00:00झाल झाल
00:30आज सारे देश में भारतिया जिन्ता पार्टी के कारे करता हूं द्वारा
00:52डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी जी के
00:5572 पुन्य तिथी पर सभी जगह हमारे लाखों कारे करता डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी की याद में आज कारकर्म कर रहे हैं
01:08हम जानते हैं कि डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी जिनका जन्म बंगाल में हुआ
01:17और जिनका बहुत बड़ा योगदान आजादी में और वर्तमान में जो हम पस्यम बंगाल देख रहे हैं
01:29जो हम पंजाब देख रहे हैं और जो हम आसाम देख रहे हैं
01:34इसको जो हम भारत का हिस्से की रूप में देख रहे हैं, उसमें डॉक्टर शामा प्रशाद मुखरजी जी का बहुत बड़ा योगदान है, डॉक्टर शामा प्रशाद मुखरजी बहु आयामी प्रधिभा के धनी थे, डॉक्टर शामा प्रशाद मुखरजी एक स्कॉलर थे
02:04उस समय के बंगाल जो युनाइटिड बंगाल था उसकी सेवा की और तत्पश्चात डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी आजादी के प्रश्चात प्रथम कैबिनेट में नहरू जी की कैबिनेट में मंत्री रहे
02:20वैचारिक मदभेद के कारण और उनका जो तुष्टी करण की नीती थी डॉक्टर जवालाल नहरू जी की उसके कारण डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी ने इस्तीफा दिया
02:35और बाद में उन्होंने भारतिय जन्संग की स्थापना के संस्थापक सदस्यों में से रहे और उन्होंने भारतिय जन्संग की स्थापना की भारतिय जन्संग की स्थापना
02:49भारतिय जन्संग की स्थापना के पश्चात जो तुष्टी करन की नीती के कारण जम्मू कश्मीर को जो स्पेशल स्टेटस दिया गया था उसका विरोध उन्होंने किया
03:05और विरोध करते हुए उन्होंने एक नारा दिया एक देश में दो निशान दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे
03:19और इस कारण से एक आंदोलन चला, उस आंदोलन में उस समय जम्मू कश्मीर में जाने के लिए जम्मू कश्मीर का स्पेशल पर्मिट चाहिए होता था
03:31तो डॉक्टर शामा पर्शाद मुकर जी बिना पर्मिट के, क्योंकि एक देश है, एक निशान रहेगा, एक विधान रहेगा, एक नियम रहेगा, एक कानून रहेगा
03:43और इस बात को लेते हुए उन्होंने उसको अस्विकार किया, और 11 मई को वो जम्मू कश्मीर के और उन्होंने प्रस्थान किया, उनको जम्मू कश्मीर के बॉर्डर पर अरेस्ट कर लिया गया, और उसके बाद उनको श्री नगर के जेल में रखा गया,
04:04श्री नगर के जेल में उनकी 23 जून आज के दिन 72 साल पहले 1953 में उनका रहस्में तरीके से निधन हो गया
04:18रहस्में तरीके से उनकी मौत हो गई
04:21उस समय भारतिय जनसंग बहुत छोटा था
04:25हम लोगों ने आवाज उठाई
04:27विपख्ष के तरफ से यह कहा गया कि इसकी इंक्वायरी होनी चाहिए
04:32डौक्टर श्रामा प्रशाद मुकर्जी जी के माता जी ने भी जवारलाल नहरू को चिथी लिख करके कहा
04:39कि इसके वारे में इंक्वारी होनी चाहिए
04:42लेकिन वह सुनी नहीं गई उसको अंसुनी कर दिया गया और उसके बाद भारतिये जंसंग ने इस आंदोलन को आगे चलाते चले एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे
04:56धारा 370 का विरोध के लिए कभी एकता यात्रा निकली, कभी जरादेश यात्रा निकली, हर तरीके से हमने इस आवाज को उठाये रखा
05:07और भारतिये चंता पार्टी जो उस समय जंसंग थी, एक एक कारेकरता को खुशी होती है
05:16कि आदर्णी प्रधान मंत्री नरंदर मोदी जी के नेत्रतु में, 6 अगस्त 2019 में हमने 13370 को पार्लेमेंट में
05:31मोदी जी के नेत्रतु में और उनकी इच्छा शक्ति के कारण और हमारे ग्र्य मंत्री जी के रणनीती के कारण 13370 धारा शाही हुई
05:42आज शामा प्रशाद मुकरजी जी को सच्ची श्रधान जिली यही है कि हम सब लोग एक देश में एक निशान के नीचे और एक विधान में आज काम कर रहें और धारा 370 धारा शाही हुई है
