02:18नसीम
02:21लुबना किदरोब्य किदरोब्या
02:24अटम भो ड्रावर के साथ युनिमस्टी के लिए
02:27वाट?
02:28कब कई? अवी तोदिर बाले गें
02:30वाट
02:31वाट
02:32वाट
02:34वाट
02:36वाट
02:38वाट
02:39वाट
02:40वाट
02:41वाट
02:42वाट
02:43वाट
02:44आज अतने परिशान को लग रहे हैं
02:45तो परिशान क्यों लग रहे हैं?
02:49जो लोग हमारी दुनिवी में हमें सब से ज्यादा प्यारे होते हैं
02:54अक्सर वह भी दर्द और गम में क्यों मुझत ला रहते हैं
02:59और अल्मिया ये कि हम चाक कर भी उनके लिए कुछ ने कर पाते हैं
03:04तुम बहुत गहरी बाते हैं करते हो भरिशान
03:07बता है मैं चंद दिन में तुमसे बहुत कुछ सीख चुकी हूँ
03:11अल्यों मुझे बताओ मसला क्या है शायद मैं कुछ हर्प कर सकूँ
03:17मेरे देहन के घर के कुछ मसायल है
03:21बाराल तुमसे चंद निकरो ये बगाओ
03:25तुम क्यों इतनी उल्जी भी लग रही हो आज
03:29मेरे भी कुछ मसायल है प्लीज हल कर दो
03:35अच्छा
03:37मैं समझाता के दुनिया के सारे मसले मसायल और परशानव आम घुल्मों के लिए योग सी है
03:42आज पता चला कि अमीर भी करिशान है
03:46कभी कभाई शायद जाता थी
03:55इसलिए होए थे कि मामा की कुछ जमीने हैं वो चाहती थी कि वो उनके सामने बिखे हैं
04:00अब सौदा हो चुका है वो कह जें वापस चलो
04:04इसाथ मैं रोज रोज की शिफ्टरिंग से इतनी तंग आ गई हूँ ना
04:09अच्छा है वो
04:11अच्छा तो ये करशान हो
04:14लेकिन फिकर मत करो
04:17मैंने अमा को खुद साफ बता दिया है
04:19कि मैं यहां से तब तक नहीं जाओंगी जब तक मैं डिग्री कंप्लेट में होगा
04:29एक बात पूछू
04:33तुम्हारे
04:35मतलिम
04:36तुम्हारी ममा से तुम लाकात हुई है
04:38तुम्हारी में कभी अपने अबबा के जुकत रही है
04:44राग
04:55बहुत अरस से पहले मेरी परेंट्स की सेपरेशन हो गई थे
04:59वह रवच्छा
05:01रवच्छा
05:07मैं इस मौजब बात नहीं करना चाहती है
05:09मुझे बताओ के तुम्हारी जितने शायरी है
05:11उन्हें जितने पोंग्स लिखे है
05:13तुम्हारी सबको एक किताब में कुम्पाइल करके पब्लिश कूनी कर दिखते है
05:16बहुत फेमस हो गए
05:20फेमस
05:21मतलब बदनाम
05:24नहीं पेमस मतलब मिश्वूर
05:29यानि बदनाम जो होंगे तो क्या नाम नहोगा
05:32अहां कुछ ऐसे पिशूर
05:45भूल जा उस मकान को
05:47और अपा की वसियत को
05:51मेर नहीं पेशू का मतलब
05:53भूल
06:21प्रण्वार
06:23तो
06:24जाम
06:25यानि
06:26प्रण्वार
06:27प्राव
06:30प्रण्वार
06:31भूल
06:33प्रण्वार
06:34यह बादा वह आज कौन सी दून सुना रह इख?
06:55वियार, एक नही बनाई है
06:57किसकी है?
06:59यह मैने खुद बनाई है
07:01कियरे, इस दे खुद बनाई है?
07:04यह मैं नहीं बना सकता है?
