00:00बहुत किस्मत वाले हो जो मौका तुम्हें मिला वो इस शहर में किसी को भी नहीं मिला सिक्क्य तो कई बार उच्छाले लेकिन जीवन में पहली वाद टेल साते देखा
00:13काश आज कोई लोटरी ही खरीद लेते जाने दो अभी अपना सामान बांधो पहली ट्रेन पकड़ो और निकल लो
00:20फोन उठाओ और अपने बॉस से बात करो बोलो पोस्टिंग बदल दे और फटाफट यहां से निकल जाओ
00:26सर अब पहले से ही ऐसे यह डर ने आपको ऐसा बना दिया
00:29बेटा यह माचरला है जब तक डर है तब तक जिन्दा है
00:44अरे अंटी आप यहां अंदर आईए ना कैसी हो बीटी मैं ठीक हूँ आप कैसी हैं हम सब भी ठीक हैं
00:51आप लोग यहां क्यों आए हैं अरे यह क्या यह चोड कैसे लगी इसे खरोच है बस इसे क्यों साथ लायो आना ही था यह कह रही थी किसके फोन नहीं उठा रहे हो तो बस इसलिए यह हमारे साथ यह टपक पड़ी
01:06आई निदी कैसी हो तुम अच्छा पार्टी गुस्से में है अरे नरेंद्र कितने सालों बात देख रहा हूं तुझे यह तो सही अचानक कैसे धमक पड़ा इसकी वजे मेरा यह नालाइक बेटा है
01:22वो तेरा बेटा है यह क्या जी आप दोनों एक दूसरे को जानते हैं जो रे नरेंद्र इन्हें मेरे बारे में नहीं बता है बहुत से बात है इन्हों ने चुपा कर रखी है मैं बताता हूं असल में हम दोनों एक साथ
01:34सच कह रहा हूँ, हाथ पैर सुन हो गए थे, आखों के आगे अंधेरा छा गया थे
01:39मेरी तो मजबूरी है यहां रहना, यहीं पैदा हुए, यहीं मरना है
01:43लेकिन तूने क्यों अखली में सर डाल दिया
01:45अरे क्या करूँ यार, गलती हो गई मुझसे
01:48चहरा देखकर थोड़ी पता लगता है वो कितना खतरना है
01:51यह बता सुरेंद, अब मुझे क्या करना चाहिए यार
01:54बताओं तुझे क्या करना है, अगर सांसे सलामत रखनी है
02:00तो तू यहां से गाइब हो जाए
02:02बाप बेटे उत्तर दक्षिन है, मेरी बाप तो तुने तुरंत मान ली
02:06लेकिन तेरे बेटे के कानों पर जू तक नहीं रेंगती
02:08क्यों, क्या हुआ
02:10क्या हुआ, शेहर में आते ही उसने राजन से पंगा ले लिया
02:14तु सही समय पर आया है, अब तू ही समझाओ उसे
02:18मेरा बेटा भी बहुत जिद्धी था
02:21उसे हमने हमेशा के लिए खो दिया
02:23तुम अपना खयाल क्यों नहीं रखते हुआ
02:29है सेदू, हाँ पापा
02:30मैं दिल से चाहता था कि तेरी पोस्टिंग इस दिले में ना हो
02:34पर आखिरकार तू यहां आ ही गया
02:37अब यह कैसे भी हुआ पर अच्छा नहीं हुआ
02:40बहुत हो गया
02:42हमें लड़ाई जगड़ा नहीं चाहिए
02:45मेरी बात मान, यहां से चलते हैं
02:48अहां सिद्धू, चलो अपने घर चलते हैं
02:50ठीक है पापा, घर चलते हैं
02:55लेकिन घर जाने से पहले
02:57अपने भाई को खोने वाली स्वाती की तरफ देखिए
02:59उस नन्ही बच्ची की आँखों में जहाकियें
03:01जिसने अपने बाप को खोया है
03:02उसके बात पापा, हम घर चलेंगे
03:05यह किसी एक परिवार की समस्या नहीं है
03:12पूरे जिले की समस्या है
03:14मैं कहीं नहीं जाने वाला
03:16इस जिला के कलेक्टर का चार्ज लेने वाला हूँ
03:19यहाँ जुल्म का विरोध करने वाला कोई नहीं था
03:22लेकिन अब है
03:23सर, जब भी इलेक्शन्स होते हैं
03:35तो मैं पार्टी को फंड जरूर देता हूं सर
03:36लेकिन पार्टी ने मुझे कभी टिकट नहीं दिया
03:39यह इलेक्शन मुझे भी लड़ना है सर
03:40सर, मैं किसी भी कीमत पर यह इलेक्शन लडने को तयार हूँ
03:44देखिए, सारे उमेदवार घोशित हो चुके हैं
03:47उन्हें बीफर्म भी दे दिये गए हैं
03:49एक सीट है जो अभी तक खाली है
03:51कौन सीट सर, कौन सीट बताईए तो
03:54माचरला
03:55अपनी चान क्या रही है, लड़ना कोई चुराओ नहीं आरेंगे
03:57अगी तो चुराओ लड़ लूगा सर
03:59इस बाहर भी चुनाव निर्विरो जीता जाएगा
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