00:00जाकी पी तुमाते गोरी त्रे फुरारी
00:25मुसक की जो कलते हैं सवारी
00:30जाकी पी तुमाते गोरी त्रे पुरारी
00:34कहलाते हैं जो विखन हारी
00:48लंगो दर पीतां बरमन हारी
00:53कहलाते हैं जो विखन हारी
00:57लंगो दर पीतां बरमन हारी
01:01धन वैभो यश वीद्या पावे
01:17घन वैभो यश वीद्या पावे
01:31गड़पती के गुड़गान जो गावे
01:36सुनरे जो गड़पती स्ट्रोत्रम
01:40सर्वकार सिद्धि उसे के हो जावे
01:45ऐसे वी नायक के हर कोई बलहारी
01:54लंगो दर पीतां बरमन हारी
01:58कहलाते हैं जो विखर हारी
02:03रिद्धी सिध्धी संग गड़पत वीराजी
02:23अतियानद तन मन में छाई
02:33शीष मुकुट माथे पेशोभित
02:46सिंगासन फल फोल से साजी
02:51गड़पती की जो कर आरती
02:59पूरी होगे कामना आए तुम्हारी
03:04कहलाते हैं जो विखर हारी
03:08लंगो दर पीतां बरमन हारी
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