00:00आज पूरा देश ग्यारवा अंतराश्ट्रिय योग दिवस मना रहा है
00:04इस मौके पर भारत देश में तरह तरह की आयोजन किये गए है
00:09इसी कड़ी में उतरप्रदेश की गोरकपुर में भी भव्य योग दिवस समारों का आयोजन किया गया है
00:18जिसमें मुखे बंदरी योगी आदितनाथ ने शामल होकर नकिवल योग कर सुवस्तर रहने का संदीश दिया बलकि संस्कृति का भी ग्यान दिया
00:29दरसल कारिक्रमें सीम योगी का परिधान लोगों का ध्यान खीच रहा है
00:33बुख्यवंद्री ने पारम पर एक परधान धोती धारण की थी
00:37धोती पहने हुए ही उन्होंने योग किया
00:41गौरतलब है कि योग भारत देश की संस्कृती का सारा है
00:47ऐसे में योग दिवस पर धोती पहन कर योग करना देश के युवाओं को प्रेरित कर रहा है
00:54स्वास समानने रखेंगे वापस आजाएंगे दीरे में और विस्त्रम
00:59अगला अब्यास अब लोग करेंगे ताडासन का
01:04दोनों हतेली पुनफ सामने लाएंगे
01:07हतेली फलट देंगे बाहर की तरफ
01:10स्वास भढ़ते हुए दीरे दीरे अपनी भुजा को कान के बरावर तक ले जाएंगे
01:15और जितना हतेली को उपर की तरफ खीच सकते हैं खीचेंगे
01:18और अंतिम में अपने एडी को उठा लेंगे जिसको चक्कर आने की समस्तिया हो अपना एडी नहीं उठाएगा
01:23और पैर के उगलियों पे बैलेंस बनाने कोशिस कीजिए
01:27संदूलन बनाने कोशिस के दीरे से एडी को नीचे रखिये
01:29हतेली को अपने सर के उपर
01:31पुना स्वास भढ़ते हुए एक बार और दोराएंगे
01:36हतेली को उपर की तरफ खीचेंगे
01:38और अंतिम में जब सरीबू रखी जाए तो एड़ी उठाके सामने दृष्टी टिगा के स्वास पर गंदृताओंगे
01:46दीरे से एड़ी को नीचे रखिए हतेली सामने वापस समिस्तिती में आ जाईए
01:52अगला व्यास है ब्रिक्षासन ब्रिक्षासन जिसको चक्कर आता हो वह ना करेगा वह सामाने तरीके से देखता रहेगा
02:05सरपथम दाहिने पैर की एड़ी को मोड़के अपने जंगा मूल से लगा लेंगे स्रूरी प्रदेश पर
02:10पेलवी केरिया की तरफ अपने एड़ी को टिकाएंगे
02:13दोनों हतेली को कंदों की तरफ जमीन के समानांतर फैलाएंगे
02:19और हतेली को पलटेंगे
02:22यहीं से हतेली पलट लेंगे
02:23स्वास बठती वे दोनों हतेली से
02:25नमस्कार भुद्रा में खड़े रहेंगे
02:27स्वास समान दिश्टी सामने
02:29यह मन को एक आगता
02:34शरीम को एक आगता प्रदान करेगा
02:36धीरे धीरे वापस आएंगे
02:37उना दोनों हतेली को
02:40समाने रखेंगे
02:42शरीम को एक बाद चेक कर लीजिए
02:43पैर के पंजे समन अंतर होने चाहिए
02:46समिश्टिती में है की नहीं
02:47कंदे धीले है की नहीं
02:49अगला अभ्यास हम लोग
02:51हस्त पादासन का करेंगे
02:53तो दोनों हतेली सामने की तरफ से
02:55दीरे दीरे उठाएंगे उपर की तरफ
02:57स्वास जिसको भी कमर की दिक्कत हो
02:59दीरे दीरे हाँ उठाते जाईए
03:01जिसको भी कमर की दिक्कत हो
03:02आगे की तरफ नहीं जुकेगा
03:04सामने देखता रहेगा
03:05स्वास छोड़ते हुए कमर से
03:07पहले 45 अंस के कौन पे आईए फिर 90 अंस पे और दीरे दीरे दोनों हतेली को अपने पैर के पंजों की तरफ ले जाईए
03:16अगर आपका उमली पैर को पंजों को असपस कर सकता है तो करने दीजिए
03:19अपने डिष्टी से घुटनों को देखिए स्वास समान रखे दीरे दीरे पहले दोनों हातों को उठाएंगे
03:25और गर्दन वापस उपर की तरफ हाथ को कीचेंगे सीधा कमर को नहीं मोरना है उपर की तरफ खीचना है
03:34पुना वापस आईए स्वास छोड़ते हुए हस्त पादासन एक बार और दोरा लेंगे
03:39कमर से मोड़िये स्वास छोड़ते हुए उगलियों को अपने पैर के पंजे की तरफ ले जाएए
03:45अब धीरे से अपने दोनों हातों को उठाएए उसके बाद कमर और हाथ
03:52पुना समिस्तिती में आ जाएंगे स्वास सामान
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