00:00तुर्क दास्तान बनने वाले इस कबीले के अजीम बहादूर दुश्मनों के उपर कहर की तरह नाजल होंगे
00:13अधियार बहादूर थामता है और बात सरदार की होती है उगोस
00:19कहीं हमारे सरदारान उस्मान सरदार के हुकम पे शहीद ना हो जाएं
00:24चचा क्यों कह रहे हैं ऐसा तुर्क के दिल में खेमा जनी एक रियासत का मालिक होना हमारा हक है और गोस
00:34आँ चचा काश के मेरे बाबा आपके ये अलफास सुन सके है
00:50मेरी वालिदा की निशानी है वो यहीं कहीं होगा चलो तलाश करते हैं उसे
00:54क्या ये तुम्हारा है काई लड़की ये तुम्हारे पास कहा से आया नहीं मालूम इसलिए तो पूछा है
01:12दे दो मुझे ये
01:18क्या कई हमेशा ही इतने वरम होते हैं
01:20क्या मतलब इसका तुम होते को अनजस पर खुसा करूं मैं ये मुझे दे दो वर्ना
01:26मेरी नेक नियती का मुझे सिला ऐसे मिलेगा
01:38नेकी नेकी तो मैंने तुम पर की है तुम्हारी इस हरकत के बावजूत खुद को रोका हुआ है
01:44वरना इसका भरभूर जवाब दिया जाता अपना काम करो जाके
02:05कौन था वो तुम जानती हो उसे क्या जानना जुरूरी है उसे
02:11अगर कोई मुझसे बात करने की इतनी जुर्ट रखता है
02:15तो जरूर वो कोई पागल है
02:18किसी बेवकूफ की तरह बात कर रहा था मुझसे
02:20ये भी तो हो सकता है
02:22तुम्हें देखते ही होशको बैठा हो आपने
02:24हलीमा
02:27जो देख रही हो वो ही कह रही हो फात्मा खात्मु चलो यहां से
02:31उस्मान सर्दार
02:39उस्मान सर्दार फिर कोई मनसूबा बना रहे है
02:47जो होगा देख लेंगे
02:49बिस्मिल्ला हिरे मान रही
02:53भाई जान
02:57बाबा
02:58मेरे शेव
03:02आपके बुलाते ही इसने फौरान आने की जिद्की भाई जान
03:06तुर्क तारीख में शामिल होना है मुझे
03:09इस जंग में आपके शाना बशाना खाड़ा होना चाहता हूँ
03:11बहुत अच्छा किया मेरे बिटे
03:13जो इस जड़ो जहद में अपनी जिम्मेदारी निभाने आ गए
03:16कभीले में ये तैयारियां ये हल चल
03:20किसली हैं भाई जान
03:22क्या ये अनाच की कटाई का वक्त है
03:25नहीं, सिपाहियों से कहो
03:28कि वो तैयार रहे
03:29खैरियत तो है, क्या जंग है
03:32बताए मुझे
03:35बता दूँगा
03:38शूरा के जिर्गे के बाद
03:39जिर्के के बाद
03:46अर्थरुल गाजी के बहादूर सिपाही
03:54बहुत सुना है आपके बारे में
03:58खुशी हुई आपसे मिलकर
04:02बहुत शुक्रिया कोजा सर्दार
04:06शुक्रिया खुशी हुई
04:08खुशी हुई उस्मान सर्दार
04:17अस्सलाम अलेकू आपको यहां अदू किया गया
04:35और बगेर सवाल किये आप तश्रीफ ले आए खुश रहिए
04:38आज हमारा ये मुनक्द होने वाला दीवान
04:44खाई और बहुत से तुर्कों की तकदीन मतायन करेगा
04:49आप सुभी वाकिफ है
04:52कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता
04:54जब इन सरहदों में निजाम और तवाजन न बदले
04:58मगर हक का रास्ता जिस पर हम है
05:02उस पे चलते हुए हकीकी निजाम लाएंगे
05:05काफिर शेहन शाDoes ने आपको काफी सारा सोना दिया है
05:10हमने ऐसे सुना है सरदार
05:12क्या यह उन काफिरों की कोई नई चाल तो नहीं है
05:16समझ नहीं आ रहा
05:18कि आखिर वो निजाम को किस तरफ मूरना चाते है
05:21सिर्फ सोना ही नहीं लिया
05:23गला भी लिया है
05:24अजीम चेहन शांदरो निकोस से मुआहदे के मुदाबिक
