- 7 months ago
In this emotionally charged episode of Mohabbat Ek Saza, Noor faces a life-altering decision that could sever her ties with Yiğit forever. As the weight of family expectations and personal desires collide, Noor grapples with the consequences of her choices. Meanwhile, Yiğit's unwavering love and determination to keep their bond intact lead to unforeseen challenges. The episode delves deep into themes of sacrifice, loyalty, and the complexities of love, leaving viewers on the edge of their seats.
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00:00अब कैसे जानते हैं हमारे बारे में?
00:03और प्लीज जो भी जानते हैं मुझे खुल कर बताएं
00:06यू समझो कि मैं अच्छा आप जफर हो
00:07क्या मतलब?
00:10आपने देखा और अंदाजा लगा लिया
00:11तुम दुनों को देखकर ये समझना ज्यादा मुश्किल नहीं कि तुम दुनों में प्यार है
00:15अब तो गुछ जादा ही स्ट्रीट फरवर्ड है
00:19अभी तो मैंने बाद शुरू ही नहीं की नूर
00:21क्या तुम बागी चाहती हो कि मैं तुम्हारे साथ खुल गर बात करू
00:23मेरा ख्याल है कि हाँ
00:25यानि यही अच्छा होगा
00:27अच्छा तो पिर सुनो नूर
00:29तुम एक सादा और शरीफ नफस लड़की हो
00:32उस वेशी आदमी की जिस्से तुम्हें खुद को आजाद करना होगा
00:51मेरी जान क्या तुम परिशान हो
00:53अली
00:57मैं कुछ पूछ रही हूँ
01:02अलीना मैं काड़ी चला रहा हूँ
01:04तुम ऐसे क्यों कह रहे हो जैसे मैं अपने शावर को नहीं जानती
01:07कोई नो कोई बात तो है तुम ठीक नहीं लग रहे हैं
01:10कुछ भी नहीं हो अलीना काड़ी चला रहा हूँ मैं
01:12तुम्हारा मूटक हुराब है।
01:42नहीं आ रहे हो यहां तक कि तुम इसे बात करना भी नहीं चाहते हैं ठीक है मुझे पता है कि कोई मसला है और कोई चीज तुम्हें बहुत परिशान कर रही है लेकिन हल होगा ना इंशाला हम दोनों मिलकर जिल्दे चुटकार हासल कर लेंगे
01:52क्यूंकि मैं देख रही हूँ कि ये चीज तुम्हारे लिए नुकसान दे थाबित होगी अली और तुम जानते होगे मैं तुम्हारा नुकसान बरदाश्ट नहीं कर सकती हूँ
02:01हर कोई गलती कर सकता है मैं तुम्हें किसी के साथ होने पर मुरद इलजाम नहीं ठेरा सकता ना मुझे इसका हक है लेकिन जब भी मैं तुम्हारी तुरफ देखता हो तुम बेचैन अजर आती हो शायद बच्टावा है तुम्हारे अंदर बहुत जादा
02:28बेचैनी है और इससे इंकार नहीं करती मैं मगर हर चीज जैसे हमें नजर आती है वैसी नहीं होती
02:36लगता है कि तुम अपना रिष्टा काइम रखना चाहती हो
02:38रिष्टा काइम रखने की वज़़ा भी है मेरे पास
02:41मैं आपकी तरह एपी स्रेट फॉरवड नहीं हूँ और शायद यही वज़ा है कि आप मुझे मुकमल तोर पर नहीं समझाए
02:47और जो कुछ भी मैंने ज्येला है वो सब कुछ मुझे याद है और बहुत सी चीजिजें ऐसी हैं जो आप मेरे बारे में नहीं जानते है
02:54नूर मैं नहीं चाहता तो मुझे घलस समझो
02:58तुम्हारे ताले को जच करना मेरा काम नहीं
03:02मेरी हर्गेज ये नियत नहीं है कि मैं बिलावजा
03:04इस मौज़ू को छेड़ कर तुम्हारे लिए शर्मिंदगी का बाइस बनता रहा हूं नूर
03:09मैं तो बस होटल में जो कुछ भी मेरे सामने हुआ
03:14उसके बाद मेरे लिए खामोश रहने मुम्किन नहीं था
03:17आप मुझसे क्या कहना चाते हैं मैं अची तरह जानती हूं
03:21हकीकत ही है कि हम दोनों ही शुरू से ही ऐसा वग गज़ारते हूं है
03:25अक्सर हो जाती हैं अंबन
03:26तुम नाखुश नज़राती हो
03:28तुम्हारी जैसे लड़की को ऐसे रिष्टे मेरे रहने की ज़रूरत नहीं है
03:31जहां उसे मुझरिम की तरह चोड़ी चुपे जीना पड़े और अपने दिल की हर खायश को मारना पड़े
03:36अब तुम कहोगी
03:38कि मैं कितना जानता हूँ कि तुम्हारे बारे में इतनी बाते कह रहा हूँ
03:41मैंने कहा तरह मैं अच्छा उब्जरवर हो
03:44मैं बहुत कम गलत होता हूँ
03:46तुम नाज़क दिल की एक हसास लड़की हो
03:49अली खुजान और उसकी सख्ट मजाजी
