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  • 6/14/2025
राजस्थानी मारवाड़ी भजन इस चैनल पर भक्ति ज्ञान का वीडियो आएगा सब्सक्राइब जरूर करें

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Transcript
00:00दिन दिन माता पीता दिन माई दिन हो पीता दिन हो माई
00:12दिन जननी करने ती जाई दिन जननी करने ती जाई
00:24श्री राम जे राम जे जे रामा
00:54श्री राम जे महाराज की दिन वो पिता दिन वो माई
01:11जन जननी कर्मेती जाई दन्येवे मात पिता ने जो कर्मेती बाई जेसी दिव्य भक्त आत्मा ने जनन दियो
01:25सजनों कोई भी अच्छो कारिये करें सामान नेत्य व्यवार में भी कोई अच्छो कारिये करें तो दन्ये बाद पेले किन मिले हैं मात पिता ने मिले हैं
01:40कि इसारे मात पिता ने दन्ये हैं और बुरू काम करें तो दरिकार किन मिले हैं दरिकार ही मात पिता न मिले थक तो मातमा बानी में केक दिन हो जननी कर्मेती जाई
01:57कमार पणो रामत में जाई
02:06बड़ी भई जद ब्याह रचाई
02:14सदगुरु जी महराज की
02:18कमार पणो रामत में जाई
02:21बाल अवस्ता तो बाकी बाल को रित रही भी थी
02:27खेल पूद में बस्ती में
02:29थोड़ी बड़ी हुई तो
02:33साधी होगी करमेती ने
02:37इतनी बड़ी नहीं हुई करमेती के बिने पूरो जो
02:43बहुत होगा वे बीच बरसरी नहीं हुए
02:45पहले काई करता के बारे तेरे बरसरी आयों में ही बाले कर साधी कर देता है
02:50बारे तेरे बरिष्री आयों में साधी कर दिन
02:55तो पतो नहीं हो कि भई
02:57साधी बिशे में कोई जानका रिये नहीं
03:01कि मारू भ्यावेगों कर दूसरे घर जानो है
03:03कि अशो कोई जानतो होनी छोटे बाल का नप्रणा देता
03:06अब अबोध ही करमेती तो ठीक एक मात्पिता कियों जैसे कर लिए
03:11पर सजनों कहें हैं कि बड़ी अब साधी तो हो गई और बाद में
03:21कि गुनों लेई पुरोहित आयो और आवुस्म शिनगार बनायो
03:28साधी ये बाद में कुछ सालों बाद में गुनों लेएन पुरोहित आयो जानि गुना ये इंदिर हो सब्दे हैं
03:39इनके भुए मुखलाओ मुखलावेरी सीखरी त�kładरी तयारी तो मुखलावेरी सीखरी तक विजोने कहितरे राबुसम लायायो
03:50पसात में कहें के काच भी हो
03:56कई समान समुन बजार मुलाया तो
03:59करमेती भाई अपनों मुखने कदे भी दरपन में देख्यों नहीं हो आज रपला
04:05कट वेता काच बताओ
04:09कही तो अभी भी भाबा जिने डेला बुड़ा दिम्याने कभी काच नहीं है गरो
04:13तो काच जी दिन जी दिन ही लाया गर में दरपन जी दिन करमेती भाई के भाई कल
04:21वशीख देया
04:23अस्षवराल पक्सरा जो लोग आओ आओ आगया पहली रात्री
04:29गोणो लेन पुरोहित आयो और अबुशन शिनगार बनायो
04:37अबोच संदर अबुशन पेनिया अबस्तर पेनिया और कह सजनो
04:45करमेती भाई अपने मुखने दरपन में देखे
04:49अपने मुखने दरपन में देखे जन देखते ही वो देखे कि वो तू
04:56अबुशन पेनिया ऑः इंशन फेंशन पेनिया अबस्तर आयो है लेग रमागी प्रढों पताक में
04:59और अपने अपने देखे प्रशना को य कि य जिव पुरबली पुनब आत्मा ही बुशना ऑचता आत्मा हि अर भावल ग्ति-ुथा hij
05:19भग्तिरु प्रभाव ये खो कि केवल धर पन देखने सो
05:25येने वेराघ्य वेगर Пणु आज़े कि वैडिजि Björag comer
05:29एक विचार सुम्भेरागि कि बात पात भात पहना पल सेखते कह भातdoor
05:33तेन तरे सुंभिराग्य वे है एक तो विचार सुंभिराग्य वे है एक सब्सुंभिराग्य वे है
05:44और एक संसारी कोई अपरी गटना देख और विराग्य जाए
05:49सब्सुं जो उत्म विराग्यरी स्थ्रैनी है वो विचार द्वारा विराग्य
05:57खुद ही बिचार करन बिचारे द्वारा ही बिराग हो जावे

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