05:33खुरेजी के बगएर एक भी शहादत के बगएर
05:39काराजा बेश खला तुर्कों की मिल्कियत हो गया
05:45यकीनन इस खले के मगरिबी रास्ते से बुर्सा को हासिल करना हमारे लिए बहुत आसान हो जाएगा
05:57बिल्कुल ऐसे ही है और यही सबब है कि काराजा बेश खले में फौरी इंतजामात करने होंगे
06:03अब ऐसा है कि क्लाडियोस को उस खले के बारे में जैसे ही पता चलेगा
06:08वो यकीनन बुर्सा के लिए उसे खत्रा समझते हुए
06:13जरूर हम पर हमला वर होगा
06:19काराजा बेश की हुक्मरानी और उसे मज़ूद बनाने की जिम्दारी
06:26और हम तुम्हारी है
06:31जर्कुताए वहां पहुंच चुका है
06:34तुम भी अपनी खातून को साथ लेकर वहां के लिए रवाना हो जाओ
06:40जो हुक्म सर्दार आपकी इजासत हो तो मैं जाकर तयारी करता हूँ
06:46हाँ मिलकु मिलकुँ
06:47शेहन शाह ने हमें इतना बड़ा कला इनाम में दिया सर्दार वो इसके बदले क्या लेगा हमसे ये समझा नहीं मैं
07:03मंगोलों का लशकर जो मगरिब से हमारी सरहदों की तरफ आ रहा है उससे रोकने के लिए और अपनी रियासत की हिफाज़त के लिए ये नागुजीर जंग होगी
07:13अब शेहन शाह जो भी सोचता है वो सोचे मगर हम इस सोने से लशकरों को दो हिस्सों में माटेंगे
07:33जानते हो ये फर्मान क्या माईने रपता है शायद नहीं जानते हैं ये फर्मान इस खले को बगहर किसी मिज़ा हमत के
07:53बिला शर्तों मौाहेता सपुर्ट करने का हुकम देता है
08:03सिपाईयों इन सिपाईयों को बाहर का रास्ता दिखाओ ताके ये सब यहां से निकल जाए जलो
08:17इन जंडों को भी उतार दो जमीन और आस्मान हमारे शानदार पड़्टम से रोशन होंगे आज सारा जहान जान लेगा कि अस्मान सरदार ने ये खला बगहर तलवार चलाए फता कर लिया ये उनकी हिकमत की निशानी है
08:35मतलब शेहनशा के दिये गए सोने के जरीए से आप उस गलाडियोस को अपना हलीव बना कर उस कुजार की सफ से जुदा कर देंगे
08:47फिर इसी चाल के मताबिक जैसे ही बिल से बाहर निकलेगा आपने सरकलम कर दिया जाएगा यही इरादा है न सरदार
08:55वो यकीनन हमें गाफिल समझेगा लेकिन बेशक असल गफलत का शिकार वो खुद होगा
09:04मंगोलों का लशकर खबर आई है कि वो खुफिया पेश कदमी कर रही है
09:10हमारी मनसल क्या होगी
09:25हमारी तलात के मुताबिक मंगोल लशकर इन सरहदों से गुजर कर हमारी हदूद में आएगा
09:38और फिर यहां से किस तरफ जाएगा वो नहीं जानते हैं हम अगर उनकी रास्ते का दायून हम करेंगे
09:47सर्दार यह कैसे होगा लशकर भूका तो रह सकता है लेकिन प्यासा हर्किज नहीं रह पाता
09:57और यही वज़ा है कि इस खित्ते के तबाम कुओं को नाकारा बना दिया जाएगा
10:04और फिर सिर्फ यही रास्ता है जो हम खुला रखेंगे और वो ही होगा जो हम चाहेंगे
10:10यह तो चम्लजा का इलागा है सर्दार
10:13बिल्कुल ऐसा ही है वहां के नदियां और दुश्वार चटाने उन्हें अपनी तरफ खेंच लाएंगे
10:19और इस तरह वो सभी हमारे जाल में खुद आ जाएंगे
10:23क्या खूब अकलुदान इश्पाई है आपने
10:26बराबरी हमें सच्टी नहीं है लेकिन
10:30मगर उनके साथ ऐसा ही करना होगा
10:34मुझे इस खिद्मत का माका दीजे आप
10:40इंशाल्ला इंशाल्ला
10:43तो इस सुरत
10:49अलाव दीन और तोरहान
10:53लशकर की कमर तोड़ना आप सब की जिम्मेदारी है
10:58जो आपका होकम सर्दार
11:00जो आपका होकम
11:02और तुम मेरी बात सुनो तोरहान
