00:00रेस शुरू होती है
00:01कच्छुआ शॉटकट रास्ता चुनता है
00:05और ओफिस में जाकर कॉल करता है
00:07यह बात आग की तरह दोस्तों में फैल जाती है
00:18खरगोश को आता देख कच्छुआ चलने लगता है
00:30खरगोश सदमे में चला जाता है
00:40पागल बनाने के लिए यह कच्छुए की चाल होती है
00:44खरगोश कच्छुए को रोकने के लिए लकडी और पत्थरों की दिवार लगा देता है
00:49जहें दोस्तों
00:51लिकिन एक सेक्ड़ चलो
00:53अब पोल को काट कर फेक देता है
00:56जोर लगा कर लाइन पार कर देता है
01:03बेचारा खरगोश सदमे में चला जाता है
01:11जेलर अपनी फटफटियां लेकर पकड़ने आता है
01:24लेकिन खरगोश मीठी मीठी बातें करने लगता है
01:28साला जेलर खुद ही जेल में बंद हो जाता है
01:37घरगोश बड़े ही चालाकी से जेलर के कपड़े पहन लेता है
01:47घरगोश जेलर को लॉंग करवाने के लिए हथियार देता है
01:57और मिठी मिठी करते हुए बॉस के पास चला जाता है
02:00खरगोश नीचे जाता है
02:06जेलर फंस जाता है
02:08बेचारा जेलर डड़ते हुए बॉस के पास जाता है
02:11बॉस उसे बिगार है भई आमें तो तूड़ या
02:15लेकिन खरगोश पकड़ा जाता है
02:18पर इस बार गलती से मिस्टेक हो जाती है
02:26बेचारा जेलर खुद ही खरगोश को जेल से निकाल देता है
02:31और जेलर कैदी बन जाता है
02:35चाचा मस्त टेबल पर बैठ कर खाना खा रहा होता है
02:43लेकिन तब ही बथक बिग में हाथ घुसा देता है
02:46डॉगी चाचा उसे बम पकड़ा देता है
02:49और उसे कोने में ले जाकर समझाने लगता है
02:52पतक कुलहाडी तोड़कर चाचा को पकड़ा देता है
02:59लेकिन चाचा ओवर स्मार्ट निकलता है
03:05और उसे पेड काटने के काम पर लगा देता है
03:07डॉगी चाचा बाल-बाल बचता है
03:13तो पतक आरी लेकर काटने लगता है
03:15आरी बतक की गर्दन में फंस जाती है
03:20जिस से बतक आउट ओफ कंट्रोल हो जाता है
03:22और पता नहीं क्या काटने लगता है
03:25बतक पेड काट नहीं पाता
03:28लेकिन बदले में बहुत कुछ काट देता है
03:31खतम डॉगी चाचा का अपारा साथवें आसमान पर पहुँच जाता है
03:38उसे लगता है कि आज बतख का आखिरी दिन होगा
03:45लेकिन बतख तो अलग ही स्वैग में है
03:47वह ट्रेन की पठरी बदल देता है
03:58और गुलामी भरी जिन्दगी से आज़ाद हो जाता है
04:02यहां तो आदमी से ज्यादा मक्षी को भूख लगी है
04:07साला एक हड़ी भी नहीं छोड़ता
04:09आदमी मटर खाने ही वाला होता है कि सारे मटर उडन चू हो जाते है
04:13भूख के मारे आदमी का दिमाग काम नहीं करता
04:17और वह बेचारे कीड़ों पर हमला बोल देता है
04:22आदमी की जुल्म देखकर कीडे मकोडे उसके खिलाफ जंग छेड़ देता है
04:31लगता है कि आज आदमी को खाना खाने नहीं देंगे
04:36साला ये कौन सा कीड़ा है
04:41आदमी के खाने से पहले ही सारे कीड़े उसका खाना खत्म कर देते है
04:45मटर के तो पंक ही निकल जाते है
04:48और चिंटियां चीनी लेने में व्यस्त होती है
04:54आज कमाएंगा तो कल बैट कर खाएंगा
04:56आदमी का छोटा भाई अपना कपड़ा ही गायब कर देता है
05:00ये बच्चा नहीं
05:04शैतानी बच्चा है जो चीन्टियों के घर को तबाह करने लगता है
05:08चीन्टियां परेशान होकर एक सभा बुलाती है
05:13और बच्चे के खिलाफ आंदोलन छेड़ देती है
05:16सुबह होते ही सब मिशन पर निकल पड़ते है
05:18लगता है कि इस बार चीन्टियां ही जंग जीते है
05:21चीन्टियों का हमला देख के बच्चे का पसीना छूटने लगता है
05:25भाई साहब अगर ऐसा ही चलता रहा
05:34तो यह पूरा महा भारत का कुरुक्षेत्र बन जाएगा
05:37बच्चा नानी याद करने लगता है
05:51चीन्टियां पूरी ताकत से हमला करती है
06:02यह तो हवाई हमला भी कर रही है
06:03और देखो पानी से भी हमला हो रहा है
06:12बच्चा अपनी हार मानने ही वाला होता है
06:14लेकिन चीन्टियां उसे इतनी आसानी से थोड़ी छोड़ने वाली है
06:18स्वागत है आपका भविश्य की दुनिया जहां इंसानों की जगहें मशीने काम करती है
06:26नौकरों की जगहें मशीने खाना सर्फ करती है
06:29यहां एक बटन दबाते ही घर के अंदर बारिश होने लगती है
06:34मशीन से दाड़ी बनाई जा रही है
06:38और यह क्या? आटोमेटिक नूडल भी बन रहे है
