Parizaad Episode 5 in Full HD – A captivating Pakistani drama aired on HUM TV. Follow the inspiring yet heartbreaking journey of Parizaad, a man with a pure heart facing life’s toughest challenges. This episode will keep you hooked till the end. Watch now in crystal-clear quality.
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00:00कराची में बड़े कार खाने में मेरी नोकरी गुए है
00:30बेटी नहीं बेटा और बबली नहीं बबली बदमाश नाम है मेरा उने जाना है उस दाटे के पास उसको कहना है कि अपड़ी तुझे पसंद रहे है तुरिश्टा वीजर है पुश करो इंस्पेक्टर साफ ग्रिफार कर लें से वह इसका सारा समान जब्द करो ना और दुका
01:00क्यों डांट्री और विचारे को इसका क्या पुसूर है असे मुझे घुस्सा आ रहे है समझदार लोग कहते हैं कि घुस्से में नुकसान अपना ही होता है इसलिए ज़रा ठंडे दमाग से गोर करो मैं कहता हूं आने दोन लोग क्या बिगर जाएगा तुमारा कुंता वो �
01:30मुझे मौका मिले का मैं जाके लड़के से कह दूँगा अबे यार तू नहीं जानता इन रिष्टे वालियों को बड़ी लिच्चर कौम होती है कसम से एक बार जान को अटब जाएना मौत पीछानी चोड़ती है तुमें आम बैठे समोसे लेने समोसे गए तेल लेने और त
02:00देशतर है कि आज कोई हंगामन ना ही हो अबे यार ये क्या लोचा हो गया तू सच कह रहा है ना इसलिए कह रहा हूं ना ताकियोंने परिशानी ना हो वैसे भी सब कुछ कौन सा एक दिन में तया हो जाना है तुमे जाओ मुझे बाए तुमें जाओ मुझे बाए तुमें �
02:30अबे तू कहा जा रहा है तुम कहा जा रहा है तुझे भी मेरी एक बात पाने होगा क्या बात लेक्ट तेरे कहने पर ना मैं रिष्टेवालियों को आज बरताश करूँगी अब जब वो आएंगी ना तो तुझे यहां पर मौझूद होना होगा मेरा दिल बहुत घबरा र
03:00अच्छे ठीक वगर तुमने भी वादा करना है उनके सामने यह तू तुट रख करके बात नहीं करना है बलके कुछ कहने की ज़रूद नहीं चुप करके बैठे जाना है तुम मैं और कैसे बात करूँगी यह उम्राव जान वाली अदाय नहीं आती मुझे भाई
03:12अच्छा मुझे यह बताओ यह तुम्हारी कोई दोस्त सहली वगर नहीं है कि ऐसे मामले में तुम्हारा साथ दे सके नहीं यार थी मेरी है मेरे साथ पढ़ती मेरे जैसी थी डॉली कराची चली गए रिजिस्टर में कहीं पता लिखा था उसका किताबों में देखूंगी क
03:42अच्पर भाई और रसकर भाई का है मुझे उन से जरूरी काम है क्या हो गया ना सलाम ना दौाय तो घबराई भी क्यों हो बाभी वो ना सलीम को पकड़ के ले गई गई है में बड़े भाई को लेने आई हूँ बेड़ा अगर यह पुलीस क्यो पकड़ के ले गई है मेरी �
04:12तुमारे दोनों बाई इस वक्ताम पर होते हैं और वाब रात को ही आएंगे वापिस आप चलो आप चलो मैं सीधा ठाने जाता हूँ ओ मिया तुम क्या ठाने जाके करोगे उदर मा मोत बर लोगों की बात सुनी जाती तुम्हे कार मूझ लगाएगा ठाने जाता हूँ मैं �
04:42अली बड़ी है अब तो जो कुछ है उसी कहा है और नईम भी हमारे एकलोता बेटा है और यह उतके चचा है अच्छा अच्छा नईम इनी के हाथों में पलकर जवान हुआ है
