00:00राजस्थान की रेतीली धर्ती पर बसा भानगड का किला भारत के सबसे रहस्यमई और दराबने स्थलों में किना जाता है
00:07यह किला अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर के पास अरावली की पहाडियों के बीच स्थित है
00:14दिन के उजाले में यह किला एक एतिहासिक धरोहर लगता है लेकिन जैसे ही रात होती है इसके आसपास की हवा भी भारी और सन्नाटे से भर जाती है
00:27यह कहानी सिर्फ एक किले की नहीं बलकि उस रहस्यकी है जो सबियों से लोगों के मन में घर किये बैठा है
00:34आईए इस कहानी में उतरते हैं और जानते हैं भांगर किले की पूरी सच्चाई उसका इतिहास उसकी कहानिया और उसका आज तक अनसुलजा रहस्य
00:46इस रोचक सफर पे ले जाने से पहले
00:49इस चैनल पर अगर आप पहली बार आये है तो चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले ताकि इस भीड में कही हम और आप खोन जाए
00:59हम इंटरनेट पर घंटो स्टेडी करके आपके लिए मनोरंजक और ज्यानवर्धक कहानिया लेकर आते हैं इसलिए वीडियो को लाइक जरूर करे
01:08चलिए शुरू करते हैं
01:11भांगड का निर्मान सत्रहवी शताबदी में आमेर के राजा भगवंत दास ने अपने पुत्र माधो सिंग के लिए करवाया था
01:19कहा जाता है कि माधो सिंग के शासंकाल में यह नगर खूब फलाफूला
01:25यहां महल, बाजार, मंदिर और बागबगिचों की भरमार थी
01:41समय के साथ कुछ ऐसा घटा जिसने भांगड को वीरान कर दिया
01:45भांगड की सबसे चर्चित कहानी एक सुन्दर राजकुमारी रतनावती और एक काले जादूगर तांत्रिक सिंधु सेवरा की है
01:54रतनावती बेहद रूपवती और बुधिन्ती थी
01:58देशविदेश से उसके विवाह प्रस्ताव आते थे
02:02सिंधु सेवरा नामक एक तांत्रिक जो काले जादू का जानकार था प्रतनावती पर मोहित हो गया
02:09लेकिन वह जानता था कि राजकुमारी कभी उससे विवाह नहीं करेगी
02:15उसने एक दिन रतनावती की दासी को इत्र की शीशी दी
02:19जिसमें उसने मोहिनी तंत्र से वशीकरण किया था
02:23लेकिन रतनावती बहुत चतुर थी
02:26उसने इत्र को एक पत्थर पर डाल दिया
02:29जैसे ही पत्थर पर इत्र पड़ा
02:32वह तांत्रिक की ओर लुड़कता चला गया और उसे कुचल दिया
02:36मरते मरते तांत्रिक ने श्राप दिया
02:39धानगड उजड जाएगा
02:42यहां कोई नहीं बस पाएगा
02:44जो बसेगा वो मरेगा कहते हैं कि तांत्रिक के श्राप के कुछ ही वर्षों बाद भानगड पर पडोसी राज्य अजबगड ने हमला किया
02:53जुद्ध में रतनावती और माधो सिंग समेट पूरा
02:57राज्य तबाह हो गया
02:59इसके बाद यह किला और नगर वीरान हो गया
03:03जो लोग बचे वो इसे छोड़ कर चले गए
03:07तब से आज तक भानगड में कोई भी स्थाई रूप से नहीं रह सका
03:12भारतिय पुरातत्व सर्वेक्षन विभाग एसाई ने इस खेत्र में एक चेतावनी बोर्ड लगाया है
03:20सुर्यास्त के बाद और सुर्योदय से पहले इस खेत्र में प्रवेश बर्जित है
03:26स्थानिय लोग दावा करते हैं कि रात को यहां अजीब अजीब आवाजे आती हैं
03:31चीखें, रोने की आवाजें और किसी के चलने की आहट
03:35कुछ ने किले के भीतर साय देखने की भी बात कही है
03:39प्रहस्य ओर्डर के कारण कई लोग भानगड में रात बिताने की कोशिश कर चुके हैं
03:46लेकिन कोई भी कभी पूरी रात नहीं तिक पाया
03:49कुछ लोग बीमार पड़ गए, कुछ लापता हो गए
03:53और कुछ का मानसिक संतुलन बिगड गया
03:55किले के भीतर कई मंदिर हैं
03:58सोमिश्वर, गोपीनाथ, केशवराय, मंगला देवी
04:02लेकिन सब खंडहर में बदल चुके हैं
04:05बाजार की गलियों में आज भी समय जैसे रुका हुआ लगता है
04:09ऐसा प्रतीत होता है कि कभी यहां जीवन की चहल पहल थी
04:14पर अब सिर्फ पत्थरों की गूंच सुनाई देती है
04:17कई वैज्यानिक और इतिहासकार इस रहस्य को केवल एक मनोवैज्यानिक भ्रम और लोग कथा मानते हैं
04:26उनका मानना है कि युद्ध और भूकंप जैसे प्राकृतिक कारणों से नगर उजड़ा होगा
04:32लेकिन प्रश्न उठता है यदि यह केवल भ्रम है तो भानगड की रात में किसी की भी रुकने की हिम्मत क्यों नहीं होती
04:40आज भानगड एक प्रसिद्ध परियतन स्थल है
04:43दिन के समय लोग आते हैं, फोटो खींचते हैं और इतिहास के इस रहस्य को महसूस करने की कोशिश करते हैं
04:53कई यूट्यूबर और घोस्ट हंटर्स भी यहाँ आ चुके हैं
04:57पर जैसे ही सूर्य ढलता है, पूरा बातावर्ण बदल जाता है
05:02स्थानिय गाइड्स भी शाम होते होते वहां से चले जाते हैं
05:08धानगड का किला केवल पत्थरों और खंधरों का ढाचा नहीं
05:12बलकि बह जगह है जहां इतिहास, प्रेंग, लालच और श्राप एक साथ जीवित हैं
05:18यह एक ऐसा स्थल है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है
05:23कि क्या बास्तव में कुछ आत्मिक शक्तिया होती है
05:26क्या सच में श्राप यथार्थ हो सकते हैं
05:30भांगड आज भी अपने भीतर न जाने कितने अनकहे रहसियों को समेटे हुए है
05:36और जब तक उन रहसियों का उत्तर नहीं मिल जाता
05:41तब तक यह किला भारक का सबसे रहसिय में स्थान बना रहेगा
Comments