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  • 6 months ago

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00:00Kolkata की तंग गलियों में 14 साल की कावया रहती थी
00:03वह दिन भर सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान पर चूडियां बेचती थी
00:07उसकी छोटी सी टोकरी में रंग विरंगी चूडियां थी
00:10लेकिन उसका सपना बड़ा था
00:12वह एक दिन स्कूल जाकर पढ़ना चाहती थी
00:14कावया के पिता रिक्षा चलाते थे
00:17और मा घर-घर जाकर जाडू पोहुचा करती थी
00:20पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे
00:21लेकिन कावया हर रात अपनी पुरानी कौपी में
00:25सडक की लाइट के नीचे अक्षर लिखा करती
00:27एक दोपहर जब धूप तेज थी
00:29एक बुजर्ग महिला कावया की दुकान पर रुकी
00:32उसने लाल चूड़ी आंच चुनी और कावया से पूछा
00:35बेठी तुम इतनी गर्मी में यहां क्यों बैठी हो
00:38कावया ने शर्माते हुए कहा
00:40पढ़ाई का सपना जो देखा है आंटी इसके लिए पैसे जोड रही हो
00:44महिला ने मुस्कुरा कर एक चूड़ी खरी दी और पैसे दिये
00:48लेकिन जैसे ही वह जाने लगी
00:50चूड़ी तूट गई और जमीन पर विखर गई
00:53कावया घबरा गई
00:54उसने माफी मांगी और नई चूड़ी देने की कोशिश की
00:57लेकिन महिला ने कहा
00:59कोई बात नहीं बेटी
01:00तूटी चूडी भी कीमती होती है
01:03अगर दिल सच्चा हो
01:04उसने अपनी जेब से एक छोटा सा नोट निकाला
01:07और कावया को थमाया
01:09कावया ने नोट खोला
01:10उसमें लिखा था
01:11ये टूटी चूडी तुम्हारे सपनों का पहला कदम है
01:14इस पते पर जाओ
01:16और अपने सपने को उड़ने दो
01:17नोट के साथ एक स्कूल का पता था
01:19कावया अगले दिन उस पते पर गई
01:22वहाँ एक छोटा सा कम्यूनिटी स्कूल था
01:24जहां गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ाई दी जाती थी
01:27स्कूल की मैडम ने कावया को देखते ही कहा
01:30वो बुजर्ग महिला हर महीने यहां आती है
01:33उन्होंने तुम्हारा नाम बताया था
01:35पता चला कि वह महिला एक रिटायर्ट टीचर थी
01:39जो गुप्त रूप से बच्चों के सपनों को पूरा करती थी
01:42कावया की महनत और उसकी चमकती आँखों ने उनका दिल जीत लिया था
01:47कावया ने उस तूटी चूडी को अपनी कौपी में रख लिया
01:51ताकि उसे याद रहे तूटे हुए सपने भी पूरे हो सकते हैं अगर हिम्मत न तूटे
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