11:06अब मैश्रिक से चाहे कोई हो
11:14अपने हमरा सिपाहियों के साथ आने की इजाज़त मद देना
11:17सिर्फ विरॉसमन सिपाही होंगे तुम्हारे साथ
11:20ये तुम्हारी जिम्मदारी है
11:22इन सरहदों के लिए
11:26मेरे कमांदार तुम होगे
11:30मेरी जान
11:31आलम इसलाम के लिए कुर्बान है सर्थार
11:34कसम खाता हूँ के
11:35मैं इस फरीजे के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर दूँगा
11:39एए शुक्रिया, शुक्रिया
11:41मेरे बाबा के साथ ही दुर्गुद घाजी ने
11:46तर्बियत याफ़ता सिपाहियों को भी शिकस से दोचार कर दिया
11:50सिपाहियों की मश्क तु ठीक है
11:55मगर मश्क के साथ तर्बियत भी दरकार है
11:58मैं चाहता हूँ
12:01कि आप इन सिपाहियों की तर्बियत करें
12:04जितनी हड़ियां तोड़ेंगे आप इनकी
12:08उतने ही ये काबिल होंगे
12:10ये हुकम सराँखो पर
12:13जिम्यदारी बाखु भी निभाऊंगा
12:16शुक्रिया शुक्रिया
12:18तो चलिए भेर
12:20हर कोई अपनी जिम्यदारी बाखु भी निभाए
12:22ये वक्त जिहाद है
12:27इंशाला सतार
12:46भाई जिर्गे में क्या फैसला हुआ
12:48क्या हम अपने सिपाही इन के हवाले करने वाले हैं
12:51हमारी सरहदों पर अपने नापाक कदम रखने वाला
12:55मंगोल कमांदार होरो कुजार
12:58उस बखत बखत को उसके के की सजा देने का वक्त आ गया है
13:03मौका मिलते हैं उन काफिरों को इस मिट्टी में दफन कर देंगे बाबा
13:08तुम यहीं रहोगे मेरे बेटे
13:17क्योंकि कबीले की हिफाज़त के लिए भी बहादूर सिपाहियों के जरूरत है
13:22मेरे शेर बेटे
13:24उस्मान सरदार
13:29सरदार
13:31कोचार को खिरा देगा
13:33होश यार
13:35उस्मान सरदार
13:49हे लोगो
13:51मेरे सरदारां
13:53सिपाहियों
13:55हक के नाम पर
13:57रियासत की इज़त के लिए
13:59जानिसार करने वाले दिलेरो
14:01आज का दिवान खत्म हो चुका है
14:05अब ये
14:07अब ये जिहाद का वक्त है
14:09हम आपके साथे सरदार
14:11हम आपके साथे सरदार
14:13बहुत से आए
14:15और हमारे साथ
14:17घटारी की
14:19बहुत से ऐसे थे
14:21जो दूर दराज से फसाद लेकर आए
14:23और सबका
14:25सबका मकसद
14:27तुरकों को गुलाम बनाना था
14:29तुरकों को मिटाना था
14:31ये सवाल है आपसे
14:33कि आप लोग ये सब गवारा करेंगे
14:35हरके नहीं सरदार
14:37हरके नहीं करेंगे
14:39कभी नहीं करेंगे
14:41ये शक नहीं करेंगे
14:43हरके भी नहीं
14:45तुरकों की आजादी
14:47और अमन पर उठने वाला हर हाथ
14:49कोई शक नहीं के खाफिलों का हाथ है
14:51एए इस्वाम का जंडा उठाने वाले मुझे आही दो
14:58जामाजो मेरे दिलेरो
15:00चाहे कुछ भी हो जाए
15:04एरगिस किसी मुहास पर सर मत जुगाना
15:06जो कोई मैली आंग से देखे
15:09उसे दूसरा मौका मत देना
15:11इमान की ये तहकती हुई आग
15:14भर दुश्मन को चलाकर राक कर देगी
15:17और ये तलवार
15:28दुश्मन के लिए हत्यार
15:30और हमारे लिए भाई की मानन धाल है
15:34वो मौचोन के लिए खौफ है
15:36हमारे लिए शान और ईद की मानन है
15:39शहादत और खाजी का रुत्मा
15:41सिर्फ हमारा मुकदर है
15:43हमें फत्रह से हम किनार करनेवाले
15:46उस हग जात के लिए जानभी कुर्बान है
15:49अल्ला हुआकबर
15:51ALLAHU AKBAR!
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