Skip to playerSkip to main content
  • 1 year ago
संसद के मॉनसून सत्र में कम काम होने के पीछे पक्ष-विपक्ष दोनों जिम्मेदार हैं? साहिल के साथ देखें दंगल

Category

🗞
News
Transcript
00:00नवस्कार मैं हूँ साहिल जूशी, दंगल में आपका स्वाज़त है।
00:03आज का दंगल संसत के मौनसून सत्र के हासिल पर है।
00:08अठारवी लोकसभा का मौनसून सत्र 21 जुलाई से लेकर 21 अगस तक चला, याने एक महिना चला।
00:1321 बैठाके हुई, 126 गंटे काम होना था, लेकिन हुआ सिर्फ 37 गंटे का काम, याने 35 से 40 गंटे के बीच में काम हो पाया।
00:22सत्र की कार्यवाही चलाने और 780 माननियों के उपर 190 करोड रुपे से अधिक का आपके टैक्स का पैसा खर्च करके, संसद में सिर्फ राजनेटिक रूटियां सेखी गे।
00:36जिसका मुख्य काम के लिए संसद बनी है, सत्र होते हैं, कार्यवाही होती है, वहाँ कानून बनाने का काम कुछ ऐसा हुआ कि लोग समा में 12 और राज्य समा में 14 बिल या तो पारित हुए या वापस लेने पड़े।
00:51लेकिन किसी भी बिल पर किसी भी तरीके से चर्चा तक नहीं हो पाई। यानि विपक्ष भी इस चर्चा में शामिल नहीं होगा, बिना चर्चा के ये बिल पारित कर दिया।
01:21इस राजनेतिक करवाहट इस कदर नजर आई है कि सत्र के आखिरे दिन चाय पार्टी में विपक्षी दल का कोई भी नेता नजर तक नहीं आया, कोई भी शामिल नहीं होगा, ऐसे में सवाल ये है कि क्या संसत के सत्र और कारिवाहिया अब सिर्फ नेताओं और दलों के रा�
01:51सांसदों के जिम्मेदाराना रविया तै करने के लिए भी सरकार को अब कानून बनाने की जरूत पड़ेगी, जिस तरीके से मोरालिटी का एक बिल लाया जा रहा है, और 140 करोड भार्तियों की आकांगशाओं को पूरा करने वाले लोगतंत्र के मंदिर से कैसा संदेश, बे
02:21नारे बाजी हो रही है, सभा की कारवाई अनिशित काल के लिए इस्तेगित की जाती है, हाउस से स्टेंट से जॉन साइन डाई
02:3521 जुलाई को अठारवी लोकसभा का पांचवा और राज्यसभा का 268 सत्र शुरू हुआ, तो मौनसून सत्र में देश के किसानों, नजवानों, महिलाओं, कारोबारियों, हर वर्ग को उमीद थी, कि संसद में उनके हित का कुछ काम होगा, मगर सत्र हंगामे के साथ शुर�
03:05जनता मामला, जनता तो क्या कहें? एक माननी ने ही विरोध का जंडा उठाया. इस बैनर पर लाल हिस्से में लिखा था माफी मागो, सत्ता पक्ष विपक्ष माफी मागो, सदन ना चलने पर सत्ता पक्ष विपक्ष देश की 144 करोड जनता के पैसे की बरबादी के लिए माफ
03:35और नीचे नीले हिस्से पर लिखा था जब सदन चला ही नहीं तो सदन सत्त्र का खर्च निर्दोष जनता क्यों भुगते? यह दमन और दीव के निर्दली सांसद उमेश भाई पठेल थी, जो अपने क्षेतर की जनता की आवाज सदन में नहीं उठा सके.
03:49सांसद पटेल की शिकायत है कि एक तो सदन में कोई चर्चा नहीं हुई, बिना किसी विस्तरत चर्चा के शोर शराबे और हंगामे के बीच, लोग सभा में 12 और राज सभा में 14 बिल या तो पारित हुए या वापस भेजे गए.
04:13इनमें इंकम टैक्स से लेकर, स्पोर्ट्स बिल और ऑनलाइन गेमिंग से लेकर टैक्सेशन तक से जुड़े 6-6-7-7-7-100 पन्नों वाले बिलो पर 6-7 मिनट की भी चर्चा नहीं हो सकी.
04:25हंगामे के बीच आधी अधूरी चर्चा के साथ यूही पारित होते गए.
04:29और विपक्षी दल कारिवाही शुरू होते ही सदन के अंदर, बाकी वक्त सदन के बाहर बिहार में चुनावायोग के S.I.R. के खिलाफ प्रदर्शन करते रहें.
04:3921 जुलाई से 21 अगस तक चलने वाले जिस मौनसून सत्र की 21 बैठकों में और सतन 6 गंटे.
04:45हर बैठक में भी काम होता, तो करीब 126 गंटे का कामकाज होना चाहिए था.
04:50वो लोग सभा में सिर्फ 36.9 गंटा और राज्जी सभा में 41.3 गंटे ही हो सका.
04:56अठारवी लोग सभा के जिस बजट सत्र में भारपूर कामकाज के लिए स्पीकर ओम बिरला खुश नजर आ रहे थे, वो मौनसून सत्र की नाकामी से निराज थे.
