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Naqaab Episode 24 | Ali Ansari | Humayoun Ashraf | Hina Tariq | Ghana Ali | 10 April 2025 | ARY Digital Drama
The story follows Bilal and Eman, whose lives take unexpected turns when some secrets unravel. Those once trusted may not be the same as they seem. Will the masks finally fall, revealing the true faces behind the deception?
Cast: Ali Ansari, Humayoun Ashraf, Ghana Ali, Hina Tariq, Javed Jamal, Sadaf Siddiqui, Sajjid Shah, Ammara Malik, Ahmed Rafique, Huma Tahir, Rehan Saeed, Hurriya Mansoor
Writer: Shafia Khan Directed by: Syed Jari Khushnood Naqvi
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10:00तो तुम टेंशन मत लो इस बात की मैं हूँ न इसके लिए वक्त घुमा के आगे करते हूं
10:10करते हूं
10:16तुम इसके लिए कुछ पी कर सकते हूं
10:18और अपने हद भी भूछ सकते हूं
10:22मतलब बताओ ना ये अपनी हद भूल जाने से क्या मतलब था तुमारा
10:32अपनी हद भूल जाने से क्या मतलब था तुमारा
10:44तुम्हारा
10:46तुम्हें देख के ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि तुमने अभी अभी अपने फादर को खोया है
10:52हाँ तो एमान है ही ऐसी
10:54उसे देख के कोई भी अपना गम भूल जाता है
10:56किसी और के साथ देख के भी
10:58अपनी हद में रहना सीखो जारा
11:00वरना मैं जिसके लिए अपना नुकसान भूल सकता हूँ
11:05उसे तकलीफ देने वाले को नुकसान पहुचा भी सकता हूँ
11:09लेकिन पहले देख लो जिसके लिए तुम सब कुछ भूल सकते हो ना
11:16क्या वो तुम्हारे लिए अपनी खुशाओत को भूल सकती है
11:20आज माँ के देख लो पहले
11:23ये ना हो अपने खसारे के लिए बहुत देर हो ज़त
11:26सारा भाबी को आखिर हो क्या गे
11:34कुछ नहीं
11:36तैमूर भाई ने कभी लिफ्ट नहीं कराई ना
11:40तो किसी और की एहमियत बरदाश्ट नहीं होती इंसे
11:50अच्छा तुम आ तो जाओ ना फिर देख लेंगे इस मामले को भी
12:03अभी तो सब समझाया है आपको मौमा फिर वही बात करें
12:07क्या होगे तैमूर इतना इरुजेट किस बात पर रो रहे हो
12:11तो और क्या करूँ मौम मैं यहां इतना उल्जावा हूँ
12:14वहां शोरूम से कौज आ रही है अच्छा तुम परिशान मत हो तुम राइडर को भीजदो
12:20फाइल के साथ मैं साइन कर देती हूँ और आईडी कार दे देती हूँ उसे
12:23तो न्ट गेट अपसेट
12:25पर इस अवर्धिं ओके?
12:28हम अवर्धिंग इस फाइंग वह इमान के लिए गाड़ी निकलवाई है न राइडर आ रहा है उस निएसी की कॉपी दे दी है
12:34इमान के लिए गाड़ी क्यों?
12:37क्यों मतलब इस्तमाल के लिए?
12:39पर इमान को गाड़ी क्यों चाहिए?
12:42पाँ
12:44आहद वैसे तो तुम बहुत वैल विशर बनते हो इमान के और अब ऐसी डिस्क्रिमिनेशन कर रहे हो
12:51मैं कर रहा हूँ
12:53और कौन कर रहा है?
12:55पहले तो आप भी करती थी
12:57ओ, वो तो बहुत परानी बात है जब मैं इमान को सही से समझती नहीं थी
13:01अच्छा, तो अब समझ गई है?
