00:00जो देखे एक बार को बलट के बार बार वो खुदा जाने क्यों तुझे देखने लगता है
00:13सच बोलूं इमान से खबर है आसमान से हैरत में चांद भी तुझे को तकता है
00:26कोई इतना खूब सूरत कैसे हो सकता है
00:40कोई इतना खूब सूरत कैसे हो सकता है
00:53कोई इतना खूब सूरती पार तेरी फुद तुमे हो
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