00:00मुझा
00:29करना है, सौल करना है, सहन करना है, यान इस प्रिंग को दबाना, एहंकार से दबाना, लेट गो करना, लेकिन उसके भी लिमीट आ जाती है, और इसके लिमीट आती है, तो इतने जोर से उचलता है, इतने जोर से उचलता है, कि आगे पिछे का सब लेके पुरा कर दालता है, य
00:59यह लोग यह स्प्रिंग जैसा काम करना ने सिकाते हैं, यह हंकार से होता है, सास अपने को ऐसी मिली तो मुझे ही क्यों ऐसी मिली, और अच्छी मिली तो मुझे क्यों ऐसी मेरा ही साब है, सबका यही हाल है, तो अभी अपना है तो पूरा करो, मेरा है तो मुझे पूरा करना,
01:29करो या हस के करो, खरना तो पड़ेगा, तो फी हस के क्यो ना करेगा, कर्म छूटता जाएगा, और भाव बिगारते जाओगे, अंदर कलेश, कशाय होते जाएगा, और करते जाओगे, तो बढ़ता जाएगा, उससे बेटर है, जो है हिसाग, यह ही खतम करो.
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