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  • 6 months ago
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00:00मुझे याद है अपना बेवकूफ बना मैं नहीं बूलूंगे
00:16इस वक्त भी मैं हालत सजा में हुआ
00:20और इस घर में रहने से ज़्यादा अजियतनाक सजा और क्या हो सकती
00:30अनाम बताओ राईस शेर जमान क्या करते हो करता था बादशाहत करता था
00:36इसे पेशिंट को तो हर चीज भूल जानी चाहिए लेकिन शेर जमान को अपनी हर एक पात याद है
00:41इसब तुम करा रही हो ना दुश्मनी निकाल रही हो मुझे अपने बेटी की मंगनी उसकी खुशिया देखने के लिए उसके घर बशाने के लिए तो इस तरह बिठाकर उमर जाया करने के लिए नहीं कम असकम आप लोगी पात खतम करते हैं
00:52कि लोग भूले हैं सारी बाते हैं कि पता नहीं कि उनका ध्यान आप पर नहीं जाते है आथ कुजरने के साथ साथ आपकी नफरत आपकी अकारा थे पड़्टी जा रही है
01:15बाबा मुझे सुर्फ एक मौका दे देए असा लगता जैसे वुना था ही नहीं
01:20जब तक मैं जिन्दा हो ना मैं तो यही करती रहूंगी क्यों सारी माई ऐसा ही करती हैं क्या औरों का तू मुझे नहीं पता है मैं तो करूंगी अपनी शियर्जादे के जुआ जो आप
01:33पता है अज़गा इसके फादर की डेत हो गई और यह बच गया कुछर से हॉस्पिटलाइज रहा और फिर अग्रेसिव होने लगा चानक से अपने कजन को पीट डाला भों मरते मरते बचा
01:53कंपा जो में हुआ यहा लेकिन साथ-साथ fax आ हाल भी खत्म करती है कि यहाद कोल दूए यूए कियो मेरी इंगेंडि टोड़नी है वल्जाम है
02:13जांग है मुझे
02:15तुम कुछ नहीं करता
02:18जाद नहीं है तुम्हें
02:21बार बार तुम्हें देखने को
02:23तुम से मिलने को करता है
02:26ये बेचानी बेता भी मेरी समझ से बाहर है
02:29अब तुम्हारे बारे मैं सोचता हूँ
02:32तुम दिल की धड़कानी तेज हो जाती है
02:34मुझे साफ साफ सुना ही देती है
02:36तुम्हें तो इस बात की भी ख़बर नहीं कि मैं
02:42तुम्हारे लिए कितना बेकरा
02:44मसब तो दिल की यही असरत है दूआ
03:01कि तुमसे मिलके तुम्हें अपना बनाना है
03:04तुम्हें तुम्हें इनी फीलिंग्स कभी पता नहीं होगा
03:10अगर वो कहते हैं न
03:14कि अगर नियत तची हो तो मकसद हासिल हो ही जाता है
03:19मैं तुम्हारे इंतिसार करूँगा
03:31और में सुम्हारे लाओ करूँगा
03:35झई
03:43सबस्क्राव
03:47पिए
03:50सबस्क्राव
04:01मैं शुखियाब कर दो
04:04उनका मिलत आपका एसान जरूरता नहीं
04:06नहीं, मैंने कोई हसान नहीं किया आपने
04:09मैंने जो पी किया वो फर्द समझ के किया है
04:12मैं भी एसान को एसान समझ कर ली
04:14फर्द समझ कर आठ आट जो
04:20अब मुंट मेरे पैर तून हो गाया
04:22परिशान मत हूँ आज डॉक्टर रंगून वाला आएंगे ना तो उनको बताएंगे आगए
04:28वो एक दवार एड़ कर देंगे
04:34एक वक्त में पंदरा पंदरा टेबलेट्स खानी पर रही है
04:40बस ममा मत ठक गया हूँ
04:44हलो वीबर्स इस ड्रामा सेरिल में आप देखेंगे
04:48परिशा एक चोटी से गाओ के जहीन और खुबसूरत लड़की है
04:51जिसके खुब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपत इलाज करे
04:57उसके वालिद एक स्कूल टीचर है जिन्होंने दिन रात मेहनत करके अपनी बैटी को शेहर के मिडिकल यूनिवस्टी में दाखिले दिलवाया है
05:06शेहर आकर परिखा की जिन्दगी बदल जाती है वो मेहनती होती है
05:11मगर वहा के चमक दमक पेशन और तबकाती परकुसे कमजोर करने लगता है
05:17इसी इन्वस्टी में उसके मुलाकात होती है
05:20अर्मान से एक रहीज बाप का लाड़ला खुद पसंद मगर पूर कशिश नवजवान
05:25अर्मान को परिखा की साथगी और मासूमित में कशिश महसूस होती है
05:30वो देरे देरे उसकी करीब आने के कुशिश करता है
05:33परिखा पहले ये बहुत ज़्यदा पासला अर्मान से रखती है
05:38मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुपो और वादों में खुँजाती है
05:43एक दिनर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
05:48और वहाँ सब कुछ बदल जाता है
05:50परिखा की जिन्देगी का खुआब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
05:54वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
05:55वो अपसी गाउ आती है और खामोश हो जाती है
05:59वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
06:02मगर वो कुछ नहीं बताती
06:04चन्द महीने बाद परिखा को एक बेटी जिन्म देती है
06:08लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
06:12मगर परिखा सिर्फ एक जुमला कहती है
06:14मेरी बेटी मेरा खौब है
06:16अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
06:19वो दूबरह हिमत करती है
06:21अपनी ताली मुकमल करती है
06:23और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
06:27वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद
06:30एक अस्पिताल में एक मरीज दाहिल होता है
06:32बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
06:37सामने कड़ी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है
06:41परवकार और मजबूत
