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Justice Yashwant Verma: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) की मुश्किल बढ़ गई है, उनके खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया (Impeachment process) शुरू कर दी गई है। लोकसभा अध्यक्ष (speaker) ओम बिरला (Om Birla) ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जो इस मामले की जांच करेगी. इस कमेटी में एक सुप्रीम कोर्ट (SC) और हाईकोर्ट (HC) के जज और एक वरिष्ठ वकील शामिल किए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट (SC) के अधिवक्ता अश्विनी दुबे (Advocate Ashwini Dubey) ने महाभियोग ((Impeachment) के प्रोसेस के बारे में बताया और कहा कि इस मामले की वजह से न्यायपालिका की स्वतंत्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जस्टिस वर्मा (Justice Yashwant Verma) पर महाभियोग की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

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00:00कमेटी का गठन लोकसभा के द्वारा इसलिए महतोपूर है कि तमाम जो आरोप लगे सुप्रीम कोट की जो कमेटी बनी जो इंक्वाइरी हुई उसे इंक्वाइरी ने अपनी प्राइमाफिसी रेपोर्ट जो है पारलेमेंट को सौपी तो उस सब के बाद ये जरूरी हो जात
00:30में involved थे इसके लिए जरूरी था कि इस पे एक ब्रहद एंक्वाइरी हो और वो एंक्वाइरी तभी संबह थी जब पारलेमेंट की तरफ से किसी भी हाउस में चाहे लोकसभा या राज्यसभा की तरफ से एक एंक्वाइरी कमिटी का गठन होता अब चुकि किसी भी honorable judges के impeachment के
01:00आगे के लिए जो है देना वो जरूरी मंजूरी देना जरूरी है अब वो चुकि लोकसभा से हुआ और उसके बाद जो अभी three member committee judges inquiry act में जिसका गठन हुआ वो व्रहद जाच करके अपने report जब parliament speaker को सौपेगी उसके बाद आगे की कारे वही चलेगी तो इसलिए यह significant है क्
01:30जो मेडिया में है और वहां से जो material मिला उसमें कितनी सत्यता है और कौन-कौन से लोग involved है वो inquiry सही आएगा और वो inquiry तभी संभव होगी जब जो है parliament committee का गठन करेगा और report आएगी न्याय पालिका पर जनता को सौ फीसदी विश्वास है एक या दो ऐसे incident से जो हमारे देश क
02:00देखें तो पहले भी incidents आते रहे हैं ऐसा नहीं है कि ये पहली बार आया है उससे न्याय पालिका के व्रहद स्वरूप है और न्याय पालिका की स्वतंतरता पर या न्याय पालिका के लिए लोगों के मन में अविश्वास रसी कोई बात नहीं है ऐसे incidents है और न्याय पालिका
02:30बड़े नोटेड जुरिस्ट हैं तो ये तीनो जो है जब अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेंगे तो उस रिपोर्ट के बैसिस पर आगे की कारव ही बढ़ेगी तो नयापालीका के उपर कहीं कोई ऐसी बात नहीं आई है नयापालीकार बड़ी स्वतंतरता से और बड़ी पार
03:00constitutional judges को immunity सम्विधान में दी गई है तो महाभियोग की प्रक्रिया ये है कि जो देश का सम्विधान का सबसे बड़ा हमारा तंतर है जिसको हम legislature कहते हैं जब विधाईका के सामने बात जाती है और विधाईका में दोनों सदनों में खास दौर से लोकसभा और राज्यसभा में �
03:30पाएगी उसके बाद फिर डिबेट होगी डिबेट के बाद impeachment होगा और अब तक भी हम देखें तो जितने भी impeachment लोकसभा में आए हैं उसमें से लोगों ने resign कर दिया था जो judges थे जैसे impeachment motion लोकसभा में आया चाहे वो किसी भी judge का हो वो देखेंगे तो उसमें उन्होंने resign कर
04:00सही पाया जाता है कि दोशी मान लिए जाते हैं तो इस पूरे मामले में किवल justice यस्वन तो नहीं रही होगी क्योंकि बड़ा मामला है और लोग भी इसमें शामील हो सकते हैं हर वेक्ति यही पात कह रहा है हर वेक्ति हैं और लोग भी शामील हो सकते हैं तो उन लोगों पर
04:30F.I.R. जब दर्ज होगी तभी उससे जो जुड़े हुए लिंक हैं, किस ने पैसा दिया, किस कारे के लिए पैसा दिया, कहां से पैसा आया, क्या फेवर लिया गया, और उन सारे लोगों का तभी वो जब इंक्वाइरी होगी तभी आएगा, पहले चुकि प्रथम दृष्ट
05:00सब आगे आने वाले दिनों में जब F.I.R. दर्ज होगी, F.I.R. दर्ज होने के बजब जाच बढ़ेगी, जाच का दायरा बढ़ेगा, तभी यह होगा
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