05:58भारा 370 समात हुआ है हम सब लोग आज के दिन प्रण लेते हैं कि जिस तरीके से उनकी रहस्में मौत हुई भारतिय जन्ता पार्टी और देश मोधी जी के नित्वित्य में इतना शक्तिशाली बने कि इस तरह की घटना दोवारा न हो और प्रजातंत्र मजबूत रहे और प्
06:28वास्ते पर हमारे लाखों कारे करता इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं
06:58आज सारे देश में भारतिय जन्ता पार्टी के कारे करता हूं द्वारा
07:26डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी जी के 72 पुन्यतिथी पर सभी जगह हमारे लाखों कारे करता डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी की याद में आज कारकर्म कर रहे हैं
07:41हम जानते हैं कि डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी जिनका जन्म बंगाल में हुआ और जिनका बहुत बड़ा योगदान आजादी में और वर्तमान में जो हम पश्यम बंगाल देख रहे हैं
08:03जो हम पंजाब देख रहे हैं और जो हम आसाम देख रहे हैं इसको जो हम भारत का हिस्से की रूप में देख रहे हैं उसमें डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी का बहुत बड़ा योगदान है
08:16टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी बहु आयामी प्रधिभा के धनी थे, टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी एक स्कॉलर थे,
08:2733 वर्ष की आयू में वो कलकटा उनिवस्टी के वाई शांसलर बन गए, बाद में वो विधान सभा में पहुँचे और विधान सभा में उन्होंने उस समय के बंगाल जो युनाइटिड बंगाल था उसकी सेवा की और तत पश्याद डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी आ�
08:57अगरिक मद्भेद के कारण और जो उनका जो तुष्टी करण की नीती थी डॉक्टर जवालाल नहरू जी की उसके कारण डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी ने इस्तीफा दिया और बाद में उन्होंने भारतिये जनसंग की स्थापना के सथापक सदस्यों में से रहे �
09:27जो तुष्टी करण की नीती के कारण जम्मू कश्मीर को जो स्पेशल स्टेटस दिया गया था उसका विरोध उन्होंने किया और विरोध करते हुए उन्होंने एक नारा दिया एक देश में दो निशान दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे
09:53और इस कारण से एक आंदोलन चला उस आंदोलन में उस समय जम्मू कश्मीर में जाने के लिए जम्मू कश्मीर का स्पेशल पर्मिट चाहिए होता था
10:05तो डॉक्टर शामा प्रशाद मुकर जी बिना पर्मिट के क्योंकि एक देश है एक निशान रहेगा एक विधान रहेगा एक नियम रहेगा एक कानून रहेगा और इस बात को लेते हुए उन्होंने उसको अस्विकार किया और ग्यारा मई को वो जम्मू कश्मीर के और उन
10:35और उसके बाद उनको श्री नगर के जेल में रखा गया श्री नगर के जेल में उनकี 23 जून आज के दिन 72 साल पहले 1953 में उनका रहस्मे तरीके से निधन हो गया
10:52रहस्में तरीके से उनकी मौत हो गई
10:55उस समय भारतिय जनसंग बहुत छोटा था
10:59हम लोगों ने आवाज उठाई
11:01विपक्ष के तरफ से ये कहा गया
11:04कि इसकी इंक्वाइरी होनी चाहिए
11:06डॉक्टर शामा प्रशाद मुकरजी जी के
11:09माता जी ने भी जवारलाल नहरू को चिठी लिख करके कहा
11:13कि इसके वारे में इंक्वाइरी होनी चाहिए
11:15लेकिन वह सुनी नहीं गई उसको अंसुनी कर दिया गया
11:20और उसके बाद भारतिय जनसंग ने इस आंदोलन को आगे चलाते चले
11:26एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे
11:30धारा 370 का विरोध के लिए कभी एकता यात्रा निकली
11:35कभी जरादेश यात्रा निकली
11:37हर तरीके से हमने इस आवाज को उठाय रखा
11:41और भारतिय चंता पार्टी जो उस समय जनसंग थी
11:47एक एक कारेकरता को खुशी होती है कि आदर्णी प्रधान मंत्री नरिंद्र मोदी जी के नेत्रतु में
11:536 अगस्त
11:562019 में
12:00हमने धारा 370 को पार्लेमेंट में
