00:00अनिलंबानी सिर्फ विवादों से घिरते नजर आने लगे हैं, रिलाइंस ग्रुप का हिस्सा रहकर उन्होंने टेलिकॉम से लेकर पावर और इंफ्रेस्ट्रक्शर तक में बड़ा नाम बनाया।
00:12लेकिन अब 2025 में वहिया निलंबानी सत्रा सो करोड उपय के लोन फ्रॉड केस में एडी के निशाने पर हैं।
00:42जोकि Solar Energy Corporation of India यानि की SECI को दी गई वो पूरी तरह से फर्जी थी।
00:48इसमें एक स्पूफ इमेल डोमेन sbi.co.in का स्तमाल किया गया था, जो SBI जैसी दिखती थी लेकिन असली नहीं थी।
00:56मतलब गैरेंटी दी गई थी लेकिन बैंक के पास ऐसी कोई अमाउंट थी ही नहीं।
01:26कंपनियों और 25 से ज्यादा लोगों के बैंक रिकॉर्ड्स, इमेल और डिजिटल डेटा जब्त किये गए।
01:32ये RAID PMLA यानि की Prevention of Money Laundering Act के तहत हुई थी।
01:37सेवी ने भी इस मामले में इंपुट दिया है, उनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि
01:41Reliance Infrastructure ने करीब 10,000 करोड उपय की एक कंपनी CLE Private Limited के जर्ये ट्रांसफर की हैं, जो कि एक
01:48Related Party थी। लेकिन इसकी जानकारी पब्लिक या Shareholders को नहीं दी गए। मतलब
01:54Transaction तो हुआ लेकिन Financial Disclosure में छुपा लिया गया।
01:58Reliance Group ने इस पर जवाब दिया कि Actual Exposure सिर्फ 65,000 करोड उपय का था और बाकी सब आकड़े मीडिया में बढ़ा चड़ा कर दिखाये गए।
02:07पार्च अगस्त को अने लंबानी ED के सामने पेश होंगे और अब अगर पूशताश में आरोप मजबूत साबित हुएं तो आगे चल कर Charge Sheet, Asset, Caesar और शायद गिर्फतारिक तक की नौबत आ सकती है।
02:20हाला कि Reliance Group का कहना है कि अने लंबानी मार्च 2022 से किसी भी operational रोल में नहीं है लेकिन ED की जाच तो ग्रूप के पुराने transactions पर ही है।
02:50और आपकी क्या राय है हमें अपनी राय कॉमेंट बॉक्स में दे और ऐसे ही अपडेट्स के लिए कीप वचिंग और सब्सक्राइब गुड रिटर्न्स
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