00:00Do you want to eat?
00:02No, they are all understood.
00:05But in this world, there are so many people,
00:08and so many people,
00:10who need to be saved.
00:12Today, I am, Kajol,
00:14and your favorite horror story teller,
00:16Divya, a.k.a. Kooni Monday,
00:18for you,
00:20one of these two stories,
00:22which gave me a mother.
00:24So this story,
00:26please like, share, and subscribe.
00:28Please like, share, and subscribe.
00:30For Kooni Monday.
00:32And my new film,
00:34Maa, see 27 June.
00:36So this Maa,
00:38go to the theaters,
00:40so that we can see it.
00:50Maa,
00:52a.k.a.
00:54Telengana,
00:56a.k.a.k.a.k.a.
00:58a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.
01:00Telengana,
01:02a.k.a.k.a.k.a.,
01:04a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.
01:06A.k.a.k
01:08a.k.a.k.a.k
01:10a.k.a.k.a.k.a.k
01:12a.k.a.k.a.k.a.k.a.k
01:14a.k.a.k
01:16a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k
01:18a.k.a.k
01:20a.k.a.k.a.k.a.k.a.k.a.k
01:22प्रदेश से तेलेंगाना के अपने होमटाउन जा रही थी
01:25क्योंकि वो अब अपने छोटे से घर में एक शांद जिंदगी बिताना चाहती थी
01:29उस जंगल वाली सड़क में एक अजीब सी ठंडर थी
01:32और उससे भी अजीब सननाटा
01:36दूर दूर थक कोई भी कार नहीं थी
01:38थोड़ी देर बाद मानवी के सर में तेज दर्द उठा
01:42उसने पहले सोचा कि ठकान है लेकिन दर्द धीरे धीरे बढ़ता गया
01:48तभे दिया ने अपनी पीट पकड़ी और वो जोड़ से चिल्दाने लगा
01:52इतने में आरुज भी उट कर रोने लगा
01:55और कहने लगा कि कोई उसका पैर पकड़ रहा है
01:58मानवी ने जोड़ से कार की ब्रेक्स लगाई
02:02कार जट के सरुकी रहे हर तरफ अंधेरा था
02:06मानवी ने पलट कर दे था
02:08तो उसके बच्चों के पैर और शरीर इसी चीज से जट़े हुए थे
02:13जैसे पेड के टहनियों ने उसके बच्चों को कैड़ कर रखा हो
02:17मानवी को कुछ समझ नहीं आ रहा था
02:19और इससे पहले कि वो कुछ कर पा थी
02:21उसके कार के शीशे टूप गए
02:23और वो टेहनिया उसके बच्चों को जकड कर जंगल के अंदर ले गई
02:27मानवी जल्दी से दर्वाजा खोल कर अपने बच्चों की जान बचाने के लिए जंगल की ओर दोड़ी
02:35हवा में एक अजीब सी बद्बू थी
02:37जैसे हर जगा सड़ा हुआ मास हो
02:41सभी पेड जोर से हिलने लगे
02:44जैसे कोई तूफान आने वाला हो
02:46जंगल के अंदर से एक अलग ही डरावनी अवाजा आ रही थी
02:50जैसे कोई बहुत भयानक राक्षस उसके अंदर से गुर्रा रहा हो
02:58मानवी जंगल के अंदर घुसती जा रही थी
03:00और अपने बच्चों को हुकारती जा रही थी
03:03लेकिन उसे वो कहीं नहीं दिख रहे थी
03:06अचानध एक पेड के टेहनी सीधा आकर उसके सर पर लगी
03:11और वो विहोश होकर नीचे गिर पड़ी
