00:00लेकिन हमें तो बवान ने हमारे से उचे वरन लोगों की सेवा करने के लिए बेचा हैं।
00:08अरे भाई, कुदरत ने कोई वरन नहीं बनाया।
00:12कुदरत कभी भी किसी को छोटा जा बड़ा नहीं बनाती।
00:17सूरज सभी को एक जासी रोशनी देता है।
00:21ये हवा किसी से भेदबाव करती है क्या।
00:25सभी इनसान एक जैसे अपने चित को निर्मल करो, आप खुद भगवान बन जाओगे।
00:32आपकी बाते सुनकर इतना अननित मह पहले कभी नहीं हुआ।
00:40पंडे जी, पंडे जी, गोरपाप।
00:44अरे क्या हुआ, कोई सन्यासी भिक्षा मांग रहे थे और उन्हें छू भी रहे थे।
00:53सन्यासी अधिशुद्रों की बस्ती में जी, भूखा भूखे से भिक्षा मांग रहा है। भूखे मरेंगे दोनों ही।
01:02लीजिय महाराच।
01:21साइंधमी खरणनने
01:25अरे हम शुदर नहीं रहे
01:36अब इन चोटियों की कुर्बानी देनी होगी
01:48किसलिए महाराज शड़यंत्र रचने के लिए
01:51शड़यंत्र
01:52तो तुम लोगों को बोद धर्म अपनाना होगा
02:00ताकि इन बोदों में घुश कर
02:03इनकी शक्ति को कमजोर किया जाए
02:07जी महाराज महामंत्री
02:10जी महाराज
02:11हमारे राज्यमे वर्ण जाती का भेदभाव
02:15चुआ चूत बैमानी
02:17चोरी, ठगी, मदिरा सेवन, जबर जिनाह
02:23जैसी वराईया समाप्त हो चुकी है
02:25हाँ, अगर फिर भी कोई कसर बाकी है
02:28इनको सक्ति से खत्म किया जाए
02:30जी महाराज
02:32आपके राज्यमे महाराज
02:34महामानम गौतमभुत की शिक्षाव से सारी प्रजा खुशाल है
02:39कोई
02:41किसी से घ्रिना नहीं करता
02:44सबी एक समान है
02:46सब प्रेम से रेते हैं
02:48सबी खुश रेते हैं महाराज
02:50लेकन मैं खुश नहीं हूँ
02:53शुंग, ये तुम क्या कर रहे हो
02:55बोधराज का और तुम्हारा अंद
02:59वालो इस गबदार को
03:01ले आव महाराज को नीचे
03:04हमारे पुर्खों ने तुम लोगों पर भरोसा किया
03:11लेकिन तुमने हमारे साथ हमेशा विश्वास खात किया
03:17हमारी आने वाली नसले केंगें केंगें
03:20तुम्हारे पापों का हिसाब लेंगी
03:23अब इस देश का राजा
03:39मैं हूँ महाराज चंग
03:44हैं गुरुजी
03:56परणाम गुरुजी
04:02आयूश्मान भो
04:04आपका स्वागत है गुरुजी
04:06मैंने आपकी आग्या से बोध राजा बहद्रत की
04:11हत्या करके उसका राज्य शीन लिया है
04:15बोध राज का अंत हो चुका है
04:18शाबाज शुंग
04:20अब आगे क्या देश है गुरुजी
04:23गहन जिन्दन से हमें मालूम हुआ है
04:28के हमारे हाथ से इन बोधों ने सत्ता कैसे शीनी
04:34कैसे गुरुजी
04:36शुद्रों की बुद्धी को जगा कर
04:38इनकी एकता से हम पर राज किया इनोंने
04:41तो आगे क्या सोचा है माराज
04:43शुंग
04:46ये मनु माराज द्वारा लिखी मनु सिमर्थी है
04:51तुम्हें अपने राज्ये में इसके नियोमों को लागू करना है
04:57जी गुरुजी
04:58मनु सिमर्थी में इन शुद्रों को
05:01हजारन जातियों में बांट दिया गया है
05:04अब ये कभी भी एक नहीं हो पाएंगे
05:09लेकिन गुरू जी कौन किस जाती का है ये कैसे लागू करेंगे
05:14जो जंगलों में भागे हैं वो हमारे उपर लगातार हमला करते रहते हैं
05:23उन आधिवासी जंगलियों का नाम निशान मिटा दो
05:27वो कहीं भी नजराएं उन्हें मा डालो
05:32वाह गुरू जी वाह
05:34जो अब भी हमारे खिलाफ संगर्श करने की सोचते हैं
05:40उन्हें मृत पशु और गंदगी उठाने जैसे नीच अपमान वाहिंता से जुड़े कारिया दो
05:51इन्हें शुने से हमारा धर्म ब्रस्ट हो जाएगा ये अब अशूत कहलाएंगे
05:58पान दो इनके पीछे जाड़ू और गले में हांडी
06:03जी गुरू जी जो हमारी शर्न में आ चुके हैं उन्हें खेती पशु पालन कारेगरी वाशिल्प का कारिये दो
06:17वो महमूर्ख आज के बाद उची जाती के शुदर कहलाएंगे
06:26वो अपने ही आदिवासी, जंगली और अती शुदर अशूत भाईयों से गिरना करेंगे
06:37जी गुरू जी अती उत्तम अती उत्तम
06:40जाती वाद का ऐसा ब्रहम जाल फैलाओ
06:47के ये शुदर कभी आपस में एकठे ना हो पाए
06:53और ना ही हमारे खिलाफ विद्रो करने की सोचें
07:00अगर कोई एक जाती हमारे खिलाफ संगर्श करेगी
07:09तो दूसरी कोई जाती उसका साथ नहीं देगी
07:17और एक चाती के संगर्श को हमें एक चुटकी में खत्म कर देंगे
07:24यही हमारी यीद होगी शन हमारी जीद
07:31इंद बोधों का क्या करना है गुरुजी?
07:34आज के बाद बोधों का कोई अस्तित्र नहीं रहेगा
07:41कोई भी बोध जिन्दा नहीं रहना जाए
07:47जैसी आपकी आज्या गुरुजी मैं गोशना करता हूँ
07:52जो भी बोध भिक्षू का सर कात कर मेरे पास लाएगा
08:00उसे सो मुद्राएं परस्कार में दी जाएंगी
08:06यहाँ बुध अशोक के राज को चल्खपट से मिटा दिया
08:18बुध अशोक के राज को चल्खपट से मिटा दिया
08:28सर भिक्षूरों के काट के ग्रन्थों को भी ज़ला दिया
08:38घ्रन्थों को भी ज़ला दिया
08:42ए बगवान, ये कैसा घोर पाप हो रहे ते इस धरती पर
08:48ना सास ले सकते हैं ना पानी पी सकते हैं
08:54और ना ही तेरी इस धर्थी पर थूप सकते हैं थूपने के लिए ये ये गले में हांडी डाल दी और तेरी इस धर्थी पर अपने पाउं के निशान मिटाने के लिए ये ये ये ये पीशे जाडू बांद दिया ये कैसा इंसाफ है तेरा
09:18मालिक आप तो कभी कभार एक कभी लेका दौरा करते हो
09:27देखो कितनी खूबसूरत लेगा है
09:29हती सुन्द
09:31जाओ
09:31ए लड़की चल
09:34तुझे ठागूर साहब भुला रहे है
09:37ये मेरी बेटी है हजूर
09:40क्या हुआ
09:42कैसे बाफ हो
09:52लड़की जवान हो गई
09:55और तुझे पता भी नहीं चला
09:58ए शोकरी
09:59चल
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