12:05मोदी जी के नेत्रतु में और उनकी इच्छा शक्ती के कारण
12:10और हमारे ग्री मंत्री जी के रण नीति के कारण धारा 370 धारा शाही हुई
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12:21कि हम सब लोग एक देश में एक निशान के नीचे और एक विधान में आज काम कर रहें
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12:59और उनको याद करके उनके बताए रास्ते पर हमारे लाखों कारे करता इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं
13:29हुआ है है है है है है है है है है है है है आज है सारे देश में भारतिय जिन्ता पार्टी के
13:59कारे करता हूं द्वारा डॉक्तर श्यामा प्रशाद मुहर जी के भहत्तरव्य पुन्यतितिपर मैं जानते हैं है
14:18डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी जिनका जन्म बंगाल में हुआ और जिनका बहुत बड़ा योगदान आजादी में और वर्तमान में जो हम पश्चिम बंगाल देख रहे हैं जो हम पंजाब देख रहे हैं और जो हम आसाम देख रहे हैं इसको जो हम भारत का हिस्से की �
14:48बहुत बड़ा योगदान है, टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी बहु आयामी प्रधिभा के धनी थे, टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी एक स्कॉलर थे, 33 वर्ष की आयू में वो कलकटा उनिवस्टी के वाई शांसलर बन गए, बाद में वो विधान सभा में �
15:18और तत्पश्यात, डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी आजादी के प्रश्यात प्रथम क्याबिनेट में, नहरूजी की क्याबिनेट में मंत्री रहे, वैचारिक्त मद्भेद के कारण और जो उनका तुष्टी करन की नीटी थी, जवाहलाल नहरूजी की, उसके कार�
15:48स्थापक सदस्यों में से रहे और उन्होंने भारतिय जन्संग की स्थापना की भारतिय जन्संग की स्थापना के पश्चात जो तुष्टी करन की नीती के कारण
16:07जम्मू कश्मीर को जो स्पेशल स्टेटस दिया गया था उसका विरोध उन्होंने किया और विरोध करते हुए उन्होंने एक नारा दिया एक देश में दो निशान दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे
16:27और इस कारण से एक आंदोलन चला उस आंदोलन में उस समय जम्मू कश्मीर में जाने के लिए जम्मू कश्मीर का स्पेशल परमिट चाहिए होता था
16:39तो डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकर जी बिना पर्मिट के क्योंकि एक देश है एक निशान रहेगा एक विधान रहेगा एक नियम रहेगा एक कानून रहेगा और इस बात को लेते हुए उन्होंने उसको अस्विकार किया
16:55और 11 मईए को वो जम्मू कश्मीर के और उन्होंने प्रस्थान किया उनको जम्मू कश्मीर के बॉर्डर पर अरेस्ट कर लिया गया और उसके बाद उनको श्री नगर के जेल में रखा गया
17:12श्री नगर के जेल में उनकी 23 जून आज के दिन 72 साल पहले 1953 में उनका रहस्में तरीके से निधन हो गया रहस्में तरीके से उनकी मौत हो गई
17:29उस समय भारतिये जंसंग बहुत छोटा था हम लोगों ने आवाज उठाई विपक्ष के तरफ से ये कहा गया कि इसकी इंक्वाइरी होनी चाहिए
17:40डॉक्टर शामा प्रशाद मुकरजी जी के माता जी ने भी जवारलाल नहरू को चिठी लिख करके कहा कि इसके वारे में इंक्वाइरी होनी चाहिए
17:49लेकिन वह सुनी नहीं गई उसको अंसुनी कर दिया गया और उसके बाद भारतिये जंसंग ने इस आंदोलन को आगे चलाते चले एक देश में दो निशान दो विधान दो प्रधान नहीं चलेंगे
18:04धारा 370 का विरोध के लिए कभी एकता यात्रा निकली कभी जरादेश यात्रा निकली हर तरीके से हमने इस आवाज को उठाय रखा और भारतिये चंता पार्टी जो उस समय जंसंग थी एक एक कारेकरता को खुशी होती है
18:24कि आदर्णी प्रधान मंत्री नरिंद्र मोदी जी के नेतरतु में 6 अगस्त 2019 में हमने 1370 को पार्लेमेंट में
18:39पोदी जी के नेतरतु में और उनकी इच्छा शक्ती के कारण और हमारे ग्री मंत्री जी के रण नीति के कारण 1370 धारा शाही हुई
