00:00टाइम लूप ये दुनिया का हर सौ साल में खुद को दोहराना
00:15ये सोच जितनी रहसमय लगती है उतनी ही आकरशक भी
00:19कई इतिहासकार, ठिंकर्स और इंटरनेट थियोरीज इस बात के और इशारा करती है
00:25कि मानव इतिहास में कुछ घटनाएं बार बार एक जैसे पैटर्न में ही घटती है
00:30इस वीडियो में भी जानेंगे कि आखर टाइम लूप को लेकर श्रीमद भगवद गीता में क्या कहा गया है
00:37सबसे पहले जानते हैं कि हर सौ साल में एक बड़ी महमारी आती है
00:411720 में प्लेग आया था जिसमें लाखों मौते हुई
00:451820 में हैजा आया जिसने एशिया से लेकर योरोप तक महमारी फैलाई
00:501920 स्पैनिश फ्लू लगबग 5 करोड लोगों की मौन
00:55और 2020 COVID-19 पूरी दुरिया में लोगडाउन
00:59क्या ये कोइंसिडन्स है ये टाइम लूप
01:03हर सौ साल में एक बड़ी महमारी जो मानवता को जग जोर रही है
01:07ये पैटर्न सोचने पर मजबूर करता है
01:10वहीं लगबग हर सौ से दो साल में
01:12रोमन सामराज, मुगल सामराज, बिर्टिश राज
01:17सभी ने लगबग सौ से दो सो साल में अपनी चोटी देखी और फिर ढह गए
01:22अमरीकी सामराज भी अब उसी चक्र में नजर आ रहा है
01:26बात करिये अगर भारत के इतिहास की
01:28तो 1857 की क्रांती और फिर 1947 की आजादी लगबग 90 साल का गया
01:36हर एक श्रताबदी में भारत में किसी न किसी रूप में बदलाव की मुहाने पर खड़ा होता देखा
01:41सांस्कृतिक, राजनितिक या आर्थिक
01:44अब सवाल यह उठता है कि क्या है ये टाइम लूप
01:47या इसका पैटर्न ओफ हिस्ट्री क्या है गीता के हिसाब से समझते हैं
01:52गीता में इस पश्ट रूप से ये कहा गया है कि जो हुआ है वही फिर होगा
01:58ये सिर्फ एक दर्शन नहीं बलकि समय का चक्र है
02:01इतिहास अपने आप को दोहराता है लेकिन हर बार थोड़ा अलग रूप में
02:07ये घटनाए हमें ये सोचने पर मजबूर करती हैं कि शायद हम समय की रेखा की तरह नहीं
02:12चक्र की तरह बंधे हुए हैं
02:15गीता के अध्यादों में ये श्लोक है
02:17वसासी, जिर्णानी, यथा विहाय, नवामी ग्रिहाती, नरोपराणी
02:23तथा शरीराणी, विहाय जिर्णा, नय न्यानी, सन्यान्ती, नवानी देही
02:30यानि जैसे मनोश पुराने वस्त्र उतार कर नय वस्त्र पहनता है
02:34वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को त्याक कर नया शरीर धारन करती है
02:38यानि जब तक आत्मा मोक्ष नहीं पाती वो बार बार जन्म लेती है
02:43यही तो असली टाइम लूप है
02:46एक और श्लोक है भूत ग्रामहश, एवायम, भूतवा भूतवा प्रलियते
02:53रात्रा गमे वशह, पार्थ प्रभत्य हरा गमे
02:58इसकार्थ है कि सारे प्राणी दिन में उत्पन होते हैं रात में लीन हो जाते हैं
03:03फिर अगली सुबा फिर से प्रकट होते हैं
03:05यह सर्फ दिनरात की बात नहीं यह ब्रम्हा की दिन और रात की बात है
03:09जो अर्बो सालों बाद होती है इस दोरान शृष्टी बनती है फिर समाप्त होती है और ये चक्र बार-बार चलता है
03:17वहीं जब अर्जुन ने युद्ध से भागने की कोशिश की तब भगवान श्री कृष्ण ने कहा
03:22कालो असमी लोक श्रेकृत प्रवर्द्धो यानि की मैं काल हूँ सबका संघार करने वाला यानि समय को नियंत्रत करने वाला खुद भगवान है
03:32जब लोग कहते हैं कि सब कुछ बार-बार वही हो रहा है तो एक गहरी सचाई से टकरा रहे हैं जिसे श्रीमत भगवत गीता हजारों साल पहले बता चुकी है
03:42आत्मा जन्मम्रत्यू के चक्र में फसी है यही असली टाइम लूप है जब तक हम माया में उलजे रहेंगे तब तक हम इसी लूप में खूमते रहेंगे
03:54मोक्षपाने पर आत्मा इस लूप से बाहर निकलती है
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