Watch Episode 96 of "Mohabbat Ek Saza" – Urdu Dubbed Turkish Romance Drama
In this poignant episode:
- Yiğit and Nur’s love faces its fiercest test yet—as hidden secrets surface and loyalties are torn.
- A family’s dark legacy casts a new shadow over their bond.
- As emotional walls break, can love still find a way?
Director: Zeeshan Ahmed | Writer: Zanjabeel Asim | Production: 7th Sky Entertainment
Original story: Turkish drama “Asla Vazgeçmem” (I Never Give Up)
Genre: Drama, Romance – 40–45 min (approx.)
Stay tuned for more episodes and follow us for updates!
#MohabbatEkSaza #Episode96 #TurkishDrama #UrduDub #Romance #7thSkyEntertainment
In this poignant episode:
- Yiğit and Nur’s love faces its fiercest test yet—as hidden secrets surface and loyalties are torn.
- A family’s dark legacy casts a new shadow over their bond.
- As emotional walls break, can love still find a way?
Director: Zeeshan Ahmed | Writer: Zanjabeel Asim | Production: 7th Sky Entertainment
Original story: Turkish drama “Asla Vazgeçmem” (I Never Give Up)
Genre: Drama, Romance – 40–45 min (approx.)
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#MohabbatEkSaza #Episode96 #TurkishDrama #UrduDub #Romance #7thSkyEntertainment
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FunTranscript
00:00आप तो हमारे महले का फखर है भाई
00:05और सबसे ज़्यादा तो हमारे लिए बाई से फखर है
00:09बादश्या अदमी है वागी बादश्या अदमी है
00:12मेरी जान तुम पर कुर्बान काजिम
00:15भाभी लगता है का आज नाजां साहिबा जल्दी सो गई है ना
00:31मतलब अगर वो सो गई है तो हमें ज्यादा शोर नहीं करना चाहिए
00:42हाँ हाँ वो कह रही थी कि मैं खाना नहीं खाऊंगी
00:46सर में बहुत दर्दे बिचारी गए
00:48हमारे पस दर्द की दवा भी नहीं इसलिए सो गई
00:51तकलीफ मैं है
00:54अफसोस है अल्ला सहद दे
00:57काजिम
01:04सुभा मैं आया था तुम्हें लेने के लिए
01:09मगर गेट पर तुम्हारी वो छोड़ी बैन है ना उससे मुलाकात हुई थी
01:13अच्छा अच्छा
01:15एक काम करो
01:19जी कही है फैरी बाई
01:21ये लो रखो पैसे
01:23जिल्दी से जाओ और दर्द की दवा ले कराओ
01:26पैसों की परवा नहीं करना दवा अच्छी होनी चाहिए
01:39अच्छी आज है जानते हो वैसे ये डॉलर भी रोज जानों पर जा रहा है
01:47वैसे तो हमारी होटल का भी कारौ रखुब चल रहा है माशाआल्ला याद आया मुझे तुम्हारा कोई पैसो वाला शन्ला चल रहा था
01:55क्या वो उसका हल हुआ
01:57आपको तो पता यह हमारे याँ पैसो के कितनी कमी होती है
02:00अंग मैं आपसे क्या कहूँ
02:01आजकल तो मेरी बहन भी आई हुई है
02:04कसम से हाथ बहुत तंग हो गया है
02:06अफसोस हुआ
02:07अल्ला करम करे
02:08भावी
02:12नाजान साहिबा भी आकर हमारे साथ बैठेंगी तो
02:15मतब ये अच्छा रहेगा न
02:17मैंने दर्द की दवा भी मंगवा लिए
02:20दवा से जल्ब ठीक हो जाएंगी है न
02:21तुम क्यों रुकरी होई हो
02:23भाई क्या कह रहे हैं तुम मैं सुना नहीं
02:25अब जाओ जल्दी