07:06I mean, पहले दूसरों की तो पचलास की तो पचलास की तो
07:08आप अलीजाथ, बेख
07:09नहीं वह मैं लुबना को तलास कर रहा हूँ
07:13दो दिन से देखा नहीं उसे
07:15हम खुद भी उसे दून रहे हैं, पथन ही कहा वाइब हो गई
07:18बेखल वापसी पे उसके खर रुकी थी, लेकिन नौक्रों नहीं बताया कि वह अपनी के साथ शॉपिंग पे गई है
07:24उसका तो भी दूसरा सेमेस्टर शूरो होने वाला है न
07:27हम भी यही बात कर रहे थे, वह तो अपने क्लासिस के मौामिले में बहुत पंक्चुर थी
07:31उसने ऐसे कभी नहीं किया, बिना बताया है, एपसिंट कभी भी भी नहीं किया
07:34सुरूर कोई गरबढ होगी, बचसी
07:37मैं फिर से उसे कनेकर भी कोशिश करूँगी
07:40फिकर मत रो बरिजान
07:42मुझे बता देना
07:43यार परिजान, तुझे लिरिक्स लखने गा बोला था मैंने, क्या बराई
07:48लिख लूँगा
07:49फिए अब कहां लिखकर देगा, बड़ा शायर हो गया है
07:52ऐके, बदाफिस
07:54बाइ
07:56अब बस भी कर दो लोगना, बहुत हुग्या रोना धोना
08:19मेरा सुबैस्टर तो खतम होने देती
08:26इव जल्दी करने के क्या सुरहती मामा
08:29एको बेटा, हर फैसला सही वक्त और सही मौके पर करना बहुत जरूरी होता है
08:35पर तुम जानती थी यह सब पुछ तुमारी भलाई के लिए हो रहा है
08:39अकल-मंद वही होता है जो वक्त को सही मौके पर कैश करें
08:45के?
08:47कम ओन, श्यार आप
08:49के?
08:50आम बेटिंग विए आज़ा
08:52तो तुम लुबना से मिलने आया हूँ?
09:17जी, जी वो कुछ अर्से से इनिवर्स्टी नहीं आ रही थी तो मैंने सोचा कि
09:23आपने ये सोचा कि मैं क्यों ना चला जाओं और जाके उसका हालेवाल पूछ लो, ऐसा ही है ना?
09:29जी
09:31सीधी तरह क्यों नहीं कहते कि तुम्हें लुबना से मुहबत हो गई है
09:38जी, इसी कुछ बात नहीं है, मैं तो बस से जिलने के लिए आ रहा है
09:50जी कह भई, आप कहते हैं तो मान लेते हैं
09:58बड़ना मुझे तो कुछ और ही लग रहा था
10:01लुबना की मैंने शादी तेक कर दिया
10:08तीन दिन के बाद निकाह है
10:10हर क्लासमेट्स अर नॉट कमिंग, मैंने इन्वाइट नहीं किया
10:13मगर अगर तुम चाहो तो आ सकते हो, बिकॉस
10:17I kinda like you
10:19His fiancee ने उसे शादी के बाद पढ़ाई की भी इजाज़त लिए
10:32But I don't think that Lubna चाहेगी कि वो पढ़ाई करे
10:37She needs to relax, chill, enjoy life, you know
10:42Who is Lubna के होने वाले शाहर?
10:47एक इन्डस्ट्री के टाइकून, नॉमान बशीर
10:52तुम्हारी तु मुलाकात हुई थी ना पार्टी में
10:57ठर गिता तुम्हारी तुम्हारी
11:02भिप्रथन को यहँए रिए
11:18जो ठीक है फिर तुम बेठो तुम्हारे लिए चाय भेज़ती हूँ के?