03:52फिर अली और उसकी बीवी
03:54और फिर उनी के साथ उनके घर में रहना
03:58क्या तुम्हें खुदी ये सब कुछ बहुत ज्यादा नहीं लगता
04:00मैंने कहा ना आप से
04:01जो चीजें हमें अक से नज़र आती हैं
04:04वो होती नहीं है
04:05अगर हम में लड़ाया होती भी हैं
04:07तो उसके पीछे एकी बज़ा है
04:09और वो वज़ा आप नहीं जानते
04:10और सही कहा आपने
04:13बाहर से देखने वाला ये सब कुछ नहीं समझ सकता
04:16मगर मुझसे पूछा जाए तो ये सब
04:18इतना बुरा भी नहीं है
04:20मुझे पता है कि बाहर से नज़र आने वाली हर चीज़ वैसी नहीं होती जैसी वह दिखती है
04:24अगर तुम्हें मेरी बातों से तकलिफ पहुचिये तो
04:28मैं माफिच जाता हूँ
04:30आप ऐसा ना कहें
04:31मजानती हूँ ये सब कहने के पीछ आप किसी कोई नियत नहीं
04:34बात यह है कि मैं आपसे खुल कर बात नहीं कर पारे
04:36मगर मैं जानती हूँ कि एक वक्ताईगा जस दिल में आपसे
04:39ये सारी बाते खुल कर कह सकूँगे
04:50क्या हुल उपकूई मसलेक है
04:51देखो तो वनों पर आस्ते में रुखे हुए है अली क्या हुआ
05:01तुम ठीको
05:17तुम एसी क्यों देख रहे है उली मैं तुम एक हजार बार कैशक हूं थे हनमत पटाय करो गाड़ी चलाते बुक्त लस्ते भी एक बिरा तजर्बा हो चुका है ना नहीं होना अच्छे है यह मैं सब दुपारा
05:34मैंने देखा है कि आप मेरी मामलात में दल्चस्पी ले रहे हैं अगर आप बुरा ना माने तो वज़ा रखाएं
05:48आप मेरे उसे बहुत मिलती हो मुझे एक बहुत पुरानी हाद दिलाती है ईक ऐसी हाद है जो हर वक्त मेरे द्लों द्माग में चाहिए
06:04और उसका चेहरा मेरे नजरों के सामने रहता है उसकी आँखों में
06:12एसी ही चमक नजर आती थे मुझे
06:14और उसके जेरे पर
06:17ऐसी ही मुस्कुराट थी
06:19जो मुझे तुम्हारे जेरे पर
06:20हमेशे से नजर आती है नूर
06:23ये तो बहुत अजीब इत्टफाक है
06:25तो बताएं वो है कहा हूँ
06:27बस मै उमीद ही कर सकता हूँ के खुश हो
06:36चलो चलो देर हो कि मैं तुम्हें घर चुड़ देता हूँ
06:40करीम साहब
06:42आप से बात करना बहुत अच्छा लगा
06:45आप बहुत अच्छे और समझदार इंसान है
06:47तुम जब चाहो मुझे से बात कर सकती हो नूर
06:50चाहे जो भी मामिला हो
06:51चलते है
07:06अच्छे वह तुम लोग जल्दी आगये मर देखे तुम लोग को खुशी से पागल हो जाएगा
07:34कुशी से पागल हो जाएगा चलो अंदर चलते
07:36काफी पीते हैं फिर बताना ट्रिप कैसा रहा
07:38मैं लॉन में बैठ हूँगा थोड़ी देर के लिए
07:41मेरे ख्याल में भी हवा इतनी बुरी नहीं है बाग में ही बैठते हैं
07:46और मर्द को भी बाग में ही बैठकर खुशामदीद कहाँगी
07:50खड़ने लग रहे तुम्हें
07:52अगर सर्दे लगी तो तुम्हारी जाकेट ले लूने मिली जान
07:55चलो नाम बर भी बहुत कोई शुजागा यहीं पर बेट दे
08:00अली गुति अलीजिया खा dönग मिली जोहतएं
08:21अलीज़ शुच्राम
08:24और
08:25अलीज़
08:28अलीज साहब का चेरा तो मिलकुल उत्रा हुआ था
08:31साफ लग रहा था कि उनका दिमाग खराब हो गया है
08:34हमारी लड़की ने कहा था ना कि हम एक ही जगा है
08:37पकी बात है कि उन दोनों में कोई जगड़ा हुआ है
08:41क्या तुम्हें नहीं लगता कि नूर को फोन करके पूछे ना चाहिए
08:45हलो किस से बात कर रहा हुआ अफीजा
08:50बस करें नियर साहब मेरे पस नूर के लब और भी परिशानी है
08:54बस बस चुप रहा हूँ तुम चुप
08:55हाँ जैसे कि आप समझ सकते हैं अमी
08:59हमारी चुटियां बहुत मज़ेदार थी
09:01ताजा हावाली ना अच्छा लगा मुझे
09:03हलाके रश बहुत था लेकिन चलो कोई बात नहीं
09:06जब से तुमने मुझे बताए यकिन करो मुझे बहुत हसी आ रही है
09:11वैसे इत्फाक कैसे हुआ
09:13क्या पता मी अगर हमने कोई प्लाइन पहले से बनाया होता
09:15तो शायद इतना प्तफाक ना होता क्यूंकि हम बस होटल पहुचे
09:18और पाँच मिनट बाद दोनों हमारे सामने आ गए
09:21जिससे चराग गिसने से जिन सामने आ जाता बिलकुल वैसे
09:23वैसे वो लोग हैं कहां
09:27फरहाद लोग एजनसी चले गए हैं
09:30और नूर वो तो बिलकुल ही का माल के निकली