06:43अर्मान नज़रे जुका लेता है
06:45और कहता है क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
06:47परीहा सिर्ब मुस्किरा कर कहती है
06:49मैं तुम्हे माप नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताकट बने
06:53अगर वो हादसा ना होता
06:55तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
06:58वीवर्स ये कहानी औरत की है
07:01बेबसी से उसकी ताकट बनने का सपर है
07:05ये दिखाती है के मुझे के नज़रों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
07:11और औरत के भी कमजूर नहीं होती
07:14अगर वो हार ना माने
07:15तो ड्रामा सेरिल के हवाले से अपने राय के इज़ार लाजमी कमेंट करें
07:19साथ में हमारे यूट्व का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
07:22तेंक्स पर वाचिंग
07:23अल्हाफ़ज
07:24हलो वीवर्स इस ड्रामा सेरिल में आप देखेंगे
07:28परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन और खुबसूरत लड़की है
07:31जिसके खुआब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करें
07:37उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
07:39जिन्होंने दिन रात मेहनत करके अपनी बैटी को शेहर के मिडिकल यूइस्टी में दाखिल दिलवाया है
07:46शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है
07:50वो मेहनती होती है
07:51मगर वहा के चमक दमक पेशनवर तपकाती परकुसे कमज़र करने लगता है
07:57इसी इन्विस्टी में उसके मुलाकात होती है
08:00अर्मान से एक रईज़ बाप का लाडला खुद पसंद मगर पूर कशिश नवजवान
08:05अर्मान को परीहा के साथगी और मासूमित में कशिश मحसूस होती है
08:10वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
08:13परीहा पहले ये बहुत ज़्यदा पासला अर्मान से रखती है
08:18मगर जलही इसके नर्म लहजे तुहपो और वादो में खो जाती है
08:23एक दिन अर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
08:28और वहा सब कुछ बदल जाता है
08:30परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
08:34वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
08:35वो अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
08:39वालदीन उसे उसके हालत देकर तूट जाते हैं
08:42मगर वो कुछ नहीं बताती
08:44चन्महीने बाद परीहा को एक बेटी जन्म देती है
08:48लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते हैं
08:52मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
08:54मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
08:59वो दूबारा हिमत करती है अपनी ताली मुकमल करती है
09:03और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
09:07वीवस स्टूरी के पंदर साल बाद एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
09:12बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
09:17सामने करी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है परवकार और मजबूत
09:23अर्मान नजडे जुकालेता है और कहता है किया तुम मुझे माफ कर सकती हूँ
09:27परीहा सिर्थ मुस्किरा कर कहती है मैं तुम्हें माफ नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताकत बने
09:33अगर वो हादसा ना होता तो शायद में कभी इतनी बहादर ना बनती
09:38वीवर्स ये कहानी औरत की है बेबसी से उसकी ताकर बनने का सपर है
09:45ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
09:51और वरत के भी कमजूर नहीं होती अगर वो हार ना माने
09:55तो ड्रामा सेरिल के हुआले से अपने राय के इजहार लाजमी कमेंट करें
09:59साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
10:02तेंस पर वाचिंग अल्हाफ़ज
10:04इस ड्रामा सेरिल में आप देखेंगे
10:08परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन और खुबसूरत लड़की है
10:12जिसके खुआब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपत इलाज करे
10:17उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
10:19जिन्होंने दिन रात मेहनत करके अपनी बैटी को शेहर के मेडिकल यूनिवस्टी में दाखिले दिलवाया है
10:26शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है
10:30वो मेहनती होती है
10:32मगर वहा के चमक दमक पेशन और तपकाती परकुसे कमज़र करने लगता है
10:37इसी इन्वस्टी में उसकी मुलाकात होती है
10:40अर्मान से एक रहीज बापका लाडला खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
10:45अर्मान को परीहा की साथगी और मासूमित में कशिश मحसूस होती है
10:50वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
10:53परीहा पहले ये बहुत ज़्यदा पासला अर्मान से रखती है
10:58मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपू और वादो में को जाती है
11:03एक दिन अर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
11:08और वहा सब कुछ बदल जाता है
11:10परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
