00:00वालिदा वालिदा वालिदा हाली मा क्या हो अब बेटी आपको पता है पूरे बाजियान में मुझसे बहतर जंग्जू कोई नहीं है लेकिन फात्मा ने मुझे एक लम्हे और आम नहीं करने दिया
00:18इस बात पर अब कोई बहस नहीं होगी बात सुनो एक अच्छा जंग्जू बनने के लिए तो यह सब करना ही होगा
00:26फात्मा अब यह सब छोड़ो मैं तुम दोनों को एक काम देती हूँ
00:35वालिदा कौनसा काम है तुम दोनों को आज रात का खाना बनाना है मतलब अपने बाबा के लिए दस्तरखा सजाना है
00:45खाना बनाना है लेकिन अभी तो सीख रही हूँ वालिदा मैं
00:49वालिदा जड़ा सोच ले ऐसा नहों अमभू के रह जाए आप भी ना कुछ तो कौफ करें अरे फात्मा मैं तो मज़ाग कर रही थी वालिदा मैं इनका हाथ बढ़ा देती हूँ नहीं नहीं वालिदा ये खुद सब कुछ करेंगी करना होगा
01:09यानि मुकाबला होने वाला है देखते हैं कौन सादा माहर है है ना बारा खातून बसकरो बहुत जबान चलती है तुमारी अब ही बताती हो तुम्हें कैसे कैची के तरह जबान चल रही है आलकर आराम से बेटा कोई बात नहीं गाशी क्या ख्याल है मेरी बेटियों हो जा�
01:39है उनसे पोचले वो खाएंगे या नहीं ठीक है हली मेरी बेटी आज तुम्हारी महारत देख लेते हैं वालिदा बाबा कहां है पता नहीं फात्मा शाबाश जाओ अच्छा खाना बनाऊंगी मैं बाबा के लिए अच्छा तो भाग कर कहां जा रही हो सुना नहीं मिलकर त
02:09झाल से थाल सा बड़ मिलकर अभा कर कहां हुआजा खादब
02:39एए मुसाफिर, क्या इरादा है?
02:56गिजललमका
02:57और मन्जिल, क्या है?
02:59शहादत है
03:00विशाल, किस से होना है?
03:03वतन से
03:03वतन, वो कहा है?
03:05ये पूरी दुनिया वतन है
03:07ए मेरे मुंतजर
03:12गोड़ों की टापों से चिंगारियां उड़ाने वाले
03:14और तलवार से इंसाफ लाने वाले लशकरों की कस्तम खा कर बताओ
03:18किजललमा किस तरफ है?
03:24उस जाने
03:37क्यू जाने
03:46रिटमा जाने
03:46अ जाने
03:48जाने
03:52असलाम आलेकूम आलेकूम आलेकूम तश्रीफ रकी उस्मान सरदार शुक्रिया
04:12अर्तुनल गाजी की जानशीन उस्मान सरदार खुशी है कि आब हमारे अतमाद पर पूरे उतरे
04:27दूल चटाई मंगोरों को बाजनतीनियों को खून तुकवाया हर महास पर फाते ठेरे
04:34शुक्रिया बहुत शुक्रिया ये फताह ताकत और जोर से नहीं इमान से हासल हुई
04:41दीने मुबीन इसलाम को पहलाना हमारा मकसद है और ये सईय पहम जारी रहेगी हमेशा
04:48बहुत शुक्रियों अस्मान सरदार हमने देखा सुना भी और यकिन हो गया
04:54लेकिन जान लीजिए कि इन सब के बाद मुश्किलाद से भरपूर दिन आपके इंतिजार में हैं और ये दिन आपके मुस्तक्बिल का फैसला करेंगे
05:06दुश्मन हार तो गया है लेकिन फिर से ताकतवर हो रहा है पूरी गुवत से हमला करेगा आप पर
05:16ये जंग हरगिस कहत या बहतर मैशित की नहीं है वुजूद के रहने या मिट जाने की जंग होगी
05:26रहती दुनिया तक रियासत काईम रहे उसके लिए मेहनत कर रहा हूँ
05:31हमें माउथ का हरगिस भी कोई खौफ नहीं अब कोई भी आज़े निमट लेंगे
05:38लेकिन इस जंग में आपके खौन बेहने की वेकदार दिन बढ़ती जा रही है
05:48इस अजीम जिद्धो जोहद में आपको बड़े सख्म लगने वाले हैं
05:53आपके मौजूदा सिपाईयों की तादाद कम हो रही है
05:57मैं जानता हूँ
06:00जानता हूँ
06:01सब जानते हुए भी उस्मान सर्दार
06:04तो फिर हमें अख्तियार की जाने वाली एक्तियाते तदावीर बता है
06:07यकीनन वो बेडियों में जगड़ा जाता है जो दलवार नहीं उठाता
06:18खांदान से बेबहरा सिपाही रियासत के मस्तविल के लिए खतरा हो सकता है