02:25क्यों नहीं जरूर
02:27आप जाने मैं शुक्रिया
02:29आँ शुक्रिया
02:32रड़की तुम अभी तक सोई नहीं
02:47जब भाई से ती जोड़दार वाज़े आएंगी तो कैसे सो सकती हूं भला
02:50चलो फिर उठ़ो अपना हुलिया द्रुस्त कर लो
02:52और आचाओ
02:54तुम्हें बुला रहे हैं वो लो
02:55बिल्कुल भी नहीं
02:58मैं उनके बीच नहीं जाऊंगी
02:59अपना मूप बन करो
03:01ऐसा ना हो के तुम्हारे भाई आजाए
03:03यहां बच्चे सो रहे है
03:05महमान हैं वो हमारे बुरी बात है
03:08थोड़ा साथ चलकर बैट जाओ तुम्हारे भाई खुश हो जाएंगे
03:12फिर आकर अराम से सो जाना तो
03:14चलो चलती करो
03:33आईए आईए नाजान साहिवा
03:35आईए बैठिये यहां बैठिये
03:38अल्लह आपको सहद दे आराम से बैठियेगा
03:41अरे तुम बैठ कूँ गई हो
03:49जाओ जाकर जल्दी से सबके लिए चाह लेकर आओ
03:52लाते हो
03:53आपको मालते पसंद दे ना
04:00ये लीजिए खाईए
04:01सहद के लिए अच्छे हैं
04:04विटामिन सी होता इसमें
04:07बैसे भाई
04:28आपके होटल के साथ जो दुकान खाली है
04:31वो हमें क्यों नहीं दे देते आप
04:32हम वहाँ कोई कारुबार कर लेंगे
04:34तो हमारा भी हाथ खुल गाएगा
04:35बहुत दौए देंगे आप
04:36और ये तो एक नेक काम है
04:38आपके होटल के साथ पाली होटल
04:42आपके तो हमाराँ
04:47आपके नहीं एक वाँ
04:50आपके एक वाँ
04:52आपके नहीं शुकानों
04:56बहुत पुलेंगे
04:58आपके उन्याश्वें
05:01हमें कहां एशो आराम का मौका मिलना था
05:14उल्टा यहां बंद कर दिया तुम लोगों ने हमें
05:17हमने भी बर्दाश कर लिया ठीक है मान लिया
05:19लेकिन अगर ये तलाग का मौमला भी इतना लंबक खिचेगा
05:22तो हमारे लिए तो मसाइल की बात है ना
05:24अब तो जो बावर्ची खाने की ओरते थी उन्होंने साथ मेलों तक तुम्हारी बातें पहुशा दिया है
05:27अलौरतों की तुक्ड़े तुक्ड़े कर दूगी मैं
05:30नेजर क्यों तंग कर रहे हैं
05:32हम सब लोग यही कह रहे हैं
05:34तुम्हारी बेटी को इस्तिमाल किया गया और कुछ नहीं
05:36यह किस तरह की बाईयाद बाते कर रहे हैं आप
05:39सब हम ही को कह रहे हैं
05:40कि हम बे शर्म बे गहरत हैं
05:42और यह सब कुछ इसी के ओज़ेसे हुआ है
05:43क्या बाबा
05:44चुप करो तुम
05:45अपनी गलती मानो और अपने बाब सो लिजने की कोशिश मत करो
05:47मैं जरा चाहे कैफे क्या गया
05:48गलती हो गई बहुत बड़ी
05:50बहुत बाते सुनने को मिली
05:51कोई मुझ पर दरस खा रहा है
05:53तो कोई मुझे अजीब नजर से देख रहा है
05:55जिसको देखो हमारी खीबत करने में लगा हुआ है बस
05:58आ आ
05:58वो कैसे लोगे जिने खीबत करने में शर्म नहीं आती है बलकुई
06:02बस तुम देखती जा ना
06:04अभी तुमारी मा बादार जाएगी ना
06:06फिर पता चलेगा लोगों का रवया
06:08बस हर किसी को सिर्फ अपनी फिकर करनी चाहिए
06:10दूसरों की बातों से हम क्यों परेशान होने लगे
06:13परेशान? हमारे पास परेशानी के लावा और बचा ही क्या है?
06:17अगर इस मामले ने तूल पकड़ा और उस आदमी ने निका ना किया इससे
06:20तो फिर हम लोगों को कैसे मूद दिखाएंगे? कभी इस बारे में भी सोचाए तुम दोनों ने?
06:26मेरा दम घोट रहा है
06:27आप दोनों मिलकर मेरा दम घोट रहा है
06:30कसम खाती हो निका करेगा
06:31आप लोगों को यकीन क्यों नहीं आ रहा?