11:14वो यूनिवस्टी छोड़ देती है
11:16वो अपसी गाव आती है और खामोश हो जाती है
11:19वालदीन उसे उसके हालत देख कर तूट जाते है
11:22मगर वो कुछ नहीं बताती
11:25चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जन्म देती है
11:29लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
11:32मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
11:35मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
11:39वो दूबारा हिमत करती है
11:41अपनी ताली मुकमल करती है
11:43और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
11:47वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद
11:50एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
11:52बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
11:57सामने कड़ी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है
12:01परवकार और मजबूत
12:03अर्मान नज़रे जुका लेता है और कहता है
12:06क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
12:07परीहा सिर्ब मुस्किरा कर कहती है
12:10मैं तुम्हे माप नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताकत बने
12:13अगर वो हादसा ना होता तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
12:18वीवर्स ये कहानिया औरत की है
12:21बेबसी से उसकी ताकत बनने का सपर है
12:26ये दिखाती है के मुआश्टे के नजरों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
12:31और औरत के भी कमजूर नहीं होती अगर वो हार ना माने
12:35तो ड्रामसेरिल के हवाले से अपने राय के इजहार लाजमी कमेंट करें
12:40साथ में हमारे योटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
12:43तेंक्स पर वाचिंग अल्हाफ़ज
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12:52जिसके खुब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करें
12:57उसके वालिद एक स्कूल टीचर है जिन्होंने दिन रात मेहनत करके
13:02अपनी बैटी को शेहर के मिडिकल यूइस्टी में दाखिल दिलवाया है
13:06शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है वो महनती होती है
13:12मगर वहा के चमक दमक पेशन और तपकाती परकुसे कमजोर करने लगता है
13:17इसी इन्विस्टी में उसके मुलाकात होती है
13:20अर्मान से एक रहीज बापका लाडला खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
13:26अर्मान को परीहा की सादगी और मासूमित में कशिश महसूस होती है
13:30वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
13:33परीहा पहले पासला अर्मान से रखती है
13:38मगर जलही इसके नर्म लहजे तुहपो और वादों में को जाती है
13:43एक दिनर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
13:48और वहा सब कुछ बदल जाता है
13:50परीहा की जिन्देगी का खुआब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
13:54वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
13:56वो अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
13:59वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
14:03मगर वो कुछ नहीं बताती
14:05चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जिन्म देती है
14:09लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
14:12मगर परीहां सिर्फ एक जुमला कहती है
14:15मेरी बेटी मेरा खौब है
14:17अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
14:19वो दूबरा हिमत करती है
14:21अपनी ताली मुकमल करती है
14:24और अपनी बेटी के उस साथ लेकर
14:26मेडिकल आपिसर बनती है
14:27विवस स्टूरी के पंदर साल बाद
14:30एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
14:33बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान
14:35जो आज नाकाम और तनहा है
14:37सामने करी ये वही परीहा
14:40डाक्टर बन चुकी है
14:54अगर वो हादसा ना होता
14:56तो शायद में कभी इतनी बहादर ना बनती
14:58विवर्स ये कहानी औरत की है
15:01बेबसी से उसकी ताक्त बनने का सपर है
15:06ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में
15:08गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
15:11और वरत के भी कमजूर नहीं होती
15:14अगर वो हार ना माने
15:16तो ड्रामसेरिल के हवाले से अपने राय के इजहार
15:18लाजमी कमेंट करें
15:20साथ में हमारे येट्टूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
15:23तेंस पर वाचिंग
15:24अल्हाफिस
15:25हलो वीबर्स इस ड्रामसेरिल में आप देखेंगे
15:28परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन
15:31और खुबसूरत लड़की है
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15:35और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करे
15:37उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
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15:45दाखिल दिलवाया है