05:05प्रश्नकाल के लिए इस्तेगित की जाती है.
05:35लोग सभा में अन्यकार 4.5 गंटे हुए, तो राज्जी सभा में 8.7 गंटे.
05:40मतलब संसत्र के सत्र में वो काम कम हुए, जिसके लिए देश की जनता अपने सांसदों को चुन कर संसत्र भेजती है.
05:46यानि कानून बनाने का काम, कानून पर चर्चा करने का काम कम हुआ, सियासत ज्यादा.
05:52पियम मोधी के लंबे चोड़े संबोधन के बाद मौनसून का जो सत्र शुरू हुआ था, उसके हासिल की बात की जाए, तो तीन चीजे नजर आती है.
06:06इस सियासी मंधन से विपक्ष को SIR का मुद्दा मिला, पक्ष को ओपरेशन संदूर पर 18 घंटे, 27 मिनट की चर्चा मिली, और सियासत को बीच सत्र से उपर राज्ट पती का अचानक इस्तीफा देने का मुद्दा, और देश की जनता को मिली निराशा, जिसमें जाहिर हु�
06:36इस सियासी मानशू मिश्रा के साथ आज तक भी रहो
07:06इस जाएगा व्प्रिखा इस तो इसी से जाएगा साहिल क्योंकि देखें वह अलग बात है
07:36कि जो SBK सिंग है इनको एडिशनल चार्ज मिला हुआ था ये डीजी होम गाड थे और काफी सीनियर अधिकारी थे इनको एडिशनल चार्ज देकर दिली पुलिश कमिशनर बनाया गया था लेकिन कल चुकी दिली सीम पर हमला हुआ और उसके बाद अचानक से ये और आता है जि
08:06और डीजी होम गाड को एडिशनल चार्ज के तहए डिली का पुलिस कमिशनर का चार्ज दिया गया था और अब जब डिली के मुख्यमंत्री पर जिस तरीके से हमला हुआ उसके बाद अब पूरन काल पुलिस कमिशनर भी डिली को मिल चुके है सतीज गोलचा अब डिली के �
08:36जिसके लिए सांसदों को दिल्ली भेजा जाता है बड़ी-बड़ी चुनाव की गोश्टाएं करके साथ-साथ चरण में चुनाव प्रचार करके करोडों रुपे चुनाव प्रचार में खर्च करने के बाद जब सांसद दिल्ली में पहुंचते हैं तो उसके बाद दिल्ली क
09:06इस पर करेंगे क्योंकि आज आखिरकार इन्होंने जाकर पर्लमेंट के अंदर प्रदर्शन किया और कहा कि पक्ष्च और विपक्ष्च दोनों मिलकर सदन को चलने नहीं दे रहे हैं और इसके वज़े से सांसदों को जो भत्ता मिलता है वो उन्हें नहीं लेना चाहिए इस �
09:36उनसे भी सवाल पूछी जाएंगे, मालूक नगर पूर्व सांसद है और राश्टी लोगदल के प्रवक्ता वो भी इस चर्चा में शामिल होंगे, अशुतोष हमारे पॉलिटिकल अनेलिस्ट भी इस चर्चा में शामिल होंगे, लंबे समय से अशुतोष ने पार्लमेंट का
10:06सब लोग अपनी अपनी बात रखेंगे और दूसरे को भी अपनी बात करने देंगे, इस उमीद के साथ इस चर्चा को में शुरू करना चाहता हूँ, तीन सवाल हमारे इस चर्चा में होंगे और इन तीन सवालों के आधार पर ही हमारी इस चर्चा को हम शुरुआत करेंग
10:36चलने नहीं दिया, अपना मुद्दा उन्होंने वहाँ पर करके दिखाया, लेकिन काम नहीं हो पाया, कई बिल पास किये गए बिना चर्चा के, दूसरा सवाल, क्या मौनसून सत्र में दो तिहाई कम काम होने के पीछे, पक्ष और विपक्ष दोनों जिम्मेदार है, उमेश �
11:06और कुल मिलाकर 4,000 करोर से जादा 780 सांसदों को दिये जाते हैं, एक मेना जब ये सेशन चलता है, तब उनको दिया जाता है, लेकिन क्या ये बेतन और भत्ते की कटोती की मांग जायज है, जो उमेश पटेल इस वक्त कर रहे हैं, हमारे साथ तमाम महमान जुड़ चुके ह
11:36पर एक बड़ा सा बैनर लेकर आप पहुंच गए वहाँ पर, और आपकी मांग थी कि चर्चा नहीं हो पाई, सत्ता धारी पार्टी भी उसके लिए जिम्मेदार है, और विपक्ष भी उसके लिए जिम्मेदार है, उमिश पटे
11:45सर एक्च्छुन में, सत्ता पक्ष और विपक्ष का दोरों की जिम्मेदारी थी, सत्ता पक्ष का काम था कि सदन चलाह और विपक्ष का काम था सदन शुन दूप से चलाने में सहुख करें
12:03मगर डे फस्स से अपने मौनसुन सत्रव में देखा होगा तो आपने एक चीश बिलकुल नौट की होगी कि काफी बार सदन शिरीफ एक-एक मिनिट या पाच-पाच मिनिट के अंदर ही उठ गया और आज की बात कर रहा हो आज तो 35 सेकंड में ही सदन उठ गया इससे सरकार की