13:04हाँ, अब समझ गई हो
13:06काश, लेला और जारा चुजगा इमान जैसी एक बेटी होती है
13:12तो घर जन्नत बन जाता है
13:16वो तो अब भी बन सकता है
13:19जा, कैसे?
13:22आप आप इमान को अपनी बेटी बना ले
13:26हम, बेटी तो वो है ना
13:31बेटी तो समझती हूं
13:33तभी तो इतनी महंगी गाड़ी दिलवा रही हैं
13:38गाड़ी वाकी आप लेके दे रही है?
13:40तो क्या तैमूर मेरी मरसी के बगएर कुछ कर सकता है?
13:56कि क्या हुएर हएं
14:07ट्तरी ।
14:11कि क्या है
14:14आहत कहा है?
14:32बराबर में है
14:32अच्छा काम से फारिग हो जाओ तो इमान को बुला के ला
14:37जी ठीक है
14:44तैमूर भाई ने कभी लिफ्ट नहीं कराई ना
14:54तो किसी और की एहनियत बरदाश्च नहीं होती है
14:56पादी
15:12मैं अंदर आजाँ मेरे मना करने पर क्या तुम रुख जाओगी
15:20भाविया मुझे नायाज़ क्यों है
15:28वर गोट सेग
15:31अभी क्या हुआ है
15:35डिस्टेंस मेंटेंड करना सीखू
15:38मैं आहद नहीं हूँ
15:40कि मेरे गले पढ़ जाओगी और मैं शौक पूरा करूगी
15:44यह को क्या हुआ
15:46पहले तो ऐसी नहीं थी
15:48मैं ऐसी थी
15:50तुम बदल गई
15:52अभाबी
15:54मैं जा क्या करूँ कि अप ठीक हो जाए
15:56अपने आपको ठीक करो
16:00पढ़ाई पर फोकस कर
16:02वही करने आई हो ना
16:04और अगर यहां पर नहीं हो रहा
16:06तो किसी होस्टल में शिफ्ट हो जाओ
16:08होस्टल
16:10होस्टल
16:12लेकिन
16:14क्या प्रॉब्लम है
16:16तो आयद के पठी
16:18तुमारे educated
16:20कोई बर्डन नहीं आएगा
16:22ईबापपी
16:23मैं आपसे पैसे नहे सकती
16:26हाँ की
16:28मै घर मे रह सकती ओ
16:30खाना खा सकती ओ
16:32काडी भी यूजकर सकती कैशी
16:35दी रह सकती
16:36तो भी सरी
16:38तुम् convincing
16:44यह तुम्हारा घर नहीं है
16:53और तुम इतनी नाइव हो
17:00कि अगर लोग तुम्हे अपनी चीज यूज करने दे रहे हैं
17:06तो दोंच यू रिलाइस वो कुछ बदले में एक्सपेक्टेशन रखेंगे
17:10यह इसी बहत नहीं है
17:14इमान
17:18अगर यही सब करना था तो तंडो आदम में क्यों नहीं रही तो
17:22वहाँ भी तो अफ़ेर था तुम्हारा बॉइफरेंड
17:25साकिप
17:26अभी आप क्या गह रही है
17:29मेरा वहाँ कोई अफ़ेर नहीं था
17:32और यहाँ
17:37यहाँ भी
17:44यह क्या कर रहा था?
18:00लॉक चेंज कर रहा था
18:01अब देखें अंदर से एक बार लॉक कर दिया तो बिना चाबी के कोई नहीं आ सकता है
18:08लेकिन इसकी क्या जरूरत थी?
18:12वही
18:14जो इसकी थी
18:16यह तो सेफटी के लिए था
18:21अब देखें न तारी किसी को बुलाने की जंजट ही नहीं
18:24जिसके बास चाबी हो वो खुद आ जाए
18:28लेकिन तुम क्यों रख रहे हो?
18:30यह
18:31मुझे भी तो आने की जरुद पड़ सकती है
18:34इमान पाल जी आपको बड़ी बाजी बुला रही है
18:39चाची सान?