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15:55कुसे कमज़र करने लगता है
15:57इसी इन्वस्टी में उसकी मुलाकात होती है
16:00अर्मान से एक रईज़ बाप का लाडला
16:03खुद पसंद मगर पूर कशिश नवजवान
16:06अर्मान को परीहा की साथगी और मासूमित में कशिश मحसूस होती है
16:10वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
16:14परीहा पहले ये बहुत ज़दा पासला अर्मान से रखती है
16:19मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपू और वादों में खो जाती है
16:23एक दिन अर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पामहाउस ले जाता है
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16:30परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
16:34वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
16:36वो अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
16:40वालदीन उसे उसके हालत देकर तूट जाते है
16:43मगर वो कुछ नहीं बताती
16:45चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जन्म देती है
16:49लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
16:53मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
16:55मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
16:59वो दूबरा हिम्मत करती है
17:02अपनी ताली मुकमल करती है
17:04और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
17:07वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद
17:10एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
17:13बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
17:17सामने करी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है
17:22परवकार और मजबूत
17:23अर्मान नज़रे जुका लेता है और कहता है
17:26क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
17:28परीहा सिर्भ मुस्किरा कर कहती है
17:30मैं तुम्हे माप नहीं करती
17:31क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताकत बने
17:34अगर वो हादसा ना होता
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17:46ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में
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17:52और वरत के भी कमजूर नहीं होती
17:54अगर वो हार ना मने
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18:03तेंस पर वाचिंग
18:04अल्हाफ़ज
18:05इस ड्रामसेरिल में आप देखेंगे
18:08परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन
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18:17उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
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18:22अपनी बैटी को
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18:25दाखिल दिलवाया है
18:27शेहर आकर परीहा की जिन्दगी
18:29बदल जाती है
18:31वो मेहनती होती है
18:32मगर वहा के चमक दमक पेशन और तबकाती परकुसे कमजोर करने लगता है
18:38इसी इन्विस्टी में उसके मुलाकात होती है
18:40अर्मान से एक रहीज बाप का लाड़ला
18:43खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
18:46अर्मान को परिया के साथगी और मासूमित में कशिश महसूस होती है
18:51वो देरे देरे उसकी करीब आने के कुशिश करता है
18:54परिया पहले ये बहुत ज़्यदा पासला अर्मान से रखती है
18:59मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपो और वादों में खो जाती है
19:04एक दिनर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
19:08और वहाँ सब कुछ बदल जाता है
19:10परिया की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
19:14वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
19:16वो अपसी गाउ आती है और खामोश हो जाती है
19:20वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
19:23मगर वो कुछ नहीं बताती
19:25चन्द महीने बाद परिया को एक बेटी जिन्म देती है
19:29लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
19:33मगर परिया सिर्फ एक जुमला कहती है
19:35मेरी बेटी मेरा खौब है
19:37अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
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19:42अपनी ताली मुकमल करती है
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19:48वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद
19:51एक एस्पिताल में एक मरीज दाहिल होता है
19:53बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
19:58सामने कड़ी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है
20:02परवकार और मजबूत
20:03अर्मान नज़रे जुका लेता है
20:05और कहता है क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
20:08परीहा सिर्ब मुस्किरा कर कहती है