06:50मेर इतना दवाव मट डाले उस पर
06:58देखें अगर वो परिशान होगी तो किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा
07:01अल्ला इसके लिए असानिया पैदा करे हफीजा
07:03लेकिन मैं जो कुछ कह रहा हूँ सोच समझ कर कह रहा हूँ
07:20आज तुमने उस औरेट के पेट में मौझूद बच्ची के लिए उसको सपोर्ट किया
07:33लेकिन कभी तुमने मुझे सपोर्ट किया कभी मेरे लिए साबने आया हो साहिए
07:39क्या यह कहा कि मैं तुमारा साथ देता, सब के खलाफ खड़ा हो जाता
07:42और ना ही तुम्हें तलाग देता, इतने सालों में के तुम नहीं चालने क्या क्या हुआ है मेरे साथ जाहिए, तुमने एक कितनी मेरे साहिए नहीं दिया
07:49लेकिन मैंने यह जूट तुम्हें तकलीफ पहुचाने के लिए नहीं बोला तुम
08:02मैंने तुमसे मुहम्मत की वज़ा से छूट बोला जाहिए
08:05अल्ला की कसम जाहिए
08:08अगर मुझे जर्रा बराबर भी यकीन होता कि तुम मेरा साथ होगे
08:11तुम ऐसा कभी नगरती
08:12तुम इन बातों में से कुछ भी जुटला नहीं सकते
08:16और हमने इसलिए शादे भी की
08:32क्या हुआ था जाहिए बाहर क्यों नहीं निकल रहे थे
08:46तुम्हें कुछ हुआ है क्या खैरियत तो है
08:51नहीं कुछ नहीं हुआ
08:52कंपनी में आज कुछ ज्यादा काम था इसलिए ठक गया हूँ
08:55चलो चलो आओ उन्दर सलो सर्दी लग जाएगी
08:59जाहिए
09:00बापा मुझपर बहुत दबाव राल रहे
09:03मेरे पीछे पड़ गए
09:04अलमास प्लीज
09:06मैं वाकई बहुत ठका हुआ हूँ
09:08चलो उन्दर चले अलमास आओ
09:10बहुत ठंड है यहाँ पर
09:30तो मैं वो बताती हूँ जो मुझे मालूम है
09:32मसलन जब तुम मुझे यहाँ पागल बनाने की कोशिश कर रहे हूँ
09:35तो एक हामला ओरत तुम्हारा घर पर इंतजार कर रही है
09:38मेरे घर के एक चक्का लगाना छोड़ तो
09:40क्योंकि चप्पी में तर्वाजा खोलती हूँ तो
09:43नहीं चाती कि हमेशा तुम मेरे सामने हो
09:45मैं इन चीजों से बहुत ठक चुकी हूँ अब अली
09:47बहुत बेचैनी होती है
09:48और मेरी इस बेचैनी की वज़़ा सिर्फ और सिर्फ तुम हो अली
10:10तुम पर तरह सब रहे हैं
10:13तुम सिर्फ मुझे चला कर मुझसे भागने की इस कदर कोशिश में मुगतला हो
10:17जिद तुम्हारे पास सरसी अकल नहीं बची है सोचने के लिए कि तुम्हारे रिटकर्ट क्या हो रहे है
10:20ठीक है तुमने मुझसे बचने का फैसला कर लिया है
10:23लेकिन याद रखना मैं तुमसे ज्यादा जिद्धी हूँ
10:39कर लो जो दिल चाहे तुम्हारा लेकिन मैं तुम्हें उस आदमी से
10:42याद रखना नूर तुम्हें दूर करके ही रहूंगा अब
10:50कर लेकिन कर लेकिन
11:03ऊत्self हर्ट
11:07बस्तोल से हर्ट
11:08कर दसें
11:10कर लेकिन
11:20आखरी वार तयार कर लिया है
11:28कर सुबह हमना करने की बारी हम की है
11:30ये मेरे लिए आखरी चांस है
11:37हमेशा की तरह मुतनाज़े जिन्दगी की वज़से
11:51खबरों में रहने वाली नई मौडल नूर कोजान
11:53वो अब भी उसे कोजान कह रहे हैं यार
11:56मुझे इस बकवास में दिल्चस्पी नहीं है
11:57उन्होंने अपने खुफिया शादी को गत्म करने के बाद
12:01मशूर कॉस्माटिक कंपनी के मालिक करीम संजक्तार के साथ
12:05नहीं महबत का आगास कर लिया है
12:06अलीना
12:07कुछ दिन पहले अपने नए महबूब के साथ
12:10छुपकर रोमानवी मुलाकात करते हुए पकड़ी गए