09:32उस्ते अपने बॉस के साथ वापस आना पसंद किया
09:34उसकी बॉस भी आए थे
09:36हाँ बिलकुल क्या नहीं आएंगे
09:38रास्ते में दोनों रुकर चाय का मजा ले रहे थे
09:40क्या हूँ आली
09:45फोन क्यों नहीं के अब तक ड्रावर को
09:48आ जाना चाहिए तक मर्द को अब तक
09:51मर्द लेकिन
09:53मर्द नहीं है फिर कौन है
09:56करीम सहाब बिलको छोड़ने आएंगे शायद
10:08बाबा आप लुग आ गए
10:24बाबा मैंने आपको बहुत मिस्स किया
10:29बाबा मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ
10:37मैं आपको अपनी नई तस्वीरे दिखाऊँ
10:39मैंने बहुत सारी बनाई है
10:41चलें कमरे में चलते हैं
10:44जहमत हुई आपको
10:50लेकिन हमारा सफर बहुत अच्छा गुसरा
10:53हमारी बातों के बावजूद भी
10:55कुई जहमत नहीं थी तुम ने
10:57अच्छा लगए तुम से बात करके
10:59बस बस चुप रहो तुम चुप रहो तुम चुप फिर से अपने बेटे का जिकर बत शुरू करना
11:14मेरा खुस्ता ना बढ़ाओ वरना बेरांग ले नीचे रखकर कुछल दूँगा
11:17खुशामदीद बेटी आजा आजा आजा आओ
11:21बहुत शुक्रिया आंटी कैसी है अमें के बारे में कोई ख़बर सब ठीक है ना
11:31उसे छोड़ा आओ यहां बैड़ोर बताओ
11:33अलमास ने हमें कुछ बातें बता ही है कि तुम दोनों एके जगा पर काम कर रहे थे
11:39लेकिन उसे तुम्हारे शोगर का मोड़ कुछ खराब सा लगा है
11:43अलमास की तो आदत है बगवास करने की
11:45लेकिन मैं अमीन के लिए फिकर मन दूँ आपकी बात हुई उससे
11:51मेरे सामने उस नाला एक कजिकर मत करो
11:53चलो बिटा चलो उपर चल के बात करते हैं
12:21यहां आजयां हा तुब बताएं अब यह मीन की बात छोड़ो तुम और नाजान
12:32साइबे ने मुझे क्या कह आए वो मैं तो मैं बताती हूं क्या मतलब ऐसा क्या कहा
12:40नाजान ने बटतमीज है वो चैन नहीं कहा उसने उसे पता निमुछ
12:45किस बात की परेशानी है मैंने मान लिया कि मेरी बिटी दूद की धुली भी नहीं है मगर इसका मतलब यह तो नहीं है ना कि उसके शोहर की कोई घलती नहीं अखिर कब तक वह मुझे परानी बातों को ताना देती रहेगी आंटी देखें तब यत खराब हो जाएगी किदर बै
13:15के ज़रूरत नहीं है आपको बहुत देर से पता चला है लेकि फिकर न करें सब कुछ पिल्कु ठीक है शुक्रिया अला का बहुत शुकर है
13:36फॉलिक एसिड और ओमेगा-3 के सेप्रिमेंट्स लेना ना भूलिएगा ठीक है ठीक है ज़रूर लेनुगी अपना बहुत ख्याल रखेगा बहुत शुक्रिया आपका
13:51देखो तो मेरे नसीब कर चमकता सितार क्या कहते हूँ ये खुशखबरी तुम्हारे बाबा को सुना दू अब आपके बाबा को बताने में बिल्कुल बेह नहीं लगाँगी आप अपनी मामा के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है चलो जल्दी करते हैं जल्दी से आप
14:21जी कहीं हाँ हलो क्या हाल है अब क्या तकलीव है अलमास अई मैं कोई बड़ी चीज नहीं मांग रही तुमसे सिर्फ ये बता दो कि जाहिट साब आफिस में है वो नीचे गए और दस मिनट बात आफिस से निकलने वाले हैं और अब प्लीस मुझे फून मत करना अलमास बार
14:51तुमसे दस मिन दूर हो जाहिट देखो ये तो अच्छा हो गया ना चलते हैं
14:58मेरे तब कुछ समझ नहीं आ रहा कि मैं नहीं से क्या पूछ हूँ वो मुझे कुछ नहीं बताएगी
15:06देखे आँटी मुझे नहीं समझ में आ रहा कि मैं आपसे क्या कहूँ
15:09बर्बाद करती है मेरी बच्ची को उसने बर्बाद कर दिया
15:13आँटी जो कुछ भी हुआ है उसमें जाहिट कर कुसून नहीं है
15:16नहीं नूर उसी ने बर्बाद किया है मेरी बच्ची को उसे ने बहकाया है
15:21इस दफ़ाबाद सिर्फ इतनी नहीं है
15:23इस पहर ऐसा क्या हुआ है
15:27उसने जाहत से दुबारा मुलाकात की
15:30इसलिए नाजान ने उसे निकालने का कहा
15:32बताओ मुझे
15:34तुम जरूर कुछ जानती हो
15:36प्लीज बता दो
15:37देखें एक दफ़ाल मा साजर
15:40वो आपको खुछ सब कुछ बता देगी
15:42मेरा बेटा भी चिला गया
15:44और अब वो लोग मेरी बेटी को निकाल रहे है
15:48मैं अपने बच्छों के मैं गयर क्या करूंगी
15:52प्छली दफ़ाली साफ से मैंने बात की थी नूर
15:56मैं बहुत रोई थी उनके आगे तब वो मान गए थे
