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  • 7 months ago
This is an uplifting film
Transcript
00:00कभी कभी जिंदगी हमें तोड़ती है इतनी खामोशी से कि आवाज भी नहीं होती
00:30मैं गिरा हार मानने की बेहत करीब था लेकिन मुझे फिर याद आया मैं कोई आम आदमी नहीं हूँ मैं वो हूँ जो हर बार गिरकर फिर खड़ा होता हूँ
01:00विश्वास मेरे अंदर है इश्वर मेरे अंदर ही है जरूरत है उसे पहचानने की अब तर को तर लगेगा मुझे
01:30झाल झाल

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