00:00जुलाई दो हजार पच्चिस में ट्रॉम्प ने पहली बार इंडिया के कुछ खास प्रोडॉक्स जैसे टेक्स्टाइल, लेदर और जुएलरी पर पच्चिस पोसंट एक्स्ट्रा टरिफ लगाने का एलाम किया था
00:13ट्रॉम्प एड्मिनिस्ट्रेशन का कहना था कि ये फैसला ट्रेड बैलेंस सुधार ने और अमेरिकन इंडिस्ट्रीज को प्रोटेक्ट करने के लिए लिए लिया गया है
00:20लेगिन इससे इंडिया के कई एक्सपोर्टर्स को जटका लगा और अब 6 अगस्त दो हजार पच्चिस को ट्रॉम्प ने उसी लिस्ट को और लंबा करते हुए ज्यारतर इंडियन प्रोटक्ट्स पर फिर से 25 पोसंट का और एक्स्ट्रा टरिफ लगा दिया
00:35मतलब अब टोटल टरिफ 50 पोसंट हो गया है यानि पहले जो प्रोटक्ट्स अमेरिका में 25 पोसंट ड्यूटी पर जा रहे थे अब उन पर 50 पोसंट टरिफ लगेगा और अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो 27 अगस्त से 50 पोसंट की मार भारत को जेलनी पड़ेगी और इसका स
01:05सबसे ज्यादा हिट होंगे तो चलिए इस वीडियो में आपको बताते हैं इस इंपक्ट के बारे में डीटेल में टेक्स्टाल इंडिस्ट्री की बात करें तो इंडिया हर साल लगभग 10 अरब डॉलर का कपड़ा अमेरिका को बेशता है लेकिन अब 50 पोसंट टरिफ लगन
01:35खत्रे में पढ़ जाएंगी यही हाल जेमस एंड ज्यूलरी इंडिस्ट्री का भी है इंडिया दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड काटिंग हब है और यहां से यूएस में भारी मात्रा में गोल्ड और डायमंड ज्यूलरी जाती है अब जब हर प्रड़क्ट पर 50% टरि�
02:05जैसे शेहरों की लिदर फैक्ट्रियां पहले ही महनत से ओर्डर जटाती है अब उन पर 50% ड्यूटी लगते ही अमेरिका से ओर्डर बंध हो सकते हैं और सबसे बुरा हाल होगा श्रिम्प और सीफूड इंडस्ट्री का पहले से ही यह सेक्टर यूएस की आंटी डंपिंग
02:35यह टेरिफ सिर्फ एकॉनमिक डिसिजन नहीं है यह ट्रम्प का इमोशनल रियाक्शन है लेकिन असली चोट सिर्फ ट्रेड बैलन्स पर नहीं बलकि इंडिया की पूरी एकॉनमिक स्ट्रक्चर पर पड़ेगी कुछ सेक्टर जैसे फार्म और मोबाइल फोन्स को छूट मि
03:05पॉलिसी मानी जाए और अगर कोई मना करे तो फिर वो अपनी टरिफ की तलवार निकाल लेता है अब इंडिया के पास दो ऑप्शन है या तो वो जुके और किसी डील के लिए बात करे या फिर वर्ल्ट ट्रेड ओगनाईजेशन में जाकर केस लड़े लेकिन दोनों ही रा
03:35पर ऐसी अपडेट किलिए कीप वाचिंग और सब्सक्राइब गुडर्ट रिटर्स
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