15:58इस पर तुम करो बात
16:00तुम ही करो प्लीस
16:02आंटी
16:03मैं यह नहीं कर सकती
16:07क्यों नहीं कर सकती ओनूर
16:09वो शोहर है तुम्हारा
16:10कोई खेर तो नहीं है
16:11तुम को हो की तुम मान लेंगे
16:13तुम्हारे बात नहीं चालेंगे
16:15अलमास तुम्हारी कजन है
16:16आंटी
16:17कोई भी बात करें, इस दफ़ा फर्द नहीं पड़ेगा
16:20अल्ली किसी कभी लिहाज नहीं करेगा, जाहे तो उसका भाई है
16:23और नाजान भी तो है बीच में
16:27चाहे कोई भी बात कर ले
16:28इस दफ़ा हम उसकी सोच नहीं बदल सकेंगे
16:33अब मेरे बात करने से भी कुछ नहीं होगा
16:36मुझे उमीद है, वो तुमारी बात मानेंगे
16:38देखो, अगर तुम मेरे इतने से भी परवा करती हो
16:42तो खुदा करें उससे बात कर रहा है
16:44अंटी, एक बिनट रुके
16:46देखे मुझे शर्मिंदगी हो रही है, आप ऐसे ना करें
16:49आपको भी सोचना चाहिए
16:51हमने हर दफ़ा
16:53अलमास की गलतियों पर पड़ता डालकर उसे बचाया है
16:55यही वज़ा है वो सुधर भी नहीं रही
16:57इस दफ़ा उसे सजा मिलने दे, छोड़ दे
16:59कोई सबत नहीं सीखा उसने अच तक
17:01वो सीख जाएगी
17:03आजमाई शाने दे उस पर
17:04उसने हमेशा खुद को बचाने के लिए रास्ता ढूंडा है
17:07अगर हर दफ़ा हम उसे बचाते रहेंगे
17:10तो वो और नुकसान करेगी
17:11एक दफ़ा उसे उसकी गलते की सजा मिलने दे
17:13वरना वो फिर कोई नया खेल खेलेगी
17:16उसकी वज़ा से आपको भी बाते सुननी पढ़ती है
17:18आँटी, उसका यहां से फॉरण जाना ही मुनासिब है
17:24मुझे कुछ नहीं कहना
17:28मैं समझ गई तुमारी बात
17:31समझ गई मैं
17:34विचारी आँटी
17:44देखे, यह मैंने कल बनाया था
17:49यह ड्राइंग्स देख के तो ऐसा लग रहा है
17:51कि तुम फ्यूचर में बहुत बड़े आर्टिस्ट बनने वाले हूँ, शाबाश
17:54अल्ला कहे, तुमारी खुशी हमेशा खाइम रहे
17:58ओहो, माशालला
18:03देखो, यह बच्चा कितना खुश है
18:05माबाप साथ है ना, इसलिए
18:07खुशामदीद फरार लोगो
18:09खुशामदीद नाजान जान, तुमारे चेहरे पर मुस्कुराहट दिकर खुशी हुई
18:13मैं अभी तो ठीक हूँ
18:15यह कह सकते हैं कि अभी मुस्कुरा रही हूँ मैं
18:18लेकिन जब मेरे सर से वो बला टल जाएगी तो मैं खुल कर हसूँगी इंशालला
18:22मेरी जान नाजान तुम्हें ही कह रही है
18:24नाजान बच्चे के सामने शुरू हो जाती हो तुम भी
18:27ठीक है मैं कुछ नहीं कह रही
18:29बस मैं याद दे लाने आई थी
18:31विससे यह तो बहुत जल्म है मेरी जान
18:37मतलब हम उसके बाबाब को बगएर कुछ कहे कैसे उस लिटकी को यहां से निकाल दें
18:40यह तो बुरा होगा
18:41इसके इलावा अफीजा कभी तुम हो देखने पड़ेगा
18:44मज़े जो समझाय हो किया
18:46वो सिर्फ अपना सोच थी खुदकर्स
18:48मुनासिब नहीं था उसे यह रखना
18:49हाँ मेरा भी यही खियाल है
18:51जो होना था ओज चुका है
18:52बड़ा चड़ा कर बात करने का क्या फैदा
18:54बाबा फासी वाला गेम खेलते हैं
19:01हाँ यही बाकिर रह गया
19:03चलो आज यह खेल भी खेले हम
19:05अरे देखो तो तुम्हारे बाबा कहां रह गये हैं
19:15ओ बेटा यह क्या निकल गया है मुसे
19:20चलो वक्त आगिया है खुशखबरी सराने का
19:27अल्ला का असाब हो
19:35यह तो रुकी नहीं राए
19:38जा कर लोगी
19:43पागल
19:44उफ
19:48कोई बात नहीं बेटा बापा परिशान होंगे
19:55सी
20:03गलत जवाब
20:04जुलायर
20:06गलत जवाब
20:09अच्छा ठीक है
20:09जैग
20:12गलत जवाब
20:14के
20:15गलत जवाब
20:17क्या गलत जवाब जो भी बोल रहों वो सब गलत है
20:19हाँ बिल्कुल सब गलत है
20:21चलो ठीक है मेरा बेटा मर्थ अब आप अपने बाबा के साथ खेलो और मैं जाकर समांग खोलती हूँ
20:26अमी आप मेरे सब आई के जरा
20:29डी
20:40क्या मैं कुछ गलत समझी हूँ
20:42या पर तुम वाकई मास की हमायत कर रही थी
20:44अमी मैं क्यों असकी हमायत कर सकती हूँ
20:46हर बात को लिंगा कीड कीत है
20:48में तह इंसानीयत की जज़ जए किह रही थी
20:52इंसानिया की वज़से मैं की है यालाँ