03:13जब उसकी आंक खुली तो एक भूडी सी औरत उसके पास खड़ी थी
03:18उसके हाथ में एक मशाल थी
03:21मानवी बहुत बुरी तरह से जखनी थी
03:23उस औरत ने मानवी से कहा
03:25कि ये जंगल माया भी है
03:28और अगर वो अपनी जान की सलामती चाहती है
03:30तो उसे वहां से चले जाना चाहिए
03:33उस बुरी औरत ने मानवी को बताया
03:37कि उस जंगल में वरानक नाम का एक राक्षस रहता है
03:41वो एक ध्यानक खुमखार तैत्ते है
03:44जो भूत माता काली का बेटा है
03:47भूत माता काली देवी पार्वदी का एक प्रचंड रूप है
03:51जिन्होंने सब जीव जन्तू भूत प्रेतों को जनम दिया था
03:55और उनका बेटा वरानक बहुत जादा दुष्ट था
04:00जिस वजह से भूत माता ने उसे कभी अपना प्यार नहीं दिया
04:04लेकिन वो फिर भी नहीं रुका
04:06और तब भूत माता ने उसे इस जंगल में ही हमेशा हमेशा के लिए
04:11बंद रहने का श्राब दे दिया
04:12और वरानक जंगल के बड़े से पेड में ही कैद हो गया
04:16वरानक ने तब से हर मां से बदला लेने की कसम खाली
04:20वो हर बच्चे से नफरत करता था
04:24जिससे उसकी मां को प्यार मिला हो
04:26उसने आसपास के हर गाओं के बच्चे को खाना शुरू कर दी
04:31और इसलिए उस जगा के आसपास कोई बसावट ही नहीं थी
04:37ये सब सुनकर मानवी का दिल बैठ गया
04:40और वो फूट फूट कर रोने लगे
04:42उस बोड़ी और पने मानवी को कहा
04:50कि अब तक वरानक उसके बच्चे निगल चुका होगा
04:53और इसलिए उसे अपनी सलामती के लिए बहां से चले जाना चाहिए
04:58लेकिन मानवी ने उससे कहा कि वो एक मा है
05:01और वो अपने बच्चों को ऐसे चोड़ कर हरगिस नहीं जाएगी
05:06चाहे उसकी जान ही क्यों न चली जाएगी
05:09इस पर उस भूड़ी और तक उसे आशरवात दिया
05:12और कहा कि भूत माता काली तुम्हारी रक्षा करे
05:16और इसके तुरंद बाद जब मानवी ने भूड़ी औरत की तरफ देखा
05:21तो वो वहाँ पर थी ही नहीं
05:23भलकि वो दूर दूर तक कहीं दिखाई दे ही नहीं रही थी
05:28ऐसा लग रहा था कि जैसे वो हवा में कहीं गायब हो गई हो
05:33वो जमीन पर उसकी मशाल पड़ी थी
05:36मानवी ने मुँ मशाल उठाई और आगे बढ़ी
05:39जंगल अब और गहरा और भयानक लग रहा था
05:42हर पेड में जैसे शैतानी आँखे थी
05:46जो उसे देखे जा रही थी
05:49भ्रानक की गुरणे की अबास भी बढ़ती जा रही थी
05:52देरे देरे जंगल की जमीन से
05:55जड़े बाहर निकल कर आने लगी
05:57मानवी ने मशाल की मदद से
06:00कुछ जड़े जलाई और आगे बढ़ने लगी
06:04थोड़े आगे जाने पर उसे एक बहुत बढ़ा
06:07और पुराना पेड दिखा उसकी टहनिया एक दूसरे में घुसी होई थी और एक मोटा गुच्छा हवा में लटक रहा था उस गुच्छे से हलकी हलकी चिलाने की अवाज आ रही थी
06:19तब मानवी ने देखा कि उस पेड की टहनियों से लिपते आरोश और दिया दर्द में छट पटा रहे हैं
06:27आसपास एकदम जैसे हवाब बंद हो गई और पेडों की टहनिया इतनी जादा गहरी हो गई
06:34कि चांद की रोशनी का एक कत्रा भी वहाँ नहीं आ रहा था
06:38तब सिर्फ एक लाल आखों का जोड़ा अंधेरे में चबात रहा था
