00:00। हमने भारत के लोगतांत्रिकितिहास के सबसे दुर्दांत काले अध्याय आपातकाल के पचास वर्ष पूर्ण किये हैं।
00:30एक ऐसी रैली हुई जिसके की बारे में इंडी गठवंदन के बिहार के नेता तेजस्वी आदव ने कहा कि हम संसत से पारित एक कानून को कूड़े दान में फेक देंगे।
01:00एक नहीं आधा दर्जन हाई कोड के जज्जमेंट बहुत इस पश्ट रूप से एलाबाद हाई कोड और कलकता हाई कोड के जज्जमेंट उनके पक्ष में हैं।
01:10इसका अर्थ यह हुआ कि न संसत का सम्मान न्याय पालिका का सम्मान वोट बैंक की चाहत में जो कुछ बोला गया है।
01:19तेजस्वी आदा और इंडी गढ़बंदन के अन्य निताओं के द्वारा उससे साफ है कि यह सम्मिधान को कुड़े दान में फेकने की पचास साल पुरानी मनसिक्ता से बाहर नहीं आपा रहे हैं।
01:34पचास साल पहले भी सियासत के तराजू पर तौल कर सम्मिधान का सम्मान कितना करना है और कितना कुड़े दान में फेकना है वो तैकिया था पचास साल बाद उसी पठना के उसी गांधी मैदान पे वो सियासत की विसाथ बिचाई जा रही है कि एक बार फिर सम्मिधानिक �
02:04।
02:34Indy Gatbundan کے Bihar کے نیتا تیجسوی آدو نے کہا
02:40کہ ہم سنسط سے پارت کانون کو کورے دان میں پھیک دیں گے
02:46یہ بہت گمبیر وشہ ہے
02:49انہوں نے وقت بوڑ کے کانون کے لیے کہا
02:52کہ ہم اس کو کورے دان میں پھیک دیں گے
02:54جبکہ وہ بھارت کی سنسط کے دونوں صدروں سے پارت ہے
03:04سنسط سے پارت ہے