21:06क्या चुपा रही हो अलीना क्या हो गया मियार कहां से आई यह अलमास की मदद करने की कहानी तुम्हारे दिमाग में
21:13अमी आप हमेशे ही तंकरती रहती हैं सुकून भी लेने दिया करें कभी
21:16वो लड़की होटल में मेरे पास आई थी और रोने लगे थी बस इंसानित का सबूत दे दिया मैंने
21:20क्या हो क्या हमारे पास कोई और काम नहीं हम यहां बैट कर अलमास की बाते करते रहेंगे
21:23यही बता दे हैं बस मुझे
21:24अमी आप देखे आपने मेरे चेहरे की सारी मुस्कराहट कात्म कर दी है
21:29ठीक है ना और मेरे अंदर अब सिर्फ गुसा भर गया
21:32मिस सिर्फ और सिर्फ घुसा भरा हुआ है मेरे अंदर
21:35और मैं इसकी आदी हो चुकी हूँ, समझ रही आप
21:36तुम्हें विकेशन्स पे जाना था
21:38और तुम गई अली के साथ
21:40पहले जो तुम फरात के साथ मिलकर
21:42नूर और अली को वहां तक ले गई
21:44अगर तुम मुझे कुछ ना भी बताती
21:46तब भी मुझे उनके वहां पे शूट करने का मामना
21:47समझ में आ जाता, क्यूंकि साफ नसर आ रहा था
21:50अब तुम और क्या चाहती हूँ बिटी
21:51हाँ ठीक है यार, आप पूछ रहीं कि
21:54क्या चाहती हूँ मैं, मेरा शोहर
21:56अपनी उस दूसरी बीवी की वज़े से
21:58पागल हो रहा है, वो हस्त की वज़े से
22:00अपने हाथ और बासू जखमी कर रहा है
22:01मेरा शोहर मेरे सामने सुकून से चार दिवारी में
22:04नहीं बैठ सकता, पागल हो गया उसके लिए
22:06और आप पुछ रही ही क्या मसले है
22:07इतने सब कुछ हो जाने के बाद
22:08आखर में क्या चाह सकती हूँ, अम्मी, हाँ
22:10तकबर छोड़ो, अभी इसका वक्त नहीं है
22:14तुम एक बहुत बड़ी जंग कर रही हो
22:16लेकिन आखर में किसके लिए जंग कर रही हूँ, अम्मी, आप बताएं
22:20हाँ
22:21अली के दिल के लिए ही कर रही हूँ ना
22:24ये दिल का मामला नहीं, बिलकुल भी दिल का मामला नहीं है
22:27वो लड़की, तम्हारे शोहर पर जातू कर चुकी है
22:30लेकिन हम उस जातू को तोड़ देंगे
22:33तोड़ेंगे
22:34हमें ये जातू तोड़ना होगा में
22:37क्युक्छे मैं इसके बगेर जिन्दा नहीं रह सकती
22:40संजी हैं, फिर से सुन्दे अगर मैंने उस औरत की वज़़े से अपने शोहर को खोया
22:44तो मैं जिन्दा नहीं रह सकूंगी
22:46मैं उन दोनों को एक दूसरे की तरफ बढ़ता देख रही हूँ
22:50और ये मिरे दुन दुमाग को बुरी तरह खौफ सदा कर रहा है
22:53क्यूंके मैंने अपनी शोहर की आखों में उसको देखा है
22:59हरकिस अपने जहने इस ख्याल को न लाओ
23:01ये बाते करके खुद को तक्रीफ मत दो
23:02तुम्हारा शोहर एक चालाक वॉरत के खेल में भसकर अपनी राह से गुम रह हो चुका है अलीना
23:09और कुछ नहीं इसके रहावा और कुछ नहीं
23:12बहुत कुछ है
23:13मेरा शोहर मेरे पास तक नहीं आता
23:17जब ये मैं उसके खरीब जाने की कोशिश करती हूं तो मुझसे ऐसे भागता है
23:22जैसे कोई बिमारी हों में मुझे
23:23मेरा शोहर उसके साथ वफदार है
23:28अली उस औरत के साथ वफदार है
23:33बस करो मेरी बच्ची
23:34हुद को समालो
23:35हम इस मसले को हल कर लेंगे
23:38चाहे महबबत से चाहे ताखत से
23:40हम उस औरत को जिर कर लेंगे
23:43हम ये जादू तोड़ देंगे अलीना
23:46तोड़ देंगे मेरी बच्ची
24:04अफ यार अभी छूंका कहां गिरा दिया
24:34अब्हार अभी बच्ची
25:04शैतान केह रहा है के फून करू उसको और कहूं के आ रहा हूँ मैं उसके बाद पूरे के पूरे अखबार उसके मूपे भेक के मारू गाड़ी तोड़ दू मैं उसकी जाके हाँ और फिर उसके साथ चाय पर बैठी थी उससे वो भी पूछूंगा जायद
25:32जब तुम नूर के बारे में ऐसे बोलते हो न मुझे हसी आती है यार
25:35बक्वास नहीं करना जाहिद उसने ये रूप देखा नहीं है मेरा
25:38यार तुम तो नूर से पहले उस शक्स के पीछे थे
25:42कोई अलग बात नहीं सिर्फ नूर ने इस बात को और बढ़ा दिया है
25:45मुझे सबसे जादो गुसा पता है किस बात पे आता है
25:47कि हाँ ठीक है मैंने गलिती की है
25:48उसी चीज़ के लिए माफी मांगे जा रहा था मैं उसके पास
25:51मगर उसने क्या किया जानते हो वो ही जो हमेशा किया उसने
25:53सिर्फ मुझे जलाने के लिए