04:54मेरे बेटे नईम के लिए तो डाक्टरों और एर होस्टरों के रिष्टे आई वे थे लेकिन मुम्ताज ने इतनी तारिफ की आपके घर आने की आपकी शराफत की और आपकी बेटी के सुघड़ पान की कि हमें आपके घर रिष्टा लेकर आना पड़ा
05:08पता नहीं लड़कियों को बरफ वाला गुला घंडा बनने का इतना शौक की होता है
05:17पुछे बला इनसे किसी मेले में सरकस देखने आई है क्या
05:22मा को भी बस यह जोकरो वाले रंग बाते हैं
05:29और बजर्गों आपकी उमर का लिहास कर रहा हूं वरना मेरे पास इन फजूल बातों का अरगीज वाक्त नहीं है
05:43आज तक जितने भी मैने मुझरिम पकड़े हैं ना सब की जुबान पर बस एक ही फर्याद होती है
05:47मैंने कुछ नहीं किया जनाब और बाबाजी अपना और मेरा कीमती वक्त जाया ना करें
05:52और जाएं जाकर अदालत से जमानत का बंदोबस्त करें
05:55सर वो अदालतें तो हफतावार दो दिन चुटी गजार कर खुलेगी
05:59सर वो जो आपने माल सलीम भाई की दुकान से पकड़ा है वो उनने दो दिन पहले ही होल सेल में लिया था एजन्सी से
06:06आप देख लें दर्खास के साथ रिसीट भी लगी है
06:09लगी है और ये तीसमार खान कोन है और जो मेरे ही ठाने में खड़ा वाया और मुझे कानून सिखा रहा है
06:15ये सलीम का साला है अभी ना तो जर्बाकार है अब इसकी बातों का वरबत बनाएगा आप ही ठीक कह रहे हैं
06:22और तो पिर बंद रखवाओ इसकी चोंच को और बलके बाबाजी बस बहुत हो गया और निकलो अब यहां से कुम दो मेरे भी बड़े काम है मैंने भी जाना आगे किसी नाके पर और करीम बाक्षर और इनको बार लेकर जा यार और मेरी इजादत के बगएर दुबारा अं�
06:52जी सर सर एसे चोसत बोल रहूं जी सर मेरे इसामनी खड़ें दोलनो नहीं सर अभी पकी एफाई आर नहीं काटी सर जी सर ठीक होगा सर हुकम की तामीर होगी सर और तुमें से परीजाद कोने है यह है जी
07:18अच्छा शायसतो बेन तुमने तो बहुत कुछ जोड़के रखा होगा अपनी कलोती बेटी के लिए
07:25जाहिरे जितना गुड़ डालोगे रिष्टा उतरा ही मीठा होगा और आगे चलके तुमारी बेटी के तो काम आना है ऐसा कुछ
07:32क्यों रिषीदा हां हां क्यों नहीं अब देखो ना आजकल की लड़कियां तो अपनी जहेज से पूरा घर भर देती हैं ताके सिस्ट्राल वालों की नात मूची हो
07:42मेरी पेंशन के तीन लाग और साइमा के मेरा मतलब बबली के जिवरात और घरेलू समान मिला के हम कोई पांट-छे लाग का जहेज बरदाश कर सकते हैं इससे जादा कि हमारी अवकात नहीं है आप तो बेतर जानते हैं कि हम सफैद कोश्च हो गए है और सफैद कोशी में अ
08:12दादा को में रिष्वत दे दिये अरे या शबीर भाई आपने मुसे या मुझे कुछ बना से भी लगाई है सफैद पोश्य अलिबाद माशा आलला आपका अपना जाती माकान है और बेटियों के लिए तो आदमी कुछ भी कर सकता है उनके खुशी के लिए है अब ओन अग
08:42हर घर की ज़रत है वैसे भी वो चीजें तुमारी बेटी के काम आएंगी इसका क्या जिकर करना अलबता नहीं के लिए छोटी सी गाड़ी का इंतजाम हो जाता ना तो नए जोड़ी के लिए ना बड़ी सहुलत हो जाती हमने तो मुए सारी जिंदगी पुरानी रक्षे चि
