00:00जिया आत्मा है मारी
00:08मारी दुकान
00:12मारी आत्माने मारी से मना चीन
00:17मारी सूरिज सन्या विन्नी की निसानी है चीन
00:30मारी आकर काम करो तुम्हारे को लागे के मैं मारी दाबरा के साथ हूए
00:40मारी सूरिज और संद्या विन्नी
00:46बट्टी सुनी देखो ना
00:52तुम्हारे से बर्दास को नियोवे
00:57अठेक काम करनो
01:01तुम्हारे अलागे है के वो
01:05वो मारे साथ है
01:07मारे टाबरा ने मारे से मना चीन
01:21जिस तिन जिस तिन मारे सूरिज और संद्या विन्नी की बट्टी सूनी देखो ना
01:27मुझे समझे जिस तिन मारे सूरिज और संद्या विन्नी की बट्टी सूनी देखो ना
01:41मुझे समझे
01:43कि मारे अर्थी हो चुकी है
01:58तुम समझे ही चाहो ना
02:00अभी मैं लाड़नों जा रहा हूँ अपने गाम पंद्रह दिन के बाद वापस आऊँगा तब तक आप अपना सारा सामान दुकान से बाहर नितालेजिए
02:16क्योंकि हमें हमारी दुकान खाली चाहिए
02:19बहुत कहरा रिष्टा है भाबो का इस तुकान से आत्मा बस्ती है भाबो की इसमें
02:26बवाबो आपके जीविन में यही चीज बची है के हां और भी बहुत कुछ है कनकमिश्ण मढणार के रेलाबा प्लीज छोड़ दिजए इसकर अपनी जिद को अपने नहीं तो हमारे बारे में तो कुछ सोचे
02:45प्लीज छोड़ देजे कनकमिश्ण मढणार को
02:50अच्छे से समझा दें, ये चीज इनके लिए भी अच्छी होगी और हमारे लिए भी
03:03सिकम, इस मुष्ठान बंडार से पीछा तो छूटेगा
03:10रोज रोज की महाभारत से, तंग आ गई हूँ, सब सब अच्छे से जीएंगे
03:20नहीं, भाबो सपने में भी इस दुकान का सौदा नहीं कर सकते
03:39जरूर कहीं कुछ खलत हो रहा है, जे सच्छाए का पता लगाना होंगा
03:44तो कैसे?
03:53आम की बरुसे जुक कई डाली, कूकू करती को यली आकाली
03:58क्या हूँ दादुशा?
04:03हां? हां, कुछ नहीं
04:05नहीं, आप ऐसे देख रहे थे, जे से कुछ चूट गया हो पीजे
04:11कुछ भूल गये क्या?
04:14आप का उतो गाडी वापिस गुमा ले?
04:18अब गाडी के बाहर देखना अपराद है क्या?
04:19छोटी-छोटी बातों की काहनी मना लगा तू तो
04:21गब्बासा? देखो तो
04:24आज दादोसा का गुस्टा कुछ लग नहीं दिखरा
04:28मैं क्या बोलू छोटी हो कुछ लगता है कुछ चोड़ी पकड़ी गए हो
04:34वेश से पुषकर में तो बापिसा मिली नहीं
04:38लगता है कुछ चल कर लाड़नों आएंगी
04:42क्यों दादोसा?