25:55और मुझे से बदला लेने के लिए उसने
25:57उसके साथ जाने को चुना
25:58यार तुम एक घंटे से एक ही बात दोहरा रहे हो
26:01तो जाकर अपनी बीवी से बात करो ना
26:03यार कर चुको मैं बात उससे जाएद एक हजार बार कर चुका
26:05मैं दुबारा भी कर लूँगा तो क्या हो जाएगा
26:07उसे समझता ही नहीं है
26:08मुझे जलाना चाहती है वो
26:10सिर्फ अलीना के हैस्थ में करिये ये सब कुछ वो
26:12सिर्फ अलीना के
26:13मगर मैंने सोच लिया है
26:14जब तक मेरी प्यारी बीवी को अपनी गलती कर ना हो जाया है सास
26:17तब तक मैं उसके पच्चताने का इंतिजार करूंगा
26:19अली
26:22शायद
26:24ये वक्त नहीं इन बातों का
26:26सबर की बात करें तो
26:28नाजान का सबर भी अब खत्म हो चुका है
26:31मेरे पास भी अब बर्दाश की ताकत नहीं रही
26:34वही अलमास वाला मामरा
26:36हाँ
26:37उसका चेहरा देखने कभी दिल नहीं करता
26:39कब भेज रहे हो उससे
26:41जल्दी चली जाएगी
26:44नाजान से कैदो जाके पुरसुकून हो जाए
26:48कल सुबह वो चली जाएगी
26:50क्या देख रहे हो
26:59दिल चाएगा मेरा
27:01बस कर दो अभी खाना खा कर उठे थे हम
27:03हो तो तो तुम्हें क्या है
27:04मत देखो
27:05अपने वाले गिनोंगी क्या मेरे
27:07कम से कम तमीज से तो खा सकती हो ना
27:10तुम मेरी तरफ मत देखो ना
27:12और हाथ तुम बस चुप रहा करो नूर
27:15मेरी अम्मी को भी मेरे खिलाफ कर चुकी हो
27:17मगर याद रखो मैं तुम से उपर हूँ बता रही हूँ तुम्हें
27:19बदकिस्मती से ऐसा नहीं है
27:21अली से मैंने तुम्हारे लिए बात नहीं की उन्हें ये गलत लगा
27:24अब मैं उन्हें साफसाफ तुनहीं बता सकती हूँ ना
27:27कि तुम क्या करती फेर ही हो
27:28इसलिए बोरा लगा उन्हें
27:29तुमें तो ये लग रहोगा, मैं तुम्हारा आशान मानूगी
27:31मगर मैं अपनी अम्मी को सब कुछ बता चुके हो, फिक्र मत करो
27:34तुम्हारी मौताज नहीं मैं
27:37अल्ला का शुकर है कि अल्ला ने तुम्हारी मौताजी से बचा लिया
27:39तुम फिर से कोई साजिश कह रही हो ना अल्मास
27:42तुम अपनी हाथ से बहुत बढ़ चुकी हो इसका अंदाजे नहीं तुम्हें
27:46हाम अगर अब तुम्हें सबक मिल जाएगा जो कुछ भी तुमने जाहिद के साथ किया है ना बहुत जल्द तुम्हें इसका पता चलेगा
27:54किसी फारिख बत में तुम्हेरे पास आना तो मैं सिखा दूंगी हाम यह भी याज रखना कि यहां से कोई भी अल्मास को निकालने की ताकत नहीं रखता है तुम मेरी दर्व से तुम सब को गुड़ लग चलती हूं मैं यकीनन कोई नहीं चाल होगी अल्मास
28:10मेरे पास और कुछ नहीं के मैं ऐसी के बारे में सोचू नहीं यार अब को मज़े अली से भी बात नहीं करने है
28:29मुझे समझ नहीं आता आज ही क्यों नहीं गई वो क्यों रुग गई आखर यहां पर कसम से मुझे बैठे बैठे घुस्सा आ रहा है नाजान बस करो चली जाएगी वो जब कहा है कि चली जाएगी तो बार-बार एक बात की रख क्यों लगाती हो
28:46अरे हाने नाजान, तुम परिशान क्यों हो रही हो, थोड़ा से इग्नोर करो उसे
28:50याने मैं भी वो करूँ जो तुम कर रही हो है न
28:54या
28:57नाजान, तुमनी क्या कहा अभी?
29:05अलीना, तुम्हें जवाब देने की कोई ज़रूद नहीं
29:07बास सुनो नाजान, हम दोनों अच्छे से बात करें, इसका मतलब ये रहीं कि तुम मुझे उक्साओ वरना तुम्हें नुक्सान होगा
29:12मुझे बहुत अफसोस है अलीना, मैं समझ नहीं पारे कि मच्छा वक कैसे गुजारे
29:17यानि इस घर में मेरे साथ जो कुछ भी हो रहा है उसे तुम से बैठर कोई नहीं समझ सकता
29:22तुम ही मुझे सपोर्ट दे सकती हो, लेकिन तुम क्या कर रही हो, कहा गई वा और्तों की हिमायत
29:26क्या तुम मेरी हमायच क्या उमीद कर रही हो
29:28अगर तुम मेरी हमायच चाहती हो
29:30तो पहले तुम ये सोचो कि तुम इसकी हगदार हो भी या नहीं ना सान
29:33मुझे अपने खिलाफ मत करो
29:34मुझे अपने खिलाफ मत करो
29:35बस करो, क्या हो रहा है
29:37एक दूसरे के खिलाफ हो रही हो, क्या हो गये तुम लोगो आखिर?
29:49ये यहां क्यों आई है?
29:51तुम मेरे घर में क्या करने आई हो?