20:10मैं तुम्हे माप नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताकट बने
20:14अगर वो हादसा ना होता
20:16तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
20:19वीवर्स ये कहानी औरत की है
20:22बेबसी से उसकी ताकट बनने का सपर है
20:26ये दिखाती है के मुझे के नज़रों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
20:32और औरत के भी कमजूर नहीं होती
20:34अगर वो हार ना माने
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20:40साथ में हमारे यूट्व का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
20:43तेंस पर वाचिंग अला हाफिज
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20:52जिसके खुआब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करें
20:58उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
21:00जिन्होंने दिन रात मेहनत करके अपनी बैटी को
21:03शेहर के मिडिकल यूइस्टी में दाखिले दिलवाया है
21:07शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है
21:11वो महनती होती है
21:12मगर वहा के चमक दमक पेशन और तबकाती परकुसे कमज़र करने लगता है
21:18इसी यूइस्टी में उसके मुलाकात होती है
21:21अर्मान से एक रईज़ बाप का लाडला
21:23खुद पसंद मगर पूर कशिश नवजवान
21:26अर्मान को परीहा की साथगी और मासूमित में कशिश महसूस होती है
21:31वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
21:34परीहा पहले पासला अर्मान से रखती है
21:39मगर जलही इसके नर्म लहजे तुहपू और वादों में खु़ जाती है
21:44एक दिनर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पाम हाउस ले जाता है
21:49और वहा सब कुछ बदल जाता है
21:51परीहा की जिन्देगी का खुआब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
21:55वह युनिवस्टी चोड़ देती है
21:56वह अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
22:00वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
22:03मगर वह कुछ नहीं बताती
22:05चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जिन्देती है
22:09लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
22:13मगर परीहां सिरे पे एक जुमला कहती है
22:15मेरी बेटी मेरा खौब है
22:17अब मैं उसी मुकमल देखना चाहती हूँ
22:20वो दूबारा हिमत करती है
22:22अपनी ताली मुकमल करती है
22:24और अपनी बेटी के उस साथ लेकर
22:26मेडिकल आफिसर बनती है
22:28विवस स्टूरी के पंदर साल बाद
22:31एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
22:33बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान
22:35जो आज नाकाम और तनहा है
22:38सामने करी ये वही परीहा
22:40डाक्टर बन चुकी है
22:54अगर वो हादसा ना होता
22:56तो शायद में कभी इतनी बहादर ना बनती
22:59विवर्स ये कहानी औरत की है
23:02बेबसी से उसकी ताक्त बनने का सपर है
23:06ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में
23:09गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
23:12और वरत के भी कमजूर नहीं होती
23:15अगर वो हार ना मने
23:16तो ड्रामा सेरिल के हुआले से अपने राय के इजहार
23:19लाजमी कमेंट करें
23:20साथ में हमारे येटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बुलिए
23:23तेंस पर वाचिंग
23:24अल्हाफ़ज
23:25इस ड्रामा सेरिल में आप देखेंगे
23:29परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन
23:31और खुबसूरत लड़की है
23:32जिसके खौब है कि वो डाक्टर बने
23:35और अपने गाओ के लोगों का मुपत इलाज करे
23:38उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
23:40जिन्होंने दिन रात मेहनत करके
23:42अपनी बैटी को शेहर के
23:44मिडिकल यूनिवस्टी में दाखिल दिलवाया है
23:47शेहर आकर परीहा की जिन्दगी
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23:51वो मेहनती होती है
23:52मगर वहा के चमक दमक
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23:56कमजोर करने लगता है
23:58इसी इन्वस्टी में उसकी मुलाकात होती है
24:01अर्मान से एक रहीज बाप का लाडला
24:04खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
24:06अर्मान को परीहा की सादगी
24:08और मासूमित में कशिश महसूस होती है
24:11वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
24:14परीहा पहले ये बहुत ज़दा पासला अर्मान से रखती है
24:19मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपू और वादों में खो जाती है
24:24एक दिन अर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पामाउस ले जाता है
24:29और वहा सब कुछ बदल जाता है
24:31परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
24:35वो यूनिवस्टी छोड़ देती है
24:36वो अपसी गाउ आती है और खामोश हो जाती है
24:40वालदीन उसे उसके हालत देकर तूट जाते हैं
24:43मगर वो कुछ नहीं बताती
24:45चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जन्म देती है