12:33पाउग अगस्थ को सुप्रीम कोट का वर्डिट आया और वो जो मुख्य मांगे थी कैसे काटे थे उसकी वह बहुद भी बोक्ते ता और साथ में अधरकार्ट का जो मुद्दा था वो भी उन्होंने कर दिया तो फिर विपक्स भी उस मुद्दे को लेकर फिर से अड़क �
13:03ना विपक्स उसको चलने देना चाहता है और इस सेसर में आपने देखा होगा 14 जितने महत्वपुण मिला है उस पर आप देखेंगे तो नेशनल स्पॉस गवर्नेंस बिल था इंकम टेक्स का नियू इंकम टेक्स बिल था और साथ में ऑनलाइन गैमिंग जैसे महत्वपुण
13:34आपकी हावज आघाए है हालो सर मैं यह कह रह था भूल कि आप देखेंगे तो आपने पूरा सेशन देखा होगा तो सत्ता होग अध cani और विपक्स
13:48पूरा अपना ego class किया और उपनी ego को certified करने के लिए उन्होंने पूरा
13:53session हंगामे की बेट चड़ा दिया आपने देखा होगा तो काफी बार पूरे
13:59session में पांच मिनिट तक session नहीं चला और session उठ गया आज भी आपने
14:03देखा होगा तो स्रीफ और स्रीफ 35 सेकंड मिनिट भी नी 35 सेकंड session चला इससे सरकार की
14:10मंसा जाहिर होती है कि वो session कितना चलाना चाहते है और उनकी मंसा होती तो
14:15session चला थे और आप विपक्ष को देखिए विपक्ष स्रीफ हंगामा करता रहा पहले दिन
14:20से सायर को लेकर जब 14 अगस्ट को सुप्रीम कोट का वर्डिट आया टेसेट लाख वॉटर्स को काटे गए नामों को उन्होंने पोर्टल पर चड़ाने की बार्टिल कह रहे हैं कि विपक्ष विपक्ष बीजेपी वर्सेस कॉम्रेस इनकी की कहीना कहीन लड़ाई यहां प
14:50एंटी डोपिंग बिल पास किया गया इंकम इंक्म टैक्स ऑ का
14:59माहिन से लिए और ऑनलाइन गेमिंग का पशव्य अया पर आप बिसका जिकर करें यह पर जिसका व्मेश में आप से एक बात चीछ जानी hacia
15:06तीन हफ्ते ये सेशन चला आप जड़ा मुझे हफ्ते बर में बता दीजेगा हर हफ्ते में किसके वज़े से सेशन नहीं चल पाया है पहले हफ्ते में दूसरे हफ्ते में और तीसरे हफ्ते
15:14सर मैं आपको वापस बुढ रहा हूं दोनों दोनों ही पक्सों की वज़े से ही सेशन नहीं चला मुझे फर्स डे से ऐसा नग रहा है कि सत्ता पक्स चलना नहीं चाहता था और विपक्स चलने नहीं देना चाहता था
15:31अगर ऐसा होता तो मध्य में कोई रास्ता निकाला जा सकता था इनको बिच में बेठा कर भी बाते हो सकती थी मगर बिल्कुल भी ऐसे कोई प्रयास नहीं हुए और मैं दुख के साथ कहता हूँ कि यह हमारे जो भी सदस्य है उन्होंने भी स्पीकर से मुलाकात करके सदन को च
16:01मैं तो कहता हूँ के लोग तंत्रक के पावन मंदिर में उनकी आसा और अपक्साओं का खून हुआ है और उसके लिए जिम्मेवार दोनों ही दल है सर और उसमें हमारे जैसे लोग भी है जिन्होंने भी सदन चलाने के लिए स्पीकर को मुलाकात करके उनसे बात करनी चाहे �
16:31पर उसके बाद मैंने अकेला हूँ तो साइद हुआ होगा फिर मैंने चार पास संसदों से भी बात की कि चलो आप सब मिलकर हम जाते हैं और मिला जी से रिक्ट्वेस्ट करते हैं कि हम चाहते हैं कि संसद चले क्योंकि सर आपको पता हो तो जब 15 दिन हुए थे 10-12 दिन तब
17:01मांग की थी कि भई जो लोगों की हार्ट कोर मनी है उसकी बरबादी क्यों रोको और सदन चलाओ सदन चलाओ सत्ता पक्स विपक्स होस में आओ यह मैंने 10-15 दिन जब सदन चलते ही जब वास आउट होने लगा ऑप्रेशन सिंदूर के बाद कोई चर्चा नहीं हुई तो भ
17:31मुझे पता है कि निर्दल ये सांसत को बोलने के लिए बहुत ही कम वक्त मिलता है और कई ऐसे मुद्धे हैं जिस पर आपको बोलने का मौका चाहिए होता है चलिए आज प्रोग्राम में मैं आपको बोलने का मौका देता हूँ और सवाल भी पूछने का मौका देता हूँ ह
18:01करिए एक सवाल उन्हें एक सवाल उसके बाद हम सुरेंड राजपूत को भी पूछेंगे उमज भाई आप पूछ सकते हैं सवाल
18:08कि सर में मैं पहले सत्तापक्स को ही यह पूछना चाहता हूं कि जब आपने पूरे सैसन में दो मिनिट में एक मिनिट में और
