EGYPT में मिली महादेव की तीसरी आँख ! Connection between The Eye of Horus & Shiva’s Third Eye | SHOCKING Connection Between Shiva’s Third Eye & Egyptian Eye of Horus! 😱 | Mystery of Third Eye | what is third eye according to scientist | Pineal gland mystery related to third eye | Power of third eye | Ancient Pineal Gland Secret | 2024 Discovery | Mahadev secrets | Mystery Revealed |
Unlock the FORBIDDEN KNOWLEDGE that connects Lord Shiva’s Third Eye to Egypt’s Eye of Horus! In this mind-blowing video, we reveal:
🔍 2024 Archaeological Bombshell: ✔️ Shiva-Like Carvings in Egypt? Mysterious 5000-year-old statues with third eye markings found near Edfu Temple – proof of ancient cross-cultural worship! ✔️ Eye of Horus Blueprint: How its mathematical proportions (63/64) mirror the pineal gland’s structure in the human brain!
⚛️ Science Meets Spirituality: ✔️ Pineal Gland = Biological Third Eye? NASA studies confirm this rice-sized gland produces DMT (spirit molecule) and regulates consciousness! ✔️ Third Eye Activation: How Tantric meditation and Egyptian rituals used sound/frequency to awaken it!
🌌 Shiva-Horus Cosmic Link: ✔️ Horus: Symbolized healing, power & protection (RA connection) ✔️ Shiva: Destroyer of illusion (Adiyogi) BOTH represent inner vision beyond physical sight!
00:00क्या भगवान शिव के तीसरी आंख सिर्फ विनाश का प्रतीक है या ज्यान का भंडार।
00:06आखिर किस तरह से गौतम बुद्ध के मस्तक के केंद्र बिंदू से लेकर एजिप्ट की आई ओफ होरस तक भगवान शिव के त्रिनेत्र से जुड़े हैं।
00:17और क्या आप ही भगवान शिव जैसा त्रिनेत्र हासिल कर सकते हैं।
00:47इसरे नेत्र के रहस्य को सुलजाने में लगे हैं। उन्होंने कई ऐसे रहस्य ढून निकाले हैं जो आपके भी होश उडा देंगे।
00:552013 यूरोप में स्टोन एज पेंटिंग्स का एक ऐसा समू मिला जिसमें तीसरी आख को साफ साफ देखा जा सकता है।
01:05लेकिन सवाल ये है कि उस समय के लोगों ने आकर किसको देखकर ऐसी चित्रकला बनाई होगी।
01:11क्या वो सब भगवान शिफ को पहले से ही पहचानते थे।
01:15खेर ये आज भी एक रहस्य है लेकिन बात यहीं खत नहीं होती।
01:20Egyptian mythology में third eye से जुड़े ऐसे रहस्य चुपे हैं जो यकीनन आपके होश उड़ा देंगे।
01:28The third eye connection between Egyptians and Hinduism
01:33Egypt में third eye को the eye of Horus कहा जाता है और ये प्राचीन मिस्त्र के आकाश देवता थे।
01:40जिन्हें आमत्वर पर एक बाज के रूप में देखा गया है और बताया क्या है।
01:45जैसे भगवान शिव की दोनों आखे सूर्य और चंद्रमा का प्रतीक है।
01:49ठीक उसी तरह होरस की आखे भी सूर्य और चंद्रमा का प्रतीक मानी गई है।
01:55होरस की आँख, सुरक्षा, स्वास्त्या और पुनर स्थापना का केंद्र माने जाती है। ये होरस देवता की उस कहानी से भी जुड़ी है जिसमें उन्होंने अपने पिता ओसीरस को पुनर जीवित करने के लिए अपनी आख का इस्तमाल किया था।
02:11वहीं बौत धर में भी इस तीसरी आख की सहायता से गौतम बुद्ध ने मोक्ष और ज्ञान की प्राप्ति की थी। आप उनकी हर तस्वीर में बिंदी की तरह दिखने वाली तीसरी आख को साफ तोर पर देख सकते हैं।
