00:00आ गया रमजान
00:03आ गया रमजान
00:07आ गया रमजान
00:30आ गया रमजान
01:00ठीक कर देते
01:00जिनका इलाज
01:01डॉक्टर्स के लिए
01:02पॉसिबल ना होता
01:03इसके इलावा
01:04आप अलिही सलाम
01:05मुर्दों को जिन्दा करते
01:07और गयब की खबरे देते थे
01:08कुरान करीम में
01:10अल्लह पाग इर्शाद फर्माता है
01:11पारातीन
01:12सुरह आले इमरान
01:13आयत नंबर 49 में
01:15हदत इसा अलिही सलाम के
01:17इन पांच मुज़ाद का बयान है
01:19अन्नी अखलुकु लकुम मिन तीन
01:21कहियत तीरी
01:22वाँफुकु फीही वायकुनु तीरं
01:25बिद्निल्ला
01:26वाब्रियु अक्भाः वाल अब्रसा
01:28वाउहील मौता बिद्निल्ला
01:30वाउनब्युकुम बिमा तकुलून
01:32वामा तद्खिरून फी बयूतिकुम
01:35इन्न फी दालिक लायत लकुम
01:37एंकों तुम मुमिनीन
01:39इस आयत का तर्जमा है
01:40वो ये
01:41के मैं तुम्हारे लिए मिट्टी से
01:43परिंदे जैसी एक शकल बनाता हूं
01:45फिर इसमें फूक मारूंगा
01:46तो वो अल्लाह के हुकम से
01:48फोरण परिंदा बन जाएगी
01:49और मैं पैदाईशी अंदों को
01:51और कोड के मरीजों को शिफा देता हूं
01:53और मैं अल्लाह के हुकम से
01:55मुर्दों को जिन्दा करता हूं
01:56और तुम्में गयब की खबर देता हूं
01:58जो तुम खाते हो
01:59और जो अपने घरों में जमा करते हो
02:01बेशक इन बातों में तुम्हारे लिए
02:03बड़ी निशानी है
02:05अगर तुम इमान रखते हो
02:07प्यारे बच्चों
02:08सूरा आले इमरान की इस आयत से
02:10हमें पता चला
02:10कि अल्लापाक अपने पसंदीदा
02:12बंदों को डिफरेंट पावर्स अता फर्माता है
02:15अल्लापाक के ये खास पसंदीदा बंदे
02:17लोगों की परिशानी दूर फर्माते हैं
02:20और मदद भी फर्माते हैं
02:21बलके शिफा भी देते हैं
02:23और इनकी पावर आम लोगों से बढ़कर कहीं जादा होती हैं
02:27आ गया रमजान
02:30आ गया रमजान
02:34आ गया रमजान
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