24:49लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
24:53मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
24:55मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
25:00वो दूबारा हिम्मत करती है अपनी ताली मुकमल करती है
25:04और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
25:08वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
25:13बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
25:18सामने कड़ी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है परवकार और मजबूत
25:24अर्मान नज़रे जुका लेता है और कहता है क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
25:28परीहा सिर्ब मुस्किरा कर कहती है मैं तुम्हे माप नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताक्ट बने
25:34अगर वो हादसा ना होता तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
25:39वीवर्स ये कहानिया औरत की है बेबसी से उसकी ताक्ट बनने का सपर है
25:46ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
25:52और औरत के भी कमजूर नहीं होती अगर वो हार ना माने
25:56तो ड्रामसेरिल के हुआले से अपने राय के इजहार लाजमी कमेंट करें
26:00साथ में हमारे यूटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
26:03तेंक्स पर वाचिंग अल्हाफ़ज
26:05हलो वीबर्स इस ड्रामसेरिल में आप देखेंगे
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26:13जिसके खुब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करें
26:18उसके वालिद एक स्कूल टीचर है जिन्होंने दिन रात मेहनत करके
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26:27शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है वो महनती होती है
26:32मगर वहा के चमक दमक पेशन वरत अपकाती परकुसे कमजोर करने लगता है
26:38इसी इन्विस्टी में उसके मुलाकात होती है
26:41अर्मान से एक रईज बापका लाडला खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
26:46अर्मान को परीहा की सादगी और मासूमित में कशिश महसूस होती है
26:51वो देरे देरे उसकी करीब आने के कुशिश करता है
26:54परीहा पहले पासला अर्मान से रखती है
26:59मगर जलही इसके नर्म लहजे तुहपू और वादों में को जाती है
27:04एक दिनर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पामाउस ले जाता है
27:09और वहा सब कुछ बदल जाता है
27:11परीहा की जिन्देगी का खुआब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
27:15वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
27:17वो अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
27:20वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
27:23मगर वो कुछ नहीं बताती
27:26चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जिन्म देती है
27:30लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
27:33मगर परीहां सिर्फ एक जुमला कहती है
27:35मेरी बेटी मेरा खौब है
27:37अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
27:40वो दूबारा हिमत करती है
27:42अपनी ताली मुकमल करती है
27:44और अपनी बेटी के उस साथ लेकर
27:46मेडिकल आपिसर बनती है
27:48विवस स्टूरी के पंदर साल बाद
27:51एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
27:53बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान
27:56जो आज नाकाम और तनहा है
27:58सामने करी ये वही परीहा
28:01डाक्टर बन चुकी है
28:14अगर वो हादसा ना होता
28:16तो शायद में कभी इतनी बहादर ना बनती
28:19विवर्स ये कहानी औरत की है
28:22बेबसी से उसकी ताक्त बनने का सपर है
28:26ये दिखाती है के मौाश्टे के नजरों में
28:29गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
28:32और वरत के भी कमजूर नहीं होती
28:35अगर वो हार ना मने
28:36तो ड्रामसेरिल के हवाले से अपने राय के इजहार
28:39लाजमी कमेंट करें
28:40साथ में हमारे येट्टूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
28:43तेंक्स पर वाचिंग
28:44अल्हाफिस
28:45हलो वीबर्स इस ड्रामसेरिल में आप देखेंगे
28:49परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन
28:51और खुबसूरत लड़की है
28:53जिसके खौब है कि वो डाक्टर बने
28:55और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करे
28:58उसके वालिद एक स्कूल टीचर है
29:00जिन्होंने दिन रात मेहनत करके
29:02अपनी बैटी को शेहर के मिडिकल यूनिवस्टी में
29:05दाखिले दिलवाया है
29:07शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है
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29:13मगर वहा के चमक दमक पेशनवर तपकाती पर
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29:18इसी इन्वस्टी में उसकी मुलाकात होती है
29:21अर्मान से एक रहीज बाप का लाडला