18:40जी
18:41मैं भी जरा आती हो
18:43तुम का चा रहे हो?
18:49सेफटी कर आई है
18:51जूस तो बनता है न?
18:53तुम बनाओ
18:55जूस
18:57मैं पस यूं किया और यूंआ है
19:15क्या कह रही हो तुम?
19:17सच कह रही हो मेरे सामने ही निकली थी
19:20तुमने बड़ी बाजी को बताया?
19:22समझ गई होंगी जब ही तो बुलाया
19:25तुमने अपने मूँ से तो नहीं बताया
19:27नहीं क्यों?
19:29अच्छा किया
19:30मरना उन्होंने भी तुमें ही जारा बाजी की तरह जुटलाके जलील कर देना था
19:33जारा बाजी ने?
19:35कम?
19:36एक दिन मैं इमान बाजी के कमरे में काम कर रही थी
19:38मैंने जारा बाजी से कह दिया
19:40इमान बाजी तो बड़ी काम चो रहे
19:42लो भाई
19:43जारा बाजी ने तो उल्टा मुझे ही बाते सुना दी
19:45कि मैं कौन होती हूं इमान को बुरा और भला कहने बाली
19:48ये और वो
19:49तो उस दिन के बाद मैंने तो तौबा कर ली कि कुछ भी हो जाए आँखो देखी, कानों सुनी, मूँ से नहीं निकाले।
19:56सई किया।
20:03देखो पिटा, अगर पिछली बातों को दिल में रखोगी, तो तुम्हारा दिल भी दुखेगा। मेरा तो पहली ही परेशान है।
20:12नहीं चची, में दिल में आपके खिलाफ कोई भी बात नहीं है।
20:16अच्छा? तो पिर लेला का पूछनी आई थी, तो मुझसे क्यों नहीं मेहीं।
20:21वो मैंने आपको जाता होगा देखा तो आपको रूपना मुनासर नहीं समझा।
20:25तुम्हें पता है ना, भावी और में बच्चों में कोई फरक नहीं रखते।
20:31जी।
20:33तो अगर भावी नहीं अगर तुम्हें अपनी बेटी माना है, तो क्या तुम मेरे लिए बेटी से कम हो सकती हो।
20:39मुझसे तकल्फ ना किया करो।
20:41मैं जानती हूँ तुम्हारी आहत की बहुत अच्छी दोस्ती है।
20:50जी।
20:51तुम लोग अकसर बातें करते हो।
20:53मिलते हो।
20:54साथ में आते जाते हो।
20:56तो अपनी परसनल सीकर्स भी शेयर करते होगे ना।
21:00कौन से सेकर्स?
21:05वही जए समबर में होती है।
21:07अच्छा चलो।
21:09मैं तुमसे साफ साफ बात करती हूँ।
21:11मैं तुमसे कुछ पूछूँगी तो तुम मुझे सच सच बताओगी ना।
21:17क्या आज ने तुम्हें किसी लड़की के बारे में बताया।
21:25लड़की के बारे में?
21:27हाँ ना लड़की जिसे वो पसंद करता हो या अफेर या कोई शादी वादी करना चाहता हो।
21:33मैं ने तुम्हें अपनी बेटी कहा है।
21:43तुम उसकी दोस्त बनकर नहीं।
21:47मुझे अपनी मा समझकर बताओ।
21:49उसका किसी से चक्कर है ना।
21:52पाने।
21:54ऐसे कैसे हो सकता है।
21:56इतनी दोस्ती है और तुम्हें वो लड़की के बारे में ना बताए।
21:59अच्छा मुझे बताओ।
22:01हाँ हाँ, बताओ।
22:03सब बताओ इने।
22:04तुम?