18:1827 सेकर्ड सदन उठा दिया हैं तो उस से सरकार की मन्सख क्या थी कि क्या सदन चलाना नहीं चाहती थी
18:27तो सेसन चलाने के लिए कोई बीच का रास्ता नहीं दूंडा जा सकता था
18:31जो सांसद मौद हैं माननी सांसद हैं मैं उनकी वावना का सम्मान करता हुए अपनी बात रखता हुए उद में पूछा कि के डेड़ मिनट एक मिनट आदा सकेंड ऐसे कैसे उठाए आखरी स्पीकर के पास रास्ता क्या है
18:50क्या सदन के बेल में हंगा में हो रहे हो पेपर फाड़ के फेके जा रहे हो बिल फेके जा रहे हो सदन के उपर आप बेल में जो है उसके टेबल पे चड़ जा रहे हो इस पीकर के अगल बगल पेपर लहरा रहे हो तो क्या करें इस पीकर ऐसी अभधरता जहां विपक्ष कर र
19:20शदर के उपर पुस्तके फेक के बारा या नहीं मारा है उस दिर उमेज जी आप कहा थे जब सब के स्पीकर के उपर रूल बूप फेक के बारा जाता है जब टेबल पे चड़के नाचा जाता है वो डांस करने की जगह है शड़क है इसी दिसंबर मैने में 147 को सब्सक्राइ�
19:50सुन लिजे सर वो भी तो एक मर्यादा भंग होने के पर ही किया गया था ना सांती से बैठके कोई चर्चा के लिए तो नहीं किया गया था जब आप मर्यादा भंग करेंगे और किसी कीमत पर आज एक मेहना संसत समात हो गया एक दिन डिसकसर नहीं हो पाया मैं दो बात मातर
20:20ने दिया कि हम जो है जो आप से चर्चा करने को तैयार है 16 गंटा इतना इतना चलिए ठीक तैभ हो गया दूसरे दिन सुबह आप कहां से
20:29एस आई यार ले आए आप उस दिन जो बाते हुई आपकी उसके बार दूसरे ही दिन सुबह फिर आप बेनर तक्ति लेकर खड़े होगे आप रेशन सिंदूर की चर्चा की पाती नहीं होने थी फिर इसके बाद किसी तरफ पर पहले आप से जो सवाल पूछा उमेश भाई न
20:59जूठा तक्रार सव्धानिक सरुस्थाओं का भाईजकार और उसका तिरस्कार यही केवल भी पक्ष करेगा
21:06साहिल जी मेरी आवाज आरी है लेकिन मेरी आवाज आपको पहुंच रही है क्योंकि मैंने आपसे पूछा कि उमेश भाई पतेल ने आपसे यह सवाल पूछने की कोशिस कर रहे थे
21:22कि सरकार की भी मनशा नहीं थी चलाने की अगर सरकार चाहती तो
21:26discussion हो सकता था ये भी वो कहने की कोशिश कर रहे है तो क्यों
21:29नहीं होने गया ये आप से पूछ रहे हैं साहिल जी संसद में हर
21:35चीजों पर एक नियम है कानून है प्रक्रिया संसद में संसदी
21:40मंत्री के माध्यम से संपर्क भी होता है बात्चित भी होती है लेकिन
21:44अदी बिपाची इस केवल बुद्धे उस पर आ जाए कि नहीं साहाब हम तो नहीं
21:49हिलेंगे हम तो जो भी है सदन के बाहर जो है ऐसा बैवार करेंगे अंदर केवल
21:55करना केवल हल्ला करना तो बात केसे हो बात करने के लिए आप पहली बार तो हो नहीं रहा है कि आप एक वेड़ सुनिए राफेल से लेकर आप चालू किजिए हिद्ननबर का मसला हो पैगासिस का मसला हो जित्रे भी है विपक्स विदेश में ख़ब चप जा रही है पूरा संस
22:25रहे हम बहुत बड़ा परसेप्शन अरे आप परसेप्शन नहीं बना रहे हो जब से मुदी इस परसानी पर सदन के अंदर आया हुआ है तब से लेकर अब तक जो सदन की कारवाईया हुई है वो जड़ा एक बार हम ग्राफिक्स पे दिखाना चाहते ज़रा वो देख लि�
22:55मैं मैंने दोनों से दोनों पुष्णा है हाँ सर मैं एक चुन में मुनको पुष्णा चाहता था कि आज 35 सेकंड का ही सेशन चला तो उस पर कौन से कार्यवाई होती और अब मैं विपक्स से यह पुष्णा चाहता हूं कि आप एक मुद्दे ऐसायर लेकर चल रहे थे
23:12जब 14 अगस को सुप्रीम कौट का भी वर्डिट आ गया फिर यह आप लोग माने नहीं और उसमें आप दूसरा कौन सा मुद्दा ढूंड रहे थे कि आप लोगों ने आपने बिलकुल भी स्रयोग नहीं दिया आप वापस वैल में आ गए और सेदन जैसे चलाना ही नहीं है
23:42को लग चुके थे तो ऐसे माहौल में आप सदन ना चला चलने देने का कारण क्या था वो मैं समझ नहीं पाया वो मैं जानना चाहूंगा कि जब 14 तारिक को सुप्रीम कौट का वर्डिट के बाद ये शिकायत पिछली बार सभाजवादी पार्टी ने भी की थी कि सिर्फ अ
