00:00नाचती हुई आलू
00:01एक सर्द शाम थी
00:03फरीज के अंदर हर चीज चुप चाप रखी हुई थी
00:07लेकिन अचानक एक आलू नाचने लगा
00:10वो चश्मा पहने खुशी-खुशी नाच रहा था
00:13गाना गुंगुना रहा था और खुद ही अपने धन पर जुम रहा था
00:18पास ही रखा दूद का डब्बा हैरान होकर बोला
00:20ये क्या हो रहा है तुम फरीज में नाच क्यों रहे हो
00:25आलू ने बड़े एतिमाद से जवाब दिया
00:28भाई में तंदूरी डांस सीख रहा हूँ
00:31जल्दी ही ओवन में जा रहा हूँ
00:34तो सुचा क्यों ना कुछ स्टाइल के साथ जाँ
00:36ये सुनकर सबजियां खुश हो गएं
00:39टिमाटर गाजर मतर सब ने तालियां बजाना शुरू कर दी
00:43चल्लू आलू
00:45चल्लू आलू वो सब शोर मचाने लगे
00:48आलू ने एक जबरदस्त कलाबाजी लगाई और बोला
00:51आज का खाना सिर्फ मज़ेदार नहीं होगा
00:55बलकि थोड़ा नाचता हुआ भी होगा
00:57और यूं फरीज का सुकून शोर में बदल गया
01:00क्यूंके
01:01आलू के भी खाब होते हैं
01:04करारे मसालेदार और काविल बनने के