Skip to playerSkip to main content
  • 7 months ago
भरतपुर का खेरली गड़ासिया गांव में पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहे हैं 100 युवा, जिन्होंने बंजर जमीर को हरा-भरा बना दिया है. पढ़िए....

Category

🗞
News
Transcript
00:00भरतपुर्जिले के खेडली गडासिया गाउं के 100 युवाओं ने एक अनोखी पहल की है
00:18उन्होंने न सिर्फ अपने पसीने से जमीन को सीचा बल्कि लाखों रुपए जुटा कर गाउं की आठ बिगा अनुपियोगी जमीन को 500 से अधिक पेड़ों से हरा भरा कर दिया
00:30यह मैदान आज ने केवल परियावरन संरक्षन का उधारन बन गया है बल्कि गाउं के युवाओं के लिए सेहत, खेल और सामाजिक आयोजनों का केंद्र भी बन चुका है
00:41यह जो आपको मैदान देख रहा है, यह जमीन देख रही है, यह एक चल्व यहां के राजगी बिद्दैले का खेल मैदान है, जिसको हमारे पूरवजों ने बिद्दैले के लिए भेट किया था, और यह लगवग आठ बीगा एरिया में होके फैला हुआ है
00:56बरस 2019 से पहले यह जगे बिलकुल अनुप्योगी पड़ी हुई थी, उबड़ खावड थी, जाड जंकार इसमें खड़े हुए थे और गड़े थे जगे जगे जगे जगे, जिसका कोई मतलब नहीं था
01:08बरस 2019 में हमारे युवाओं ने एक कलब का गठन किया, जिसका ना हमें नवसरजन यूथ कलब समिती, सबने यूज़ा बनाई कि इस मैदान को विक्षित किया जाए
01:21साल 2019-20 में जब कोरोना महमारी के कारण गाओं के कई युवा शहरों से अपने घर लोटाए
01:29तब उन्होंने देखा कि गाओं में बच्चों और युवाओं के खेलने के लिए कोई उप्युक्त स्थान नहीं है
01:35सरकारी स्कूल की आठ बिघा जमीन वर्षों से अनुप्योगी पड़ी थी
01:40तब उन्होंने स्वेक्षा से धने कत्रित करना शुरू किया और फावडा तगारी उठा कर खुदी सफाई, समतली करन और निर्मार कारे शुरू किया
01:50धीरे धीरे वहाँ पौधार ओपन शुरू हुआ, युवाव ने पौधों की देखभाल के लिए रोस्टर तै किया और सिचाई के लिए ड्रिप सिस्टम भी लगाया
01:59जो खर्चे की बात करें तो अब तक धाई लाग से उपर इसमें हम खर्च कर चुके हैं
02:05और लगभग 45 प्रकार की प्रजातियों से अधिक के पौधे यहां लगे हुए हैं
02:13और बड़े इस तरह से सजागर के लगाया गया है पौधों को
02:15एक वराइटी फिर दूसरी वराइटी फिर तीसरी वराइटी और नाप तोल करके बहुत अच्छे तरीके से यहां पौधार उपन किया गया है
02:23लगभग 500 के आसपास यहां पौधे बर्तमान में हरे भरे ही
02:29रात में रोशनी की समस्या को दूर करने के लिए यहां सेंसर युक्त फ्लड लाइटे लगाई गई है
02:57कुल पाँच फ्लड लाइटे अंधेरा होते ही खुद जल जाती हैं और सूरज उगने पर बुझ जाती हैं
03:27और तो और ट्रेक बनने के बाद तो है जो हमारे गाओं के बच्चे हैं एसलीट जो भी अपने त्यारी कर रहे हैं बर्तियों की वह आराम से यहां दोड़ पाते हैं मतलब
03:39पूरी विवस्ता हो गए यह खेल मैदान विखसेत होने के बाद आज इस मैदान में नीम, शीशम, करंज, पीपल, बर्गद, कनेर, गूलर जैसे 45 से अधिक प्रजातियों के 500 से ज्यादा पेड लह लहा रहे हैं
03:53खेल और पर्यावरन की दृष्टी से यह मैदान तो उप्योगी है ही अब यह गाओं के सामाजिक और धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र भी बन गया है
04:03हर पर्व आयोजन और सभा के लिए यह स्थान सबसे उप्योगत माना जाता है
04:09भरतपुर से ETV भारत के लिए शामवेर सिंग के रिपोर्ट
Comments

Recommended