04:45बस कर अभी बहुत बड़ी-बड़ी बाते करने लगा तु आम की बरसे जग्गए डाली
04:53ऐसे गलत भी नहीं बोल रहा शे उस चंदन के महक वाली लड़की से मुलाकात हो जाती तो
05:02शाय कभी और इंतजार करना लिखा है भोले नाथ की बाहर
05:08वेद
05:09मुझे आपसे कुछ बात करनी मुझे लगते कि हमें दुकान बेज देनी चाहिए
05:16क्योंकि जब देगे दुकान रेगी भाबब उसे दूर नहीं हो पाएगी
05:20और आप तो जानते हो ना बाबब को वो अपनी जिद नहीं छोड़ी तो ऐसे में अभी ही रास्ता बचा है माले पास
05:27मैं जानता हम कि भाबब को तो कॉनसे बहुत लगाव पर उससे भी कहीं ज्यादा जरूरी है भाबब की तबियत
05:36वो दो-चार दिन में घुसा करके ठीक हो जाएगी और इस उम्र में इस उम्र में भट्टी के आगे बैटना चलना तपना
05:45मैं बाबो के सित्रीफ में नहीं देख सकता है देख तो मैं भी नहीं सब्ता वंच सही कह रहा तो
05:55भाबो को बचाने के लिए में बड़ा कदम उठाना ही पड़ेगा
05:59ये दोनों तो खुद दुकान बेचने की बाते कर रहे हैं ये पता चला कि दुकान को योऔर हत्यारा है तो ये कोई नहीं करेंगे
06:16जानती हूं जानती हूं कि ये दोने भाबो से उतना ही पयार करते हैं जतना कि मैं
06:22मगर ये भाबो की दब्वत के आगे भाबो का मन नहीं देख पाएंगे
06:26यहीं सच्चा ही नहीं बता सकती
06:29घर में एक ही आदमी है जिनसे इस बारे में बात की जा सकती है
06:34बाबा साथ
06:35वो भाबो का दर्द समझते हैं
06:39और बाबा साथ की बेमारी
06:41ऐसे में वो इस मैटर पर बात कर पाएंगे
06:44कोशिश करके देखती हैं
06:51ठाकोची प्लीज हड़ कीजे
06:53प्लीज मेरी मदद कीजे
06:54कोई तो रास्ता बताएं मुझे
06:56सोजा
07:03आखे क्यों फाड़े है
07:06जिनेन नहीं आ रही है
07:09मैं जानू थारे को नीद क्यों नार
07:14विक्रम एक दिन के वास्ते
07:18सहर से भार गए हो है न
07:20तो थारे को डर लागे
07:22रिक्का ला जावेगो
07:24तो थारे को छूड कर ना गया है
07:27हमारे पास
07:27हाँ
07:29सोच
07:31रिक्क्यों बेकार में टाबरो जैसे जिदलिये बैटी है
07:41सब थारी भलाई के लिए कह रहे है
07:45मारी बात माँ
07:48चोड़ दे दुखान
07:51क्यों छूड़ तो
07:56कोई को नहीं समझे
08:00कि उस दुखान की
08:04मारे लिए के कीमत है
08:08सबने
08:10सबने बस चार दिवारा की दुखान लागे
08:14कनक मिस्ठान बंडार
08:19पर मारे लिए
08:25मारे लिए वो मारे जिन्दकी है
08:30उसकी एक एक एक एट
08:38मारे एक एक सास है
08:43वो मारे लिए मारो मंदर है
08:46पर आप भक्त से कह हो के मंदर जाना छोड़ दे
08:51सबने मारे जिन्द दिखे
08:55पर कोई को नहीं समझे
08:59कि उस दुकान से मारा के रिस्ता है
09:05अरे सूरज और संध्या पीरनी के जाने के बाद
09:13जे सरीर तो उसी दिन दम तोड़ देता
09:19जिन्दा हूं तो बस उस दुकान के खातर
09:23अठे बैट करके मिठा ही बढ़ाऊ ना
09:31तो नहीं आलागे हैं
09:35जैसे इस मुर्दे सरीर में किसी ने जान फूगती हूं
09:39क्यों
09:45और कोई रिस्ता ना है तरह
09:49इंसानों के रिस्तों का के हैं