22:05भलके मॉम, आप उससे क्यों पूछ रही है।
22:07मुझसे पूछती मैं बता देता।
22:15तो ऐसे है के
22:17महबत करता हूँ मैं किसी से।
22:26शादी भी करूँ।
22:28अच्छा में बताओ।
22:34इन फैक्ट, खल पूरी रात वो मेरे कमरे में थी।
22:40कहां है?
22:41बुलाओ!
22:42मुझे मिलना है?
22:43मिलना है?
22:44मिलना है तो आप मिलने!
22:45यही है वो!
22:46यहां?
22:47यहां कहां?
22:48यहां कहां?
22:51यही तो है?
22:53इसी से मुपद तरता हूँ
22:55यहां का अओ
22:59क्या बक्वास कर रहे हु तुब यहां?
23:03क्या बख्वास कर रहे हो तुम्हें
23:15यह आप क्या कह रहे हैं
23:24sorry I was just joking
23:33सुरी इसे बख्वास करने की आदत है
23:46बेटा तुम जाओ
23:48सुनो प्लीज भावी और तैमूर से इस बात का जिकर नहीं करता
23:55फ्लीज बेटा
24:03क्या क्या फलावीर
24:13सुनो
24:30कर दो कर दो कर दो
25:00कर दो कर दो कर दो कर दो
25:30क्या था ये? बता है ना सरा सरा सी बात पर उने माइग्रेन हो जाता है तुम्हारी वज़ा से होता है वो हाँ और तुमने तो नर्विस बेक्डाउन करवा दा था ना लेला क्या ये वाके इतनी बड़ी बात थी
26:00बड़ी बात अम्ही हाथ उड़ाने वाली थी तुम पर शी वस रिली शॉक्ट मैं वो तो थी शॉक्ट और तुम? वो यू शॉक्ट अस वेल? कॉम ओन ब्रो, इनो बार यूर कैलिबर तुम सिर्फ इसका कैलिबर जानती हो इसलिए तमे नान से खड़ी हो इसका करेक्टर भी
26:30मजाक? तुम्हारा ये उबाश भाई एक शरीफ लड़की के सामने उल्टी सीधी बातें कर रहा है और तुम उसे मजाक का नान देकर इसकी हरकतों पर पर परदा डाल रही हो
26:39तो वो शरीफ लड़की भी ना इससे अपनी खुशी से बात करती है कोई जबरदस्ती है असी मजाक नहीं करता उसके साथ
26:44और यसी कौन सी अरकत कर दिया इस ते जो आप इसके कैरेक्टर पर सवाल उठा रही हैं
26:48कोई एक हो तो बताओं उस दिन इसकी गाड़ी में से किसी लड़की का ब्रेसलिट मिला
26:53खुदा के लिए मॉम मुझे नहीं बता वो किसका ब्रेसलिट तक कहां से आया
26:57अच्छा और ये इसकी कोई एक्स्प्लेनेशन है
27:03जो लड़का फोन आया था पास जेप और किये तुम्हारे भाई में किसी के लिए
27:12वो बार
27:14हाँ दो इसमें कैरेक्टर का से आगया
27:16इसमें तो आता है ना
27:18या इसकी भी कोई जस्टिफिकेशन नहीं बनती
27:21हेर पिन है में
27:23ये फीमेल हेर पिन है
27:24जो इसके कमरे में से इसके बेट में से मिली है
27:27आतो वो इसकी
27:30जाहर है इसकी तो नहीं है
27:31ये उस लड़की की हैं जो कल रात इसके कमरे में थी
27:34ये अपनी इनी गलीज हरकतों पे परदा डालने के लिए
27:37उस लड़की से बेहुदा मजाग कर रहा था
27:39ताके हमारा दिहान बढ़ जाए
27:40बेहुदा इसमें कौन सी बेहुद्गी है