11:48अरिजाद हाए कैसे हूँ ठीक बैठो प्लीज और बताओ शादी मुबारक हूँ
12:06थैंक यू भाग तो नहीं वहते चाज़त दो तो पूठाग तो पूठाग तो नहीं वहते चाज़त दो तो पूठाग तो
12:18सकता हूँ नुवान ही कि तुम उसे कई बेतर मिल सकता था तुमारे डिपार्टमेंट का काशिए तुम पहजार जान मरता है खुब्सूरत है अमीर है काबल है
12:35नुवान या काशिफ फर्क क्या पढ़ता है जो पीजादा बोली लगाएगा वो मुझे खरीद सकता है
12:46पॉली खरीदारी क्या है अमारे हैं रिष्टे नहीं आते बोली लगाई जाती है जो ज़्यादा बोली लगाएगा वो मुझे खरीद सकता है तो में ज़्यादा बोली लगा सकते है तो तुम भी मुझे खरीद सकता हूँ
13:02पुली तो पजड़ारी और तो कि लेटी
13:06तो तो मुझी कि आसा मैं चुतियो
13:07मैं बढ़ी तो
13:32शुक्रेड़
13:42युनिवरस्टी में कोई मेरी हकीकत नहीं जानता
13:54आजकल बजार में नाचने वालियों का दोर नहीं है
13:59अब लाइफस्टाइल का दोर है
14:02हमेशना बताया जाता है कि बाप कहीं बाहर रहता है
14:06लेकिन मुझे पढ़ाई का शौक था हमेशना
14:10पढ़ना जाती थे
14:13तो थांक्स तो मामा
14:15मुझे इतनी अजाज़ती कि मैं
14:18युनिवरस्टी गई
14:21ताली महासर की लेकिन
14:22अलबता शर्त यही थीक है
14:25जैसे ही मुनासर बोली लगेगी
14:27मैं तारीम छोड़ दूगी
14:29तो मैं वही करेंगा
14:34मेरी दूआओं का कभी असर नहीं दालू ना
14:49मैं दूआ करूँ है कि तुम सदा खुश रहूँ
14:57तुम बहुत अच्छ हो परीजाद
15:03मुखे देना
15:08मुखबत अंधी होती है
15:12काश हम जिन से मौत बद करते
15:17वो भी हम दे होते हैं
15:21तो कितना अचा होता है
15:22हमेश हम जी तो हमेरोगी
15:28मेरा बस चले तो मैं वाकई सारी रुन्या की आँखे भोड़तू
15:32तो कभी तुमारे अंधर के इंसान को नहीं देख पाए
15:36मेलायल अबना से
15:48मेलायल अबना से
16:04जी
16:09लेकिन अजी आप ठीक नहीं कर गएंगे
16:16हमारे हाँ जजबात के कुई कीमत नहीं होती लड़के
16:25अच्छा चलो नॉमान की जगा
16:28दस करोड का चेक तुम मेरे हाथ में दे दो
16:31मैं लुबना का हाथ तुम्हारे हाथ में दे दोंगी
16:34दस करोड
16:38मुझ जैसे इंसान की जेब से
16:41सौरोपे का बंधा नोट निकल लाए बड़ी वाकत
16:44क्यों तुम में क्या कम ही
16:47सुनो लड़के ये जो चेहरा सूरज शक्सियत है न
16:51ये सब लोड मिडल क्लास लोगों के मसाइल होता है
16:55मर्द की सूरत उसकी शक्सियत और उसका वकार
17:00साथ उसके पैसे से होता है
17:03जाओ इस बेरह्म दुनिया में जाओ और अपने हिस्से की बालत समेट लो
17:09खुद को इतना अमीर करो
17:13कि ये जो तुम्हारी शक्सियत के एब है न दुनिया को स्टायल लगने लगे
17:20और फिर मेरी लुबना जैसी हजार लुबनाएं होंगी तुम्हारे आगे पीछ
17:25गो एंद कॉंकर तुम्हारी बाल्ट
17:31यस
17:33और हाँ छोड़ो ये शायरी बारी
17:41ये साब भरे पेटके चोंचले हैं
