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  • 7 months ago
कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता से तो हर कोई वाकिफ है लेकिन यहां कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां पर प्राकृतिक सुंदरता होने के बावजूद यहां के लोगों के लिए कुछ दुश्वारियां भी हैं. गांदरबल जिले का सोनमर्ग, जहां की सुंदरता को निहारने दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं तो वहीं सोनमर्ग से लगभग 13 किलोमीटर दूर बालटाल के पास एक ऐसा गांव है, जो प्राकृतिक रूप से तो जन्नत है पर विकास को मोहताज है. ये है कश्मीर घाटी का आखिरी गांव सरबल. यहां पर लोगों की आबादी बहुत कम है, यहां के ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर लुभावनी खूबसूरती होने के बावजूद यहां पर उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए सालभर संघर्ष करना पड़ता है. ठंड के महीनों में बर्फ से ढके रहने वाले इस गांव के लोग सड़कों की कमी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव जैसी गंभीर चुनौतियों से हर साल जूझते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, सरबल में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की बहुत संभावनाएं हैं. यहां डुरिनार और बाराफसर की पहाड़ियों पर ट्रेकिंग भी होती है.

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00:00Kashmir की प्राकर्तिक सुन्दर्ता से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन यहां कुछ जगए ऐसी भी हैं, जहां पर प्राकर्तिक सुन्दर्ता होने के वावजूद यहां के लोगों के लिए कुछ दुश्वारिया भी हैं.
00:11गांदेर्बल जिले का सौन्बर्ग यहां के सुन्दर्ता को निहारने दूर-दूर से लोग खिचे चले आते हैं, तो वहीं सौन्बर्ग से लगभग 13 किलोमीटर दूर बाल्टाल के पास एक ऐसा गाउं है, जो प्राकर्तिक रूप से तो जन्नत है, पर विकास को महताज है.
00:41यहां पे एक सो से ज़्यादा परिवार रहते हैं, यहां पे समस्या यह है कि सर यहां पे मोबाइल कनेक्टिविटी पूरी नहीं है, और यहां पे कोई कामन सर्विस सेंटर नहीं है, डिस्पेंसरी वगएरा, तो बाकी रोड वगएरा पूरा यहां पे गाउं में डाउल �
01:11रहने वाले इस गाउं की लोग सडकों की कमी और बुन्यादी स्वास्त सुविधाओं के अभाव जैसी गंभीर चुनोतियों से हर साल जोजते हैं।
01:41हमार पड़ेगा, कुछ पड़ेगा, वो तो डेट होता था इधर हमारा डिस्पंसरी होना चाहिए इधर कुछ छोटा मोटा कमस कम कुछ दिफा बन जाए आदमी के लिए।
02:11हमार होते हैं, कुछ चले जाते हैं कहीं, या कंगन जाना पड़ता है, निस सोरे में जाना पड़ता है, और गाड़ी का सुविधा तो ही नी, पैसे जेब में ही नी, फिर क्या करेंगे, मरते ही।
02:26ग्रामिलों के मुदाविक सर्वल के परेटन इस्थल के रूप में विक्सित होने की आपार संभावनाएं हैं।
02:32यहां डुरिनार और बारा फसर की पहाड़ियों पर ट्रेकिंग भी होती है।
02:36इसके लिए ग्रामिलों की मांग है कि शासन प्रशासन उनके गाउं में बुन्यादी धाचे के विकास पर ध्यान दे।
02:42ताकि यहां रहने वाले ग्रामिलों और यहां आने वाले परेटकों को कोई दिक्कत ना हो।
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