12:13और उसके बाद
12:14खुबसूरत मॉडिल को कल दुबारा
12:16अपने साबिक शोहर मशूर बिजनसमैन
12:18अली कोजान के साथ दिखा गया
12:19जिससे बहुत से सवलात पैदा हो गए हैं
12:21और कहा जा रहा है के
12:22कारोबारी दुनिया की दो नामवर शक्सिया
12:24आज के बाद ये अकबार इस घर में नहीं आएंगे
12:29ये नहीं कहोगे कि तुम दुबारा उस औरत के दर्वासे पर नहीं जाओगे
12:33उठेले वाले मर्द ये सब कुछ अटा हो यहां से
12:35जब तक तुम उस औरत के पीछे भागते रहोगे
12:37तुम्हारी जिन्दगी बच्चे से शर्मिंदा होने में कुछ रिगी
12:40घर से भागना असान है अली
12:48अगर तुम इसी सोच के साथ चले तो अप्रे ही रफ्तर में दाखल नहीं हो सकोगे
12:52सुन रहो ना मुझे
12:53इस सोच के साथ तुम सड़क तक पर नहीं चल सकते
12:55लोग ठूकेंगे तुम्हारे मूपर
12:57देखो यह क्या हो रहा है सुबसुबा
13:02तुम दूर रहो प्लीज
13:03कुछ मत बोलो आजाओ चलो
13:05बस करो लीना
13:11जाओ अपने बीटी के पास
13:13मर तयारे
13:25यह कभी खत नहीं होगा
13:46कभी भी खत नहीं होगा
13:47क्या करू मैं
13:48मुझे नहीं जाना
13:50में नहीं जाना
13:51ऐसे मत करो ना मरत मरी जान
13:53बताओ कि ऐसा हो सकता है
13:54कि तुम नहीं जाओ मेरे साथ
13:56तुम मुझे परिशान करे हो
13:57हम दोनों नूर के घर गए थे
13:59जैसे वहाँ पर केल खेला था
14:00यह बिल्कुल वैसा ही है बेटा
14:02लेकिन यह तो बुरा है
14:03लेकिन अपनी अम्मी को परिशान कर गया
14:05इससे भी बुरा है
14:06मगर मैं उनसे मौपात करता हूँ
14:08सिर्फ नूर को पसंद नहीं करता
14:10लेकिन मैं बुरा बच्चे नहीं हूँ ना
14:12ठीक है
14:14फिर एक बात बताओ मुझे तुम्हे अपने बाबा वापस चाहिए
14:19जी चाहिए है
14:20हाँ
14:21तो फिर तुम्हें मेरी बाते चुपचाब बिना जित के माननी होँगी
14:24ठीक है न
14:25समझो वरना हम बाबा को खो देंगे
14:27बाबा हमारे पास वापस नहीं आएंगे
14:29मैं बहुत दुखी होँगी
14:31देखो तुम्हारा भाई भी बहुत दुखी होगा
14:39लेकिन मैं बुरा बच्चा नहीं हूँ
14:47मुझे मालूम है मेरी जान
14:54मगर कभी कभी अच्छे काम करने के लिए कुछ बुरा करना पड़ता है
15:00अब मुझे बताओ मेरे बच्चे
15:03अपनी अम्मी के लिए और बेबी के लिए अच्छा काम करने के लिए
15:07थोड़ी सी शरारत करने को तयार हो ना
15:10यह अभी तक फोन नहीं उठा रहा
15:20तुम अभी तक जाहिस साब की मर्जी का इंतिजार कर रही हो
15:22नूर एक तरफ मक्कन और शैद में बैठी हुई है
15:24देखना वो दूसरी बार निका भी कर लेगी और तुम्हें पीछे चोड़ देगी
15:27क्या क्यामत तूट पड़ी ये बाबा सुबा सुबा जो आप चला रहे हैं इस तरह से
15:32पहले अलीना कर रही थी शोर
15:34हद हो गई मुकाबला क्यों करवा रहे हैं आपकी बाते समझ नहीं आती
15:38हाँ तुम्हारी ये मासूम सी नजर आने वाली बेटी खुद मुझे ये बाते करने पर मजबूर कर रही है समझी तूँ
15:43तो बाह कैफे में जाके लोगों की उल्टे सीती बाते सुनने के बाद
16:04मर्द ये लो जाओ अलवास बेटी लगता है आसमान से पत्थर बरस रहे हैं तुम्हारी सर्क में लगने वाला था हाहां लगता है कि नासान आगए देखे जरम इसे कैसे बताती हूँ
16:22अरे बेटा लुको अब देखेगा मैं इस पत्थर को लेकर ये तुमने किया मर्द छोटे साब अपनी नूर जब काओ के मेरे बाबा को छोड़ दे बस यही वो ना बाकी था