09:59मौसम के जैसे बदल जावें
10:04कभी याद्दास भूलने का बहाना मिल जावें
10:11पर वो एट पत्थरों की दुकान
10:17सालों से मारे जिसी है
10:22चुप चाव
10:28सारे मौसम सहती हुई
10:34बिना एक सब्द बोलें
10:40हमेशा मारे साथ खड़ी
10:46वो दुकान
10:50वो दुकान मारे को मारे सूरच और संद्या पिरनी की एहसास दिलावें
10:57वो दुनों भले ही बहुत दूर चले गए
11:07पर दुकान चाहती हुँ
11:11तो जैसे मारे सूरच और संद्या पिरनी से मिलना हो जावें
11:17अही अलागे हैं जैसे मारे सूरच
11:24मारे हाथा से कर्ची पकड़ करके जलीबिया निकलवाएं
11:30और मारी संद्या पिरनी
11:34वो जलीबिया ने न चासनी मिलावें
11:40अस्ते हुए
11:47जिसम देख करके मारी आत्मा त्रिप्त हो जाएं
11:53जो कोई भी
11:57मारे और मारे इस दुकान के बीच में आवेगो ना
12:02वो इनसान मारो है देसी कदे बिना हुए को
12:09जो मारा अपना होगा
12:21जो मारा इस रिस्ते ने समझ पावेगो
12:27जो मारे से साच्यों प्यार करेगो
12:32वो वो कदे भी मारे को इस दुकान से अलग न कर पावेगो
12:42जो मारा इस रिस्ते ने समझ पावेगो
12:44जो भी इस जोत की दला इस पट्टी को चलाए रखेगा
12:50वो ही
12:55वो ही मारा अपना होगा
13:00कभी कभी
13:14हमारी जिन्दगी हमें कटी पदन की तहां लगती है
13:17पर द्यान रहें
13:19तुफान कितना भी पड़ा क्यों आओ
13:21वक्त के साथ हवा का रुख बदलता है
13:24अभी मैं लाड़नू जा रहा हूँ
13:28अपने गाहँ
13:2915 दिन के बाद वापस आओगा
13:31जिस दिन मारे सुरच और संद्य अभीनिनी की बट्टी सूनी देखो ला
13:39कुझे सबचन
13:42कि मारे अर्थी हो चुगी
13:46हर इंसान इस जीवन में इस धर्थी में किसी एक मकसद के लिया है
13:52तुम भी अपना वो मकसद ढूंडो और उससे पूरा करके अपने माबाब का नाम रोशिका
13:56माम पापा
14:10सही खाता हूस आदमेने
14:14हर इंसान की जीवन में एक दिन ऐसा बगताता है
14:18जो उसे एक ऐसा लक्ष मिलता है
14:20जो उसकी जन लेने की बचा बन जाता है
14:24अज मुझे मेरा लक्ष मिल गया है
14:26अपनी भाबो को उनके दुकान वापस दिल आने का लक्ष
14:30जो उस रावन के पैरोत अले
14:34अपनी भाबो की कुश्या नहीं कुचलने दुमूरी
14:37अज मेरे साथ कोई नहीं है
14:40हम दोनों के आशिरवात के सिवाए
14:42अब दोनों ने तो बड़े-बड़े मेशन एक दूजे का साथ दिखकर पूरे किये थे
14:48अज आपकी बेटी को आप दोनों की जरुरत है
14:54कहीं कमज़ूर कहीं कमज़ूर पढ़ जाओ तो संभाल लेना
15:00मुझे किसी भी हालत में कनक मिश्ठान मंदार वापस लाना ही होगा
15:08मेरी भाबो की जान बसती उस दुकान में
15:12नहीं जी पाएगी वो उस दुकान के बिना
15:15एक मौका मिला है मुझे अपनी भाबो को वापस पाने का
15:19उधे उधे खुशी देने का
15:23मैं आपसे बादा करती हूं ममा बाप
15:27मैं उस दुकान को कभी भाबो से अलग नहीं होने दूँगी
15:31अभी मैं लाड़नों जा रहा हूं
15:37अपने गाउं पंद्रह दिन के बाद वापस आऊंगा
15:40तब तक आप अपना सारा सामान दुकान से बाहर में