09:12पर मिल जाती है अपने मिया से बात करो किस तो पर गाड़ी मिल जाएगी और वो अपना नईम का दोस्त है न शोरूंबाला वो तो नईम की बड़ी इज़त करता है भई वो आसानी से दिला देगा अरे देखो बातों मैं तो भूली गई नईम की तस्वीर दिखाना अपनी
09:42आते नहीं हो खाला इसे पिचली की तार जैसा पतला सा लग रहा है सुखा चुहारा रंग भी काफी पक्का लग रहा है मुझे तो इसका भई तुम हो कौन लड़की और इतनी बत्तमीजी क्यों कहर रही हो तो बत्तमीजी की एक लाफ मूझ से नहीं निकालना माबाग की इ
10:12वो गरीब नमूने की जादा कीमत नहीं लगा रहे है इस शकल पर मैं छोटी गाड़ी क्या पुरानी सीटी सेविंटी भी ना दू तुम लोगो को शायस्ता तुमने हमें यहां इसलिए बुलवाया इस लड़की से बेज़त ही करवाने के लिए नहीं नहीं आप लोग बै�
10:42तुम लोग जरा रुको तुम लोगों का सरसाफा चक्रती हूं भी बंद बसकर तुम बेठे रहना हिला नहीं या कि अरे पागल हो गए यह लड़की तो पागल चलो भागो भागो भागो अरे रुको भाई कहा जा रहे हो उसको एक एक लड़का देके जाओ अपली अपली
11:12और यह अफसराने बाला सिफारिश नहीं करते हैं और यह हुकम सुनाया करते हैं और यह तो तुम्हारी किसमत अच्छी थी अभी कि मैंने पकी F.I.R. नहीं काटी और ना बात बहुत लंबी हो जाती और देखें जी अभी आप लोगों की शक्सी जमानत पर मैं सलीम को छो�
11:42देखें सब कुछ जबत हो गया अभी दो दिन पहले ही धाई लाग का समान डरवाया था बाबाजी वो इस मामले में मैं आपके लिए कुछ भी नहीं कर सकता वो माल सारा आपका सरकारी माल खाने में जमा हो गये अब तो लिबार्टरी की जो रिपोर्ट आएगी उसे देख
12:12परिजा अबाजी हा मेटा हम तुम्हें लेने आये हैं परिजा आपने तेरी जुमानत करा दे है अपरिजा आपने तेरी जुमानत करा दे है
12:23अशलाम अलेकुम अशलाम या लगा तेरा शुकर है शुकर है मेरा बेटा गर वापस आगया शुकर है अलाह तेरा फीक मा माँ इतनी देर कहां लगा थी ते सलीम की अबाब अरे
12:51थाने कचैरियों से तो अल्ला माफ फर्माए, ये तो इसने इसकी जमानत करा दी, वरना थानेदा के तेवर तो इसे लंबे अर्से तक सुलाखों के पीछे देखेल लेके थे, अबबा, खुदाना खास्ता है, ये मुझरिम थोड़ी हैं जो वो इने जेल में रखते, जीते र
13:21असले सान तो उनका है, अलकिन वसीला तो तो तुम ही बनेगा, अरे सलीम की अमा, इन्हें क्या योई घड़ा रखोगी, कुछ चाय पाने, कुछ खाने को दो, सारा दिन योई गुजर गया, अरे बैठा, बैठो ना, ने, मुझे घर जाना चाहिए, सब परिशानों लेंग
13:51सत्ते है, तक मिधा बस्कित लेती यह ना, बैठा सानी, बैठा, बैठा, बैठा, बैठा, बैठा, तुम्हारा बहुत-बहुत शक्रिया, ने, तुम ठोमारे लिए फरिष्टा बनकर आयो, यह तो मेरा फ़र देदी, मेल भाइ की तरा है, तुम भी हमारे बच्चों की तरा
14:21वो लोग बहुत लालची निकले, अजीब अजीब किसम के डिमांड कर रहे थे, बस वो आपकी बेटी को गुस्सा आ गया, बस बहुत हो गई उसकी यह हरकते, तो बच्पन में उसकी तरविया ठीक की होती ना, तो आज हमें यह दिन ना देखने पड़ते, मानतें, लेकिन य