17:45यहां गरीब की तो शायरी भी धन्या को फजूर लगती है
17:51और अगर मर्द अमीर हो तो उसके मुझ से निक्रीवी गाली भी शायरी लगती
18:05ये लवस में कुछ नहीं गए
18:07ना पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है
18:15ये तन बदन तो चलनी है और दूह पर भी चाले हैं
18:21कैसे जान पाल के इश्क में क्या गुजरी है
18:29इनने सख्म ठाए हैं कितने दर्द पाले हैं
18:35मर्ग की सूरत, उसकी शक्सियत और उसका वकार
18:59साब उसके पैसे से होगा जाओ
19:03इस बेरह्म दुनिया में जाओ अपने हिस्से की वालत समेच लो
19:07खुद को इतना अमीर करो कि ये जो तुम्हारी शक्सियत के एबेना
19:15दुनिया को स्टायल लगने लगने लगने छोड़ो ये शायरी बाई ये साब भरे पेट के चोंचने हैं
19:21यहां गरीब की तो शायरी भी दुनिया को फजू नखती है
19:29और अगर मर्द अमीर हो तो उसके मुझ से निक्री भी गाली भी शायरी लगती है
19:36और अगर दुनिया बश्ती छोड़ा है वगर क्यों?
19:51जी वह आगे पर थीसे वगएरा पर भी बहुत खर्चा है
19:57मेरे पास किताबी लेने के भी पैसे नहीं है
20:01तो सही तो है इस्ते कौन सा पढ़ लिक के कहीं कलक्टर लग जाना है
20:05के कहीं कलक्टर लग जाना है
20:08उससे तो ज्यादा अच्छा है के कहीं कुछ सीख ले कोई हुनर हाक में आ जाएगा
20:12तो चार पैसे भी कमा लेगा
20:14वह तो ठीक है बाभी
20:15पर यह करेगा क्या
20:17वह उनर तो आता नहीं है ऐसे
20:19पस वह अपनी शायरी माहिरी करेगा तू अरे तो आप ही कहीं लगवा दे ना
20:24वह क्या नाम है आपके जानने वाले का वही जिसकी वल्डिंग के वरक्षाप है वही पे आवो कलू
20:31कलू तो तो इसमें कौन सा मसला है क्यों भई करेगा वेल्डिंग करते हुए अच्छे दुनिया का पहला शायर होगा
20:44जो प्लांट पर बैटके वेल्डिंग करेगा
20:47हाँ
20:49हाँ
20:51हाँ
20:53हाँ
20:55हाँ
20:57हाँ
20:59हाँ
21:11चल चल मेरा बिटर लेट अब तू कर शाबाश
21:16हाँ
21:20हाँ
21:21यह ले आना
21:23वर यार तेरे हात मज़ूरों वाले नहीं है
21:25इन नाजू कातों से तोड़ लेगा फुलाद
21:28हाथों में फुलाद आएगा तो हाथ फुलादी हो ही जाएंगे ना कली उस्ताग
21:32शाब प्राश
21:34ले
21:36आज तुझे वैल्डिंग का पहला सबग देता हूं
21:44एक वैल्डर के लिए वैल्डिंग की जिगारियां आग नहीं फुल जड़ियां होते हैं
21:48यह तरही लिवास को छुली करके तेरे जिसम पर हजारो दाल बैलेंगे जब तेरा जिसम तेरे अंदर की तरह दागदार हो जए तो समय लिना तेरी ट्रेंडिंग मुकमल हुग
21:58सब्सक्राइब जब तेरी ट्रेंग मुकमल हुग
21:59शाबाज बहुत अच्छे शाबाज
22:04कर ले कर ले काम जलती मकाव
22:08रहां वह तरहां रही हूं
22:10अजिया अटा है होगा
22:11रहां
22:13ले आगया
22:16स्लामरीकम पार
22:19वालेकुम्स्लाम आमिटा, वह यह डक्टर से
22:22जी अबाँ.
22:23वे क्या बोला है डाक्टर?
