क्या रूस से गहरी दोस्ती भारत को महंगी पड़ेगी? अब NATO ने भारत को दी खुली चेतावनी — अगर भारत रूस के साथ रणनीतिक रिश्ते बनाए रखता है, तो उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। क्या ये पश्चिमी देशों की नई चाल है? क्या मोदी सरकार झुकेगी या फिर भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर अडिग रहेगा?
इस वीडियो में जानिए: 🔴 NATO का असली मकसद क्या है 🟢 भारत-रूस रिश्तों की गहराई 🟡 अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव 🔵 भारत की जवाबी रणनीति
👇 कमेंट में अपनी राय ज़रूर दें और चैनल को सब्सक्राइब करें! 🔔 बेल आइकन दबाएं ताकि आपको मिलती रहे हर बड़ी अंतरराष्ट्रीय अपडेट सबसे पहले।
00:00१ा सब्सक्राइब जब में पूंए सब्सक्राइब करने वाले १ार से ब्राजील को भी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
00:30भारत ने रूस से हाल ही में हतियार और तेल की डील की है। इसके चलते पश्चमी देशों को लगता है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से रूस को सपोर्ट कर रहा है। ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब रूस-युक्रेन युद्ध अभी भी चल रहा है और पश्चमी दे�
01:00खिलाफ। भारत ने बार-बार कहा है कि वह शांती का पक्षधर है और किसी भी युद्ध का समर्थक नहीं। भारत रूस से तेल खरीद रहा है लेकिन ये उसकी अपनी उर्जा जरूरतों के अनुसार है ना कि किसी को सपोर्ट करने के लिए। अगर नाटो देश भारत प
01:30डॉलर आधारित व्यापार सिस्टम में दिक्कत। लेकिन ध्यान दे भारत एक उभरती सुपरपावर है और पश्चिम भी भारत को खोना नहीं चाहता। तो क्या भारत को रूस से दूरी बना लेनी चाहिए या क्या भारत को अपनी स्वतंत्र नीती पर अडिग रहना चा
02:00सब्सक्राइब करें इंडिया इंटेल चैनल को और बेल आइकन दबाएं ताकि हर बड़ी अंतरराश्ट्रिय खबर आप तक सबसे पहले पहुंचें।