18:50आज शामा प्रशाद मुकरजी जी को सच्ची श्रधान जिली यही है कि हम सब लोग एक देश में एक निशान के नीचे और एक विधान में आज काम कर रहे हैं और धारा 370 धारा शाही हुई है
19:06धारा 370 समात हुआ है हम सब लोग आज के दिन प्रण लेते हैं कि जिस तरीके से उनकी रहस्मे मौत हुई भारतिय जन्ता पार्टी और देश मोधी जी के नित्युत में इतना शक्तिशाली बने कि इस तरह की घटना दोवारा न हो और प्रजातंत्र मजबूत रहे और प्रज
19:36वास्ते पर हमारे लाखों कारे करता इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं
20:06आज सारे देश में भारतिय जन्ता पार्टी के कारे करता हूं द्वारा
20:34डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी जी के बहत्तरवे पुन्यतिथी पर सभी जगव हमारे लाखों कारे करता डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी की याद में आज कारकर्म कर रहे हैं
20:49हम जानते हैं कि डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी जिनका जन्म बंगाल में हुआ और जिनका बहुत बड़ा योगदान आजादी में और वरतमान में जो हम पश्यम बंगाल देख रहे हैं
21:11जो हम पंजाब देख रहे हैं और जो हम आसाम देख रहे हैं इसको जो हम भारत का हिस्से की रूप में देख रहे हैं उसमें डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी का बहुत बड़ा योगदान है
21:24टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी बहु आयामी प्रधिभा के धनी थे
21:32टॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी एक स्कॉलर थे
21:3533 वर्ष की आईउ में वो कलकटा उनिवस्टी के वाई शांसलर बन गए
21:40बाद में वो विधान सभा में पहुँचे
21:43और विधान सभा में उन्होंने उस समय के बंगाल जो युनाइटिड बंगाल था उसकी सेवा की
21:51और तत्पश्याद डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुखर जी आजादी के पश्याद प्रथम कैबिनेट में
22:00नहरू जी की कैबिनेट में मंत्री रहे
22:02वैचारिक मद्भेद के कारण और उनका जो तुष्टी करण की नीती थी डॉक्टर जवालाल नहरू जी की
22:12उसके कारण डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी ने इस्तीफा दिया
22:17और बाद में उन्होंने भारतिय जन्संग की स्थापना के संस्थापक सदस्यों में से रहे
22:24और उन्होंने भारतिय जन्संग की स्थापना की
22:28भारतिय जन्संग की स्थापना
22:31भारतिय जन्संग की स्थापना के पश्चाद जो तुष्टी करण की नीती के कारण
22:41जम्मू कश्मीर को जो स्पेशल स्टेटस दिया गया था उसका विरोध हुनों ने किया और विरोध करते हुए उन्हों ने एक नारा दिया एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे
23:01और इस कारण से एक आंदोलन चला, उस आंदोलन में उस समय जम्मू कश्मीर में जाने के लिए जम्मू कश्मीर का स्पेशल पर्मिट चाहिए होता था
23:13तो डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकर जी बिना पर्मिट के, क्योंकि एक देश है, एक निशान रहेगा, एक विधान रहेगा, एक नियम रहेगा, एक कानून रहेगा
23:25और इस बात को लेते हुए उन्होंने उसको अस्विकार किया और 11 मई को वो जम्मू कश्मीर के और उन्होंने प्रस्थान किया, उनको जम्मू कश्मीर के बॉर्डर पर अरेस्ट कर लिया गया
23:42और उसके बाद उनको श्री नगर के जेल में रखा गया
23:46श्री नगर के जेल में उनकी 23 जून आज के दिन 72 साल पहले
23:521953 में उनका रहस्मे तरीके से निधन हो गया
24:00रहस्मे तरीके से उनकी मौत हो गई
24:03उस समय भारतिय जनसंग बहुत छोटा था
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24:12कि इसकी इंक्वाइरी होनी चाहिए
24:14डॉक्टर शामा प्रशाद मुकर जी के माता जी ने भी
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24:28और उसके बाद भारतिये जंसंग ने इस आंदोलन को आगे चलाते चले
