00:00के हा वसरे
00:06ठुटचाप निकाल परणे हामार तसला
00:07� offense,kay यारँ यहा बारगा �ंजा लिखो
00:10तु तसला का पिछ पेढ़ा होगे
00:13यह संभ्केत्रों को
00:16तसला का पईशा निकाल
00:19क्ला चूल आप सिया प्सक्षा
00:22बॉल भाई
00:24पईशा देह क रोगे
00:25के है बोला
00:28के दी तसला का पाईसा चाहिए?
00:30पाईसन पाईसा
00:31अरे तसला काया?
00:33के छिन लखा?
00:35मॉनिया
00:36वाक तरी
00:37तो मॉनिया से ना माग, हमनी से कथी मागा तरी
00:40एचार चाल
00:42पाईसा लीहन
00:44बुर्बग बना दलस
00:58सुखी लाल के शौक बादशास कौम नाइक है
01:132000 के एको नोट पढले बापो के
01:15ओही लागी 2000 के लगावा नोट
01:18ए सुखी चच्चा
01:192000 के नोट तो और बाप चलाई का?
01:22मजाक न कई नहीं हो
01:2510 रुपया
01:2710 रुपया के बोर्ड रही
01:29का जी
01:30घौर में तरकारी चुक है के तेल नहीं खे
01:32और वहाँ बॉइट के टास खेलता नी जी
01:34अरे टास खेलता नी
01:36अरे राजा महराजा के शौक न पूरा को रहल बनी
01:39एक काम कर हैने आओ
01:41पानी के छौका मारके तरकारी बनादा
01:45हनू
01:46खाली आस पड़ोस वाला लोग के लागे के चाहीं
01:49कि तेल डालल गही लबा
01:51अतना जोर से चौका मारके बनादा जा
01:53ठीक बाद अब भी बनाके लेके आओता नी
01:55अब भावावावावावाव मेरा रूप होखे तो अइसा अनुए
02:01बाईया पानी के तरकारी में स्वादे अलग होला
02:05पानी वला तरकारी हाँ बंबय में खैले रही हजार रूपिया प्लेट अच्छा पता फेक
02:13हाईला बुझाता खूब स्वाद मिली अरे भर पूर स्वाद मिली यह का हो यहाँ अन बीना पानी बिर्यानी एक राका सुरु सुरु पी और अपना दोस्त लोग के भी पिया मत रही फेकुचंद कहीं का
02:36पर तास्ख लात रहता है फासी पर चोड़ जाए फासी पर लेकिन आज महरारू के ना कटले बीना छोड़ब ना जाके देखा थेल शुरूर खहम आवा तानी ठीक बावा
02:51का बुझाता मनिया उद्दूनू में सेकोनों एककोव के महरारू बना पाई की ना
02:59लेकिन ट्रिक्टर के चीज अम अरूत्री कार में बहुत फर्क बारू हम तो चुमा ले ले हैं वही ला तब ब्याकुल बानी भागवान ने वह ऐसर मशीन बनाई ले रहतां से अमनी दूनूगरा के यह बलिठल बैठल काम हो जाई
03:13पूम्र के हिसाब से सूचे के चाहिए मनिया के हमनी बहुत पैसा खईले बने संथ कद्दारी ना करल जाए
03:20मोहबत और जंग में सब जाई जोला अगर मनिया से उदूनों ना पटियें तो सीला के दूला बनिये इदेहाती सारुखा और इदेशी सल्मान खान के मेरा गुड़ी बनिये बस इन जर अखे के कि मनिया अगला कदम का उठा रह अलबा
03:34जाए दूटिवारी के बैटी बहरे आओ अज तो तेरो पे चाहे हो हमर जान चोल जाए तो चोल जाए लेकिन तहरा जी ए नादेब
03:48आप आँ दोस्तों के सामने बेशती कहले पिया बहरे आओ आओ आओ बहरे आज आज हमरा हाथ से कुछ खो के रोई
04:00प्रोषिए रख फोड़नी जी परोषी रहे परोषी करना रहे है आपन है आपन आपन
04:14हुआ भाद्रेट जी के बियाह में तिलख में मिल रहे
04:30है दाधा जी के आख्री निशानी रहूं
04:32दाधा जी के आख्री निशानीrisonat �gua कि ऐ कानकर पीतर दान खातिर बचा के रौक
04:41रख-रख कुछ तो बाची खतना है भगमान गई कॅमोसे कमड़ी कर निन गजाई ठुड़ के अवस्ट नि मुदेнитर भाइं
05:00लेके आओ जा गुस्सा में अपना ही नुक्सान हो गई बताओ हम सोचने की पड़ोशी के रहे
Comments