15:43मैं जा रही हूं लाड़नों
15:46उस रावन से अपनी भाबो के दुकान वापस लाने
15:50ना कोई डर्ना ना रोना ना हिचकी
15:57याद है मुझे कि मैं बेटी हूं इसकी
16:02पालूमी कहां रह गई
16:12मैंने कहा था उसे जल्लाब पालूमी कहां रह गई
16:18मैंने कहा था उसे जल्दी आने के लिए
16:20कभी मेरी बात नहीं सुनती
16:22दादूस आ गए
16:27सुमन जी जी
16:35कैसो
16:40मैं ठीको आप कैसो
16:42बड़े नंबे हो गए
16:44कोई उतर क्यों नहीं रहे
16:48अभी साफ करो पर वो आ गए हैं बाद में आके करो बाद में आके करती हूं जल्ली करो मुझे बाबे साब को घर देखाना है
16:50अब हो अब हो आप
16:54पर वो आ गए हैं बाद में आके करो बाद में आके करती हूं जल्ली करो उसे बाबे साब को घर देखाना है
17:00पर वो आ गए हैं बाद में आके करो बाद में आके करती हूं जल्ली करो मुझे बाबे साब को घर देखाना है
17:18शिव रुको घर की बहु आई है पहले पाइल का ग्रेप रवेश होका सुमन आरती का थाल अफो दादो सपा
17:36अपप
18:06कखासा सब कितने अच्छे से निपठा दिया आपने बहुत धन्यवाद हो प्रणाम भावी सा मैं ना आपकी छोटी ननन्द हूं मेरा नाम सुमन और ये ये आपकी बड़ी ननन्द है और इनका नाम सरस्वति है और ये पालुमी ये ये आप क्या करें ये पैच हो रही हूं �
18:36तो हमारी जिठानी हुई नहीं ये उमा दादोसा के पत्नी नहीं उनकी तो भी शादी भी नहीं हुई ये है पालुमी हमारे वहन जैसी हमारी सबसे इची सही लिए आप ना इन्हें हमारे परिवार का हिस्सा ही समझे इतने दिन होगे करला पुछकर गुंते-गुंते काफ
19:06इसा किजिए समान को आकर घर जा के अराम किजिए
19:15कोई नहीं कोई नहीं वैसे भी आखेचा कि ये रिष्टा जुड़ने वाला ना अच्छा ना तुमारी प्रैक्टिस अभी से शुरू होगा
19:24मास विसा नहीं दिखरी किदर है तुम लोग ने बताया नहीं कि हमारे है बताया तो था अच्छा बुला के लाओने उनके मिन अग्रै प्रफेश कैसे होगा
19:36तो रुख जी जी मैं बुला के आती है
19:40जा रही है मतलब कहां जा रही है तू करण
19:48यह सवाल तो उठेंगी जवाब भी देना पड़ेगा
19:56वो भी ऐसा जिससे सुनके यह लोग मुझे जाने दें
20:00कैसे भी करके तुझे लाड़नों जाना होगा कनक तेरे पास सिट तस तिन है
20:05प्रीज बभबाजी समाल लेना आपका इसा हारा है प्रशाइद कितने कचड़ाना है वह बात में रिसाइड कर लेंगे है
20:11प्रीज कनक कनक तुझ पूछ रहा हुने तुझ से तू कहां जारी और क्यों जारी यह बताएगी मुझे
20:18अरे भाईया वो अरे वो होता है ना वो जो किसी किसी के पास होता और किसी किसी के पास नहीं होता लक्षी
20:27मैं अपने जीवन का लक्षी पूरा करने चारी तुझ
20:32प्राइब जारी तुझ से पास नहीं होता है तुझ से तुझ से नहीं होता है
20:49मासीसा ने तो बात ही नहीं कि शायद रुपने को का है
20:55पीतर सब्सक्राइब मुझे बता है ग्रेम प्रवेश के रहसें कैसे करते हैं
20:59मासीसा मेरे आने से नाराज है क्या भाबो मैं जा रही हूं आपकी मन्जूरी लेने आई थी
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