06:23और यही सबब है कि उन कमारे सिपाहीं के जल्द ही घर बसाए जाएंगे
06:29नसल बढ़नी चाहिए रियासत में मौझूद हर नौजवान को ये करना पड़ेगा
06:36नहीं आने वाले नसल हमारी रियासत और हमारे मकसद को हमेशा थामे रखेगी इन्शाल्ला
06:45जीते रहें उसमान सर्दार जिस तरह कुफार के तादाद बढ़ रही है
06:50आपको उनकी बराबरी के लिए इसे तरह के अगदाम करने होंगे
06:55रियासत के मानी वाज़े हैं हर लम्हे मुस्तक्बिल के फिक्र करना
07:02तादाद कम होने का मतलब है फणा हो जाना
07:08नई नसलें उमीद हैं हमारी ऐसा ना हुआ तो आजादी कोसों दूर होगी हमसे
07:19इस मौामले में हम आपका हर मुम्किन तरियके ससाथ देंगे
07:24आपके सिपाईयों के तादाद मिजाफे के लिए इराक से और हलब से तुरकमान दस्ते रवाना हो चुके हैं
07:31उनको रिहाईश फराहम करने होगी तलवार उठाने के लिए सिपाई तिजारत के लिए ताजिर मुएसर होंगे
07:41और यू हमें जंग के साथ साथ तिजारत में भी काफी हद तक डाल मुएसर जरूर होगी
07:49किसी भी रियासत के लिए महसूल शहरक का दरज़र रखती है उसमान सर्दार ये अच्छे मुस्तख्बिल की जमानत है
08:00बेशक आपने बिल्कुल दुरस्त फरमाया
08:03तुरकमानों को हम सराँखों पर बिठाते हैं वो बिल्कुल आएं जरूर आएं
08:10कब पहुँचेंगे अगर मालूम हो जाए तो हमारे लिए असानी हो जाएगी
08:15पंद्रा दिन के बाद हम आपसे फिर मुलाकात करेंगे
08:19तलवार की ताकत से हासिल होने वाले नए फतुहात के मकामात पर हम आपका इंतिजार केने गुस्पान सर्दार
08:25बिलकुल शुक्रिया है
08:27हम आपको फतुहात की खुशकबरिया सुना रहे हैं
08:31तलवार मियान से निकान लीजिए
08:34इंसाफ का परचम आसमान तक बलंग कर दीजिए
08:38इंशालाओ
08:39सल्जूकी सल्तनत का जब जब जबाल हुआ
08:42तो तमाम सर्दारान लड़ पड़े एक दुसरे से
08:45तुरकमानों की ताकत की जमानत बनने के बज़ाए
08:49सब खुद को सर्बरा समझने लगे
08:52और अना के राह पर चल पड़े
08:55हाँ बेशक
08:57लेकिन आप उसमान सर्दार
09:00आपने तुरकमानों के लिए इसलामी पर्चम के इंतखाब किया
09:04कुफार से तनहा लड़ते रहे
09:08इसलिया बाप को तुहात की आग रोशन कीजी
09:13ऐसी अजिम उशान आग के
09:19जालिमों की राक
09:21मजलूमों की उम्मीद साबित हो
09:24इंशाला
09:26ये सरदी खित्ता तुरकों के घोडों की टापों से गून जाना चाहिए
09:31आगे बढ़ी उसमान सर्दार
09:36आगे बढ़ीये के भद्दारी का परदा चाक हो जाए
09:41इसलाम का निजाम इंसाफ पूरे आलम में पहल जाए
09:56कुफार को शिकस देंगे
10:12कुफार को नेस्तो नावूद करेंगे
10:16कसम खाता हुए
10:18तुरकों की अजीम शान रियासत होगी
10:21या रियासत काइम करेंगे
10:24या किदों की खुराकों ने जीते हैं
10:29सरहदी खिते में अदल औ इनसाफ कायं करने वाले
10:43सरदारों के सरदार उस्मान सरदार का
10:46सलाम लेकर आया हूँ
10:47वालेकुम असलाम
10:49उस्मान सरदार ने कल जर्गा बलाया है
10:52जिसमें आप और आपके माताहद सरदारों को मदू किया गया है
10:56आईकुत चाउश, उस्मान साब का सलाम
10:59और उनका हमें दावद में बुलाना हमारे लिए बाई से फखर है
11:03लेकिन उस्मान साब ने ये जिर्गाब बुलाया क्यों है
11:07क्या इसके बारे में तुमें कुछ मालुमात है
11:10मुझे नहीं मालूम कोजा सरदार
11:11उस्मान सर्दार ने सर्दारान को मदू करने का हुक्म दिया है
11:15जो हुक्म उस्मान सर्दार का
11:17बहुत शुक्रिया
11:19उस्मान सर्दार कल तमाम सर्दारान के मुंतजर होंगे
11:28और उन्होंने कहा दिवान में आपको भी शामिल होने का हुक्म दिया जाए