29:54मुझे क्या? आप असमे लड़ते रहें
29:56आप फिकर नहीं करें, नाजान साहिब आपके कमरे में नहीं जा रही है
29:59तुम किस पदर बत्ता मीज लड़की हो?
30:02चुप हो जाओ निकलो, मेरे घर से फॉराँ निकलो
30:04कोई अपने आपको इस घर की मालकिन समझने लगा है
30:08लगता है किसी का मार खाने का बहुत दिल कर रहा है
30:11फॉराँ मेरे घर से निकलो, बैट तुम्हें कह रही हूना
30:13कॉल निकलो यहांसे
30:14तुम्हारा यहांसे
30:29चुडो मुझे
30:33आप लोगो अनेज की बात देए नहीं तो नहीं
30:35हाँ जी करेके छुप हो जाओ
30:36तुम पर मकदमा करऊंगी
30:37अलमा सब तुम भी चुद करो प्लीस
30:38तुम्हारा यहां क्या काम है
30:40आइतल साहबा, अम्मी अपनी दबाए किचन में भूल गई थी तो मैं वही लेने के लिए आई थी, क्योंकि उनकी तवित खराब है, जब मैं यहाँ आई, इन्होंने हमला किया, कितनी जूटी हो तो देखो जड़ा, यह तुम्हारी आखरी रात है इस घर में, इसके बाद त
31:10यार, नूर किसी अलग दुनिया में, जानते हो, मैं तुम्हें पहले सी बता रहा हूँ, देखना पच्चता है कि वो, मैंने हर चीज बहुत खौर से देख लिए, अलीना को भी देख रहा हूँ मैं, सारे ही एक जैसे
31:24अली, देखो मैं तुम्हें समझ सकता हूँ, लेकिन नूर की सिचुएशन कल भी मुश्किल थी, आज भी मुश्किल है, और करीम का किस्सा तो बस एक बहाना है भाई, वो लड़की तुम्हें हर रोज अलीना के साथ देखती है, इसलिए ऐसा कर रही है
31:36ये कौन सा तरीका है, तुम्हें बेले नौक करना चाहिए था
31:41इन बालों को गोड़ से देखो जाहिए, मेरे हाथ ने ये बाल देखो जाहिए
31:47अगर वो बिगहरत आज राट इस घर से नहीं नकली, तो बाल तो क्या नरस की काल भी उतार दूँगी
31:53अल्मास अभी किचन के बार कड़ियों कैसे को सुन रही है सही है
32:03अल्मास तुम पहले ही बिमार हो, हाँ, वहाँ होटल में आई, मेरे पीछे गूमी, पता नहीं क्या क्या कहा तुमने
32:10और अब यहाँ पर यह हरकते कर रही हो तुम
32:12अल्मास अपनी मा की दवाईयों का भाना मत बनाओ तुम तुम तुम शुकर मनाओ के मेरा मूर आज अच्छा है
32:19इसलिए तुम्हें माफ कर रही हो, अब तुम जाओ या रुको यह मुझे नहीं मालूम
32:24लेकिन जब ता यहाँ हो तुम्हें तरीके से रहना हो, गलमास
32:42इस घर के लिए मैंसे मिदारों शुकर है, तुम फिक्र मत करो, अम्मी अब बाते सुन रही थी मेरी
32:49क्या सुनूं कि अपने सवाल का जवाब मिल गया
32:51या अल्ला कमाल है, मा बेटी कि ट्रामे है बस
33:12मुझे क्या जरूरत है सुनने की? मैंने एक सवाल पूछा था रो, मुझे जवाब मिल गया
33:22अच्छे ठीक है अम्मी, ठीक है, अब सुन लिया ना अपने
33:26अल्मास की बारे में मैं तुम पर भरोसा क्यों करो?
33:30इनसान एकी गलती को बार बार नहीं दौराता है बिटा
33:42क्या वही गलती दोहराना चाहिए?
33:44आ, अम्मी, ठीक है, फिर से शुरू कर दीना आपने वही बात है
33:48अब ये नाजान कहां चली गए यार
33:50मैं कब से कह रही हूँ ये लड़की इस घर से चली जाए
33:54मुझसे एक पल के लिए इसका वजूद बरदाश्टा ही हो रहा है
33:57आप जवाब क्यों नहीं दे रहे मुझे?
33:59इतने अराम से कैसे बैठ सकते हैं?
34:01इसलिए वह मुझसे ही कह रही थी
34:02कि तुम अपने आपको कुछ जादा ही मैडम समचती हो ना नाजान?
34:05तुम इस घर की मालकिन भी नहीं हो
34:07वो इतना भरोसा किस पर कर रही है?
34:09लेकिन वो अरत मुझे अपने ही चट के नीचे कैसे बुड़ावला कह सकती है?
34:12यार बस नदान खामोश हो जाओ
34:14चिलाओ मत
34:14और क्या मतलब किस पर भरोसा करेगी?
34:17मेरी तरफ देखके क्यूं कह LY Sum ये?
34:18अली?
34:20तो ये तो साब जाहिर है कि वो किस पर भरोसा कर रही है?
34:23तुम्हारी भीवी पर कर रही है?
34:25यान्व तुम पर भरोसा कर रही है?
