00:00काहां चुपा है उसे, काहा है हूँ?
00:19मैरे, मैरे अपने आप से वादा किये, जब तक वो घर नी चला जाता, मैं किसी को कुछ नी बता हूँगी, चाहे मेरी जान चली जाए, मैं कुछ भी नी बता सकते हूँ
00:28वचर, तुम्हें पता है तुम्हें बाबा को पता चला, कि तुम्हें इतना बड़ा धूका दिया है, तुम्हें तुम्हें साथ क्या गरेंगे?
00:36वचर
00:50क्या हुआ? तुम्हें लोग इतने परिशान?
00:54बेटा, मैं हूँ ना, तुम्हारा बाप अभी जिन्दा है, मेरे होते हूँ तुम्हें कोई लेके जा सकता है?
01:04और तुम्हें क्या हुआ है, साथ का? तुम्हें क्यो रो रही हूँ?
01:08मा हूँ, आलाद के लिए मा परेशान ही रोती है, ना?
01:14सुबह बेल बिफोर अरेस्ट हो जाएगी
01:18मेरी बात हो गई यह लॉयर से, टेंशन की कोई ज़ुरत नहीं है
01:22मेरी बात होगे यह लॉयर से, टेंशन की कोई जरूरत नहीं है
01:25और उसके बात, ऊसके बात खुन हो कहूं
01:29खुन नहीं होगा
01:36किसी मेड़ संका रियाक्शन भी तो हो सकता है
01:43और डॉस भी तो हो सकता है
01:47ये भी तो हो सकता है, वो दीवाना वहशी जो है, वे किसी गाड़ी से टकरा जाए
01:53बल्के बेटा, मैं तो कहता हूँ, तुम मेरे हवाले कर दो से, खुद साइट पे हो जाओ
02:00नहीं नहीं बाबा, आप कुछ मत करेगा, मैं सम्हाल लोगी सुब कुछ
02:05I'm proud of you, मेरी जहान हो तो, बल्के तुमे काम करो विटा, वो अपनी
02:16SIM जो है उसको निकालो मुबाईल से और तोड़ दो उसको, उस तुमें ट्रेस कर सकते हैं से, मुबाईल में मुझे दो, मैं बाहर पिकवाँ गई, शेहर से बाहर
02:26Baba, Baba
02:27Yes, son, you have to be careful, give me your mobile
02:36वो मेरे कमरे में है, जो, जो, जो, ले किया आओ
02:45तुमे क्या होगी है
02:51Bail before arrest हो जाएगी सुबाँ, कह दिया मैंने लॉयल
03:21सवाल तो बहुत हरे उड़ते है, Baba जी
03:36मेरा सवाल यह है कि मुझे मेरा बेटा का कहां कैसे मिलेगा
03:48यह तो हमने सोच लिया है, कि डॉक्टर फजा ने शेर को अगवा किया है
03:58तो भावी जी कौनसे का लब बाद सोच ली
04:00तो उनों कट्छे महां से गाइब हुए है
04:05आखरी बार उस लड़की को यह शेर के साथ देखा गया है
04:08और गाइब होने के तोड़े बाद उसने रेजाइन कर दी है
04:10क्यों? आखर क्यों?
04:15हमेजे इन बातों से उस लड़की पर शब जाता है ना?
04:21क्या कर लिया तुमने शक करके?
04:23क्या तुम अपने उस शक को यकीन में बदल सके?
04:34नहीं बदल सके ना?
04:42बदा जमान एक वो वक्त था जब वो लोग हेलपलेस थे
04:45उनकी लड़की को हमने उठा लिया
04:48तेको वक्त कीसे बदला है
04:54आज हम हम हेलपलेस हो चुके हैं
04:56कर में माशाळला से तीन कडियल जवान हैं
05:03कि कि एक लड़की को जहर नहीं कर सके?
05:12उस लड़की का ट्राइल कर वा कि शेर को बाजयाब नहीं कर सके?
05:18अज़े शेर को अज़े लिए खाएं
05:28शेया जिन्दा होते हैं
05:29क्या वो इससे हेलपलेस को चोड़ देते हैं
05:32दुश्मानों के रहमो करम पे?
05:39अधर्जमान मुझे नहीं पता मेरे बेटा कहा है
05:42वो कैसा जुल्मों से तंसहरा होगा और अगर वो दुश्मनों के नरगे में तो मतनी उसके साथ क्या सुनुक कर रहे हूंगे वो
06:12रहे हूंगे हुझे है तो अजनक है जगर को जो हुझे रहे हुझे हाईं आग्
06:22चुटे रेस, दर्दोरी, ड्रिप लेगवादू?