22:28कुछ नहीं अबाँ कह रहा था कि
22:30इस वक्त में जारा कमजोरी ही हो जाती है
22:32तो खुराक का और आराम का ख्याल रखना होगा.
22:35नस, ये जो डाक्टर लोग है ना,
22:39हमेशा खर्चे बढ़ाने के ही मश्वरे देते हैं.
22:42अरे ये दुनिया में कोई पहला बच्चा नहीं है
22:45जो सिधा जन्ने जा रही है.
22:46रोजाना लाखों बच्चे पैदा होते हैं
22:49और पलबर भी जाती है.
22:50अरे कितने वार कहा है जली कटी मत सुगाया कर.
22:53अकर सिधा के भाई नालची निकली आया है
22:56तो भी इसमें सुगाया का कसूर?
22:59अरे मैंने कौनसी अन्होनी बात कह दी है?
23:02और यहां और यहां तौबा तौबा अरे नाग बनकर बैठगे बहन के हकपर भाई
23:21अरे बाते तो सुनेगी ना पिर उनकी बहन
23:24तेरे भाईयों ने था हमारा बहुत ख्याल रखा, तेरा अमरेका तो बहुत अच्छा था भई
23:28अच्छा बस बस आपको कुछी नहीं पता, मत बोले ज्यादा
23:31हम तो ला पता हैं, तुम्हीं सब कुछ पता हैं
23:34हाँ, आप मुझे सुना ले जली कटी
23:36अच्छतर काम कर, काम कर, वह काम
23:39करें यू काम
23:40अच्छतर काम
24:10परिजाद, बाद सब्सक्राइब
24:22साम लेकों, चोकी भाई
24:26ये का उल्लीब ना रखा तुने?
24:30पढ़ाई वड़ाई छोड़ दी क्या?
24:34वेल्लिंग की शॉप पर काम करता हूँ, चोकी भाई
24:36अवे पर तेरे हाथ में तो कागज कलम ही अचह लगता दा मेरे बाई
24:39बड़ा दुस्वा करवाया है कागज करने में शॉकी भाई
24:44सोचा कोई हुनर सीख लूँ, करके सच्चे में हाथ भी बटा सकूना
24:49जानता हूँ, ना ही तो तेरा मुजरम हो
24:54पर मौड़ादी कस्मे तुझा आज वुलिये में देखे ना दिल कटके रहा गया शॉकी
24:59तुम मुझे हुकम कर, कितने चाहीं तुझे
25:04कस्मे खुद को बेच की बिलाना पड़ गया ना पत्तरे ले कही ना कहीं से लाके दूँगा
25:08तो पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ले यार
25:10और शॉकी उड़ाएगा तेरे सारा खुशा
25:12मुझे तुमारे खुली कोई शक नहीं है Corki bhaIV
25:16मुझे हो कहते है ना, कबर अपनी कफन अपना
25:21बस अपनी कबर की खुद ही फिकर कर्नी है मूझे
25:24इसलिए emotional कर लिमारा बहुत शुक्रिया
25:30हुआ ही है आज अपने मिके
25:32मैंना खुद यह गाड़ी सुतरते है
25:39अतना वादा याद है ने शोकी बादे
25:42तेरे उस वादेनी तो रोक के रखा मने
25:45और अब तक तो उसका वो चर्चा होता ना कि
25:50दे भी पता लग्या था उसकी बराता ले देनी
25:53कि माज़ा ही था उस राजचत पर उसके साथ
25:56अभी चट मंगनी तो पड़ बयाकर डाला उना ने
25:59अगर आफ रही हैं तुझ पर
26:01अभी तुझ सब कुछ जानता है बूचते हैं जान बना रहा
26:04कभी उनके पोल नहीं खुल ले
26:06तुम भी कभी इस राज से पर्दा में अठा हो जे शोकी बाई
26:09अभी यही तुम्हारा वादा
26:12अगर तु तुझे देखके पता लगता है कि असल मभबत क्या होती
26:17मुझ जैसा कमजर्फ
26:20अभी हम तो ना मिलेते हैं बस इश्का
26:23गास चरते हम गसियारे
26:25के चरते हम जैसा बहाब सक्राण
26:27क्राते हम तुमियार हुआ
26:31है भुम्हारा
26:34कि अदयतर स्थाट
26:36कि अभी यह
26:39दो ओट वुम्हार
26:40कि वपतीजा
26:45कि अभीhing
26:53प्धुर्ण क्ष़ाइब कर देखार, यह यह नहीं है।
26:59यह हैं…
27:08हुँ…
27:13कभी-कभी मुझे अपने घर में गुजारी शाम में बहुत याद आती है।
27:16दिलकरता है औरके वापस आजो।
27:19सुनो, परीजाद ने क्यों पढ़ाई छोड़ दिया है?