27:43तुम्हारा कभी शरीफ लड़कियों से वास्ता पड़े
27:46तो तुम्हें पता चले किया बेहुद्गी होती है
28:09तुम्हें पता चले किया बेहुद्गी होती है
28:39हाले दिल तुमको सुनाए
28:57देखो एमार मैं तुम्हारे लिए चांद तारे तो नहीं दोड़के लास्ता
29:01लेकिन हाँ
29:03तुम्हारी से दिल में रोशनी भरने का बादा जुरुद्ध कर सकता
29:06हाले दिल तुमको सुनाए तु सुनाए कैसे
29:16मैं तुम्हारे बगएर जिड़ नहीं सब्सक्राइब लेकिन हाँ
29:20तुम्हारे बगएर मर भी नहीं सब्सक्राइब
29:22में सब्सक्राइब
29:48चिक कहते हैं हो जो इनके महबद वागी अनुगी है लाखों हर्भों सिदानों में चाहन की तरह मुपरत है सूरज की पहली की रंग की तरह बेबाग चौहन धीरी रात का सीना चीर कर अपने वजूद के अलाग कर देते बेखौफ महबद
30:18कौन एमान मैं हूँ कौफी लाई थी नहीं भाबी मुझे नहीं चाहिए तुम ठीक हो जी मैं ठीक हो मैं बस सो रही हूँ
30:40क्या हुआ पता नहीं दवाजा कट कटा दियूं खोली नहीं पता नहीं क्या हुए तैब यह तुरीक है इसकी आई रोन नो जब से मुसराचाची के घर से आई है अब से दर्वाजा बंद करके बैठी है किसी ने कुछ कहना दिया हो पना काफी को तो कभी मनानी करती
31:01अगर उसे किसी ने भी कुछ कहा होता तो वो मुझे आके बता चुकी होती
31:07दिल में बोक्स रखने वालों में से नहीं हो
31:11मेरे गर्म मेरे रह सकते हो खाना खा सकते हो काड़ी भी उसकर सुथे काश्न देसे तूम पिससे तूम पिससे तूम
31:35कि अप्तार हो समझती है, यह यह तुम्हारा घर नहीं है
31:56और तुम इतनी नाइव हो कि अगर लोग तुम्हे अपनी चीज यूज करने दे रहे हैं
32:02तो डोंच यू रिलाइस को कुछ बदले में एक्सपेक्टेशन रहे हैं
32:27क्या हुआ चाही नहीं पी तुमने बिलकुल थंडी हो गई?
32:33अरे खाला, चाहे तुम्हें पी लूँगा लेकिन पहला मुझसे वादा करें
32:37कि आप खालू से बात करेंगे इमान के लिए, प्लीज
32:39फिर तो तुम इस चाहे को ठंडा ही रहने दो
32:41तुम्हें पता तो है कि तुम्हारे खालों इमान के मुंतालिख मेरी कुछ नहीं सुनते
32:45देखें खाला, प्लीज
32:48लो भला बता, इस इस वक मेरी याद कैसे आगए?
32:53कौन है इमान?
32:55हलो?
32:57अमी?
32:59हाँ बिटा, बोलो, कैसी हो?
33:01मैं ठीक हूँ, अबबा काए?
33:05तुम्हारे अबबा तो नमास पढ़ने गए, क्या हुआ?
33:09नहीं, वो फून नहीं उठाया नहीं
33:13अच्छ, कब तक आएंगे अबबा?
33:15स्पीकर बात क्या करें
33:17स्पीकर बात क्या करें
33:19हाँ बिटा, अभी आजाएंगे, क्या हुआ, क्या काम है?
33:21मुझे बताओ, मैं भी तो तुम्हारी माँ हूँ
33:25वो,
33:27अम्मी मुझे कुछ पैसे चाहिए थे, आब भिजवा सकती है
33:31पैसे चाहिए?
33:33कितने पैसे चाहिए भिजवा दोगी?
33:47कितने पैसे चाहिए?