14:51जो कुछ तुम्हारी बेटी ने उन खवातीन के साथ किया है, अब वो खवातीन और वो रिष्टेवारी मुम्ताज, पूरे शहर में धंडोडा पिटेंगी, कई मुझ दिखाने के काबिल नी छोड़ा उसने हो, बबली, इदर आओ, क्या किया है तुमने यह, कोई शर्म हो
15:21क्या मैं तु तु तैयार हो, काश यह तपड मैंने तुम्हे तुम्हारी पहली गलती पे मार दिया होता, चली जाओ यहां से, और तुबारा मजे अपनी शेकल मत दिखाना, जब तक तुम अपने यह खुलिया न बदल लो, और शाइस्ता, तुम भी सुन लो, यह तुबार
15:51कोई और लड़के होती तो पूर पूर के रोने लगती, लगन यह तो ढीटों की मारानी आये,
16:21साथ होगी बाई, कबाल करते हो तुम दोनों, इतनी बड़ी बात होगी, और आप दोनों ने जहमत गवारा ने की हमें खबर देने की, कैसे खबर देती, यह जो सड़ावा मुझे, महाना पांसो और पे किस्त का मुबाईल लेकी दिया है न, वो हर वक कराब रहता है, तो ब
16:51अभी खबर जेता हो में असकी, बरिजात, किदर आओ, जी भाई, स्लाम अलेकूं, वालेकूम असलाम, इतने देर लगा दी तुमने, नहां रहे थे तुम, जी वो सलीम भाई की जमाना करवाने गए थे हो, होगी समाना थे, जी होगी, जी होगी, गर छोड़ कर आ रहे हूं
17:21जादा दर दो रहा है, पहले दो अपने चोच ले तुम ये, पहले मेरे बाप को मेरे ख़़ाब भड़काया, जब सोर से जड़ दिया उन्होंने, तो अनिशान किनने के लिए आ गई हो,
17:51और ऐसे पूछ रही हो, जैसे पता ही नहीं है कि बाप का हाथ कि इतना भारी है, मुझे क्या पता, मैंने कभी जहाबड़ी नहीं खाया उनसे, असलिए पूछ रही हो, तरसे जब बड़ा हिल रहा है अब तक मेरा, तो ऐसी हरकते करती है क्यों हूं जिन पर उन्होंने गु
18:21लड़कियों वाला परताओ करो सब के साथ, तुम समझती क्यों नहीं आँ पक्ती, अब तुम जवान हो गई हो, पिटा ये सब कुछ तुमें जेब नहीं देता, अबे आप क्या कर दिया है मैने, पहले तुम्हारा शोर मेरे दोस्तों को घर आने से मना करता है, तुम बाहर
18:51सलेम बेटा, जब से थाने से आए हो, गुमसम बैठे हो, अब यही सोजरों बहुत बड़ा नुकसान हो गया है किस तरह पूरा होगा, तोड़ा ही लाग का समान अभी खरीदा था, तेर्टों का पहले मौजूद था है शॉप में, सब का सब पोलीस ने जब्त कर ले है, आ�
19:21तो एक-दो पेशियों का काम नहीं लगता है, जूते किसने पढ़ेंगे, और मरे से मरा वकील भी करूंगा तो बिच-तीस थाजार तो उसके भी और अभी महीने का खर्च अबार, ये तो है बेटा, सलीम ये, मेरे जहेज का थोड़ा सा जेवर है, आप इसे सुबह जाके ब
19:51जेवराद बुरे वक्त में काम आने के लिए होते हैं, और फिर जेवर मेरे किस काम का जब मेरा शोहर परिशान है, आप इसे कल बेचने हैं
19:58नहीं साइदा, मैं बिलकुल ठीप क्या रही है, पैसे भी इसे बेचने से कल्स तो नहीं उतरेगा, स्यादा से जादा वक्तील की फेस ही होगा
20:28परिशाद भाई, आसलाम लेकुम, कबल, वालेकुम सेलाम, तुम यहां मुझे आप से जरूरी बात करनी है, मेरे पास आपकी कमानत है, तुम यहां क्या नहीं आना चाहिए था तुम अच्छी तना जानती हूं गरवाले? जी मैं जानती हूं, मैं ने गुप्रा भाबी से �
20:58वह शुक्रिया, मुझे लगा मैं यह कहीं खो बैठा हूँ, बहुत एहम है मेरे लिए यह
21:06मैंने आपकी कुछ शायरी और नजमे पढ़ी हैं जो आपने इस रिजिस्टर में लिखिये, बहुत हुबसूरत इल्फाज हैं आपके पास
21:13बहुत शुक्रिया तुमने तकलीफ की, शुक्रिया की कोई बात नहीं है, मैं जो शायर तुस हस्ती को भी जानती हूँ, जिसके लिए आपने यह सारी नजमे लिख रखी थी, पर कभी उसे सुना नहीं पाए, तुम्हे कैसे पता, जरूरी तो नहीं कि शायर जो नजमे लिख
21:43कर आपके इन्फास तो चीक-चीक कर इसका पता देते हैं, अगर अफसोस शायद वो नवजों का मतलब कभी समझ ही नहीं पाए, उसके तो इसे माफ कर दीजेगा परीजात भाए, पाश इंसान को जर्फ भी इसके वसन के बराबर अता किया जाता, अची सुनते हैं, हम, बो
22:13अपने इस बत्तमीज बेटी की हमायत मत करना, वरना मैं तुमसे भी बात नहीं करूँगा, हमायत नहीं करती, ऑलाद है मेरी, परिशान हो जाते हूं, तो फिर तुम ही कोई हल बता दे अपनी इस परिशानी का, बताया तो था आपको कल, क्या, कौन सार, यही के बबली को कि
22:43होश में नहीं हो शायस्ता वेगर, तुम यह चाहती हो, कि मैं उसे मायरे नक्सियात के पास ले जाओ, ताके जो लोग अभी तक तुमारी बेटी को नीम दीवानी समझते हैं, उन्हें यकीन हो जाए कि पूरी दर अपागल हो गई है, नहीं, हम यह राजदारी में करेंगे
23:13जब तक मैं नहीं किसी नए रिष्टे वाले को हडगी जाने की दावत मत देना
23:43नाफिस
24:13जाहल लेंगे दोनों मिलके, खुदा का वस्ता, कुछ ना करो तुमा, लेकिन भर में डंके जनाना कपडे तो पहल सकती हो, इतनी मुश्कोलों से तुमारी पैंट शिर्ट से मैंने जान छुडवाई थी, और तो जाके सिल्वाल लिये न, तर्दी से ये, गुंदो वाले श
24:43सुमने को मैं रह गई है उस गांदी तुमारी नाहीत से कुई बात ही ये?
24:48नहीं, नाहीद भाजी ने इस मामले में मुझे कभी कोई बात नहीं की,
24:54मगर मैं जानती हूँ कि उस चाथ हमारी चत पर आप नहीं भलकि कोई और पूडा था,
24:58और उस सब माजिद भाई भी नाहीद भाजी के साथ मौजूद थे,
25:05मैं कुछ जानती हो तुम,
25:06चलो, अच्छा है,
25:12उस घर में किसी को तो मेरी बेग उनाई का यकिन है,
25:16हाँ मकर, ये सब कुछ पुछे बहुत बाद में पथा चला,
25:19जब माजिद भाई ने जट पट से अपने घरवालों को हमारे आज इसने के लिए बेज़ दिया था,
25:23जिती बातों को दुराने का क्या फाइदा,
25:30मैं कल भी नाहित यह ज़द करता था, आज भी करता हूँ,
25:36जो उसके काबिल था, उसके उसे मांग कर जीत लिए,
25:41माजिद ये उसके काबिल था,
25:45एक मेरा काम कर दो गी,
25:48ये मेरे कमरे में रख दो भी,
25:49मुझे कही जाना है, मुझे लगता है, मैं पहली बहुत नेट हो गया हूँ,
25:56जी ठीक है, मैं रखतूँगी, अब फिकर ना करें,
25:59शुक्तिया, आलाहाथ, शुकास्वस्तिया,
26:04ना पूछ पनी सादों से,
26:07ये हिजर कैसे छेला है,
26:10ये तन बदन तो छलनी है,
26:12और दूह पर भी जाले है,
26:16कैसे जान पाओंके,
26:19इश्ग मैं क्या गुजरी है,
26:22इन्ने सखम खाए है,
26:25कितने दर्द पाले है,
26:32अबे ओ, रुप!