06:43मानवी को समझ आ गया कि उसके सामने व्रानक है
06:47वही देखते जिसके बारे में उस भुड़ी औरत ने उसे बताया था
06:52उसका रूप इंसानों से परे था
06:55उसका शरीर पेड की लकडी से बना खुआ था
06:58और उसके मूँ से लाल लाल टपक रही थी
07:01वह मानवी के सामने ही उसके बच्चों को खाने वाला था
07:06मानवी आगे बड़ी
07:07लेकिन वरानक ने पेड के टहियों से उसे भी जपर लिया
07:11और हवा में उठा लिया
07:13उसके हाथ से वो मशाल छोग गई
07:16जपर बहुर टाइट होने लगी
07:19और मानवी अपना दम थोने लगी
07:21उसकी बंद होती आखें
07:23सिर्फ अपने बच्चों को देख गही थी
07:25जिसे वरानक हस्ता हुआ
07:28बस निगलने ही वाला था
07:30तब ही उसे वरानक के पीछे
07:34वो भूडी औरत वापस दिखी
07:35आसमान में जोर की एक खुजली कर लिए
07:38और वो औरत एकदम से
07:40एक भ्रानक देवी में बदल गए
07:53मानवी की आँखें बंध होने वाली थी
07:55उसने रोते हुए
07:57एक आखरी बार अपने बच्चों का नाम पुकारा
08:00और उसकी आँखें बंध हो गए
08:02उसकी चीक एक मा की चीक थी
08:05लेकिन उसके ठीक बात
08:07मानवी की आँखें फिर से खुली
08:09इस बार उसकी आंखे लाल थी और मानवी में एक अजीब सी दाकत आ गई थी जैसे स्व сторон देवी उसके अंदर आ गई हूँ
08:19उसने एक और गोहार लगाई और पेड की सारी तहनिया तूट गए और वो अजाद हो गई
08:25उसने नीचे पड़ी मशाल को उठाया
08:29और व्रानक जिस पेड से बंदा था
08:31उस पेड की जड़ों में आग लगा दी
08:34व्रानक ने पीछे हटने की कोशिश की
08:37लेकिन बहुत देर हो चुकी थी
08:40अचानक वो टेहनियों का गुच्छा खुल पड़ा
08:42और आरुश और रिया जमीन पर नीचे गिर पड़े
08:46देखते ही देखते व्रानक की दर्द में चीखे सुनाई देने लगी
08:50और कुछी देर वो पेड जल के राक हो गया
08:55साथ ही व्रानक का अंथ हो गया
08:59मानवी को अचानक से चक्कर आये और वो नीचे गिर पड़ी
09:03उसके सामने भूत माता काली देवी प्रकट हुई
09:06और मानवी की सर पर अपना हाथ रखके उक्ते सूरश की रोशनी में समा गई
09:11मानवी और उसके बच्चों के शरीर पर लगी चोटें
09:14कुछी पलों में अपने आप गायब हो गई
09:17उसके बच्चे होश में आये
09:20तो उन्हें कुछ भी याद नहीं था
09:23मानवी ने अपने बच्चों को टाया
09:25और जंगल से बाहर निकल गई
09:27अब पूरी तरह से सुबा हो गई थी
09:30पेड चुप थे और जमीन ठंडी हो गई थी
09:33उस रात एक माने अपने बच्चों को
09:37मौत के मूँ से निकाला था
09:38और इस दुनिया को
09:40एक बार फिर बताया था
09:42कि इस दुनिया में सबसे शक्तिशाली कोई है
09:45तो वो एक मा है
09:46खूनी मंडे की ये कहानी
09:51अगर आपको अच्छी लगी
09:52तो मेरी मूवी मा भी आपको बहुत अच्छी लगेगी
09:55जाकर थेटर्स में जरूर देखना
09:56जल्दी से इस वीडियो को
09:58लाइक, शेर और सबस्क्राइब करो
10:00फॉकूनी मंडे
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