00:00तू जो नहीं, तो हर चीज में खालीपन है, हर खुशी भी अब तो बस आधा सच है, तेरी हसी की वो जो खनक थी, अब सन्नाटों में ढल गई है, तेरे बिना अधूरा सा, जैसे कोई नगमा तूटा सा, हर पल तू ही, हर सांस तू, कहां गया वो मेरा जादू, तेरी आदते
00:30हिस्सा, कहीं तू भी रोता होगा, मेरे जैसे ही, हर रात तनहा, तू जो नहीं, मैं भी नहीं, तेरे बिना अधूरा सा,
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