24:12धन्यवाद देता हूं कि कम से कम लोग तद्र के मंदिर में कोई तो ऐसा रखवाला है जो पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों की मात रख रहा है हम एक बात को शुरू करने से पहले इतना कह दूमेश भाई कि दोनों ही पक्ष आये हैं तैयारियों के साथ हम गर्दनों के साथ
24:42और लोग तंत्र में सदन में बहुमत से सरकार बनती है लेकिन सरुमत से सरकार चलती इस बात को तो अमेश भाई आप भी मानेंगे
24:59तो जब हम अपनी बात रखते हैं हम कहते हैं SIR पर चर्चा हो आप SIR पर चर्चा नहीं करते हैं आप हम कहते हैं ओपरिशन सिंदूर पर तुरंत चर्चा हो आप तीन दिर लगाने के बात कहते हैं कि हम अप चर्चा करेंगे और फिर कहते हैं प्रधान मंत्री जबाब नहीं �
25:29किसके ट्वीट से आपने सीजफायर किया जब हमारी सेनाय प्योके को लेने के लिए खड़ी हुई थी जब हम सवाल करते हैं कि उन 2726 हमारे शहीदों का नाम प्रेंका गांधी लेती हैं तब आप कहते हो कि नहीं सदन में भ्रामत जानकारियां हो रही हैं जब हम बात करते हैं
25:59कि हमें कोई आपती नहीं है हम खुश हैं इस बात से लेकिन हमारी अधूरी जीत हुई अधूरी जीत को अगर पूर रूप से हम SIR पर बात करना चाते हैं कि बिहार चुनाओं से दो महीने पहले ही आप SIR क्यों करना चाते हैं वोटों की चोरी क्यों करना चाते हैं वोट च
26:29इसको लेकर पूछना है उमेश पटे लिहाँ पर बार बार ये कहने की कोशिश कर रहे थे कि
26:33S.I.R. पर आपने S.I.R. के मुद्दे पर आपने कहा कि हम जब तक S.I.R. पर चर्चा नहीं होगी
26:38सदन की कारवाई चर्ने नहीं देंगे उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोट ने आपकी बात मानी और कहा कि
26:44पैसे टलाक लोगों के नाम डिकलियर करिये आपकी जीत हुई उसके बाद तो कम से कम सदन की कारवाई शुरू रखनी चाहिए थी लेकिन वो भी नहीं हो पाई
26:51है वो मुद्दा इस पर भी उठा रहे है कि आप से बिल्कुल मैं सहमतु में भाई की भावना थे मैं तो कह रहा हूं न लेकिन यह जिम्मेवारी किसकी है सदन चलाने की विपक्ष की जिम्मेवारी है सत्ता पक्ष की है स्टुप्रीम कोट ने मात्र दो चीजों पर हमारी �
27:21है जो महादे उठाव में एक लाग उसो पचास वोट फरजी या बोगस वोट है उस पर अगर हम चर्टा करना चानुराक था को छे कंस्ट्रेंसी में लाख वोट है वो मेरे मेरे नहीं भारती जंता पार्टी के नेता कह रहे हैं उस पर रखत्पूर जीब मेरे कहाल से आप
27:51पूछा है उमिजबगार ने शर्माजी आता हो आपके पास उमिजबगार आप मुझे बताइए कि आपके आपके मुताबिक कौन से ऐसे मुद्धें जिस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए तो नहीं यहां पाई इस पार कौन से ऐसे मुद्धें यह ज़ल्दी से बता दि�
28:21उसको धर्मवाना जाता है और खेल और खिलाडी दोनों के लिए यह बहुत ही महतोपुन बिल था उसके चर्चा होनी चाहिए थी साथ में न्यू इंकम टैक्स बिल था सर उसके चर्चा होनी चाहिए थी सर ऑनलाइन गैमिंग का गैमिलिंग का यह इतना बड़ा
28:40मैं तो कहता हूँ कि ऐसी स्थीती है उसके वज़े से लाखो करोड़ों युवाओं की जिद्धी बरबाद हो रही है लाखो करोड़ों लोग अपनी पूंजी बच्रिवी बच्रिवे हैं कि जो बिल पास हुए है उन बिलों पर कई सांसदों को अपना मत रखना था अपनी भ
29:10जल्दी से चर्मा जी देखें उमेज बाबु भाई जी ने बहुत अच्छी बाती हैं कि ऑनलाइन गेमिंग कि खेल से संबंदित जो है विधयक कराधान से संबंदित विधयक आप सरकार की नियत तो देखिए यदि हमारी नियत देश के खेल के विकास के लिए कर में आम ज
29:40यह आनलाइन गेमिंग कितना बड़ा युवाओं का हरास करने वाला मुदा हम ऐसे मुद्दों पर बिल लेकर आ रहे हम ऐसे मुद्दों को सदन से कानू पर चर्चा नहीं हो पाई यह हमारा नियत है तो चर्मा जी सबका भत्ता काट गेना चाहिए ना जो उमेज भाई बो
30:10पारिट ना कराना हो सदन में चर्चा करने की बात आती है ताप युद्द।