16:33बेटा बस करो सुनो क्या कर रहे हो ये पत्थर मुझे दो इस बच्चे को देखे जरा नूर को काओ इस बुरी चुड़ाल को मेरे बाबा को छोड़ दे बढ़ना ये पत्थर उसके सर में मारूंगा आप ऐसे नहीं करते मर्द चलो आप चलो जिल्दि अल्ला अल्ला हफी�
17:03शाबाश मेरे बेटे सब खत्म हो गया एक चोटी सी शरालक की और बस खत्म शाबाश मेरी जान कमाल करते वा मेरा जहीन बेटा बढ़ा होकर अपने मा की हिफाज़त करने वाला होगा ओ मेरे बच्चो वा वा वा इतना सा बच्चा हमारे साब ने दुश्मन बनकर खाड़ा
17:33सुना मैं कहरा था कि शायद वो फिर से शादी कर लेंगे लेकिन उस लड़की के होती हो नहीं इस दुनिया में तो नहीं इतना मासूम और समझदार बच्चा इसे हरकत कैसे कर सकता है समझ नहीं आ रहा वही सिखा रही होगी उससे बो कान भरती होगी उसके अल्ला जाने की
18:03अब दो ऐसा भी कुछ नहीं हो चीशे टूटके सर पर गिरे हमारे तुम कहरे यह कुछ नहीं हुआ या ला मैं कहां जाकर मूझ चुपाऊं हमारे मसाल कम नहीं थे कि नूर की आशीकी माशुकी भी हमारे सर पर आ गई है
18:13देखिए सर रह कितना गंद हो गया चले इस उठा लेकर नहीं नहीं दो तुम तुम तुमारे हाथ पर लग जाएगा मजीद मुस्यक्ते मत खड़ी करो चलो बैठ जा नहीं नहीं फोन का गया
18:24अलीना शीशा लगवाने के लिए कॉल करेगी ना किसी को बलवाई शीशा लगवाई असके बच्चा ने किया है
18:31हाँ मुझे तु बस शीशे की फिकर है ना किसको फोन करें है अभी किसे करना चाहिए
18:36किसे फोन करना चाहिए हाँ
18:38नूर दर्वादा को लो
18:48नूर खुदा के लिए खुदा के लिए दर्वाज़ा को लो देखो जरूरी बात करनी है
18:53खुल
18:55नूर एक दफ़ा मेरी बात सुन लो
18:57नूर मैं भी जानना चाहता हूँ कि ये सब कुछ कैसे हुआ है
19:01मैं कसम कहा के कहता हूँ मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं मालूँ प्लीज दर्वाज़ा खुलो यार
19:05देखो मैं जा रहा हूँ
19:10सिर्फ तुम किसी मुश्किल में ना पड़ो उसलिए मैं जा रहा हूँ
19:15हाँ अगर मेरा फोन एक दोर करने से पहले सूच लेना कि अच्छा नहीं होगा अभी सुन रही हो तुम मैं बार बार आओंगा नूर
19:23अपिंजर क हुष जाओं
19:44जाई खाह जजसे जोच चाराओं गज़े को कि चाराओं Allan
19:48गज सव अच्छा की ड़ो में जो है कर ंगे जो खाहंगे
19:53आँटी अभी बात करने का में हाल पर पस नपने है
20:11तुम्हें अंतास अभी है तुमने हमें किस हाल में छोड़ा है हाँ
20:14अमी लाए मुझे बात करने दे
20:16अंटी क्या हुआ है
20:18अमी क्या मसला है फोन दे ना मुझे
20:20ये जो तुमें सक दो कश्टे में सवार हो ना
20:25आंटी ये क्या हो बोल रही है आँ
20:27अच्छा मैं तुम्हें क्या कह रही हूँ वाकई
20:29एक दिन तुम अली के साथ होती हो
20:31और दूसरे दिन अख़़ार में किसी और के साथ
20:33तुम्हाई तस्वीर चपती है
20:34तुम आखर एक दिन तुमने रहना किस के साथ है
20:38चाहती क्या हो तुम नूर
20:40आंटी आंटी आप क्या किया रही है
20:42क्या फिर से अलीना ने प्रिकुछ कहा है आपसे
20:44बता है मचे क्या कहा है उसने
20:46अलीना की बात नहीं है
