00:00एक महिला वन में बैठी हस्त शिल्प बना रही थी, पती एक डंडे के साथ चुपके से उसके नस्दीक आ रहा था, उसने बिल्ली के जैसे चाल चली ताकि सूखी पत्तियों पर पैर न रखे और शोर न हो, जिसे उसकी बीवी सावधान न हो जाए, जब वह हमला करने की सोच
00:30एक फंदे पर कदम रखा और हवा में लटका रह गया, घंटों की संघर्ष के बाद पत्नी होश में आई, उसने उपर देखा और पाया कि उसका पती पेड से लटका हुआ है, उसे सब कुछ याद आ गया और वह अपनी आखों पर विश्वास नहीं कर सकी, वह अपनी शा�
01:00कुछ पागलों की तरह उसका पीछा करने लगे, वह भैभीत होकर बेताब हुआ और पेड़ की उंचाई पर चड़ गया, उसे किसी तरह जान बची और जैसे ही उन लोगों के निशान हट गये, वह राहत महसूस कर पाया, आदमी ने खुद को आजाद किया और टेढ़े मे
01:30भागेवश तीर उसके सिर की सतह को छूते हुए गजर गया, लेकिन इस समय आदमी को यह समझ में आ गया कि पत्नी उसे मारने फिर उसके पास पेड़ के पीछे छिपने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, उसने तुरंत नारियल उठाया और सामने फेंक दिया, तीर �
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