24:34एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे
24:38धारा 370 का विरोध के लिए कभी एकता यात्रा निकली
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24:49और भारतिये जंता पार्टी जो उस समय जंसंग थी
24:55एक एक कारेकरता को खुशी होती है
24:58कि आदर्णी प्रधान मंत्री नरिंदर मोदीजी की नेत्रतु में
25:016 अगस्त 2019 में
25:08हमने धारा 370 को पार्लेमेंट में पोदी जी के नेत्रतु में
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25:47कि जिस तरीके से उनकी रहस्में मौत हुई भारतिय जनता पार्टी और देश मोदी जी के नित्वत्त में इतना शक्तिशाली बने कि इस तरह की घटना दोवारा न हो
25:59और प्रजातंत्र मजबूत रहे और प्रजातंत्र की आवाज मजबूत रहे
26:05इस बात के लिए हम सब लोग कटिवध हैं और उनको याद करके उनके बताय रास्ते पर हमारे लाखों कारे करता इस काम को आगे बढ़ा रहे
26:35आज सारे देश में
27:05भारतिय जिन्ता पार्टी के कारे करता हो द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रशाद मुकरजी जी के
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27:23हम जानते हैं कि डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी जिनका जन्म बंगाल में हुआ और जिनका बहुत बड़ा योगदान आजादी में और वर्तमान में जो हम पश्चिम बंगाल देख रहे हैं
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27:53उसमें डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी का बहुत बड़ा योगदान है।
27:58डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी बहु आयामी प्रधिभा के धनी थे।
28:05डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी एक स्कॉलर थे।
28:0933 वर्ष की आईउ में वो कलकटा उनिवस्टी के वाई शांसलर बन गए बाद में वो विधान सभा में पहुँचे और विधान सभा में उन्होंने उस समय के बंगाल जो युनाइटिड बंगाल था उसकी सेवा की और तत्पश्चात डॉक्टर शामा प्रशाद मुखर जी आ
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29:25एक नारा दिया एक देश में थो निसान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे और इस कारण से एक आंदोलन चला उस आंदोलन में उस समय जम्मू कश्मीर में जाने के लिए जम्मू कश्मीर का स्पेशल परमिट चाहिए होता था
29:47तो डॉक्टर शामा प्रशाद मुकर जी बिना पर्मिट के, क्योंकि एक देश है, एक निशान रहेगा, एक विधान रहेगा, एक नियम रहेगा, एक कानून रहेगा, और इस बात को लेते हुए उन्होंने उसको अरस्विकार किया, और 11 मई को वो जम्मू कश्मीर के और उन
30:17और उसके बाद उनको श्री नगर के जेल में रखा गया, श्री नगर के जेल में उनकी 23 जून आज के दिन 72 साल पहले, 1953 में उनका रहस्मे तरीके से निधन हो गया, रहस्मे तरीके से उनकी मौत हो गई, उस समय भारतिय जनसंग बहुत छोटा था, हम लोगों ने आवाज �
30:47कि इसकी इंक्वारी होनी चाहिए, डॉक्टर शामा प्रशाद मुकरजी जी के माता जी ने भी जवारलाल नहरू को चिट्थी लिख करके कहा, कि इसके वारे में इंक्वारी होनी चाहिए, लेकिन वह सुनी नहीं गई, उसको अनसुनी कर दिया गया,
31:02और उसके बाद भारतिये जंसंग ने इस आंदोलन को आगे चलाते चले, एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे, धारा 370 का विरोध के लिए कभी एकता यात्रा निकली, कभी जरादेश यात्रा निकली, हर तरीके से हमने इस आवाज को उठाय
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32:32दोवारा न हो और प्रजातंत्र मजबूत रहे और प्रजातंत्र की आवाज मजबूत रहे इस बात के लिए हम सब लोग कटिवध हैं और उनको याद करके उनके बताए रास्ते पर हमारे लाखों कारे करता इस कारता है
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