00:00जब आत्मा शांती की खोज में कड़पती है और ब्रहमांड मौन हो जाता है तब एक सुर जन लेता है जो शिव तक पहुचता है वही सुर मेरी रुद्र वीना बना मैंने उस लकडी को चुना जो कैलाश के वनों से गिरी थी नाद ब्रहम की शक्ती उस लकडी में समाई थी �
00:30मेरा तप और मेरा तांडव है इसे सुनने वाला ब्रहमांड के पार सुनाई देगा जब रावन रुद्र वीना बजाता है देवता भी स्तब्ध हो जाते हैं यह संगीत नहीं यह आत्मा का महा तांडव है
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