26:39किदर जा रहे है मुझे पाके हाँ?
26:40किदर जा रहे है?
26:41मुझे तो मैं बताते हैं.
26:42जड़े जड़े जड़े जड़े दोंगे.
26:44उतार, उतार उन बाहर निकार.
26:46निकल, मैं कह रहे हूं, निकल बनना तेरी खाएर रही है अज!
26:48अचिर रुको रुको देखो,
26:49तुम्हें के सबसे बड़ा पजमाश भी अपने पंटर को एक नाइक मुखा दोगे ता,
27:12अचिर पारी बड़ाश भी अचिर पसना।
27:29मुझे पता है आजकल आपका ध्यान कहां रहता है?
27:32हाँ, बस.
27:34कारुबाल की परशाहन ही है तोड़ी.
27:37अब शुकर ने हो तो,
27:38अब आलत मेरी सम्वालत मम्सूर कर ली लेकिन,
27:42समान वापस मिलने के आसार नाजर नहीं आ रहे.
27:46आपने बाजार से कर्जा लेने की बात की थी,
27:49कोई पेशरफ तो है?
27:51कैसा कर्जा याद?
27:54सब को पता चल गया बाजार में की मेरी दुकान का दिवालिया हो गया.
27:58सब कत्राने लग गया है मुझसे,
28:00वो लोग जो मेरे साथ दिन रात होते थे.
28:04अगर आप कहें तो मैं आकपर और असकर भाई से बात करूँ?
28:07अरे नहीं, नहीं, बिल्कुल भी नहीं.
28:10क्या सोचेंगे वो लोग कि मैं अपनी परिशानी उनके गले में डाल रहा हूँ?
28:13नहीं, एकदा नहीं.
28:17मैंने आज तक कभी किसी से कुछ नहीं मंगा.
28:22मैं कभी जिन्दीगी में अपने आपको इतना मजबूर और लाचार महसूस नहीं किया.
28:28कभी भी नहीं.
28:31आफ़े कर मत करें, अल्ला बहुत बड़ा है.
28:34वो जरूर कोई सबब पैदा करेगा.
28:43तुमारे होने से बहुत होसला होता है मुझे.
28:56ये तो बड़ा नौसर बाजी वाला सीन हो गया तेरे बेहनों इक्टे सा.
29:00बस क्या करें?
29:02इसलिए तो आने में देर हो भी.
29:04खेर तुम बताओ, को रिजल्ट बना?
29:07क्या हुआ?
29:08क्या हुआ?
29:09और ये किस किसम का हुलिया बना कर बैठी हो?
29:12खेर तो है?
29:13मैं ना पोच्छा.
29:15बड़ा घर-बड़ गोटाला हो गया मुझे.
29:18रुष्टे वाली थी ना.
29:20इसको तो भगा दिया मैंने.
29:22अगर अब बाप जड़ दिया.
29:25सुपर तक में शान का.
29:28जिस चीज का डर था मुझे, वही हुआ.
29:34जरूर तुमने कोई हरकत की होगी.
29:39तो और मैं क्या करती?
29:41वो लाल्ची और ते मेरी मार से पतानी क्या-क्या मांग रहे थे.
29:44जहेज, गाड़ी, जाइदाद, उससा आया मुझे.
29:47देदाना दन सुना दी मैंने.
29:49मैं तो कहची साथ लेके गई थी के चुटिया काटूंगी.
29:52लेकि एक कमपखत मारी भाग गए.
29:55अबबाने लास्ट वांडिंग देती है.
29:59कहरें, सुदरजा बनना खेर नहीं होगी तेरे.
30:02इसलिए आज आदी लड़की बनकर बैठी हो.
30:05क्या बताओ, यह उल्जन हो रही है ना.
30:07साइमा, साइमा, अरे कहां गाइब हो गई ओ फिर से?
30:13साइमा कौन है?
30:15तुमारी धर में कोई और भी बेहन है?
30:17मेरा नाम ही है.
30:20पूल के कार्ट पे लिखवाया था.
30:23अब जब लड़की बुलाने का दिल चाहता है ना तो,
30:26साइमा साइमा ही लगी होती है.
