00:00ओम अथच्ष्री महिशासुर मर्दिनी स्तोत्रम्
00:09ऐगिरि नंदिनी नंदितमेदिनि विश्वविनोदिनि नंदनुते
00:17गीरिवरविन्ध्यशिरोधिनि वासिनि विष्णु विलासिनि जिष्णुनुते
00:24भगवति हे शिति कंठ कुटुम्बिनी भूरी कुटुम्बिनी भूरी कृते
00:31जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
00:39तुरवर वर्षिनी दुर्धर धर्षिनी दुर्मुख मर्षिनी हर्षरते
00:54त्रिभुवन पोशिनी शंकरतोशिनी कल्मशमोशिनी घूशरते
01:01धनुजनी रोशिनी दितिसुता रोशिनी दुर्मदशोशिनी सिंधु सुते
01:08जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
01:16है जग दंब मदंब कदंब वनप्रिय वासिनी हासरते
01:31शिखरिशिरो मनि तुंग ही मालय श्रंग निजालय मध्य गते
01:38मधु मधुरे मधु कैट भगंजिनी कैट भभंजिनी रासरते
01:45जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
01:53जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
02:00आईशत खंड विखंडित रुंड वितुंदित शुंड गजाधि पते
02:08रिपुगज गंद विदारण चंड पराक्रम शौंद म्रुगाधि पते
02:15निचभुज दंड निपातित चंड निपातित मुंद भटाधि पते
02:22जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
02:30आईरण दुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धर निर्जर शक्ति भुते
02:44चतुर विचार धुरीण महाशय दूतक्रत प्रमथाधि पते
02:52दुरित दुरीह दुराशय दुर्मति दानवदूतक्रतान्त मते
02:59जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
03:15आईनि जहुंक्रति मात्र निराक्रत ध्भूम्र विलोचन ध्भूम्रशते
03:21समर विशोशित शोणित बीज समुद्भव शोणित बीजलते
03:29शिव शिव शुम्भ निशुम्भ महाहव तर्पित भूत पिशाच पते
03:36जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
03:44धनुरनु संगर नक्षण संग परिस्खुर दंग नटकटके
03:58कनक पिशंग प्रुषत्क निशंग रसद भट श्रंग हता बटुके
04:06पृत चतुरंग बलक्षिति रंग घटद बहुरंग रटद बटुके
04:13जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
04:20अईशर नागत वैरिवधूवर वीरवरा भयदाई करे
04:35त्रिभुवनमस्तक शूल विरोधि शिरोधि क्रतामल शूल करे
04:43दुमि दुमितामर दुन्दु भिनाद महो मुखरी क्रत दिन्नी करे
04:50जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
05:05सुरललनातत थे यी तथे यी कृता भिनयोदर अनृत्य रते
05:12कृतकु कुथख कु कुथो गड़दादी कतालकु तूह लगान रते
05:20धुधुकुट धुकुट धिन्धिमिता ध्वनी धीरमर दंगनी नाद रते
05:27जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैलसुते
05:42जय जय जय जप्य जये जय शब्द परस्तुति तत्पर विश्वनुते जण जण जिन्जिमि जिन्कृत नूपुर शिंजित मोहित भूत पते
05:56नटित नटाध नटी नटनायक नाटक नाटित नाट्यरते
06:04जय जय हे महिशासुर मर्दि निरम्यक पर्दि निशैलसुते
06:19आईसु मनस्सु मनस्सु मनस्सु मनोहर कांति युते
06:26श्रीत रजनी रजनी रजनी रजनी रजनी करवक्र युते
06:33सुनायन वे भ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्रमर आधिपते
06:41जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
06:48महित महाहव मल्ल मतल्ली क मल्ली तरल्ल क मल्ल रते
07:03सितक्रत फुल्ल समुल्ल सितारुन तल्ल जपल्ल वसल्लिते
07:18जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
07:25हविरल गंद गलन्मद मेदुर मत्त मतंग जराज पते
07:40त्रिभुवन भूशन भूत कला निधि रूप पयो निधि राज सुते
07:47जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
08:01जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
08:08कमल दला मलको मलकांति कला कलितामल भालतले
08:16सकल विला सकला निलयक्रम केली चलत कलहं सकुले
08:23अलिकुल संकुल कुवलय मंडल मौली मिलद्बकुलालि कुले
08:31जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
08:38करमुर लीर ववीजित कूजित लज्जित कोकिल मन्जुरुते
08:53मिलित मिलिन्द मनोहर गुन्जित रंजित शैल निकुन्जगते
09:00निजगुण भूत महाश बरीगण सद्गुण संभृत केलित ते
09:08जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
09:15जय जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
09:23कटित टपीत दुपूल विचित्र मयूखती रस्कृत चंद्र रुचे
09:30प्रणत सुरासुर मौली मनिस्फुर दम्षुल सन्नक चंद्र रुचे
09:37जितकनका चल मौली मदोर जित निर्जर कुन्जर कुम्भकुचे
09:45जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
10:00जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
10:15जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
10:21जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
10:37पद कमलं करुणा निलये वरिवस्यतियो अनुदिनम्नुशिवे अई कमले कमला निलये कमला निलयस्यक थम्न भवेत
10:52तवपदमेवपरंपदमित्यनुशीलयतोममकिम्नशिवे जय जय जय हे महिशासुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
11:07जय जय हे महिशा सुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
11:14कनकल सत्कल सिंधु जलैर नुशिन्चति ते गुणरंग भुवं
11:21भजति सकिन्न शची कुचकुम्भत ती परिरंभ सुखानु भवं
11:29सवचरणं शरणं करवाणि नतामरवाणि निवासिशिवं
11:36जय जय हे महिशा सुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
11:52तववि मलेंदु कलम वदनेंदु मलं सकलम ननुकूलयते
11:58किमु पुरु हूत पुरींदु मुखी सु मुखी भीरसवी मुखी क्रियते
12:06ममतु मतंशिव नामधने भवती कृपया की मुतक्रियते
12:13जय जय हे महिशा सुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
12:20आई मैदीन दयालुतया करुणा परया भवितव्यम में
12:36अई जगतो जननी कृपया सिय था सित था नुमिता सिर में
12:43यदुचित मत्र भवत्युररी कुरुदादुरुतापमपा कुरुमे
12:50जय जय हे महिशा सुर मर्दिनी रम्यक पर्दिनी शैल सुते
13:14इतिश्री महिशा सुर मर्दिनी स्तोत्रं संपूर्णं हरियों तत्सत
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