34:27और मिरे ही घर में मुझे हिरा सक्या जा रहा है
34:29बात सुनो मेरी बीवी का तालुक नहीं ऐससे कोई
34:31अलमास के बारे मैं सब कुछ जानती है नूर
34:34नहीं यकीन तो जाके पूछना
34:35अलमास के लिए आज तक नूर ने एक लफ़ नहीं का मुझसे
34:38मैं ये सब रिष्टेदारियां नहीं जाती
34:40मुझे एहसाथ हो रहा है
34:42कि मुझे इस गर में दबाया जा रहा है
34:44मुझे लग रहा है कि इस गर से वो नहीं
34:46बलके मैं जामगी
34:47ठीक है ठीक है नाजान ठीक है
34:49जा रही है वो हम इसी बारे में बात कर रहे थे
34:51इतना काफी नहीं है जाह इतना यह काफी
34:54उस बिखेरत को अभी इसी वक्त निकालो घर से
34:57एक ही रात को कैसे निकलो उसे
34:59और ज़रा हफीजा का भी सोच लो
35:01नाज़ान इतनी रात को हम लो कैसे उसे निकाले
35:04ये मुनासिब नहीं है
35:05अरे अली
35:06क्या ये भी मुझे ही सोचता होगा
35:08नाज़ान
35:38नाज़ान देखो
35:40मैं माफी मांगता हूँ हर उस चीज़ के लिए
35:43जो तुम्हें अलमास की वज़ा से बर्दाश करना बड़ी
35:45प्लीज
35:46मुझे माफ करतो मेरी जान
35:48जाहिद
35:49वो लड़की आज रात इस घर से जाएगी
35:53वरना मैं तुम्हें बता रही हूँ
35:55मैं कसम खाकर कहती हूँ
35:57अगर वो नहीं गई तो मैं जाऊँगी यहां से
35:59वो जाएगी
36:06आज रात ही इस घर से जाएगी
36:09अब वो लड़की
36:15मेरे ही घर में मुझे बेज़त करेगी
36:17अब लड़की यहां से जाएगी
36:39अब लड़की यहां से लड़की यहां से जाएगी
36:41वो अगरो रत
36:47हनीमून के दिन कुजर जाने के बाद
36:49मैं नाजान की तेज़ जबान और बेमहपती से भागता रहा
36:54लेकिन फिर मैं बारिश से बचने के लिए जाला बारी कर शिकार हो गया
37:03अल्मास को जिन्दगी में शामिल करके
37:05मैंने नाजान को सही थाबिद कर दिया
37:08और ये मेरी सबसे बड़ी खलती थी भाई
37:10मौका है ये से जाने मत दो जाहिद
37:13और हो सकता है के नाजान को भी अपनी खलतियों का एसास हो जाए
37:16नाजान ये जान लेकि तुम क्यों से तना दूर चले गए थे
37:19और जब ये अलमास का मौमला खब मुजाएगा
37:21जाहो तो अपनी जिनने की दुबारा शुरू कर लो
37:23नहीं अली नहीं
37:25यानि नाजान कभी बदलेगी या नहीं
37:28वो बदल जाये हमारा रिष्टा बहतर हो या नहीं मैं नहीं जानता
37:31लेकिन मैं एक बात जानता हूँ के नाजान पूरी तरह हग बचानिभ है
37:38अब वक्त आ गया है के अलमास अपनी की एकी की मत चुकाए
37:41और जानते हूँ अब मेरी नजरें हफीजा बीबी को भी नहीं देखेंगी
37:45अच्छा खेर मैं
37:49सर्वेंट कौर्टर चला जाता हूँ अभी
37:52बात करूँ मा हफीजा से जाके
37:54जब तक तुम नाजान को तसलित हो
37:56मैं उसे बिलकुल भी नहीं निकाल सकते हूँ अभी
37:58उसको इस वक्त निकालने के चक्कर में खुद को गलत थाबित नहीं करूँ मा बिलकुल
38:01जैसे इस सुबा होगी
38:03अलमास चली जाएगी
38:04मुसीबत भी चली जाएगी
38:24अल्ला का शुकर
38:26आज की रात लंबी होगी साहिद साथ
38:54आरएलार ना ज्मास तुम्हारे धिमाग कर अवह वो गया था ignoring
38:57जैसे सी बाते peng मत इंप्कर जिस पर बातुदाते हो तुमसे बड़ा पश्टावा नहीं हो सकता मेरा सबसे बड़ा पश्टावा तुम्हारी जिंदगी का सबसे बड़ा
39:09शायद मैं अब तक तुम्हें सुनता रहा हूँ, इसलिए एहमक हूँ
39:12लेकिन इतना एहमक नहीं हूँ, अलमास, निकलो
39:14जाहिद
39:14चलो निकलो
39:15जाहिद
39:16अलमास, देखो, निकालो वो चाबी
39:22खुद निकालो न
39:23अल्मास, मुझे तुम से खिना रही है, चाबी निकालो
39:28अरे क्या बताओं, आज कल तो मेरी तब्यत भी बहुत साथा घेन खा रही है
39:33अल्मास, मेरी बात सुनो, वो चाबी निकालो, दर्वाजा खोलो और यहां से दफा हो जाओ फारन
39:40वरना मैं कसम खाता हूँ, कसम खाता हूँ कि तुम्हें खड़की से बाहर भेंग दूँगा अल्मास
39:44मुझे ऐसा नहीं लगता साहिद
39:45तुम्हें अंदाजा नहीं कि तुमने मुझे किस हद तक पहुँचा दिया है
39:48आईए, जाहिद जरा अराम से
39:50होश को पैटे हो क्या, क्या मजाख है
39:53मैं दिखाता हूँ मजाख
39:54जाहिद तुम एक साथ दो जालो को खतम कर दोगे
39:57क्या तुम अपने बच्चे को भी मार दोगे जाहिद
40:02हाँ
40:09तुम्हें कुछ बताने आई थी यहां
40:13बल्के तुम्हें कुछ दिखाना चाहती हूँ मैं
40:20यह देखो सब्सक्राइब
40:28जूनियर कोजान
40:43जूनियर कोजान
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