27:24तुम्हें अचानिक सिन का ख्याल कैसे आ गया?
27:26नहीं, मैं जब आ रही थी तो उसे गुजरते देखा, लगना था जिसे मजदूरी करके आ रहा हूँ
27:31हाँ वो, परीजाद भाई ने उनिवेस्टी आधी छोड़ दिया और अब वो मजदूरी करते हैं किसी बर्कशॉप में
27:39क्यों? वो तो बहुत आगे था पढ़ाई में उसको तो बहुत शौक भी था पढ़ाई का
27:43वो तो शाहरी भी बहुत अच्छी कर लेता था उसने एक तम ऐसे क्यों पढ़ाई छोड़ दी हाँ यार तुम तो जानती हो ना इसके भाई और भावियों की लाल्ची तबियत को जो लगता है जरूर इन्हों नहीं मजबूर किया होगा कि पढ़ाई बगारा चोड़ो और
28:13वैसे आजकल के दौर में मर्दों का कोई भरोसा नहीं है हाँ लेकिन मैं तो पसंद की शादी करूंगी लाव मैरेच
28:43प्रेंस
29:13जी शेला
29:26सर कोई परिजाद सहाब आप से मिलने
29:29परिजाद
29:30परिजाद कौन?
29:32पता नहीं सर कह रहें कि किसी पार्टी में आप से मुलाकात हुई थी
29:35और वहीं पे आपने अपने अपना विस्टिंग कार्ड दिया था
29:37ओँ
29:39अच्छा अच्छा याद आ गया
29:41अच्छा इस तरह करो कि उसको न उधरी वेटिंग अरिया में इंतजार करवा
29:46और ठीक एक गंटे बाद उसको मेरे पास बेजना
29:50चलिए ठीक है सर
29:51आप इंतजार करें सर थोड़ा बिली
29:55अच्छा तो शाहर साहेब
30:01आ ही गए आप मेरी दुकान पर आखिर
30:31दाखिल हो सकता हूँ
30:36अरे तुम
30:39बड़ा मुश्किल सा नाम था तुम्हारा मिस्टर पोईट
30:46परिजाद
30:47परिजाद
30:48वाट यूनीक नेम बैठो
30:51परिशुक्ति
30:52कहो कैसे आना हुआ
30:56वो मैंने आप से कहा था
31:00कि जब कभी मुझे अपना
31:02फंड बेचने की ज़रुट पेश आई
31:04तो मैं सबसे पहले
31:06आपके पास आऊँगा
31:07मेरी दुकान पर आओगी
31:10तो आगे तु मेरी दुकान पर
31:12मैं अपनी शायरी बेचने के लिए आपके पास आया हूँ
31:18अच
31:19ये मेरी नजमें और खजलें हैं जो मैंने पहली किताब के लिए जमा की थी
31:29ये आज तक मैंने किसी तकरीब में नहीं पढ़ी
31:34नहीं ये किसी मैगजीन या अद्वी रसाले में छपी हैं
31:43लेकिन एक बात बताओ
31:48ये तुम्हारी पुरानी शायरी खरीद के अब मैं क्या करूँगा
31:53वो जिसे मैं इंप्रेस करना चाह रहा था
31:57वो तो पहले ही मेरे घर में बैठी है
31:59खैर क्या कीमत लगाई है तुमने अपनी इस शायरी की
32:07पांच लाग
32:10इस बौसीदा रेजिस्टर का पांच लाग तुम कुछ ज़्यादा नहीं बोल गए
32:18दस लाग भी कह सकता था
32:24और आप या आप जैसा कोई और दस लाग में भी बखुशी मेरे लफ खेड़ने के लिए तयार होता