06:52अजर को कॉल नगा।
06:59अजर को कॉल नगा।
07:13सरकार, मेरे खाल है कि वो अकेले नहीं होंगी।
07:16इस वएज़ इस से फून उठाने रही।
07:18मैं जो कहरू हूं वो करूँ ना।
07:22वीडियो कॉल लगा।
07:24जी
07:34ठीके तुम जाला।
07:52क्या होगा शेर?
07:55तुम ठीक तो हो, क्या होगा है?
08:00अगर जब से तुम से मिलाओ न।
08:02तुम मैंने रियालाइस किया है।
08:07हर डॉक्टर के पास दवातो है।
08:12और शिफा नहीं है।
08:15क्या नहीं है।
08:18कच्छनी होगा, तुम ठीक हो जाओगे।
08:21और अगर मैं ना सही होना चाहूं तो…
08:25हो क्यों?
08:26तुम मेरा एलाज से कर वोगी है।
08:32तुम पहले पांगल नहीं थे।
08:35अब पांगल होकर।
08:39तुम बहुत खुबसूरत है।
08:47पहले नहीं लगती थी।
08:52कुसम से बहुत लगती है।
08:56आज मुझे अंदाजा हो रहा है।
09:03किन मुझे तुम्हारी तरफ कहींचा चलाता था।
09:14मुझे जानना तो रिधा के पास होता था।
09:22लेकिन मैं बाहर बाहर पर लटके।
09:27तुम्हारे पास आजाता था।
09:30अभी इन बातों का वक्त नहीं है अशेर।
09:35अतामी मेरे दिल में आ रही है।
09:38तुम अपना ख्याल रखना तुम जल्दी ठीक हो जाओगे।
09:40मेरा फोना बंद होगा।
09:44कुछ दिन के ले नी खोलू ही ठीक है।
09:46क्यों?
09:49मैं क्या करूंगा पैर?
09:51फोन बंद?
09:53जब मुझे तुम्हारी याद आए तु क्या करूं?
09:59तो मेरी याद क्यों आएगी?
10:03तो नहीं मुझे
10:07लेकिन बहुत आएगी
10:15क्यों तुम्हे मेरी याद नहीं आएगी क्या?
10:17मेरे हरक तर्द की वस्तुःद की अएगी
10:29सचकेर ही आएगी
10:37मैरे नहीं याद वस्तुःद मेरे नहीं
10:42तेरे इस्क नमस दिकिया
10:45लिर बीश्क नम्स लिए
10:53मीज Hammust लिए
10:57ले बीश्क नम असतिया
11:01ले इस्क नम्स लिए
11:05ले बीशिक नमस लिए
11:08हर समर हर
11:11ले रiyब हर
11:14दूर दूसराम रहा जायरे, दिर्व नालम प्रारवे...
11:29राजदान!
11:32शोटे राइस!
11:35क्या वो?
11:36डॉप्तर!
11:37जल्दिये!
11:38जी, सार!
11:39देखे!
11:40क्या वो, सार?
11:41क्या वो?
11:42वो दुदर दूरा हैं?
11:44दुदर दूरा है, सार?
11:46वात पहलने से था...
11:52एसार जाज हो रहा है...
11:54नर्स को बलाएं जिए यहां...
11:57सार...
11:58सार...
12:01रिलेक्स रहें...
12:02आपको इंजेक्षन लगेगा भी ठीक हो जाएगे, सार...
12:04सार...
12:06सार...
12:07स्टाफ...
12:08बेन के लिए लाएं जल्दी से?
12:12सर्थ
12:15सर्थ
12:16सर्थ
12:20सर्थ
12:28बाभी जी प्रफ
12:30प्लीज बतर समार, श्टोप था नॉनसेंस
12:35अमें तुम्हारे इन फजूल और सेंसलेस बातों को नहीं जांकते?
12:38मुझे मेरा बेटा वापस चाहिए
12:47जब तक मुझे मेरा बेटा वापस ने मिल जाता?
12:49मैं हर इंसान पे शक्करूँ
12:51यहां तक तुम पे भी
12:56मुझ पे?
