00:00चांदनी रातें भी सुनी लगती हैं तेरी यादों में अब रात जगती है
00:14ख्वाबों में आता है तेरा साया पर हकीकत में तू नहीं रहता है
00:23बिचर गए हम बेवजा इस राह में छूट गया सब जो था तेरी बाहों में
00:34अब साच से भी वो आज इसी रबती है दिल की दगकन भी कुछ केती है
00:53सावन की बारिश भी अब रुलाती है तेरी हर बात दिल को तड़ पाती है
01:04तेरी हसी की वो प्यारी धन अब तो हर साज भी रोता है थे
01:13कोई लाता है वो भी तेलम है जब हम साथ मुस्कुराते थे
01:24अब रह गए है बस खाली ख्वार जिन्हें हम रोज सजाते थे
01:34पिचड़ गए हम बैवजा इस राह में चूट गए सब जो था तेरी बाहों में
01:45अब सास से भी वो जैसे दबती है दिल की दहकन भी कुछ केती है
02:15पिचड़ गए हम बेवजा इस राह में चूट गए सब जो था तेरी बाहों में
02:25अब सास से भी वो जैसे लगती है दिल की दखकन भी कुछ केती है
02:35अब सास से भी कुछ केती है
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