32:34मगर मैंने आप से उतने ही मांगे जितनी मुझे ज़रूरत है
32:39मैं लबस फरोष ज़रूर हूँ
32:45इमान फरोष देए
32:50शुक्रिया
32:53अच्छा रुको परिजाद
33:04एकाउंट्स डिपार्ट्मेंट को कहें कि मिस्टर परिजाद के नाम का पांच लाग रुपे का चेक बनाके मेरे पास लेकिया है
33:15फॉरण
33:24मैंने तुम से कहा था ना परिजाद
33:25इस दुनिया में काम्याब इनसान वही कहलाता है जो ठीक वक्त पे खुद को ठीक कीमत पे बेचना जानता है
33:35तुमने सही कहा
33:38मैं ये शायरी दस लाग में भी खरीदने को त्यार था
33:42लेकिन वो चॉइस तुम्हारी थी
33:46खेर
33:49उमीद है कि मेरी पहली किताब काफी शांदार होगी
33:58पांच लाग रुपे
34:06बड़ी इतने पैसे तुम्हारे पास आए कहां से
34:08फिकर नहीं कर रुआ पी मैंने उन डाका सकनी डाला बसे
34:13अपने पैसे हैं मेरे
34:15हां बड़ी वो सब ठीक है लेकिन ये बहुत ज्यादा रुकाम है
34:19और तुम्हारे भाईों ने तो इसका हिस्सा देने से साफ इंकार कर लिया
34:23सलीम भाई
34:25मैं उमीद करता हूं कि इस रुकम से आपका डुबावा कारोबार फिर से अच्छी तरह जब जाएगा
34:32और आप दोनों की परशानियां दूर हो जाएगा इस एक दर्खास्त है और कोशिश किजीगा ही अपने घर में किसी को ना पता चले इस बात रहा
34:48मैं चाहता हूं आप दोनों खुछ रहेंगी मेरा मकसद है
34:52जो समझें के हमने आपका अदा करती है
34:58छो मुझे इजाजद में
35:06साफिर दासेज
35:10रुको परी
35:12मैं यह पैसे तुमसे तब तक नहीं लूगी
35:28जब तक तुम मुझे यह नहीं बताते कि आये कहां से
35:32वर्कशॉप से तुमें इतनी बड़ी रकम नहीं मिल सकती
35:34और ना ही कोई तुम्हारा दोस्त तुमें इतना बड़ा उधार दे सकता है
35:38कहीं तुमने कोई
35:40खरीबों का जुन भी खुरुबत से भरा होता है आपी
35:43उससे जुन की भी इतनी बड़ी रकम में उलती है
35:49एक मैंने भी जुन नहीं किया
35:53अपने लफ्स बेचे हैं
35:59वो किताब जिसके लिए आपने मुझे खाली रिजिस्टर दिया था कि मैं लिखो
36:04खुब
36:08वो किताब में लफ्सों के सौदागर की दुकान मुटे बेचाया
36:12अब वो किताब नहीं है
36:14मगर मुझे इस बात का इतने नाम तो होगा ना
36:19कि अब मेरी बहन को लावारे सोने के ताने नहीं देगा
36:22उसे रोज रोज घर बदर होने की दमकी नहीं में जाए
36:28कि अब रोज बुदाय के अब बदर हो में इस बाल
36:43कि अब को भी यड़कान में जात होगा
36:47जाए रोज रके बदर में जाए
36:51पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है

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