06:43अगर कोई केबल कार दे तो टीवी गोलियों की बारिश करने लगता है
06:48एक आदमी काम कर रहा था तो टीवी भी काम में आ गया
06:51अब मचली पकड़ने के लिए बाहर जाने की ज़रूरत अने
06:56घर बैठे ही पकड़ लो
06:57अब तो पार्किंग का जंजट भी खत्म
07:02समय ऐसा आ गया है कि दाढ़ी बनाते बनाते लोग ऑफिस जा रहे हैं
07:09लेकिन ये गल्ती हुई
07:11इधर बिखारियों का आलिशान का इंकम टैक्स के रेड में फंसने वाला होता है
07:18यह बिखारी सडक पर अर्जित का गाना गाकर लाखों रुपे चाप रहा है
07:24देखो बिखारी का आलिशान महल
07:29पुलिस के आते ही बिखारी अपना घर बदल देता है
07:35पुलिस को तो सदमा लग जाता है
07:38सारी चींटिया मिलकर साल भड का राशन जमा कर रही होती है
07:49और इधर यह महाशय बिना किसी चिंता के मजे से फूलों का जूस पी रहे होते है
07:55चींटि जोर लगाती है
07:59तभी टिल्लू बाबा उसे अपना संगीत सुनाने लगता है
08:04चींटियों की रानी पेला घूमने जा रही होती है
08:10चार धाम की यात्रा पर निकल जाता है
08:19जल्दी ही कडाके की ठंड आ जाती है
08:24इस ठंड में टिल्लू बाबा को खाने के लाले पड़ जाते हैं
08:28और वह बेचारा अपने दुश्मन चींटियों के दर्वाजे पर जाकर बेहोश हो जाता है
08:39चींटियों जल्दी से उसका देसी तरीकों से इलाज करने लगती हैं
08:45लेकिन उनके आते ही माहौल में सननाटा चा जाता है
08:49फिर भी चींटियों की रानी खुश हो जाती है और अपना गिटार बजाने लगती है
08:54खरगोश को सोने का पत्थर मिलता है लेकिन चोर की नजर सोने पर पढ़ता है
09:00और दो मिनट में दुकान खेल कर बैठ जाता है
09:04चोर खरगोश को चुना लगा कर भाग जाता है
09:07खरगोश से चुराया सोना से कसीनो बनाता है जिसका मिल चोर होता है
09:16खरगोश भेश बदल कर चोर के दुकान में जाता है और एक गेम खेलता है
09:22लेकिन खरगोश को जैकपॉट लग जाता है
09:26चोर खरगोश को एक और गेम खेलने के लिए बोलता है
09:29पहले राउंड में चोर खरगोश को लालच देता है खेलन के लिए
09:33खरगोश पूरा पैसा उसी नमबर पर लगा देता है
09:38लेकिन अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाला है
09:41लेकिन आज चोर का किस्मत छूटी पर होता है
09:45गलती से खरगोश दाव जीत जाता है
09:47खरगोश को जाने से रोकने के लिए इस बार ताश का पत्ती खेलता है
09:53लेकिन इस बार भी खरगोश गेम जीत जाता है
09:57अब चोर का दिमाग खसक जाता है
09:59खरगोश के छूते ही गोली की जगह सोने का सिक्का निकलने लगता है
10:03अब चोर ट्राइ करता है
10:06सारे बतक पानी के लिए नशीन खोचता है
10:10लेकिन उसे नीचे कुछ गड़बर लगता है तो एक पंख फेंकता है
10:13अब दूसरे नदी के पास जाता है
10:18कोई भी गोली नहीं होता है
10:20तभी कलुवा आता है सीकर करने
10:23और नकली बतक निकलर पानी में छोड़ देता है
10:34तभी एक असली बतक खिलोने जैसा नाटक करने लगता है
10:38कलुवा असली बतक समझ के उसे पानी में छोड़ देता है
10:44तभी उसे शक होता है कि दो बतक कहां से आ गया
10:47कलुवा CID की तरह चेक करने लगता है
11:01बतक कमर मठकाते जाने लगता है
11:03किन कोवा के साथ धोखा होता है
11:07गल्ती से किसी विखारी का जैकेट पहन लेता है
11:10साला गंड से पानी की बौचार निकलता है
11:19तभी बतक का जुंड हमला कर देता है
11:22तो भूक में मरे नकली बतक का फ्राई बनाता है
11:48साला मुर्गी प्यार में धोखा खाने के बाद
11:51और शुट्टा पर शुट्टा पिता है
11:53बच्चा को धूप लगता है
12:01सुबह होते ही लड़का अपना हफ्यार में धार लगता है
12:04चुपके से कुलहारी पकड़ लेता है
12:10और मिटी में गार का चला जाता है
12:19निकल जाता है
12:21मुर्गे का टेंशन बढ़ते जा रहा होता है
12:25टेंशन के मारे शुट्टा पर शुट्टा पिता है
12:28लड़का नीद न जगे उसके लिए घर के सामने दिवार खरा कर देता है
12:35मुर्गा अब लड़के का गेम बजाने का सोचता है
12:38तभी पेपर डेच में न्यू देखता है जिसमें बथक की तरह होता है
12:45मुर्गा चलकी से बथक का टोपी पहना देता है और मुर्गा सिटी बजाता है
12:50लेकिन मुर्गा का पोपट हो जाता है
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