30:24हो जाए किसी भी हालत में इस के लिए साहल भाई किसकी नियस होना चाहिए
30:31हम तो बील लेकर आए और फिपक से जो है रोज बे नल पोस्टर लेके अहला कर रहा है बेल पे
30:36जो है धूम मंचा रहा है उस बात के लिए एच हुड़े इस के लिए खारें पहले परप
30:50करेंगे अलग से अज तो कम से कम पर चर्चा करते हैं सर आज तो कम से कम मुद्दे पर चर्चा करते हैं इस ले कि चर्चा करेंगे यह इसायार के वज़े
31:17इस लिए आशितोज जी बड़ी इंट्रेस्टिंग बात है कि सत्ता से विपक्ष और विपक्ष से सत्ता होने के बाद शब्द कैसे बदल जाते हैं मैं दो स्टेटमेंट्स आपके सांदेर रखना चाहता हूं शायद आपने पहले ही सुने होंगे आशितोज जी आपने पहले
31:47अगर आप सदन की कारवाई चलने नहीं देते हैं यानि प्रजात अंतर को नकारना है अगर सदन की कारवाई नहीं चलने दी जाते हैं यह स्टेटमेंट है प्रधान मंतरी मनमोन सिंग का आज की तारिक में यही स्टेटमेंट दो अलग-अलग लोग दे रहें यह तो आप म
32:17प्रधानमंत्री काल, HD देवेगोडा, IK गुजराल प्रधानमंत्री, अटल वियारी वाजपी, मनमोहन सिंग और अब नरेंदर मोदी, इतने प्रधानमंत्रियों का संसत काल मैंने देखा है और मैंने वो सारी चीजे देखी जब सत्तापक्ष बिपक्ष में होता है तो इसका
32:47पारा के आसपास, जिसको मैं कहता हूँ कि अरुन जेटली's rule of obstruction, एक बार नहीं, एक दिन अगर कोई बयान दे दे चलिए, मैं बात मान लेता हूँ, आपने जिस बयान का जिक्र किया, वो 30 जनवरी 2011 का बयान है, जब उन्होंने कहा, obstruction of parliament is in the favor of democracy, ये अरुन जेटली का बयान
33:172011 में ये मामला चल रहा था, विंटर सेशन में, आपको हैरान ही होगी जानकर, कि लोकसभा का पूरा कारिकाल सिर्फ 6% चला, राज्यसभा में तो वो भी नहीं चला, सिर्फ 2% चला, ये 2011 बारा की बात है, बाइस अगस्त 2012 को, बीजेपी की तरफ चाह गया, we are not interested in a debate, what is there to debate
33:47being held accountable, मैं इसमें न तो बीजेपी को दोशी मानता हूं न इसमें काउगरेस पार्टी को दोशी मानता, मेरा मानना ये कि संसत के दो महत्पूर्ण काम होते हैं, एक कानून बनाना और दूसरा सरकार को accountable ठहराना, और अगर कानून बनाने में अगर उसको लगता है कि कुछ ची
34:17करना, धरना प्रदर्शन करना और लोकतांत्रिक तरीके से लोकसभा और राजसभा दोनों में डिस्रप्शन करना, मैं इसको गलत नहीं मानता हूं, ना इसको अरुन जेटली गलत मानते थे, जो उमेश पटेल अभी कह रहे थे, आपने कहा है, सही कहा है, आपने 30 साल का आ�
34:47मैंने इगो बैटल तो अटल व्यारी वाजप्यों सोनिया गांधी के बीच पे भी देखिए, तो इसलिए, लेकिन और यह मैंने इगो बैटल लालकिस अडवानी और नरसे माराओ के बीच भी देखिए, होता क्या था कि वहाँ संसत के अंदर तो एक दूसरे पर तीका टि�
35:17गांधी सो प्राइम मिनिस्टर तो उनको पता थी और उन्होंने इस्पेशली अटल व्यारी वाजपई के युनाइटेड नेशन्स के डेलिगेशन का मेंबर बनाया यह पारलमेंट के बाहर निकल कर एक दूसरे से बाचीट का एक मौका जारी रहता था पक्ष और विपक्
35:47और विपक्ष के बीच में सव्वात पूरी तरीके से तूट चुका है किसी तरीके से बाच्चित नहीं होती है और इसलिए जो उमेश पटेल आज फेस कर रहे है वो आज फेस करना पड़ रहा है कई सारे सांसदों को और पूरी जंता को कि पारलमेंट पे कामी नहीं चल प
36:17पंचाता दक्स का अनुभाव प्रदेश में विधायक का अनुभाव देश में सांसद का अनुभाव और सत्रवी लोग सभा में 864 मुद्दे उठाने के बाद सबसे बड़ा रिकॉर्ड मेरे नाम है देश की जंता 18-20 लाख लोग सांसदों को चुनके भेजतें जाओ हमने
36:47अनुभाव देश का हनन होता है अगर आप मुझे इंडिपेंडन्ट की तरह बात कर रहे हैं तो हम लोग कहते हैं विपक्स नीचलने देता एंडिये विपक्स कहता है एंडिये नीचलने देता तो एक बात जरूर है अगर एलोपी है देश का सम्मेधानिक पद है माननिया �
37:17दूसरा इतने महत्पूर मुद्दे होते हैं गरीबों के किसानों के होना चाहिए पक्स और विपक्स के बीच पे सब्वाद खटम हो चुका है क्या सवाल यह सुनो अरे बैया सुनो सब्वाद होना चीए अचाय पार्टी में भी कोई नहीं गया अब सरकार की चाय भी वि�
37:47यह चाय पे भी नहीं जाते यह पिछले दो महीने से जब पाकिस्तान हिंदुस्तान का यूद चल रहा था पर सब्सक्राइब बुलाओ सब्सक्राइब लिया चर्चा होनी थी आदा घंटे तक इनोंने पृधान मंत्री बहुते को त्यार है आदा घंटे तक सब्सक्राइ�
38:17फूरिष्ब भाई की मजबूरी एकी उंगली है हमारी तरा म दिख़ाएंगे मलूक बाई कोई बात नहीं कलाप हमारी तरफ आएं गेक तो उनकी तरफ दिखाईएगा
38:25मेरी आवाज कटब खत्म हो गई थी मेरा 16 है मिलुकर तूदा सब और भाइब साहिल घुल
38:35दारो इस बारो निर्गि मिलुक भाई की बात जबाब देता और दो एक हम अब अब बस वů
38:47बलुक हो गया हो गया सुरैं राजपोर इस ग्माहिभी यह यह सत्र है
38:52जो है न मैं आपको मैं उमेश भाई को भी बताना चाहरा हूं उमेश भाई ये सत्र बहुत एतिहासिक ये सत्र याद किया जाएगा सदियों तब ये सत्र इसलिए याद किया जाएगा कि किस तरीके से उपरास्ट पती पद की गरिमा को खत्म करके उनको इस्तिफा देने के ल
39:22रहे थे कि nothing is going on the record जबकि जो चीज सभापती को कहने चीए थी वह बीजेपी बता रही थी इसके लिए भी सत्र याद किया जाएगा यह सत्र इसके लिए भी याद किया जाएगा कि किस तरीके से नरेंद्र
39:34मोदी जी डर करके ट्रंप का नाम लेने से डरे इसी उसमें यह सत्र इसके लिए भी याद किया जाएगा कि ऑपरेशन सिंदूर में सैनुकों का सौर या साहस की भूरी भूरी प्रसंसा हुई लेकिन रणनेतिक और राजनेतिक नेत्रतु की कमजोरी ने हमें पीयो के नहीं ल
40:04वावाज कि यह देखें गी मलूप नगर जी एक सब्सक्राइब जरा प्ली जरा शान करें लोंगे प्रतान मंतरी मन्मोंषन सिंग सदन में डिस्रप्शन करना यानि प्रजाथ नकारीं
40:33प्रधान मंत्री मनमोहन सिंग का बैानकि याद करना चाहिए और हमने वो भी पढ़ा
40:53कि हमने सड़क को ही संसद बना निया
40:59कि इस सत्र और इंकम टैक्स आमेंड्मेंट्स बिल बिना किसी चर्चा के पारित किया गया.
41:15एंटी डोपिंग का बिल बिना किसी चर्चा के पारित किया गया
41:18ओनलाइन गेमिंग का एक्ट बिना किसी चर्चा के पारित किया गया
41:22मर्चंड शिपिंग बिल बिना किसी चर्चा के पारित किया गया
41:25इसके लिए याद किया जाएगा और यह जिम्मेवारी सरकार की है बिल्कुल याद किया जाएगा और हम बिल्कुल उमेश भाई से सहमत है मैं उमेश भाई को सेल्यूट करता हूँ
41:38उमेश भाई को सेल्यूट है कि कंसे कम इनोंने ये बात उठाई इस इन बिलों पर चर्चा होनी चाहिए और ये बिल अगर इस सत्र में नहीं चर्चा हो सकते है तो अगले सत्र में तो नहीं सरकार लाना चाहती है चर्चा पर
41:50क्यों सरकार अपनी चर्चा से भागती है क्यों चोरी की सरकार चोरी से मिलों को बात करना चाले है जो देश पर जो जन हित में हो
41:59मालूक नगर जी जल्दी से बोली है अब क्या सवाल उटा रहे थे उसके पाद शर्मा जी बात करेंगे
42:04मलूक नगर की फोटो अरे साहिल भाई जो सबसे ज्यादा और सबसे ज्यादा रिकॉर्ड मेरे नाम ऐसे सांसद सत्रवी लोग सबाब है
42:22अगर इनकी हिम्मत है हैसियत है होसला हो यह बंदर की तरीके से नाचने की बात करते हैं नरेंद्र बोधी के साहब
42:37सत्ता की चाटूकारता नहीं चलेगी मलूक नगर याद रखना अगर एलोपी पर सवाल उठा रहे हैं
42:50के नाच ले दिया की अगरूगररता नाच ले दिक रहा हूँ है जड़огराता नास ले दिकाएš
43:11भात रहे को से आधिया वह दा ले और यहां आपको संसत की आद आ गही होगी अब तक इसी वज़े से सदन में भी बिक रावाई नहीं चल पा रहे ती