12:57हाँ
12:58तुम पे भी
13:00मैं अब तुम्हारी खाली बातों से नहीं बहलने वारी
13:02मुझे मेरे वापस तुम्हारे बेटों की तरह से
13:16दॉक्टर फजर को तो तुम्हारे बेटे ने भगाया था उन्हें नुक्सान पहुचाना होता तो उससे पहुच जाते
13:22मेरे बिचारे बेबस बेटे को क्यो उठा के ले गए हाँ भापे जी वाँ इस सख में किसी का लिहास करने किसी का शिक्वा सुनने के लिए ताहियात नहीं
13:30और अगर मेरे बेटे को कुछ हुआ तो चैन से तो में किसी को नहीं बैठे दो
13:52कि देखा आपने क्या देखूं क्या करूं जो कह रही है सुन लो ना सुनने के लावा और हम करी क्या सकते हैं
14:07ऐसे बदर समान तुम्हे क्या लगता है शेर को कौन उठा के ले गया है अजय क्या पता बाबे जी जमीन का गई या असमान निकल गया
14:19अभी ने तो फाहत एक पराने काते गोल दी है
14:27मुझे तो इस बात पे भी अफसोस है कि अब बेट आवादो किनी उठा देंगिया
14:32सच पूछो तो इस वक्त ना उसकी कोई भी बात मुझे बुरी नहीं लग रही
14:41मैं उस पे खफा होई नहीं सकती
14:44मा है परिशान है
14:49परिशान हो शेर ने मुझे कभी गहर नहीं समझा हमेशा सगी मा का प्यार और इजद दी मुझे
15:00मेरा कलेजा मू को आ रहा है अल्ला खेर करें पता नहीं कहा होगा अभी वो
15:07अमा कोई सद्का खेरात करवाते हैं कुरान खानी करवाते हैं हाँ है बिल्कुल बिल्कुल मैं से मश्वरा लेती हूँ
15:20किताब पढ़ने हैं या देख रहे हैं तुम जो भी समझ लो
15:48मैंने सुना है किताब इंसान को बदल देती हैं हाँ ऐसा तो है और इंसान बदल तो जाता है किताब पर पढ़ने से
16:00चुझा अपने क्या सीखा आज तक किताब पर पढ़ क्या अपनाया क्या चोड़ा
16:05मैंने बहुत कुछ सीखा, मैंने लाव फॉर नेचर सीखा, सेक्रिफाइस करना सीखा, हिमेनिटी सीखी, बहुत कुछ सीखा मैंने किताबों से.
16:20तो फिर आप यह सब कुछ कैसे बूल गए हैं?
16:26क्या कहना चाहते हैं?
16:27मलकों और रईसों के दुश्मनी तो बहुत परानी हैं ना शुजात.
16:33मैं तब से आपको देख रही हैं, लेकिन मैंने जिन्दगी में कभी भी आप में इसकदर खूनरेजी नहीं देखी.
16:40मैं याद है जब समरा भाग कर हमारे घर आई थी, आप ही उसकी ढाल बने थे, आपने उसको इस घर में बेटी का मान दिया था, आपने ताज बीबी और काकस आपकी मुखालफत मूल ली थी, आप ही ने कहा था ना कि अगर ये सच्छी है तो जूट यहां से नहीं होगा, औ
17:10मेरी बेटी तो साथ की में मारी गई है, और तब से अब तक किस कदर तकलीफ में हूँ तुम्हें अंदाजा नहीं है, मुझे लगता है साइका मैं बदला लिये बगार नहीं रह सकता, आप लेए बदला शुजात, मैं आपको बदला लेने से नहीं रोक रहीं, लेकिन उस �
17:40अब दो आपको बदला लेकिन उस तुम इतनी हमायत कर रही है उसकी? मैं उसकी हमायत नहीं कर रही हूं, मैं तो यह कह रही हूं कि वह बचारा इस कहानी में बेकुसूर है, अपने चाचा के रह मुकरम है, आप किसी की मामता से क्यों केल रहे हैं, क्यों मारना चाहते हैं? �
18:10बाते हैं, लोगों की नजरें सब परदाश कर गया था, और अपना आसमान समेट कर इस हवेली में अपने आपको महदूद कर लिया था मैंने, लेकिन उस हुरत ने, उस हुरत ने उकसाया है मुझे बतला लेने पर, तुम्हें पता है ना जब जमीन के उस टुकड़े के लि
18:40मुझे, कैसे जलील किया था काका साब के सामने, लेकिन मैंने सब बरदाश कर ली, मैं मुखतार काहर के पास किया, मैंने लोगों की चुपती हुई निगाहें वहां बरदाश की, उस पागल की माने आके वहां मुझे जीरों साबित कर दिया, और वो जमीन का टुकड़ा मु
19:10मैं बदर जमान को ये बताना चाहता हूँ, कि उसे जमीन चटाने के लिए मेरी बेटी का भी है, अगर वो जमीन का टुकड़ा भी मुझे मिल जाता न, तो शायद मैं इस हद तक नहीं चाहता, तुम्हें अंदाजें नहीं हैं जब मैं वापस आया, तो काका साब की निगा
19:40तुम्हें अंदाजा है, जब ताज मेरी बेटी को बाते सुनाती है, तो मैं किस कर्ब से कुसरता हूँ, कर्ब से कुसरना और होता है, लेकिन अपनी बेटी के साथ मिलके किसी की कत्ली की मन्सूबा बंदी करना और बात है, वो भी एक ऐसी लड़की, जो कि डॉक्टर है, �
20:10बलके शेर जवान और उसकी माँ की बजाए तो मेरी साइड पे खड़ी होती है, चुचाद, काश आप समझ सकते हैं कि मैं आपी की साइड पे खड़ी हूँ, मैं तो सिर्फ इतना कह रही हूं कि शेर, बस, एक लफज और नहीं, एक लफज, रईस कोठी बालों के लिए, ए
20:40प्रिम्टा होता, जब तक वो खड़ी चला जाता मैं किसी को कुछ निव बताउंगे, जाहे मेरी जान चलीजाए, मैं कुछ भी निव बताउसंते हूं कि अ
21:10झाल झाल
21:40जर अशु गुफता को कह दो मुझे जूस ला दे
21:48सुबा से वॉमिटिंग करके मेरा हशर निकर गए
21:53बच्चे पैदा करना भी कोई सौका काम नहीं है
21:56जो मंगवाना है खुद मंगवा लो
22:00मैं तुम्हारा कोई खरीदावा खुलाम तो हो नहीं
22:04क्या हो गया है जली कटी सुनाने की वज़ा अच्छा अब अब अज़ा भी मैं ही बताओं
22:12देखानी तुमने किस तरह से ताई जी अबबजी से बात कर रही थी
22:16हम कितनी कोशिशे कर रहे हैं शेर को ढूडने की लेकिन उन्हें देख के तो ऐसा लग रहा है जैसे वो समझती है कि हम नहीं शेर को अगवा किया है अब भला हम शेर को अगवा क्यों करेंगे
22:27विल देखी थी ना तुमने
22:30शेर जिन्दा या मुर्दा हालत में हमारी लिए बिलकुल ही बेकार है लेकिन हमारा जल्फ देख लो
22:36शेर को ढूडने की कितनी कोशिशे कर रहे हैं प्लीज आहर बस कर दो
22:42क्या यह तुम हरवगत दुख्यारी बहूं की तरह सासो सर के रोने लेके मेरे सामने आ जाते हो
22:48मर्द बनो
22:50हमने भी तो छोटी अम्मी के इख्तिहारात के साथ समझोता कर लिया
22:54तुम भी कर
22:56बाबा की दॉलत थी, बाबा ने कमाई थी, जिसको मर्जी दें, हम क्या कर सकते हैं?
23:01मरजान, तुम कहीं पागल-बागल तो नहीं हो गयो, हमने कौन सी दॉलत मांग ली है?
