00:00ऐसा भयानक प्राणी था जिसे मनुश्यों ने नहीं देखा था।
00:02इसके तेज दांत खौफनाक थे और यह भी दहशतनाक था कि यह मनुश्यों का उप्योग अपने प्रजनन के लिए करता था।
00:07अब यह धीरे से दो व्यक्तियों की ओर बढ़ रहा था।
00:09चांग ने ततपरता से बंदूक उठाई और मुकाबला करने को तयार हो गया।
00:12किंतु सामने रखे लकडी के बॉक्स ने उसके देखने को बाधित किया और वह खशनिक विचलित हो गया।
00:16उसने अपने साथी को बॉक्स हटाने का इशारा किया।
00:18परंतु दूसरे व्यक्ति को चांग की भाषा नहीं समझाई और वह गलती से खुद को दूर करने का निर्देश मान बैठा।
00:48यह गलत फेहमी थी कि वह आंशिक भी घायल नहीं हुआ बलकि वह और अधिक कृद्ध हो उठा और सब पर तूट पड़ा।
00:53जो नाविक समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाए उन्हें निगल लिया गया और स्थिती अनियंत्रित हो गई।
00:58चांग ने जाना की रुकना उचित नहीं वह ततकाल बाहर की और दोड़ा और जान बूच कर शोर किया ताकि राक्षस का ध्यान बंटे।
01:28मी निपुर्टा से हमले का सामना किया और राक्षस को लोहे के धांचे के नीचे खीचा जहां धमाके से गिर कर उसके उपर आगिरा और उसे दबा दिया।
01:34देख कर कि वहाँ भीतर नहीं जा पा रहा। मी ने फूर्ती से मौका लपका और अपनी साइकल की गती तेज की फिर एक जोरदार ड्रिफ्ट के साथ परिपूर्ण विस्फोट किया।
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