29:24खुद पसंद मगर पुर कशिश नवजवान
29:26अर्मान को परीहा की सादगी और मासूमित में कशिश मحसूस होती है
29:31वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है
29:34परीहा पहले ये बहुत ज़दा पासला अर्मान से रखती है
29:39मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपू और वादों में खो जाती है
29:44एक दिन अर्मान उसे शेहर से बाहर अपनी पामहाउस ले जाता है
29:49और वहा सब कुछ बदल जाता है
29:51परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है
29:55वो यूनिवस्टी चोड़ देती है
29:57वो अपसी गाओ आती है और खामोश हो जाती है
30:00वालदीन उसे उसके हालत देखकर तूट जाते है
30:03मगर वो कुछ नहीं बताती
30:06चन्द महीने बाद परीहा को एक बेटी जन्म देती है
30:10लोग ताने देते हैं करदार पर सवाल उटाते है
30:13मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
30:16मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
30:20वो दूबरा हिम्मत करती है अपनी ताली मुकमल करती है
30:24और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
30:28वीवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद एक एस्पिताल में एक मरीज दाहिल होता है
30:33बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
30:38सामने कड़ी ये वही परीहा डाक्टर बन चुकी है परवकार और मजबूत
30:44अर्मान नज़रे जुका लेता है और कहता है क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
30:49परीहा सिर्ब मुस्किरा कर कहती है मैं तुम्हे माप नहीं करती क्योंके तुम मेरी सबसे बड़ी ताक्ट बने
30:55अगर वो हादसा ना होता तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
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31:07ये दिखाती है के मुआश्टे के नजरों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
31:12और वरत के भी कमजूर नहीं होती अगर वो हार ना मने तो ड्रामसेरिल के हवाले से अपने राय के इजहार लाजमी कमेंट करें
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31:47शेहर आकर परीहा की जिन्दगी बदल जाती है वो मेहनती होती है मगर वहा के चमक दमक पेशन और तपकाती परकुसे कमजोर करने लगता है
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32:11वो देरे देरे उसकी करीब आने के कोशिश करता है परीहा पहले ये बहुत ज़्यदा पासला अर्मान से रखती है
32:19मगर जलही इसकी नर्म लहजे तुहपो और वादो में खो जाती है
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32:31परीहा की जिन्देगी का खौब एक लम्हे में अदूरा हो जाता है वो यूनिवस्टी चोड़ देती है वो अपसी गाउ आती है और खामोश हो जाती है
32:40वालदीन उसे उसके हालत देख कर तूट जाते हैं अगर वो कुछ नहीं बताती है
32:46चंद महीने बाद परीहा को एक बेटी जिन्म देती है लोग ताने देते हैं करदार पर सबाल उटाते हैं मगर परीहा सर्फ एक जुमला कहती है
32:56मेरी बेटी मेरा खौब है अब मैं उसे मुकमल देखना चाहती हूँ
33:00वो दुबारा हिम्मत करती है अपनी ताली मुकमल करती है
33:05और अपनी बेटी के उस साथ लेकर मेडिकल आपिसर बनती है
33:08विवर्स स्टूरी के पंदर साल बाद एक अस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
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33:35अगर वो हादसा ना होता तो शायद मैं कभी इतनी बहादर ना बनती
33:40वीवर्स ये कहानी औरत की है बेबसी से उसकी ताक्ट बनने का सपर है
33:47ये दिखाती है के मुझे के नज़रों में गिरा हुआ शख्स भी खुद को सभार सकता है
33:52और औरत के भी कमजूर नहीं होती अगर वो हार ना माने
33:57तो ड्रामा सेरिल के हवाले से अपने राय के इजहार लाजमी कमेंट करें
34:01साथ में हमारे यूट्व का चीनल सबस्क्राइब करना मत बुलिए
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34:06हलो वीवर्स इस ड्रामा सेरिल में आप देखेंगे
34:09परीहा एक चोटी से गाओ के जहीन और खुबसूरत लड़की है
34:13जिसके खुआब है कि वो डाक्टर बने और अपने गाओ के लोगों का मुपती लाज करें
34:18उसके वालिद एक स्कूल टीचर है जिन्होंने दिन रात मेहनत करके
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34:38इसी इन्वस्टी में उसके मुलाकात होती है
34:41अर्मान से एक रहीज बापका लाडला खुद पसंद मगर पुरकशिश नवजवान
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35:34मगर परीहा सिर्फ एक जुमला कहती है
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35:48वीवस स्टूरी के पंदर साल बाद एक एस्पताल में एक मरीज दाहिल होता है
35:54बिस्तर पर लेटा हुआ अर्मान जो आज नाकाम और तनहा है
35:59सामने करें ये वही परिहा डाक्टर बन चुकी है परवकार और मजबूत
36:04अर्मान नज़रे जुका लेता है और कहता है क्या तुम मुझे माप कर सकती हूँ
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37:45एक दिन अर्मान
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