23:05इज़त तो मांग रहे हुना, छोटी अम्मी अपनी मर्जी की मालिक है, जिससे देना चाहें दे, और सीधी सी बात है, उनसे जगडे मनाजर तब अच्छे लगेंगे जब शेर खेर्खरियत से घर वापिस आ जाएगा, जिस आरत का जवान बेटा इस हालत में हो, और फिर खो
23:35यार, इंटर कॉम लगाओ है ना किचन में, जो चाहिए मंग वालो, मैं कुई तुम्हारा नौकर नहीं हूँ, तुम लोग ने तो हमें मुलाजिमी समझ लिया है, इतनी मालो दौलत से बनाया है, वारे में नहीं आता तो नौकरे छोड़ता है, यह तुम, तुम किस तरह से
24:05सब जानते हैं तुमारा बिजनिस कितना चलता है, यह तो अबबजी को भाई के प्यार का रोग लगावा है, औरना मैं तो थूकूं भी ना, बड़ा या थूकूं भी ना, कैसे बाते सुनाता है, मैं अम्मा थोड़ी हूं, किसी को अपना हक मारने दूंगी और हावी होने �
24:35किसी दिन गला ही दबा दे आहाथ, किसी दिन गला ही दबा दे आहाथ, शहर की भी को इज़त होती है, लेकिन यह मुलाजिम बना के रखा है, इससे अच्छा तो फाहद है,
25:05कमसकम अपनी भीवी को काबू में तो रखता है, मैं तो मस, आप भद गया हूं, इसको सबाक से कहना ही बढ़ेगा, ए, इधरा, इधरा, जबदी आँ,
25:35जासूसी करती रहती है, किसने दिया तुझे पैसे मेरी जासूसी के,
25:43जी वो, रैस, मैं कोई जासूसी नहीं कर रही थी,
25:49तो यह हर वख मुझ पे क्यों नजरें टिकाए रखती है,
25:55जी, सच बता दूं,
26:01आपको सुनती हूँ, लिकिन किसी के लिए नहीं, अपने लिए सुनती हूँ आपको,
26:13वो, आपकी आवाज मुझे बड़ी प्यारी लगती है,
26:19जूट नहीं, नहीं छोट रईस, जूट नहीं बोल रही, मैं अल्ला का सम सच कह रही हूँ,
26:33अच्छा, ऐसा क्या है मेरी आवाज में?
26:39वो, मैं तो नहीं जानती साई, लेकिन आपकी आवाज सुनके दिल खुश हो जाता है,
26:49जा, मुझे तो पता ही नहीं था,
26:54भला आपको कैसे पता होगा, किसी की खुबी उसे खुद कहां पता होती है,
27:00वो तो दूसरे बताते हैं कि उसमें ये अच्छा ही है,
27:07जैसे तू मुझे बता रही है, कि मेरी आवाज बहुत अच्छी है,
27:19अच्छा बस आवाज, नहीं नहीं सहीं आप पूरे के पूरे,
27:25मेरा मतलब आप तो मुझे हीरो जैसे लगते हैं,
27:31इतना अच्छा लगता हूं मैं,
27:39तुन्हें गुठी का क्या किया?
27:45जी, कौन सी गुठी?
27:50अच्छा, अब मिठ से छुपाएगी?
27:55वो साइं, छट डलवानी थी जी.
28:02तो मांग लेती ना?
28:04गरीब को भी भला मांगने से कोई कुछ देता है?
28:08अरे मांग कर तो देखती?
28:12ना साइं, मुझे मांगते वब शर्म आती है.
28:17और चोरी करने में?
28:21किसी को क्या पता?
28:24मुझे तो पता है.
28:29आपके दिल में अल्ला ने रहम भी तो डाल दिया ना मेरे लिए?
28:33ए? अल्ला चोरी में साथ देता है?
28:37वो तो मुझे नहीं पता.
28:40लेकिन रास्ते तो खोलता है, ना?
28:43अच्छे का बोलो तो अच्छे के और बुरे का बोलो तो बुरे के?
28:48बहुत अकलमंदों वाली बातें कर रही है
28:53बिसमिल्ला जी बिसमिल्ला आपके मुझ से पहली बार तारीफ सुनी है
28:59कसम से चादर चड़ाऊंगी मजार पे अब तो
29:02एक पागल किसी और का शोहरूम है
29:07किसी और का नहीं नाकदरी का कहें रईस नाकदरी का
29:13अला कसम अगर ऐसा खामन मेरा हो तो मैं पाओं भी खुदी दूलाओं और जुद्ती भी आप ही पेनाओं
29:23शुगुफता टनेशन तर्व में चली शुटे रिंस तर्या हाँ
29:44कर दो जादना
30:14सुष्भा तर्षभ Ciao
30:33सुरी शिजा साब, मैं तो सिर्फ अपने ड्यूटी दे रहा हूं, अच्छी बाद, ज़रूर करें ड्यूटी अपनी अप, यह ले, यह देख ले, यह देख ले, यह देख ले, यह देख ले, यह आते भी सर, मैं भी यही दोएं करा था,
30:59करा, यह दो रहा हूँ, वैते सर, आप तोक्त्राथ रहिएगा, तो कब बेटा गुम हुआ है, वो इतने आसानी से जान छोड़ेंगे नहीं, यह दो था,
31:19मलिक साम, चलो,
31:29अबर्च
31:59यह आपने फिंक है?
32:27क्या?
32:30इसकी बात करीयों मैं, यह पत्थर.