43:19आपको भी संसत की आद आगई होगी एक बार फिर बें आपके पास आ ना चाहता हूं कि आपके बड़ा एहम उठाये हुआ है शर्मा जी आपके पास भी आना है मुझे एक सवाल आप
43:30आपने यहाँ पर उठाय हुआ है कि एक मिनिट की कार्यवाही पर
43:33ढाई लाकर्वर्चा होता है एक दिन की कार्वाही पर आभी
43:37खर्चष 9 करोडी रूपे का होता है 21 बैठकों का खर्च 190
43:41रूपय का होता है और देनन दिन भत्ता जो दिया जाता है
43:44पचीस सो रुपे का 4,95 करोड आपने मांग की है कि वो बत्ता काट देना चाहिए यह सच कुछ में आपकी मांग है आपको लगता है कि यह काट देना चाहिए बत्ता ही नहीं
43:53बिल्कुर सर और मैं ये बत्ता ही नहीं कह रहा हूं सर बत्ता तो काटी देना चाहिए और दूसरा खर्चा सदन चलाने के लिए जो भी खर्चा है वो भी सांसो दोकी सेलेरी से काटा जाना चाहिए
44:07और उनसे ही भरपाई कराई今 चाहिए जब सदम चला ही नहीं तो जनता की हार्ड कोर मुनी का उप्योग क्यों किया जाये
44:16सदम का जो खर्चा है वो सदन न चले तो FMP Sup vale गया जाना चाहिए बथ्थे के साथ
44:26भड़्य लिए ऌ
44:31सदन का अन्या खर्चा होता है से
44:36को Peng उस्ट करना चाहिए शर्मा तो यहां
44:43पर की जारी है किया आपको लगता है अप आप सही मांगता है
44:47इस मांको वमेष्ट पटेल मांग कर रहे हैं लेकिन
44:56कि अभी आसटोज जी ने दो बात करें कि कटूता का इस तर तो मैं मैं इतना कहना चाल रहाँ कटूता का इस्तर यह है कि इस पीकर चाय पे बुलाते हैं विपक्ष को और विपक्ष के नेता उसे बहिसकार कर देते हैं
45:12कटुता का इस्तर ये है कि 15 अगस्त में को विपक्ष जो है राश्टी आउसर पर पार्टिप्सिपेट नहीं करता है इसको भी आप एक तरह का भाहिस्कार ही समझ सकते हैं देश का सतंतिता दिवस है ना इनके अध्यक्ष नराउर गांदी दोनों नहीं गए पहुचे इसके
45:42इसतर ये है इनका की मेरा सब्त ही मेरा सपत है जब इस तरह की ताना साही मान सिकता राहूल गाती की है तो इससे वह है इससे समझ सकते है कि वह प्यक्ति लोक कंत्रा अंतिक मुल्यों पर कितना भी स्वासर अगा अब एक सिर्ण राजपूर्ट पीस सेकर में आपका जवा�
46:12मिल्ली कारजुन घर गय ने देश के लोगतांटर को देश के संभीधान को बचाने के लिए बो गयादाओं की
46:19बेक्षानन पार किछ बेचाने के लिए राहूल गादी जी और वो कि प्रेफा कैनल के वाखता
46:27के लोग सिरा के यॉज नहीं को चौटिर उम्मे आपको शर趣
46:42बाइक बार कोई सांसद ये बांग कर रहा है कि हम हमारा काम नहीं कर रहे हमारे भत्ते को काट डीजिए हमें जो पैसा मिलता है उसमें से काट कर सदन के पैसे वसू ले जाये
46:51कि आम आध्वी पाटी की एक जमाने में यही मांग हुआ कर ती जो राम लिला मैदान पर पूरा अंडोलन किया गया था
46:57हुआ कि स्थर मैं आपको बता था आप प्सक्तर ज्ल county यह वैंकै अपको बताता हूं कर्ड़ता कस्तर यह
47:08तुर्ट को मां की गाली देना तुर्ट को सब्सक्राइब लेकिन नहीं अखुतो ने आपने बड़ा प्रस्ताव रखा लेकिन बढ़ता रहे कि कोई इस प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार है लेकिन मैं जरूर इस बात की तारीफ करना चाहता हूं कि कम
47:37से कम एक सांसत से इस तरीके का प्रस्ताव आ पाया है क्योंकि इससे पहले राम लिला मैदान पर सदन की कारवाही पर या किसी भी तरीके से नेताओं की कारेवाही पर अंकुष रखने के लिए लोगपाल की मांग बार-बार की जा रहे थी लेकिन आज की स्थिति ऐसी है कि स�
48:07इसके आगे ये चीजें नहो इसके लिए आपको क्या लगता है कि क्या होना चाहिए जल्दी से वमेज भाई
48:11सर इसमें ऐसा ही होना चाहिए कि विपक्स और सत्ता पक्स को अपनी जिम्मेवारी का निर्वान करना होगा और उन्होंने अपनी पार्टी के जो बेश्ट संसद रहे आज तक के वह इंदीरा जी हो या राजीव जी हो अटल जी हो
48:27अगला सेशन जो दिसंबर में होगा नवेंबर में होगा विंटर सेशन होगा वहाँ पर तो कम से कम कामकाज हमें देखने मिल पाएगा
Comments

Recommended