00:00चिपा हुआ खजाना
00:30और कहा मैंने खेत में एक खजाना चुपाया है अगर तुम उसे ढूंड लोगे तो अमीर बन जाओगे
00:36यह सुनते ही बेटों की आँखें चमक उठी अगले ही दिन तीनों बेटे फावडा और कुदाल लेकर खेत में पहुँच गए
00:45वे सुबह से शाम तक खेत की खुदाई करने लगे दिन बीटते गए लेकिन कहीं कोई खजाना नहीं मिला
00:52फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और पूरा खेत खोट डाला जब उन्हें कुछ नहीं मिला
00:57तो उन्होंने सोचा कि इतनी खुदाई के बाद खेत को ऐसे ही नहीं छोड़ना चाहिए
01:02उन्होंने उसमें बीज बो दिये
01:04कुछ दिनों बाद बारिश हुई और धीरे धीरे अंकुर निकलने लगे देखते ही देखते पूरा खेत हरा भरा हो गया
01:12फसल लहला हाने लगी जब किसान ने यह देखा तो मुस्करा कर बोला
01:17यही है वक खजाना जिसके बारे में मैंने बताया थाबिटों को समझ आ गया कि असली खजाना सोना चांदी नहीं
01:26बलकि मेहनत और जमीन की उपज है उन्होंने सच्चे मन से खेत में काम करना शुरू कर दिया
01:31धीरे धीरे वे आत्म निर्भर हो गए और गाउं के सबसे अच्छे किसान कहलाने लगे गाउं के लोग उनकी मेहनत की सराहना करने लगे
01:40किसान को सुकून मिला कि उसके बेटों ने जीवन का असली अर्थ समझ लिया नैतिक शिक्षा परिश्रम ही सबसे बड़ा खजाना है
02:10यह थोच्छे किसान को सबसे लुच्छे किसान का यह बड़ा है
02:29यह
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