00:00यूपी के इतावा में कथावाचकों के साथ हुई बदसलूकी का मामला सियासी रूप ले चुका है
00:11सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुख्या अखिलेश यादव ने इसको लेकर कहा था
00:18कि बीजेपी सरकार हर असमयधानिक काम कर रही है
00:30वो घोशित कर दें के परंपरागत रूप से कथा कहने वाले वर्चस्ववादी लोग पीडिये समाज द्वारा दिये गए चढ़ावे चंदे दान और दक्षणा को कभी स्वीकार नहीं करें
00:40अखिलेश के इस बयान को उनके विरोधी ब्रहमन विरोधी बयान मता रहे हैं इस पर सियासी प्रतिक्रियाय तो आई ही साथी अयोध्या के संत भी उनसे नाराज दिखाई दिये
00:51संत दिवाकर आचार्य ने कहा कि निश्चे तोर पर अखिलेश यादव की मानसिक्ता लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की है
01:21कि दूसित राजनीती की जा रहे है जिसको रोका जाना चाहिए समाज के बड़े लोगों की नेताओं की जिम्मेदारी होती
01:28है कि इस प्रकार की राजनीती से उपर उठके समाज को कैसे एक साथ लाया जाए इस पर विशेस रुक से ध्यान दिया जाना जारा है
01:34। वहिया योध्या के साकेत भवन के महन्त सीता रामदास ने कहा कि इतावा की घटना अखिलेश यादव की बेन है, ये लोगों को भढ़काकर तंग्डा फैलाना चाहते है।
02:04यूपी की सियासत में अब इटावा का ये मुद्दा कहा तक जाता है ये देखने वाली बात हो
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