30:30ना कर बभी बजमाश.
30:32साइमा.
30:33ताजना ना ना.
30:35साइमा.
30:36साइमा.
30:37साइमा.
30:38अब दार बाहर किसी को यह नाम बताया.
30:41बात कर रहा चोड़ देंगे तुमसे.
30:43साइमा.
30:44ठीट बिल्कुल.
30:45अब आभी जाओ.
30:46जाओ साइमा.
30:47हाथ बटाओ.
30:52अरसले जितना हस्ता.
30:55मेरा वक्ती आएगा.
31:03सानी जी जब सुबा मुझे नाश्ता देने आहीं थी ना,
31:05तो सारी राम कहानी सुना गई है.
31:09विष्टे वाले भागे.
31:10लालची लोफत है.
31:12अलागे शबीर चाचा ने जहेज में अपने पैंशन की रखम और जेवर भी देने का वादा किया था,
31:19जो तकरीबर पांच लागका तो बनता ही है.
31:21और वो लोग शाहिए कुछ और ही खाब लेके आए.
31:24सबीर चाचा लिष्टे वालों के सारे मतालबात मान भी जाते तो बही तहन जैसे लोगों में गुजारा कैसे होता है.
31:32यह बात तो है, ऐसे भी पबली को किसी ऐसे मर्द की जरूरत नहीं जो उसके साथ शुरूर में और उरत की तरह बढ़ता हो करे.
31:39बलकि वो तो खुछ चाहती है कि किसी मर्द दूले की तरह उसके नाजनकरे उठाए जाएं, उसके साथ लाड़ किया जाए.
31:46हमारे माशरे में ऐसा मर्द का मिलेगा, जिसको शुरूर से जन मुरीद होने के महसरे किये जाए.
31:53तुम यू नहीं बन जाते हैं?
31:56शौल, मैं, क्या बात ये कर रहे होश में तो?
32:04देखो यार, बबली को सिर्थ तुम जैसा मर्दी संभाल सकता है.
32:09वैसे भी ये जो शादी का रोमेंटिसिजम है ना, ये कुछ मा में खत्म हो जाता है.
32:15उसके बाद तो वही जोड़े कुछ रहते हैं, जो एक दूसरे को पहचान कर एक दूसरे के साथ जिंदगी गुजारना चाहे.
32:25तुम भी तो बबली के नफसियात को बुरी तरह जानते हो, ये ख्याल तुम्हें अपने ले क्यों नहीं है?
32:31मैं तो शादी वाला मिटीरियल ही नहीं प्यारे है, ये जंगेड अपने बस का रोग नहीं.
32:39तुम्हारी बात और है, अब देखो न, तुम्हारी बबली से चंद दिनों में इतनी अच्छी दोस्ती हो गई है, जितनी मेरी दोस्ताल में नहीं हो सकी.
32:49उसकी भी शायद वही बजा हो.
32:53वो मुझे भी बाकी लटकें की तरह एक गरर इंसान समझती हो.
32:59तो और भी अच्छी बात है, इसना तो वह तुम्हारे सामने बहुत जल खुल जाएगी.
33:03ऐसे भी मैं ये शादी का मश्वरा तुम्हें किसी और वजह से दे रहा हूँ.
33:07देखो शबीर चाचा ने जो कुछ पबली के लिए जोड़ रखा है, वो तुम्हें भी तो देंगे.
33:12इससे तुम्हारा वो बहनोई बाला मंसला भी हो जाएगा, इसके हुझे से तुम्हारी बहन अप्ता जेवर बेच रही है.
33:18तो ऐसा हो सकता है?
33:28मेरा मतलब है, मैं भी बेरोजगार है, चन्द क्यूशने पढ़ा के एक बो मुश्किल घर में कुछ पैसे जमार कराता हूँ.
33:37ठीक है, मैं तो बस यह कहता हूँ कि ना करने में जल्दी ना करूँ.
33:43सोच लो, समझ के फैसला कर ले ना, अगर दिल माने तो मुझे बता दे ना, मैं शबीर चाचाथ से और उसानी जी से तुम्हारे रिष्टे की बात कर लूँ.
34:13कर दो
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