00:00नाग पंचमी का पर्व क्यों मनाया जाता है एक बार परीक्षित जी जब राजा थे तो जंगल में शिकार खेलने गए बहुत दूर चले गए प्यास लगी तो एक आश्रम में गए वो मुनी समाधी में बैठे थे इन्होंने पानी मांगा
00:25तो समाधी में कोई शब्द नहीं जाता कोई सुन नहीं सकता कोई इंद्रियां वर्क नहीं करती
00:36तत्र केन कम पश्टेद केन कम शुनयाद
00:44राजा थे सारे भारत के
00:53राज मद होता ही है
00:57अरे चोटे चोटे लोगों को मद होता है
01:04एक कांस्टिबल खड़ा होता है
01:08अगर उसने हाथ किया और गाड़ी नहीं रोका आपने
01:12तो आप चाहे लाड़ हो और चालान कर देगा
01:16इस समय तो हम ड्यूटी पर हैं
01:21और उन्होंने एक मरा हुआ साप धनुष्य उठाया
01:27और मुनी के गले में डाल दिया
01:30कि ये मकारी करके आँख बंद करके बैठा है
01:35और हमको पानी नहीं दे रहा है
01:38और चले गए
01:40तो मुनी के
01:45लड़के आए
01:50तो उन्होंने देखा पिताजी की गले में मरा हुआ साप
01:56ये हरकत किसने की
01:59वो समाधी में जाकर पता लगा लिए
02:05कि ये परिक्षित की कर्तूत है
02:08तो उन्होंने परिक्षित को शाप दे दिया
02:12कि एक सब्ताह में तुमको तक्षक को सर्प
02:17तक्षक नाम का नाग था
02:21उड़स लेगा और तुम मर जाओगे
02:23ये तुमको दंड और उन लड़कों ने जो शाप दिया
02:33वो बता भी दिया परिक्षित को
02:36तो मुनी को मालम हुआ उन्होंने घाय तो बड़ा गलत किया तुमने एक प्रित्वी
02:46का राजा उसको ऐसा शाप दे दिया
02:49खै
02:56तो उसके बाद आप लोग जानते ही हैं धागवत का श्रमन किया था शुक्देव परमहंस से और फिर भी तक्षक ने दसा
03:11दसा और हो मरे तो उनके लड़के को बड़ा गुस्सा है और जनमेजे ने जग किया और उस जग में आवाहन किया जितने नाग बिश्व में हो सब आके जग में गिरे और जले
03:32spiritual power से कुछ impossible नहीं होता मंत्र के द्वारा सब नाग आकर कुंड में गिरने लगे और जलने लगे उदर से नारज जी जा रहे थे
03:46जो ने कहा जनमेजे जी लोने नारज जी को प्रणाम किया क्या कर रहो भई ने कहा हमारे पिता को नाग ने दसा है हम सारे नागों को समाप्त कर देंगे
04:04हमने कहा अरे देखो ब्रह्मा की स्रिफ्टी है ऐसा नहीं करते अरे एक नाग ने तुमको तुमारे पिता को डसा है उसी को जला देते सारे नागों के खिलाफ एपाप है
04:26माहिंसियात सर्वाभूतान बेद कहता है किसी जीव की हिंसा न करो और तुम इतनी सारी हिंसा किये जा रहे हो
04:40तो रोक दिया उन्हें का देखो नागों से माफी मांगो अब जो बचे हैं उनसे
04:51और उनकी पूजा करो ताकि भविष्च में लोगों को पता चल जाए कि ऐसे निरी हिजीवों को मारना यह बहुत बड़ा अपराद है
05:07तो उन्होंने फिर नाग की पूजा की और यह आदर स्थापित किया कि आज के दिन सब लोग नाग की पूजा करो माने सम्मान करो माने उनकी हिंसा न करो यह भावारत है नाग पंचिमी का
05:26झाल झाल झाल झाल झाल
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