20:47अलीना ने कुछ नहीं का, उस छोड़े बच्चे ने आके पथर मारे हैं हमें, और जिस तरह उसने बात की है, चोड़ा एल नूर कह रहा था हो तुम्हें, हमारे ख़र के सारी खड़कें तोड़ दियो उसने पथर मारके, तुम्हारी मुझा से यह नो मता के, कि वह मारे सामन
21:17होना था, मैं पागल हूँ, यह सब तुम्हें बता रही हूँ, तुम्हें तो कोई फर्क पड़ेगा नहीं, ऐसा ही है न, बस करें उसको क्यों सुना रही अम्मी, हेलो नूर सुनो, तुम ये बात दल पर मत ले न, इनकी सोच पर तो पद्धर पढ़ गए, मुझे सम रही ह
21:47प्लीज नूर दर्वाज़ा खोलो, नूर अभी अख़वार देखे है मैंने, प्लीज दर्वाज़ा खोलो, क्या हो गया है, नूर, नूर, क्या हाल बनाय हुआ है, उसी अपनी के विज़े से रो रही है, प्लीज तुम चल जाओ,
22:17नूर, भूम मेंजे तरफ देखो, क्या तुम इस अज़ाब से हमीशे करीन करना चाहती है, तुम ये तक्दिफ खतम करना चाहती हो, विज़े, अपने लिए, उस छोटे बच्चे के लिए, उस आने वाली बच्चे के लिए, यहां तक कहली के लिए भी, तुम वागई चा
22:47चाहती हूँ
22:51मेरे पास और कोई रास्ता नहीं
22:54मैं चाहती हूँ
23:02तो फिर
23:07हम दोलों के पास इसके सेवा कोई रास्ता नहीं
23:17दो दिन गुजर गए पूरे दो दिन गर पे नहीं है वो ना वो आदमी है ना उसका फूर ओने
23:37अल्ला खेर करें मेरा दिमाग फट रहा है बात सुनो अलमास अफीजा बताओ तुम दूरों अगर कुछ भी जानते हैं उसके बारे में मुझसे कुछ भी मत चुपाना
23:45उस आदमी पर भरोसा नहीं है मुझे नूर को नुकसान पहुचा सकता है मैं जानती हूँ कि नूर को किसनी नुकसान पहुचा है मगर
23:52आप लोग मेरी बात समझ नहीं नहीं चाते
23:54वो खतरनाक है सच में
23:56मैं वांड कर रहा हूँ
23:58मैं दोहरा रहा हूँ कि वो खतरनाक शक्से नूर को नुफसान हो सकता है
24:01खुदा के लिए अपनी बेहन पर रहम करो बताओ मुझे का है वो इस वक्त
24:04उसके साथ कुछ बुरा हो सकता है
24:05सुनू अली मैं अपने होने वाले बच्ची की कसम खाती हूँ
24:09इसे गोध मेले न मुझे नसीब ना हो अगर मैं तुम्हें जानती हुए नहीं बता रहे हूँ
24:13अरे तुम कहा गई वो
24:14जमीन निकल गई या अस्मान खा गया उसे का है वो
24:17तुम्हें संगूटे की आदी में हो पाई
24:34वैसे हमें वहाँ शादी क्यों नहीं करनी चाहें
24:36जब सब कुछ मकमल हो गया था
24:38फिर हम दोनों वापस क्यों जा रहे हैं बताए
24:41इस बारे में तुम से बात की है नूर
24:43तुम से काया कि मैं घर में सिर्फ सादा सा निकाद रूने चाहता हूँ
24:45ठीक है हमने बात की थी लेकिन मैंने भी तो कहा था
24:48कि अगर अली आ गया तो
24:50और उसने सब चीजें बिगार दी तो
24:52हम शादी करके भी वहाँ जा सकते थे
24:55जब तुमने एक बर हाँ कह दिये तो
24:57कोई कुछ नहीं बिगार सकता है हमारा
24:59अब हम ख़र जाएंगे
25:01निकाख हो मा आएगा और हम शादी कर लेंगे
25:03फिर अपने नए घर की तरफ रवाना होंगे हम लोग
25:06अली से दूर
25:08बस इतना ही
25:10प्लीज अब मज़ीद परिशन आओ
25:11करीम
25:17मैं
25:19यानी
25:21मैं नहीं चाहती कि ये खुशी खराब हो
25:24ये खुशी खराब होने वाली नहीं है
25:25और मैं और तुम जानते हैं कि ये बात हम बार बार कर चुके हैं नूर
25:28मैं तुम्हारी याद ध्यानी के लिए एक बर फिर कह देता
25:31हमारी शादी कभी भी एक हकी की शादी नहीं होगी
25:34हम अभी जैसे हैं नेका के बाद भी वैसे ही रहेंगे