02:24थर्ड आई ओफ लौट शिवार वहीं अगर सनातन धर्म की दिश्टी से देखा जाए तो शिव की तीसरी आख उनके माथे के बिलकुल केंद्र में हैं।
02:54तब ही कहा जाता है। उन्हें अक्सर त्रयंबक देव के रूप में जाना जाता है जिसका अर्थ है तीन आखो वाला भगवान।
03:02उनकी दाहिनी आख को सूर्या और बाई आख को चंद्रमा कहा जाता है। जबकि अगनी उनकी तीसरी आख है।
03:10सराता धर्म के नजरिये से उनकी दोनों आखें बहुत इक दुनिया में उनकी गती विधी को संचालित करती है।
03:16वही उनकी तीसरी आख संसार के परे भी देख सकती है।
03:20पावर्स ओफ थर्ड आए। हमारे वेदों के अनुसार ये नेत्र उस जगह पर मौजूद है जहां मानव शरीर में आग्या चक्र नामक एक महत्वकून चक्र होता है।
03:32आग्या चक्र का अर्थ है हमारे शरीर में सकरात्मक उर्जा की शक्ति और इस चक्र को जाग्रत करने का अर्थ है मानव शरीर में संपून अध्यात्निक उर्जा का ऐसा फ्लो उत्पन करना जिससे एक साधारन मनुश्य को देवताओं जैसी शक्तियां प्राप्त हो जाती ह
04:02सुर्जा के जरिये व्यक्ति भ्रह्मान में सभी कुछ आसानी से देख सकता है।
04:08अगर इसे मेडिकल साइंस की दृष्टी से समझें तो आप पाएंगे कि मस्तिक्ष के दो भागों के बीच में एक पीनियल ग्लेंड होता है।
04:21यह सोने और जागने का ऐसा चक्र है जो लगभग हर 24 घंटे और मोड पर रहता है।
04:28इसका काम है एक हार्मोन को छोड़ना जिसे मेलाटोनिन हार्मोन कहते हैं जो आपकी नींद को नियंतरित करने में मदद करता है।
04:37वहीं जर्मन साइंटिस्ट का ऐसा मानना है कि इस पीनियल ग्लेंड के द्वारा दिशा ज्यान भी प्राप्त होता है।
04:43अगर आपका पीनियल ग्लेंड आपके वश में आ गया तो आप बिना सोय कहीं हजार वर्षों तक जीविद रह सकते हैं।
04:50साथ ही इस से आप किसी को भी आसानी से सम्मोखित कर सकते हैं।
04:55इसमें पाया जाने वाला मेलाटोनिन हार्मोन मनुष्य को ज्यादा समय तक ध्यान के इंद्रत करने में मदद करता है।
05:03अब ये ग्लेंड बहुती लाइट सेंसिटिव होता है।
05:05आप भले ही अंधे हो जाओ लेकिन आपको लाइट का चमकना जरूर दिखाई देगा।
05:11जो इसी पीनियल ग्लेंड के कारण होता है।
05:13यदि आप लाइट का चमकना देख सकते हैं तो आप फिर सब कुछ देखने की शंता रखते हैं।
05:19यही वो पीनियल ग्लेंड है जो ब्रहमान में कहीं भी किसी भी समय को देखने का माध्यम है।
05:25यानि आप ट्रिकाल दर्शी बन जाते हो।
05:28इसके जागरत होने पर कहा जाता है कि व्यक्ति के ज्यान चक्षुक खुल गए।
05:33फेमस हॉलिवुड मुवी लूसी को आप सबी ने देखा ही होगा जिसमें बताया गया है कि अगर दिमाग 100% तक काम करने लग जाए तो मनुश्य, इंसान क्या क्या कर सकता है।
05:45तो दोस्तों अब आप समझ ही गई होंगे कि ये तीसरा नेत्र सिर्फ भगवान शिव के पास ही क्यों मौजूद है।
06:15वर्ग लोग, मृत्यू लोग और पाहताल लोग भी इन ही तीनों नेत्रों के प्रतीक है।
06:21भगवान शिव कैसे देव हैं जिन्हें तीनों लोगों का स्वामी कहा जाता है।
06:26इसलिए अब आप भी ध्यान मुद्रा में बैठें और त्रिनेत्र को जागरत करने की खोशिश करें।
06:32और आशा करता हूँ आपको एक हाज जानकार ये वीडियो अच्छी लगी है। अगर ये वीडियो आप पसंद आई है तो इस वीडियो को लाइक कीजिए।
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