00:00मेरे प्यारे देश वाचियों, आज हम सब अस्षीवा पतंत्रता दिवस मना रहे हैं, आज हर दिलों की धरकन बंदे मात्रम
00:26के नाच से गूंज रही,
00:30आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है, और देश उत्साव रुमंग के साथ नए संकल्पों को ले करके
00:49आज आगे बढ़ रहा है,
00:56आप सब को पतंत्रता दिवस की बहुत बहुत शुब काम रहे हैं,
01:12देश आज उन महान सपूता का पुन्डे स्मरन करती हैं,
01:19जिन्हों ने देश की आज हर्दी के लिए त्याग बलिदान की पराकाश्ठा दिए,
01:36अपने तव त्याग और बलिदान से आज हर्दी के एक मात्र लक्ष को ले करके अपनी पूरी जिंदगी खपा दिए,
01:51पुझ्य बापू समेच सभी स्वातंत्र से नानियों को बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं स्रद्धा
02:11पुर्वक नमन करता हूं।
02:19आज जो इस स्थमारों में उपस्तिध है, उन सब के लिए आज एक अइतिहासिक पल भी है।
02:32आज हर्दी के बाद 15 अगस्तों लाल किले पर पहली बार वंदे मात्रम कुंज रहा है।
02:52आज जब हम देश के लोग बंदे मात्रम के 150 वर्थ मना रहे हैं।
03:01तो इससे बड़ा उत्तम अउसर क्या हो सकता है।
03:07मेरे प्यारे देश वासियों, पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाड का प्रकोप रहा, भुस्खलन का प्रकोप रहा, अनेक
03:25परिवार प्रभावित हुए।
03:30उनके दूख दर्द को हम भली भाती अनुभव करते हैं।
03:39पिडित परिवारों को मैं विश्वा दिलाता हूं कि हम और पुरा देश उनके साथ खड़े हैं।
03:51मेरे प्यारे देश वातियों कोई भी राश तब महान बनता है।
04:04तब अपनी सिध्यों को प्राप्त करता है।
04:09जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ के दम पर आगे बढ़ता है।
04:25मेरे देश वातियों, अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है।
04:34हमें बड़े सपने, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं।
04:47हमारी सोच की खिजीज को विस्तुत करते हैं।
04:53हमारे संकल्प द्रड़ होने चाहिए।
04:58जब संकल्प द्रड़ होता है, तो कठिनाईयों से, आपदाओं के बीच से, रास्ते निकालने का, सामर्थ अपने आप उभर करके
05:13आता है।
05:15और मेरे प्यारे देश वातियों, हमारे संकल्प भी उँचे होने चाहिए।
05:23क्योंकि जब सपने उँचे होते हैं, संकल्प उँचे होते हैं, तो हमारे सामर्थ की उँचाई भी बढ़ती हैं।
05:34हमारे प्रयासों की उँचाई भी बढ़ती हैं।
05:38और तब जाकरके हम सपनों को साकार कर सकते हैं।
05:45मेरे प्यारे देश वातियों, आज भारत में भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है।
05:57त्रड़ संकल्प के साथ देखा है।
06:03नई उँचाईयों को छूने के लिए देखा है।
06:07और वो सपना है, जब आज हादी के सो साल होंगे।
06:142047 में हम विख्षित भारत बना के रहेंगे।
06:23140 करोर देश वातियों के पुर्शारते इस लक्ष को हमें हासिल करना है।
06:33और जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विख्षित होने का संकल्प लेता है।
06:43तो ये दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है।
06:51दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के ये मजबूर हो जाती है।
06:58प्यारी देशवातियों।
07:02और मैं ऐसे ही नहीं कह रहाँ।
07:05पिछले 12 वर्ष में देश के कोटी कोटी नागरी कौनें तली फोटी फोटी संुटी हो आदि वाति हो।
07:17भाष को कि मेरे रहने वाला हो शैर नखाद मेर रहने वाला हो
07:22गरीब हो
07:24मदंबरता हो
07:25युवा हो बुजुरुग हो
07:27नारी हो पुरुश हो
07:28उत्तर हो दक्षिन हो
07:30पुरह हो पस्टिम हो
07:31हर किसी ने
07:34पिछले बारा साल मैं
07:37एक संकल्प के साथ
07:39समर्पन के साथ
07:42देश को नई उचाईयो पर ले जाने में
07:45हर प्रकार से प्रयास किया है
07:47मैं उनके इस प्रयासों का
07:50आदर पुरह
07:51प्रिकार करता है
07:53और उसी का प्रणाव है
07:56कि इतने कम सबय में
07:59पचीस करोर देश वासी
08:03गरीबी को प्रास करके
08:06गरीबी से बाहर निकले है
08:11इनी देशवासियों का प्रयास का प्रणाम है कि हम कभी फ्रजाई स्वाई में गिरे जाते थे
08:21बारा साल के भीतर भीतर हम एक मेजर इकनामी में फास्टेस गोईंग इकनामी बन गए है
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