25:37अली तुम से उमीद छोड़ देगा
25:39और जैसे ही वो अपने बच्चे की माँ से शादी करेगा
25:41हम खामोशी से तलाक देलेंगे
25:43बस इतना ही करना है
25:45मैं दो दिन से खामोश हूँ लेकिन अब मुझसे बरदाश नहीं हो राली साहब
25:53आपके बेटे ने पत्थर मारे यहाँ
25:56सोचा भी है अगर इसके सर्पे पत्थर लगता तो क्या होता
25:59मैं उससे बात करूँगा
26:02उसने यह क्यूं किया मुझे नहीं मौलू वल्ला मुझे नहीं मौलू उसने क्यूं किया यह
26:08लेकिन आपके अलावा तो सब जानते हैं अली साहब
26:10बच्चा अपने माबाप को साथ देखना चाता है
26:13और वैसे भी आपको नुर और करीम का पिछा छोड़ देना चाहिए
26:16यहीं सब के लिए बहतर है
26:18मुर्त के लिए
26:19और आपके होने वाले बच्चे के लिए भी
26:21सब के लिए ही अच्छा है
26:22अगर पता चले उसका कुछ
26:25तो प्लीज मुझे बता दीजेगा
26:27मैं आप लोगों की तरफ से खाबर का वेट करूँगा
26:30खुदा के लिए आप लोग मुझे से कुछ भी मच छुपाईएगा
26:32मुझे कसम से रोना आ रहा है अब तो मी
26:44ग्या आत्मी तो वाकर दिवाना हो गया है
26:46लेला के बगेर मजनू का यही हशर होता है
26:49देखो नूर ने आखरी हल के तोर पर खायब होने का रास्ता चुना है
26:53मुझे जादा कुछ नहीं पता मगर उसकी गलती नहीं है
26:56अलीज़ा आप तक इसने कहा है कि इतने इश्क में पागल हो जाए
26:58अब करें इंकजार बैट कर
27:00अलमास उठो डॉक्टर थोड़े दिर में आ ही रहा होगा
27:05हमने हास्पिरल नहीं जाना था तो
27:09खुदा का शुकर है कि डॉक्टर खुदा रहा है
27:12चले फिर मिलती हूँ ठीक है
27:42इस मौसम में भी बाहर खड़ा है वो
27:43यह बिचारा वाकई बहुत ठक गया है
27:46बहुत ज्यादा ठक गया है वो
27:48अली की हाला साफ दिख रही है
27:57बेकरारी
27:59उस नागिन की खबर लेने के लिए
28:02वो नौकरों के दर्वासे पर भी लेटने को तयार है
28:04फिर भी कोई फाइदा नहीं होगा
28:06सब खत्म
28:07आज यह मामला खत्म हो जाएगा मैं सब खत्म होगा
28:10तब मैं यकीन है कि वो आज निकाह करनेंगे
28:12वो करेंगे
28:13आज मैं अली को उस औरस से मुकमल तोर पर आजाती दिलवा दूँगी
28:17और उसके पास मेरे लावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा
28:47करेंगे
29:17सारी ते यारिया पुरी है दूर
29:43कोई काम हो तो एक लासम लोचुत है
29:46कोई कर लाकरा है
29:48आये नूर सहबा
30:16अली
30:18मेरे भाई में जानता हूँ कि तुम क्या से रहे हो
30:21हफीजा बीबी की बात भी सही है
30:22समझो कि अब तुम्हें नूर को
30:24अलीना और मर्द को कुछ सुकून के जुरूरत है
30:26यार तुम शायद समझ नहीं रहे हो
30:28या पिर समझना नहीं चाहते हो
30:29मैं नूर से महबबत करता हूँ भाई
30:31मुझे फिकर है उसकी
30:32उसाथ भी भरोसा नहीं कर सकता मैं
30:34जब तक मुझे ये पता नहीं चलेगा कि नूर कहा है
30:36मुझे सुकून नहीं मिलेगा
30:37यखरी नहीं करो के सांस रुक रही है मेरी
30:39क्या हुआ
30:45सर आप इसे अंदर ही बूल गएते
30:47सफाई करते हुए मिला मुझे
30:48समझ ये शुक्री है
30:50जाहित मैं वाक़ी बुरे हाल में हूँ
30:51ठीक है अली तुम कंपनी चले जाओ
30:53मैं चेकप के बाद आऊँगा ठीक है
30:54चलो
30:55अलो
31:01भाई अल्ला का वास्ता है अल्ला का वास्ता है