33:49अरे ने ने ऐसी बात नहीं है, मैं बिजवाद हूँगी
33:51और वैसे भी तुम्हारे अभू अभी दो तीन दिन में आने वाले है ना पैसी के लिए
33:55तो वो लेते आएंगे
33:57दो तीन दिन?
33:59लेकिन अम्मी मुझे तो अभी चाहिए
34:01अभी इस वक्त?
34:03अब अब बबा को कहे ना कि मुझे जरूरत है वह वक्त नहीं देखेंगे
34:22अब बता इस वक्त इतने हजारों लेके कैसे सफर किया जा सकता है?
34:26सफर करने की जरूरत नहीं है मैं तो मुबाइल के जरी दुकान से भीज़ दूँगा
34:29इस तरह चले जाएंगे?
34:31हाँ हाँ वो चले जाएंगे मैं समझा दूँगा है
34:36क्या जरूरत पड़ गई सकते से?
34:59क्या तुम्हें भी मॉम की तरह लगता है कि मैं
35:07मैं बेवगूप नहीं हूँ
35:09तुम्हारे बारे में कोई कुछ पिक है और मैं येकिन कर लूँगी
35:13चाहिए वो कोई हमारी माहि क्योनगा वुग थी ज़ियो नगया ?
35:17ज़र बात उमारे के रिकथर की थी है तो येस
35:20चाहिए वो कोई हमारी माहिक थीयोगत रुद माय।
35:25THANKS
35:27तिकिन अनकी सब बात फिल्फे हुने के बाबदूत है
35:31एक बात तो बिल्कुल ठीक-ठीक
35:34वो क्या?
35:36तुम्हें इमान को इंवाल्ड नहीं करना चाहिए तो है
35:43तुम्हारी लिए कह रही हूँ
35:46मुश्किल में बढ़ जाओगे
35:47इमान की विलस है
35:49नो वे
35:51तायमी ने डिनर पे बुलाया
35:54तो?
35:55तो यही के इमान दमा की बुद्धू है
35:57सब कुछ बढ़ दिया होगा
36:00बुद्धू नहीं हो
36:04बहुत समझतार
36:06राइट
36:07जरा सबसर पर हाथ पे रो सब कुछ बढ़ देती
36:11बेवगुफ
36:24इतनी बत्रमेजियों के बावजूद भी भावी
36:28आप ही हैं जो इतना प्यार कर सकती हैं
36:31मेरा तु दिल इतना मस्बूथ नहीं
36:34कि मैं रोज रोज चोटें खाऊ
36:36अच्छा उसे अपनी ताथ फंवाना नहीं
36:39नहीं खाली मस्बूथ नहीं
36:41पर आपी घंघ पटा हूंसे है
36:45लेहरा बचमन में कभ तुमारे रोब में रोजाएगी
36:47तुमने सोचा कि वो अब ही तुमारे रोब के अंदर आजाएगी
36:52तो मुझे रोब में लेना क्यो है भाई
36:56भी तुम उस वरा के बात क्या करें
36:58जब तुमेश्या तंस
37:00अब ठीक है?
37:06इमान का है, मैं जड़ा देख लो.
37:12नसुम,
37:14जितनी चल्दी से अपनी रोटीन हो गाएंगे,
37:17जितनी चल्दी तुम्हारे गड़ में लाइफ देगी.
37:20हाँ, वैसे तो जैसे ये अपने बाप के गम में घुले ही जा रहे हैं न?
37:24तो क्या चाहत परते हैं? तुमाही तरह खाना तीना छोड़ते हैं, ऐसे बैड चाहें?
37:29ये अपनी हरकते हैं छोड़ते हैं, ये ही काफिर.
37:32खाना छोड़ेंगे.
37:34सारी वसिये थे कि अब मेरे लिए होती है गाया में इसे भी कुछ कह लिया करें.
37:38तो क्या हुआ है?
37:39तो बूखी सो रही थी, कह रही है कि दिली नहीं जा रहा?
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