32:33नहीतो.
32:36पहाद.
32:57क्या है?
33:01चाहिल आई थी आपके लिए.
33:05कोई मुलाजम ले आता?
33:07पर मैं आपका हर काम अपने हाथ से करना चाहती हूँ न?
33:13मेरे हाथ टोटे नहीं है.
33:16फाहद, इस क्या तरीका है बात करने का?
33:20आप हमेशा मुझसे इतना कड़वा क्यों बोलते हैं?
33:23जब से हमारी शादी हुई है?
33:27शादी के बाद से सिर्फ मुसीबते मिली हैं मुझे.
33:30मैं थोड़ी लाई हूँ यह मुसीबते.
33:33यह देखो मेरे हाथ.
33:35मुझसे दूर रहा करो.
33:37समझी?
33:42गपराट होती है मुझे तुम्हारी यह देवस्त की मॉपत देख्के.
33:46सारा मूट परबात कर दिया.
33:56यह दूर्मिया पाओ जी.
34:06दुष्मनादी आनिया जानिया मोग गई आने.
34:10काका साब, बहतर नहीं है कि जब टेबल बेर मेरी मम्मा हो तो आप लोग ऐसी बाते ना करें.
34:18उपर तुम्हारी भी कुछ सा लगज.
34:23तेरा मामा जो है ना, वो बार बार यहां पुल्स लेकर आ रहा है.
34:30तेरी फजरबात जी को पकड़वाने के लिए.
34:37तुझे जबी से कुछ गहरत करनी चाहिए.
34:44अज़ का क्या प्लान है?
34:51क्या प्राइम आज़ को?
34:53कहां जाने बाबाब, आपने ही तुम अना किया इसा.
34:56अरे, यह कहां जाएगी?
34:59यह तो घर में बैठके अराम करेगी अब.
35:02यह चकिद्धा, साग.
35:05साग, कास तेरे लिए और पायान के लिए बनाया है.
35:07यह ले ना पायान से.
35:09पूरी रात साग काटे काटे मेरे तो हात ही रह गए.
35:12बता ना, कैसा बना है?
35:14आँ, साड़े लही ते बस दलिया ही ठीक है.
35:17वैसे यह साग खाने में क्या नुकसान है?
35:22काका साब, नमक है, मकषन है, अगर रूबले में पत्ते खाने हैं, तो बताओ.
35:32नौ, नौ, नौ, नौ, नौ. नौ, नौ, नौ, यह प्लिए ठीक है.
35:36वैसे, फजर बेटी जो है,
35:42वो अगर एक लुकमा बना के समक्वांदी तो जश्वादा जिन्दा साख दवी
35:49तू आ ना बैट वो इतना साली है और ले तू मलकों की बेटी है ये ले बल्के ठै मैं तुझे खिलाओंगी
36:12तू भी क्या याद करेगी कैसी फुक्पी से पाला पड़ा था ले बिश्मिल्ला बता ना कैसा बनाए बाले चाहा ताज आज बड़ा प्यार आ रहा है तुम्हें वतीजी पर हाँ तो क्यों ना है इसने काम ही ऐसा वल किया दुश्मन के दिल पर जो मारा इसने अपना दाख �
36:42है इसने ऐसे मैंने देखा है इस घार में ना बेटियां ही बेटों पर भारी है तो इस पर तो प्यारी प्याराना था ना हाँ है बेटा बन के दिखाया है इसने मुझे
36:59जिस दिन से मुझे पता चला है कि शेर पिंजरे में बंद है
37:06मेरा सर उंचा होगे, मेरा सीना चोड़ा होगे
37:11शबश
37:14वैसे फजर, शेर को पिंजरे में बंद अर्सा हुआ देखा था
37:21कब दिखा रही है?
37:23ओ पागन ना बनो ताज
37:25रेट भूल गई है पुलिस की
37:28हमें मॉनिटर कर रहे होंगे
37:29कॉल्स तक रिकॉर्ड कर रहे होंगे
37:32चोटी सी गलती जो है ना
37:34वो हमें भसा देगी
37:35कुई दूरत नहीं
37:37ये तो फजर को ऐसे ट्रीट कर रहे हैं जैसे
37:47इसने जंग में दुश्मल पॉच का बादशा गिरवतार करके
37:51जंग खतम करती हूँ पजर शीर के बारे में तुम पर एदमाद करके कहीं
37:59भापियों और मैंने दोगा तो नहीं का लिया
38:03झाल
Comments