31:04इस बार कोई अची ख़बर देना तुम मुझे
31:05वो वापस आ गया अली साहब
31:07क्या वाक़ी
31:09वो अभी फोन पे किस से बात कर रहा है
31:13ठीक है बहुत पहुँच रो
31:14अली साहब
31:21यह यहाँ क्या करे यह
31:23कौन
31:25डॉक्टर है अम्मी डॉक्टर
31:27खुशाम दीद
31:28बहार शुक्रिया
31:28मुझे इस वक्त एक इंपॉर्टेंट काम है तो फौरण निकलना होगा जाहिद लिदर आपके इंतजार कर रहे हैं
31:32हम बात में मिलते हैं
31:32समझती हूं मुझे इस वक्ती बात नहीं करनी चाहिए लेकिन मुझे बहुत अफसूस है
31:36बहुत क्या है
31:38बच्चे के बारे में
31:40नहीं
31:46ये कोई ऐसे ही मुलाकात करने के नहीं आई अम्मी
31:49ये बता देगी
31:49सब बता देगी
31:51अल्ला खारत करे
31:54लगार इतकरे से
31:56जैसा कि मैंने कहा हमने पूरी कोशिश की लेकिन आपके बच्चे को नहीं बचा सके
32:01तरहसल अलीना साहिबा की हालत बहुत खराब थी
32:04मैंने उन्हें ये ही कहा कि अभी आप बहुत जवान है
32:07कितने कितने दिन हो चुके है तपना वाद कभू है मिसकरेज
32:23उनका मिसकरेज कुछी दिन पहले हुआ है कि आपको मालूम नहीं है
32:27अली
32:37अली
32:44अली
33:00अली
33:01आदेके रिए मने!
33:25अजार एूँर?
33:31लोग, लोग, लोग कहते हैं कि दुले का दुलन को शादी से पहले देखना नहूसत लेकर आता है
33:59लेकिन हमारा मामला तो बिल्कुल मुख्तलिफ रहा है नूर, है ना, क्या कहते हैं?
34:04मैं तयार हूँ, नीचे सब आगए हैं, सब कुछ तयार है
34:09सब तयार है, सिर्फ तुम्हारा अंतजार है
34:11ठीक है, मैं तयार हूँ, चलते हैं
34:15जल्दी नहीं करो, नूर
34:29तयार हूँ
34:47अत्यार हो तो
35:17अत्यार हो तो
35:47अत्यार हो तो
36:17अत्यार हो तो
36:47अत्यार हो तो
36:49अत्यार हो तो
36:51अत्यार हो तो
37:01तुमसे बहुत महबबत करता हूँ नूर
37:04और मैं तुम्हें अपनी जिन्दगी में अत्मा प्यार करूँगा कि तुम्हें कभी किसी चीज़ की कोई कमी नहीं होने तूंगा नूर
37:10मैं भी महबबत करती हूँ
37:14जब भी मैं तुम्हें देखती हूँ ना तो खुद को भूल जाती हूँ
37:20और वार वार यही कहने का दिल करता है
37:22कि मैं तुमसे बहुत महबद करती हूँ
37:24और तुम्हारे लिए ये महबद तभी कम नहीं होगी अली को साहूँ
37:27आपने एक दूसरे से शादी करनी के खाईश का तहरीर तोर पर हमें बताया है
37:50आपके शादी में इस वक्त मेरे हिसाब से कोई रुकवण नहीं है
37:54अब आप इस खाईश को गवाहों की मौजूद्गी में एक बार फिर जबानी तोर पर बयान करेंगे
38:08तो यही आप लोगों के लिए बहतर होगा
38:11जनाब आप करीम संचत्तार क्या आप नूर दमीर को किसी अस्रो रुसुख और दबाओ के वगएर अपने शरीके हयाद के तोर पर पुबूल करते हैं?
38:29यहाद करता है
38:59आप में का बनात रहें चला
39:05आप नूर दमीर साहबा
39:13क्या जराब करीम संजिक्तार को
39:21किसी के असर रुसों और दबाओं के बगार
39:24शेरी के हयात के तोर बखूल करती है
39:29कबूल
39:36यहाँ साइन कर दीजिए
39:59नूर साहबा आपने हाँ कह दिया है
40:10लेकिन साइन के बगएर यह निका मुकमल नहीं होगा
40:13आप यह साइन कर दीजिए
40:34यह यहीं कर दीजिए
40:47यहिए यह साइन कर दीए
40:48झाल झाल
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