11:32फात्यों के फात्य
11:33उस्मान सर्दार ने
11:35तमाम सर्दारान को बुलाया है
11:37यानी कोई आहम मामला है कयूमास
11:39मुझे नहीं म hopना सर्दार
11:41मुझे सरिफ प्रयकाम पहुंचाना था
11:43कल सुबा दिवान में आपको
11:44सबकुछ मौलुम हो जाएगा
11:46ठीक कहा कयूमास
11:48उस्मान सरदार का हुकम सरांकों पर
11:51इजाज़त दे
11:52ये अचानक से दीवान का फैसला समझ नहीं आया
11:58जाएंगे तो समझ आ जाएगा
12:00क्या वाकई भाई आपको इस दीवान के बारे में कोई इल्म नहीं था
12:05अभी ही पता चला है मुझे कोई इल्म नहीं था इसके बारे में
12:08लेकिन सब सरदारों को बुलाने का मतलब है के
12:12मामला कुछ एहम है
12:14उस्मान सरदार इस बार कोई बहुत बड़ा फैसला करने वाले हैं
12:20यकीनन
12:20इसका मतलब
12:24इजाज़त दीजे भाई
12:30मैं कल की तैयारियां देख लू जाकर
12:33रुको
12:44साइध
12:50फॉरन गलाडियस को खबर विजवा
12:54बहुत ही जरूरी मालूमात उसे देनी है
12:57जो रुको
12:58जल्दी से जाओ
13:01मुझे गोश्ट बनाने के लिए दे दिया
13:12और खुद गंदम का दलिया बना रही है
13:15असान काम खुद चुनकर तुमने अच्छा नहीं किया
13:18बस कर दो फात्मा उसे तंकरना बन करो
13:22देखो ये बिचारी तो अभी सीख रही है
13:24कितना मुश्किल लग रहे है ऐसे ये काम करना
13:29ऐसा भी कुछ मुश्किल नहीं है
13:31मैं बहुत जल सीख जाओंगी
13:32मुझे पानी डालना होगा ना इसमें
13:40कितना पानी डालना होगा
13:42अरे अभी तो बताया था लड़की
13:45बाला खातुन ने मना किया इसलिए मदद नहीं कर सकती
13:50बर्तन तो देखो इसका जरा
13:52हलीमा मेरी बच्ची
13:55हलीमा मेरी बच्ची
13:57यह दलिया तो कम लग रहा है
14:00थोड़ा ज्यादा बना दो ना
14:01यानि ऐसे नहीं
14:04मतलब ज्यादा
14:06नहीं समझे
14:11अरे समझो क्या कह रहीं
14:13थोड़ा और पानी डालो उसमें
14:15हलीमा रुको जरा
14:19जितना पानी तुमने डाला इससे कुछ नहीं होगा
14:29यह देखो
14:31सारी चीज़े डालने के बाद फिर पानी डाला जाता है
14:33इस तरह
14:38देखो तुम्हारी चक्कर में मेरा गोश्ट चल जाएगा
14:41पातमा
14:44तुम मुझे दुखी देखना नहीं चाहती न
14:46बात सुरू
14:47मुझे तुम्हारी नहीं बाबा और वालिदा की फिकर है
14:50ताके वो लो भूके न रह जाएए
14:52तुम पर छोड़ दिया दो
14:53समझो काम हो ही गया
14:55हलीमा तेल, हलीमा तेल
15:02तेल डालो ना, डालो
15:05मैं बोल गई थी
15:07हाँ
15:09अब नमक डालना होगा ना इसमें
15:11हाँ हलीमा लेकर आओ जलती
15:13जाओ
15:14दोड़ो हलीमा दोड़ो
15:15कहीं मेरा सालन न जल जाए
15:17मेरा बावर्ची खाना तो मैदाने जंग बन गया है
15:31बहन अगर जहमत ना हो तो ये बेलन उठा के दे दो कि मुझे
15:34हाँ, शुक्रिया, गाजी
15:36ठेचाओ, आने दो अपने बाप को गाजी
15:39कैसे मुकाबले में लगा दिया बिचारी लड़कियों को
15:42ये तो अच्छा है, मुकाबला हो रहा है
15:44और इससे हमारा पेट भी भर जाएगा
15:46अच्छा, इतने नदीदे हो के कभी पेट भरी ही नहीं सकता तुमारा
15:50पूरा बाप पर गया है
15:52मुझे तो बहुत भूख लगी है, गाजी
15:54क्या तुम्हें भी लगी है
15:56फिकर करने की ज़रूरत नहीं
15:58हर्गेज नहीं, हमें बहुत सारा खाना मिलने वाला है
16:00बिल्कुल फिकर मत करो
16:02वानिता
16:04आओ पेटी
16:08वो दोनों खाना कम बना रही है और लड़ साथा रही है
16:12मैं तुम्हें कह रही हूं
16:14मेरे काम में मदाख़त मत करो
16:16याला
16:18ये नमक कहा चला गया
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